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  • पुलिस का जागरूकता अभियान : अकलतरा कन्या शाला में सीएसपी योगिताबाली खापर्डे ने छात्राओं को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर, साइबर ठगी से बचने के बताए आसान उपाय, नए कानूनों की दी जानकारी.

    पुलिस का जागरूकता अभियान : अकलतरा कन्या शाला में सीएसपी योगिताबाली खापर्डे ने छात्राओं को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर, साइबर ठगी से बचने के बताए आसान उपाय, नए कानूनों की दी जानकारी.

    पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में सामुदायिक पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस लगातार गांवों, स्कूलों एवं महाविद्यालयों में जनजागरूकता अभियान चला रही है। इसी क्रम में सीएसपी (CSP) जांजगीर योगिताबाली खापर्डे ने अकलतरा स्थित कन्या शाला में छात्राओं के बीच पहुंच कर नवीन आपराधिक कानूनों एवं साइबर अपराधों से बचाव संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

    कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया गया। साथ ही ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी (OTP) शेयर करने के खतरे, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, साइबर फ्रॉड की पहचान एवं बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई।

    सीएसपी (CSP) योगिताबाली खापर्डे ने छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग विवरण अथवा OTP साझा न करें तथा किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या निकटतम पुलिस थाना से संपर्क करें।

  • ‘जनता और सरकार के बीच मजबूत सेतु’ बना सहयोग केंद्र: विजय शर्मा ने 250 से अधिक आवेदनों पर की त्वरित कार्रवाई

    ‘जनता और सरकार के बीच मजबूत सेतु’ बना सहयोग केंद्र: विजय शर्मा ने 250 से अधिक आवेदनों पर की त्वरित कार्रवाई

    सहयोग केन्द्रमें कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया उप मुख्यमंत्री शर्मा ने

    सहयोग केंद्र के माध्यम से समस्याओं के सीधे और त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : विजय शर्मा

    सहयोग केंद्र में आज 1500 से अधिक कार्यकर्ता पहुंचे

    रायपुर : भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में जनसमस्याओं के निवारण और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के लिए संचालित ‘सहयोग केन्द्र’ की नियमित कड़ी में बुधवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा पहुँचे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशभर से आए हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, शिकायतों और सुझावों को बेहद गंभीरता से सुना तथा उनके त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सहयोग केंद्र में बुधवार को 250 से अधिक आवेदन आए। साथ ही 1500 से अधिक कार्यकर्ता सहयोग केंद्र में पहुंचे।

    इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनता के प्रति पूरी तरह जवाबदेह है। भाजपा का ‘सहयोग केन्द्र’ केवल एक मंच नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच का एक मजबूत सेतु है। यहाँ आने वाले हर कार्यकर्ता की समस्या को न सिर्फ सुना जाता है, बल्कि उसका समयबद्ध और समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। शासन-प्रशासन को पूरी तरह संवेदनशील और पारदर्शी बनाया गया है। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता विभिन्न विषयों पर केन्द्रित अपनी मांगें, शिकायतें व सुझाव लेकर पहुँचे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कई मामलों में मौके पर ही मौजूद अधिकारियों और फोन के माध्यम से संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, कार्यालय मंत्री अशोक बजाज और सहयोग केंद्र प्रभारी सच्चिदानन्द उपासने मौजूद रहे।

  • दशकों की सेवा के बाद भावुक विदाई: पॉवर कंपनी में जे.एस. नेताम और सुरेश चक्रवर्ती सम्मानित, योगदान को मिला सलाम

    दशकों की सेवा के बाद भावुक विदाई: पॉवर कंपनी में जे.एस. नेताम और सुरेश चक्रवर्ती सम्मानित, योगदान को मिला सलाम

