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  • जशपुर में झमाझम बारिश का दौर जारी: एक दिन में 268.4 मिमी औसत वर्षा, मनोरा सबसे आगे, पत्थलगांव में सबसे अधिक बारिश

    जशपुर में झमाझम बारिश का दौर जारी: एक दिन में 268.4 मिमी औसत वर्षा, मनोरा सबसे आगे, पत्थलगांव में सबसे अधिक बारिश

    जशपुर : जशपुर जिले में 01 जून से 05 जुलाई 2026 तक 1531.7 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है। जिले में बीते 10 वर्षों की तुलना में 05 जुलाई तक सामान्य औसत वर्षा 2442.2 मिमी हुई है, जो सामान्य का 62.7% है। बीते दिवस जिले में 268.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

    भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 01 जून से अब तक तहसीलवार वर्षा इस प्रकार है: तहसील जशपुर में 160.7 मिमी, मनोरा में 228.0 मिमी, कुनकुरी में 180.8 मिमी, दुलदुला में 155.6 मिमी, फरसाबहार में 96.5 मिमी, बगीचा में 96.3 मिमी, कॉंसाबेल में 147.9 मिमी, पत्थलगाँव में 152.3 मिमी, सन्ना में 219.1 मिमी एवं बागबहार में 94.5 मिमी वर्षा हो चुकी है।

    सर्वाधिक कुल वर्षा मनोरा तहसील में 228.0 मिमी दर्ज की गई है, जो सामान्य का 90.2% है। 05 जुलाई को सर्वाधिक पत्थलगाँव तहसील में 46.0 मिमी वर्षा हुई।

  • जशपुर की महिला स्व-सहायता समूह ने रचा सफलता का नया इतिहास, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘सहकार प्रेरणा सम्मान’ से किया सम्मानित, 36 लाख के उत्पादों की बिक्री बनी मिसाल

    जशपुर की महिला स्व-सहायता समूह ने रचा सफलता का नया इतिहास, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘सहकार प्रेरणा सम्मान’ से किया सम्मानित, 36 लाख के उत्पादों की बिक्री बनी मिसाल

    मुख्यमंत्री ने जशपुर वन धन केंद्र पंचक्की की महिला स्व सहायता समूह को सहकार प्रेरणा सम्मान से किया सम्मानित

    महिलाओं ने 36 लाख के विभिन्न उत्पादों का किया विक्रय

    जशपुर/रायपुर : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय का गठन देश के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। यह निर्णय ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को साकार करने वाला है। डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ में सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विगत दिवस इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर उत्कृष्ट समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार प्रदान किया गया।

    मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के वन धन विकास केन्द्र पंचक्की की स्व-सहायता समूह को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सहकार पुरस्कार एवं लाभांश राशि प्रदान कर सम्मानित किया ।

    उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले में वन विभाग के अन्तर्गत पंचक्की में वन धन केंद्र का संचालन किया जा रहा है।

    अनंत समूह के नाम से स्व सहायता समूह में 10 महिलाएं मिलकर विभिन्न औषधीय युक्त उत्पाद तैयार करती है महिलाओं द्वारा उच्च गुणवत्ता के साथ चवनप्राश आदि अन्य सामग्री तैयार करके आयुष विभाग,सहित अन्य लोगों को भी विक्रय किया जाता है।

    महिलाओं ने वर्ष 2024 से 2025 तक कुल 36 लाख सामग्री का विक्रय किया गया।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा मिली है और इसका लाभ सीधे किसानों एवं ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रहा है।

     केंद्र सरकार केवल कृषि ही नहीं बल्कि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में व्यापक बदलाव दिखाई देने लगे हैं। राज्य सरकार पशुपालन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    उन्होंने कहा कि 29 जून से 06 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में सहकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सहकारिता का मूल उद्देश्य है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इस दिशा में कार्य करते हुए राज्य में 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है।

  • रिश्ते हुए शर्मसार : चरित्र शंका में पति ने पत्नी पर चढ़ाई बुलेट, जन्मदिन के बहाने ले गया, फिर बुलेट से कई बार कुचलकर पत्नी की जान लेने की कोशिश, आरोपी पति गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास में भेजा गया जेल.