    पाॅवर कंपनी से ईडी जे.एस.नेताम एवं सुरेश कुमार चक्रवर्ती की भावभीनी विदाई

    सेवा भवन में प्रबंध निदेशकों ने किया सम्मानित

    रायपुर : छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ से कार्यपालक निदेशक (संचारण/संधारण) श्री जे.एस.नेताम एवं कार्यपालक निदेशक (सतर्कता-उच्चदाब) श्री सुरेश कुमार चक्रवर्ती सहित कुल 7 अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी गई। पॉवर कंपनीज के मुख्यालय सेवा भवन में आयोजित समारोह में प्रबंध निदेशक (जनरेशन) श्री एस. के. कटियार, प्रबंध निदेशक (ट्रांसमिशन) श्री राजेश कुमार शुक्ला तथा प्रबंध निदेशक (डिस्ट्रीब्यूशन) श्री भीम सिंह कंवर ने सेवानिवृत्त ईडी श्री जेएस नेताम एवं एसके चक्रवर्ती को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

    प्रबंध निदेशकगणों ने कहा कि ईडी श्री नेताम एवं श्री चक्रवर्ती के समर्पण, उत्कृष्ट कार्यशैली एवं अनुभवों से पॉवर कंपनी के विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिली हैं। सेवानिवृत ईडी श्री नेताम एवं श्री चक्रवर्ती ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए अपने सेवायात्रा में मिले सहयोग के लिए प्रबंधन, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

     ट्रांसमिशन कंपनी ने इसी तरह सेवा भवन में आयोजित एक अन्य समारोह में पांच अधिकारियों-कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर सम्मानित किया। प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने कोरबा से अतिरिक्त मुख्य अभियंता (टी एंड डी) श्री दलगंजन सिंह पटेल, भिलाई से निज सचिव श्री शिवब्रत राय चैधरी एवं डी. प्रभाकर, भिलाई से कनिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) श्री रमेश कुमार कश्यप, रायपुर से लाइन सहायक श्रेणी एक श्री नारायण प्रसाद यादव को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

     इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री वी.के.साय, श्री संजय पटेल, श्री के एस मनोठिया, श्री सीएल नेताम, श्री एम एस कंवर, श्री संदीप मोदी, श्री आर पी नामदेव, श्री वी के दीक्षित, श्री ए एम परियल, मुख्य अभियंता श्री एम जामुलकर, श्री केबी पात्रे, जीएम श्रीमती नंदिनी भट्टाचार्य, श्रीमती शारदा सोनवानी, श्रीमती रश्मि वर्मा, श्री राजेन्द्र प्रसार, श्री प्रसन्ना गोसावी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविंद पटेल ने किया।

  • शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार अभियान: बस्तर के स्कूलों की समीक्षा, गुणवत्ता बढ़ाने और 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश

    शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार अभियान: बस्तर के स्कूलों की समीक्षा, गुणवत्ता बढ़ाने और 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश

    शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बस्तर संभाग की शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की

    शिक्षा गुणवत्ता सुधारने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश

    रायपुर : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने आज बुधवार को बस्तर कलेक्टोरेट के प्रेरणा सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के बेहतर एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए कहा कि बस्तर के समग्र विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अंदरूनी क्षेत्रों के स्कूलों को पुनर्जीवित करने, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर विशेष जोर दिया।

     उन्होंने प्राथमिक स्तर पर गणित, हिंदी और अंग्रेजी की मजबूत आधारशिला तैयार करने के लिए कैलेंडरवार, शालावार एवं विषयवार समय-सारणी के अनुसार पढ़ाई कराने तथा नियमित रिवीजन टेस्ट आयोजित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन, संभागीय संयुक्त संचालक श्री एच.आर. सोम सहित सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान आधार बेस ऐप के माध्यम से कार्यालयीन अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति तथा वीएसके ऐप में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की जानकारी ली गई। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा नेटवर्क विहीन स्कूलों की सूची कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। शिक्षा मंत्री ने अन्य विभागों में पदस्थ शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को मूल पदस्थापना पर वापस भेजने संबंधी निर्देशों के पालन की भी समीक्षा की।