    रिश्ते हुए शर्मसार : चरित्र शंका में पति ने पत्नी पर चढ़ाई बुलेट, जन्मदिन के बहाने ले गया, फिर बुलेट से कई बार कुचलकर पत्नी की जान लेने की कोशिश, आरोपी पति गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास में भेजा गया जेल.

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के क्रम में थाना जूटमिल पुलिस ने पत्नी की हत्या का प्रयास करने वाले आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। आरोपी ने अपनी पत्नी पर बुलेट मोटरसाइकिल कई बार चढ़ाकर उसकी हत्या करने का प्रयास किया था।

    जानकारी के अनुसार पीड़िता गणेशी साहू (32 वर्ष), निवासी कोड़ातराई, थाना जूटमिल ने दिनांक 03 जुलाई 2026 को थाना जूटमिल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वर्ष 2014 में उसने अमित साहू से प्रेम विवाह किया था तथा उनके दो बच्चे हैं। विवाह के बाद से आरोपी पति शराब के नशे में अक्सर मारपीट एवं विवाद करता था। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़िता अपने बच्चों को सास के पास छोड़कर अलग किराये के मकान में रहने लगी थी।

    रिपोर्ट के अनुसार 30 जून, जो पीड़िता का जन्मदिन था, आरोपी उसे समझाने-बुझाने और भविष्य में शराब नहीं पीने तथा अच्छे से रखने का भरोसा देकर अपने साथ ले गया। इसके बाद 03 जुलाई 2026 की रात आरोपी उसे बुलेट मोटरसाइकिल से अपने घर कोड़ातराई ले गया, जहां चरित्र पर संदेह करते हुए गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। जान बचाने के लिए जब पीड़िता घर से बाहर भागी तो आरोपी ने अपनी बुलेट मोटरसाइकिल क्रमांक CG-16-CQ-2698 से उसे टक्कर मारकर गिरा दिया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने हत्या की नीयत से मोटरसाइकिल को कई बार उसके शरीर के ऊपर चढ़ाया और जान से मारने की धमकी देते हुए लगातार कुचलने का प्रयास किया, जिससे पीड़िता के हाथ, गर्दन, सिर, जांघ, चेहरे एवं शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

    महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में रायगढ़ पुलिस द्वारा संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ त्वरित कार्रवाई लगातार जारी है।

  • महिला स्व-सहायता समूहों के ‘विष्णु भोग’ चावल की महक पहुंची पुलिस मुख्यालय तक, डीजीपी अरुण देव गौतम ने सराहा आत्मनिर्भरता और ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल

    महिला स्व-सहायता समूहों के ‘विष्णु भोग’ चावल की महक पहुंची पुलिस मुख्यालय तक, डीजीपी अरुण देव गौतम ने सराहा आत्मनिर्भरता और ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल

    महिला स्व-सहायता समूहों के ‘विष्णु भोग’ चावल की खुशबू पहुंची पुलिस मुख्यालय तक

    पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम को भेंट किया गया जीपीएम की विशिष्ट पहचान ‘विष्णु भोग’ चावल, महिलाओं के आत्मनिर्भरता मॉडल और स्थानीय उत्पाद की सराहना

    रायपुर : गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के प्रवास पर पहुंचे पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम का स्वागत स्थानीय पहचान और कृषि समृद्धि के प्रतीक ‘विष्णु भोग’ चावल से किया गया। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने उन्हें जिले की विशिष्ट पहचान माने जाने वाले ‘विष्णु भोग’ चावल का पैकेट भेंट कर सम्मानित किया। यह चावल जिले में बिहान योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किया जा रहा है, जो ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन का सफल उदाहरण बनकर उभरा है।

    इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने पुलिस महानिदेशक को ‘विष्णु भोग’ चावल की विशेषताओं, उसकी गुणवत्ता तथा इसके उत्पादन और विपणन में महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पहल न केवल स्थानीय कृषि उत्पादों को नई पहचान दिला रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय में भी वृद्धि कर रही है।

    पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘विष्णु भोग’ चावल केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से जिले की विशिष्ट पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होती है तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलती है।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिला समूहों द्वारा गुणवत्ता और परंपरा के साथ तैयार किए जा रहे ऐसे उत्पाद भविष्य में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान बनाएंगे। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से किसानों और महिला समूहों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा, जिससे ग्रामीण विकास को भी गति मिलेगी।

    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार खिलारी तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

  • ‘अभियान संवेदना’ की बड़ी सफलता : पूंजीपथरा पुलिस की प्रभावी कार्रवाई में 9 माह से लापता नाबालिग सकुशल बरामद, शादी का झांसा देने वाला आरोपी गिरफ्तार, आरोपी पर अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध.