    श्री यादव ने बसाहटवार प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति, नए विद्यालयों की आवश्यकता, बंद स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने की कार्ययोजना, बोर्ड एवं वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए पोटा केबिनों में अंतरजिला विद्यार्थियों को प्रवेश देने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्षिक परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर विषयवार यूनिट टेस्ट एवं तिमाही परीक्षाएं आयोजित करने तथा कमजोर विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक लेकर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जिला एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को दिए।

    बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति, ड्रॉपआउट की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त एवं युक्तियुक्तकरण किए गए पदों, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की कार्ययोजना एवं गैप एनालिसिस की प्रगति की भी समीक्षा की गई। छात्रवृत्ति, गणवेश, पाठ्यपुस्तक वितरण, सरस्वती सायकल योजना, मध्यान्ह एवं न्यौता भोजन, निर्माण कार्यों तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

     शिक्षा मंत्री श्री यादव ने स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों को पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने, जर्जर विद्यालय भवनों को नियमानुसार ध्वस्त कराने, विद्यालयों की आवश्यक मरम्मत एवं छोटे कार्यों में उपलब्ध बजट का उपयोग करने तथा पाठ्यपुस्तकों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवितरित पुस्तकों का संकुल एवं विद्यालय स्तर पर व्यवस्थित रिकॉर्ड संधारित करने पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने बैठक में संभाग में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों एवं योजनाओं की प्रगति से मंत्री को विस्तारपूर्वक अवगत कराया।

    बैठक से पूर्व शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कलेक्टोरेट परिसर में सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को निःशुल्क सायकल एवं उपहार वितरित किए तथा उन्हें मेहनत, लगन और नियमित अध्ययन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

  • ‘जीरो वेस्ट छत्तीसगढ़’ की बड़ी तैयारी! ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 लागू करने पर राज्यस्तरीय मंथन

    ‘जीरो वेस्ट छत्तीसगढ़’ की बड़ी तैयारी! ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 लागू करने पर राज्यस्तरीय मंथन

    ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु रायपुर में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित

    वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, जनभागीदारी और सर्कुलर इकोनॉमी पर विशेषज्ञों ने किया मंथन

    250 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, बल्क वेस्ट जेनरेटरों की जवाबदेही और जीरो वेस्ट स्टेट के लक्ष्य पर दिया गया जोर

    रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, संग्रहण, प्रसंस्करण एवं पर्यावरण अनुकूल निस्तारण सहित नियमों के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ शहरों के निर्माण के लिए ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण तथा वैज्ञानिक प्रबंधन में नागरिकों, स्थानीय निकायों और संस्थानों की सक्रिय भागीदारी पर बल देते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

    क्षेत्रीय अधिकारी श्री पी.के. रबड़े ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा अधिसूचित नियम केवल कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनका उद्देश्य कचरे को संसाधन के रूप में उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि नए नियमों के तहत बल्क वेस्ट जेनरेटरों को अपने द्वारा उत्पन्न कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता दीदियों के माध्यम से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का सफल मॉडल विकसित किया है। साथ ही बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सीमेंट संयंत्रों में नगरीय ठोस अपशिष्ट से तैयार आर.डी.एफ. (Refuse Derived Fuel) का ईंधन के रूप में उपयोग कर कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामूहिक प्रयासों से रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को जीरो वेस्ट स्टेट बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

    कार्यशाला में राज्य सलाहकार श्रीमती मोनिका सिंह एवं श्री पुरुषोत्तम पंडा (स्वच्छ भारत मिशन), कार्यपालन अभियंता श्री योगेश कुमार कडू, मुख्य रसायनज्ञ श्रीमती नीलिमा सोनकर तथा सहायक अभियंता श्री प्रवीण कुमार नाग ने पॉवरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, स्रोत स्तर पर पृथक्करण, प्रसंस्करण तथा व्यावहारिक क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।