    ‘अभियान संवेदना’ की बड़ी सफलता : पूंजीपथरा पुलिस की प्रभावी कार्रवाई में 9 माह से लापता नाबालिग सकुशल बरामद, शादी का झांसा देने वाला आरोपी गिरफ्तार, आरोपी पर अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध.

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित “अभियान संवेदना” के तहत थाना पूंजीपथरा पुलिस ने लगभग 9 माह से गुम 17 वर्षीय बालिका को सकुशल दस्तयाब करते हुए उसे बहला-फुसलाकर भगाने वाले आरोपी राजेश कुमार बंजारे (30 वर्ष), पिता बरतराम बंजारे, निवासी ग्राम मनपसार, थाना सरसिंवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।

    जानकारी के अनुसार दिनांक 28 सितंबर 2025 को बालिका के पिता ने थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री दिनांक 21 सितंबर 2025 को कपड़ा सिलाई के लिए टेलर के पास जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा रिश्तेदारों एवं परिचितों के यहां काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। शिकायत पर थाना पूंजीपथरा में अपराध क्रमांक 217/2025 धारा 137(2) BNS पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

    विवेचना के दौरान पुलिस टीम लगातार गुम बालिका एवं संदेही की पतासाजी करती रही। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि संदेही राजेश कुमार बंजारे बालिका को बहला-फुसलाकर सारंगढ़ बस स्टैंड से अपने साथ ले गया था। सूचना के आधार पर पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी रही।

    दिनांक 04 जुलाई 2026 को सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक दिलीप बेहरा के नेतृत्व में पूंजीपथरा पुलिस ने ग्राम मनपसार स्थित आरोपी के घर में दबिश दी, जहां से गुम बालिका को सकुशल बरामद कर आरोपी को हिरासत में लिया गया। थाना लाकर महिला पुलिस अधिकारी द्वारा बालिका का कथन दर्ज किया गया। बालिका ने बताया कि वर्ष 2025 में घर के सामने निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करने वाले आरोपी राजेश बंजारे से उसकी पहचान हुई थी। बाद में आरोपी ने प्रेम एवं शादी का झांसा देकर उसे 21 सितंबर 2025 को सारंगढ़ बस स्टैंड बुलाया और अपने साथ ले गया, जहां उसका शारीरिक शोषण किया है। बालिका के कथन, मेडिकल के आधार पर प्रकरण में धारा 87,65(1) बीएनएस (BNS) और 4, 6 पॉक्सो एक्ट जोड़ा गया।

    प्रकरण में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूर्ण करते हुए आरोपी राजेश कुमार बंजारे को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं बालिका को नियमानुसार परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया की गई।

  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी बुजुर्ग की उम्मीद: 85 वर्षीय जॉन क्रूज़ मिंज का वर्षों पुराना आधार कार्ड सिर्फ तीन दिन में बना, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को दिया धन्यवाद

    मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी बुजुर्ग की उम्मीद: 85 वर्षीय जॉन क्रूज़ मिंज का वर्षों पुराना आधार कार्ड सिर्फ तीन दिन में बना, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को दिया धन्यवाद

    मुख्यमंत्री हेल्प लाइन से मिला समाधान

    जान क्रूज़ मिंज का आधार कार्ड बनने पर  मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

    जशपुर : जशपुर जिले के ग्राम जोकबहला (ग्राम पंचायत नारायणपुर) निवासी 85 वर्षीय जॉन क्रूज़ मिंज के लिए आधार कार्ड बनवाना वर्षों से एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। कई बार आधार नामांकन केंद्र जाने के बावजूद उनके फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने और अन्य तकनीकी कारणों से उनका आवेदन बार-बार निरस्त हो जाता था। इसके कारण उन्हें अनेक सरकारी सेवाओं और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

    मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज कराई शिकायत

    19 जून को उन्होंने छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने आवश्यक समन्वय कर तकनीकी बाधाओं को दूर करने की दिशा में त्वरित प्रयास किए।