    कार्यक्रम में शहरी एवं ग्रामीण निकायों के प्रतिनिधि, उद्योग प्रतिनिधि, बल्क वेस्ट जेनरेटर, ईको क्लब समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी-कर्मचारी सहित लगभग 250 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

     कार्यशाला का उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ाना, विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए वैज्ञानिक एवं प्रभावी कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देना था।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में रायपुर बनेगा सहकारिता का केंद्र, दो दिवसीय महा सम्मेलन 3 जुलाई से

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में रायपुर बनेगा सहकारिता का केंद्र, दो दिवसीय महा सम्मेलन 3 जुलाई से

    रायपुर में होगा राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन और सहकार संकल्प दौड़ का भव्य आयोजन

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, सहकारिता को नई दिशा देने जुटेंगे प्रदेशभर के प्रतिनिधि

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में 3 और 4 जुलाई को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकार संकल्प दौड़ का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप करेंगे।

    इस आयोजन का उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाना, किसानों और सहकारी संस्थाओं को सशक्त करना तथा “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। सम्मेलन में प्रदेशभर से सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, किसान और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।

    3 जुलाई को होगी सहकार संकल्प दौड़

    सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत 3 जुलाई को सुबह 6 बजे रायपुर के मरीन ड्राइव, तेलीबांधा में सहकार संकल्प दौड़ आयोजित की जाएगी। इस दौड़ का उद्देश्य स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सहकारिता के संदेश को आमजन तक पहुंचाना है।

    दो दिवसीय राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन

    3 और 4 जुलाई को सुबह 11 बजे से कृषि मंडपम ऑडिटोरियम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन आयोजित होगा। सम्मेलन में सहकारी नीतियों, कृषि विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने तथा सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

    प्रदेशभर के सहकारिता प्रतिनिधि होंगे शामिल

    सम्मेलन में अपेक्स बैंक, राज्य सहकारी संघ, मार्कफेड, लघु वनोपज सहकारी संघ, हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ, अन्त्यावसायी वित्त एवं विकास निगम सहित विभिन्न जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अध्यक्ष, सहकारिता क्षेत्र के विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि अपनी सहभागिता देंगे।

    सहकार से समृद्धि का मिलेगा संदेश

    सहकारिता विभाग और अपेक्स बैंक ने प्रदेश के किसानों, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, युवाओं और आम नागरिकों से इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है। यह आयोजन सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण विकास, किसान सशक्तीकरण और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई मजबूती प्रदान करेगा।

  • बस्तर में शिक्षा को नई उड़ान! शाला प्रवेश उत्सव में बच्चों का तिलक-मिठाई से स्वागत, करोड़ों के स्कूल भवन का लोकार्पण

    बस्तर में शिक्षा को नई उड़ान! शाला प्रवेश उत्सव में बच्चों का तिलक-मिठाई से स्वागत, करोड़ों के स्कूल भवन का लोकार्पण

    भानपुरी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

    वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत, नए स्कूल भवन का किया लोकार्पण

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बस्तर जिले के भानपुरी में शाला प्रवेश उत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप भी उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम में दोनों अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। बच्चों को स्कूल बैग और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई।

    शिक्षा से ही बनेगा उज्ज्वल भविष्य

    वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि शिक्षा एक मजबूत और विकसित समाज की सबसे बड़ी आधारशिला है। राज्य सरकार का उद्देश्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना और विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने सभी बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, ताकि वे शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार कर सकें।

    सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा और तकनीक का लाभ उठाकर वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।

    बनियागांव में नए स्कूल भवन का लोकार्पण

    शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर ग्राम बनियागांव में 1 करोड़ 12 लाख 80 हजार रुपये की लागत से निर्मित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण किया गया। नए भवन से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर और सुविधायुक्त वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।

    स्मार्ट टीवी और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

    कार्यक्रम में विद्यालयों को डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट टीवी प्रदान किए गए। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा सभी बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई।

    बच्चों के साथ किया सहभोज

    कार्यक्रम के अंत में वन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री महेश कश्यप ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। शाला प्रवेश उत्सव ने क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता और उत्साह का नया संदेश दिया।

  • जहां कभी सन्नाटा था, वहां अब गूंज रही बच्चों की आवाज़! 21 साल बाद खुले स्कूल, बदलते बस्तर की नई तस्वीर

    जहां कभी सन्नाटा था, वहां अब गूंज रही बच्चों की आवाज़! 21 साल बाद खुले स्कूल, बदलते बस्तर की नई तस्वीर

    पीडिया में 21 साल बाद गूंजी स्कूल की घंटी, 539 बच्चों के जीवन में लौटी शिक्षा की नई उम्मीद

    कभी बंद पड़े स्कूलों में फिर लौटी रौनक, बदलते बस्तर की नई तस्वीर

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में विकास और सुशासन का नया दौर शुरू हुआ है। इसका प्रेरक उदाहरण बीजापुर जिले का पीडिया क्षेत्र है, जहां 21 वर्षों बाद बंद पड़े 11 स्कूलों का दोबारा संचालन शुरू हुआ है। अब 11 गांवों के 539 बच्चों को अपने ही गांव में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। यह बदलाव केवल स्कूल खुलने तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र में विश्वास, विकास और नई उम्मीद की वापसी का प्रतीक है।

    प्रवेशोत्सव में बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागत

    पीडिया में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शिक्षादूतों को रजिस्टर और शिक्षण सामग्री प्रदान की गई। वहीं बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, पेन और स्लेट वितरित कर उनका विद्यालय में प्रवेश कराया गया।

    बच्चों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर और शुभकामनाओं के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    11 गांवों में फिर शुरू हुई पढ़ाई

    माओवादी हिंसा के कारण वर्षों पहले बंद हुए पीडिया, पेदापाल, छोटेगोटोडी, कुएम, मदपाल, अंडरी, इडेनार, डोंडीतुमनार, मिरगानघोटूल, गमपुर और तमोड़ी गांवों के स्कूल अब फिर से संचालित होने लगे हैं। इससे बच्चों को अब पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा।

    इस वर्ष 37 स्कूलों का हुआ पुनः संचालन

    जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश पांडे ने बताया कि जिला प्रशासन के विशेष अभियान के तहत इस वर्ष अब तक 20 प्राथमिक और 17 उच्च प्राथमिक विद्यालय, कुल 37 बंद स्कूलों को फिर से शुरू किया जा चुका है। इन स्कूलों में भवन, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

    हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना है लक्ष्य

    कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि जिले के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में अब शांति और सामान्य स्थिति स्थापित हुई है, वहां बंद स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा शुरू किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

    बदलते बस्तर की नई पहचान

    पीडिया में 21 वर्षों बाद स्कूलों का फिर से खुलना बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है। जिन गांवों में कभी भय का माहौल था, वहां आज बच्चों की मुस्कान, पाठशालाओं की चहल-पहल और शिक्षा का उजाला दिखाई दे रहा है। यह सफलता बताती है कि सरकार के सतत प्रयासों से अब बस्तर शिक्षा, विकास और उज्ज्वल भविष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याण की मिसाल, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से परिवार को मिली ₹2 लाख की राहत

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याण की मिसाल, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से परिवार को मिली ₹2 लाख की राहत

    संकट की घड़ी में बना सहारा: प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से मिला दो लाख रुपये का आर्थिक संबल

    बिहान की दीदी के परिवार को समय पर मिली सहायता, मुश्किल दौर में बनी सरकार की जनकल्याणकारी योजना का सहारा