    तीन दिन में बना आधार कार्ड

    विभाग की तत्परता का परिणाम यह रहा कि 22 जून को जॉन क्रूज़ मिंज का आधार कार्ड सफलतापूर्वक बन गया।

     आधार कार्ड मिलने के बाद उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, जिला प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

    जॉन क्रूज़ मिंज ने बताया

    उन्होंने बताया कि आधार कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें बैंकिंग सेवाओं, पेंशन, राशन, आयुष्मान भारत सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब आधार कार्ड बनने के बाद वे इन सभी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

    मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मिला त्वरित समाधान

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का यह एक सकारात्मक उदाहरण है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए वर्षों पुरानी समस्या का समाधान किया गया। यह सफलता दर्शाती है कि शासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली और प्रशासन की सक्रियता से आम नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी एवं शीघ्र निराकरण संभव है।

  • पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई जी का निधन छत्तीसगढ़ और देश के लिए अपूरणीय क्षति, पूरा प्रदेश शोक में : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई जी का निधन छत्तीसगढ़ और देश के लिए अपूरणीय क्षति, पूरा प्रदेश शोक में : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    करोड़ों दिलों पर गूंजती रहेगी तंबूरे की तान और बुलंद आवाज : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि, इस दुखद खबर से हम सभी को गहरा आघात लगा है। उन्होंने प्रदेश की समृद्ध कला और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। वहीं यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि पंडवानी की पहचान डॉ तीजन बाई से थी।

    श्री साव ने कहा कि, उनका जाना देश के लिए और छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी कभी भरपाई नहीं हो सकेगी। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। करोड़ों दिलों पर तंबूरे की तान एवं बुलंद आवाज गूंजती रहेगी।

    पंडवानी की अद्भुत प्रस्तुति

    श्री साव ने कहा कि, डॉ. तीजन बाई जी की पंडवानी प्रस्तुति अद्भुत थी, पंडवानी यानी महाभारत में पांच पांडव की कहानी। इसे वे अभिनय, लयबद्ध और सहयोगियों की संगीत से ऐसी प्रस्तुति दी, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने इसके जरिए छत्तीसगढ़ की संस्कृति को देश और विदेश में प्रसारित किया। गांवों में आज भी उनकी पंडवानी कथा अमर है।

    उप मुख्यमंत्री श्री साव ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि, मैं परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनके सभी परिजन और उनके चाहने वालों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

  • विश्व पटल पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई नहीं रहीं: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि, कहा— उनकी कला और विरासत सदैव अमर रहेगी

    विश्व पटल पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई नहीं रहीं: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि, कहा— उनकी कला और विरासत सदैव अमर रहेगी

    पद्म विभूषण तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि: छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमर आवाज़ हुई शांत

    पंडवानी को विश्व मंच तक पहुंचाने वाली महान लोकगायिका के निधन पर संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने जताया गहरा शोक, कहा— छत्तीसगढ़ ने अपनी सांस्कृतिक धरोहर का अनमोल रत्न खो दिया

    रायपुर : छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण सम्मानित प्रख्यात पंडवानी गायिका श्रीमती तीजन बाई का रविवार तड़के रायपुर एम्स में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थीं। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश और विश्व की लोक कला जगत में शोक की लहर है। उनके निधन पर प्रदेश के संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

    संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि तीजन बाई केवल एक लोक कलाकार नहीं थीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान की जीवंत प्रतीक थीं। उन्होंने अपनी अद्भुत कला, दमदार प्रस्तुति और समर्पण से पंडवानी जैसी लोकविधा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित किया। उनका निधन प्रदेश और देश की सांस्कृतिक दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों और असंख्य प्रशंसकों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

    गरीब परिवार से निकलकर विश्व मंच तक का प्रेरणादायी सफर

    24 अप्रैल 1956 को दुर्ग जिले के गनियारी गांव में जन्मी तीजन बाई का बचपन बेहद साधारण परिस्थितियों में बीता। उनके पिता का नाम हुकुमचंद परधा तथा माता का नाम सुखवती बाई था। बचपन से ही उन्हें महाभारत की कथाओं और पंडवानी गायन में गहरी रुचि थी। उनके नाना ब्रजलाल परधा से उन्हें इस लोककला की प्रारंभिक शिक्षा मिली।

    महज 13 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना पहला सार्वजनिक मंच प्रदर्शन किया। उस समय महिलाओं द्वारा पंडवानी की वेदमती शैली में बैठकर प्रस्तुति देने की परंपरा थी, लेकिन तीजन बाई ने इस परंपरा को चुनौती देते हुए पुरुष कलाकारों की कापालिक शैली में खड़े होकर अभिनय, संवाद, गायन और भाव-भंगिमाओं के साथ प्रस्तुति देना शुरू किया। उनकी यही शैली आगे चलकर उनकी विशिष्ट पहचान बन गई।

    हबीब तनवीर ने पहचानी प्रतिभा, बदल गई जिंदगी

    प्रसिद्ध रंगकर्मी हबीब तनवीर ने उनकी असाधारण प्रतिभा को पहचाना और उन्हें बड़े मंचों तक पहुंचाया। इसके बाद तीजन बाई ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के समक्ष अपनी प्रस्तुतियां दीं।

    उन्होंने इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, तुर्की, मॉरीशस, जापान सहित 17 से अधिक देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति का विश्वभर में परचम लहराया। उनकी प्रभावशाली आवाज, अभिनय और कथावाचन शैली ने विदेशी दर्शकों को भी भारतीय लोक परंपरा से परिचित कराया।

    देश-विदेश में मिले अनेक प्रतिष्ठित सम्मान

    लोककला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा गया। वर्ष 1988 में पद्मश्री, 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 2003 में पद्म भूषण, 2018 में जापान का प्रतिष्ठित फुकुओका पुरस्कार तथा 2019 में भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त बिलासपुर विश्वविद्यालय ने उन्हें डी.लिट. (मानद उपाधि) प्रदान कर सम्मानित किया।

    नई पीढ़ी के लिए बनीं प्रेरणा

    तीजन बाई ने न केवल पंडवानी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि इस लोकविधा से नई पीढ़ी के अनेक कलाकारों को भी जोड़ा। उनकी प्रेरणा से अनेक महिला कलाकारों ने पंडवानी के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने यह साबित किया कि प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर लोककला को वैश्विक मंच तक पहुंचाया जा सकता है।

    देशभर से उमड़ा श्रद्धांजलियों का सैलाब

    तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विभिन्न जनप्रतिनिधियों, कलाकारों, साहित्यकारों तथा सांस्कृतिक संस्थाओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने उन्हें भारतीय लोकसंस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए उनके योगदान को सदैव अविस्मरणीय बताया।

    छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान रहेंगी अमर

    तीजन बाई का जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण की अनुपम मिसाल है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से महाभारत की कथाओं को जन-जन तक पहुंचाया और पंडवानी को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई। उनके निधन से भले ही लोककला जगत ने अपनी बुलंद आवाज खो दी हो, लेकिन उनकी कला, उनकी शैली और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उनकी अमिट सांस्कृतिक विरासत भारतीय लोककला के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगी।

  • लोक संस्कृति की अमर स्वर-सम्राज्ञी डॉ. तीजन बाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की भावभीनी श्रद्धांजलि, बोले— उनका निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति

    लोक संस्कृति की अमर स्वर-सम्राज्ञी डॉ. तीजन बाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की भावभीनी श्रद्धांजलि, बोले— उनका निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति

    पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी श्रद्धांजलि

    डॉ. तीजन बाई का निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर पहुंचकर पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला-साधना और विलक्षण प्रतिभा से उन्होंने पंडवानी को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई तथा छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। डॉ. तीजन बाई का निधन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

  • चिंतन शिविर 3.0 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया पौधारोपण, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से दिया हरित छत्तीसगढ़ और जनभागीदारी का सशक्त संदेश

    चिंतन शिविर 3.0 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया पौधारोपण, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से दिया हरित छत्तीसगढ़ और जनभागीदारी का सशक्त संदेश

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), नवा रायपुर में आयोजित ‘चिंतन शिविर 3.0’ के दूसरे दिन ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया। इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी का संदेश दिया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक संवेदनाओं को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान से जुड़कर पौधारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरित एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण अभियानों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है।