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुदूर वनांचल तक पहुंच रहा है। सुकमा जिले में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना ने एक जरूरतमंद परिवार को कठिन समय में आर्थिक सहारा देकर संवेदनशील शासन व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    दुख की घड़ी में मिला आर्थिक संबल

    सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के ग्राम आरलमपल्ली की दुर्गा स्व-सहायता समूह से जुड़ी बिहान की दीदी दुधी सन्नी का 8 अप्रैल 2026 को आकस्मिक निधन हो गया था। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत उन्हें समय पर आर्थिक सहायता मिल गई।

    दो महीने में मिला दो लाख रुपये का बीमा दावा

    जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में बिहान योजना की टीम ने तुरंत बीमा दावा तैयार कर भारतीय स्टेट बैंक की दोरनापाल शाखा को भेजा। बैंक ने भी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं प्राथमिकता से पूरी कीं।

    संयुक्त प्रयासों का परिणाम यह रहा कि मृतिका के पति एवं नामिनी दुधी सोमा के बैंक खाते में 27 मई 2026 को मात्र दो महीने के भीतर 2 लाख रुपये की बीमा दावा राशि जमा हो गई। यह सहायता राशि नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधा नायक द्वारा हितग्राही को प्रदान की गई।

    टीमवर्क से मिली समय पर राहत

    इस कार्य में भारतीय स्टेट बैंक दोरनापाल के शाखा प्रबंधक श्री आनंद सिंह, बिहान की पीआरपी श्रीमती रूकमणी कर्मा तथा एफएलसीआरपी कुमारी शालिनी ओडला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी के समन्वित प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले परिवार को बिना अनावश्यक विलंब के आर्थिक सहायता मिल सकी।

    गरीब परिवारों के लिए सुरक्षा कवच बन रही योजना

    प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन रही है। परिवार के कमाने वाले सदस्य के असामयिक निधन की स्थिति में मिलने वाली बीमा राशि संकट की घड़ी में बड़ा सहारा साबित होती है।

    दुधी सन्नी के परिवार की यह कहानी बताती है कि जब शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचता है, तो वह न केवल आर्थिक सहायता देता है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में परिवार को नया संबल और विश्वास भी प्रदान करता है।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल! सुकमा में शुरू हुआ VBGRAM-G, अब 125 दिन रोजगार और ₹300 रोज़ाना मजदूरी

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल! सुकमा में शुरू हुआ VBGRAM-G, अब 125 दिन रोजगार और ₹300 रोज़ाना मजदूरी

    सुकमा में विकसित भारत जी-राम-जी (VBGRAM-G) अभियान की शुरुआत

    ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति, 125 दिनों के रोजगार और बढ़ी मजदूरी का मिलेगा लाभ

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सुकमा जिले में विकसित भारत जी-राम-जी (VBGRAM-G) अभियान का शुभारंभ किया गया। शबरी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में जिले के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    कलेक्टर श्री अमित कुमार तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य “विकसित गांव से विकसित भारत” के संकल्प को साकार करना और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति देना है।

    125 दिनों तक मिलेगा रोजगार

    कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को योजना की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि योजना के तहत पात्र परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही बेरोजगारी भत्ता का भी प्रावधान किया गया है।

    ग्रामीण श्रमिकों को अधिक लाभ पहुंचाने के लिए दैनिक मजदूरी 262 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी।

    ग्रामीण विकास के प्रमुख कार्यों पर रहेगा फोकस

    योजना के अंतर्गत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना का विकास, आजीविका के नए अवसर, बाढ़ प्रबंधन तथा अन्य जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    ग्राम पंचायतों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

    कार्यक्रम में अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं के प्रभावी संचालन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से गांवों का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

    इस अवसर पर जानकारी दी गई कि 2 जुलाई 2026 को विकसित भारत जी-राम-जी (VBGRAM-G) योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अवसर पर सुकमा जिले में भी जिला स्तरीय आयोजन किया जाएगा। यह अभियान ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।