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  • कुनकुरी कोर्ट ने अब्दुल हमीद पर चलाया कानून का सबसे बड़ा हथौड़ा : फर्जी नाम बताकर मानसिक रूप से दिव्यांग युवती से दुष्कर्म करने वाले दरिंदे को उम्रकैद, अदालत बोली—ऐसे अपराधियों पर रहम की कोई गुंजाइश नहीं

    कुनकुरी कोर्ट ने अब्दुल हमीद पर चलाया कानून का सबसे बड़ा हथौड़ा : फर्जी नाम बताकर मानसिक रूप से दिव्यांग युवती से दुष्कर्म करने वाले दरिंदे को उम्रकैद, अदालत बोली—ऐसे अपराधियों पर रहम की कोई गुंजाइश नहीं

    यह सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात 18 सितंबर 2023 की है । कुनकुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाली एक मानसिक रूप से निःशक्त वयस्क युवती सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच शौच के लिए खेत की तरफ गई थी । जब वह वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर का मूल निवासी और वर्तमान में लोधमा (कुनकुरी) में रह रहा आरोपी अब्दुल हमीद मोटरसाइकिल लेकर उसका रास्ता रोक खड़ा हो गया । आरोपी ने अपनी असली पहचान छुपाकर पीड़िता को अपना नाम ‘राजू’ बताया और उसे बहला-फुसलाकर व डराकर अपनी बाइक पर बैठा लिया । इसके बाद वह बेबस पीड़िता को गिरहलडीह चुड़िया जंगल ले गया, जहाँ उसने मानसिक निःशक्तता का फायदा उठाकर युवती की इच्छा के विरुद्ध जबरन बलात्कार जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी ।

    सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक श्रीमती पुष्पा सिंह ने अभियोजन का पक्ष बेहद मजबूती और आक्रामकता से रखा। उन्होंने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि अभियुक्त ने न केवल एक महिला की अस्मत लूटी, बल्कि उसकी मानसिक कमजोरी का फायदा उठाया और प्रतिरूपण (पहचान छुपाकर) द्वारा छल किया। उन्होंने समाज में बढ़ रहे ऐसे अपराधों का हवाला देते हुए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।

    बचाव पक्ष के वकील ने आरोपी की उम्र (25 वर्ष) और प्रथम अपराध होने का हवाला देकर रहम की भीख मांगी, लेकिन माननीय न्यायाधीश ने इसे सामाजिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताते हुए खारिज कर दिया।

    दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश श्री बलराम कुमार देवांगन ने बचाव पक्ष की दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया । न्यायाधीश ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के नजीर का हवाला देते हुए बेहद गंभीर टिप्पणी की और कहा कि किसी स्त्री पर हमला या बलात्कार एक मानसिक हिंसा है, जिसका जख्म जीवन पर्यंत रहता है । वर्तमान परिवेश में ऐसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर चुनौती हैं और महिलाओं में भय पैदा करती हैं, इसलिए आरोपी को किसी भी प्रकार की परिवीक्षा या सहानुभूति का लाभ नहीं दिया जा सकता ।

    न्यायालय ने मामले को अत्यंत गंभीर पाते हुए आरोपी अब्दुल हमीद को भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत कठोरतम सजा से दंडित किया है । कोर्ट ने आरोपी को धारा 376 (बलात्कार) के तहत आजीवन कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड, धारा 366 (व्यपहरण) के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड, तथा धारा 419 (पहचान छुपाकर छल करना) के तहत 03 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है । अर्थदंड की राशि न पटाने पर आरोपी को कुल 14 महीने की अतिरिक्त सश्रम जेल काटनी होगी । कोर्ट ने आदेश दिया कि ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और आरोपी द्वारा पूर्व में जेल में बिताए गए 318 दिनों की अवधि को इस सजा में समायोजित (Set-off) किया जाएगा ।

    कुनकुरी कोर्ट का यह त्वरित और कड़ा निर्णय यह साबित करता है कि पहचान बदलकर मासूमों को शिकार बनाने वाले अपराधियों का ठिकाना सिर्फ और सिर्फ जेल की कालकोठरी ही है ।

  • ‘नशे को ना, जिंदगी को हां’ का गूंजा संदेश : 509 स्थानों पर चला महाअभियान, प्रतापपुर थाना बना पूरे जिले का नंबर-1, सूरजपुर में नशे के खिलाफ ऐतिहासिक बिगुल! एक दिन में 69 हजार से ज्यादा लोगों ने ली शपथ, पूरे जिले में मचा जागरूकता का माहौल.

    ‘नशे को ना, जिंदगी को हां’ का गूंजा संदेश : 509 स्थानों पर चला महाअभियान, प्रतापपुर थाना बना पूरे जिले का नंबर-1, सूरजपुर में नशे के खिलाफ ऐतिहासिक बिगुल! एक दिन में 69 हजार से ज्यादा लोगों ने ली शपथ, पूरे जिले में मचा जागरूकता का माहौल.

    नशा मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से सूरजपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान ‘‘नवजीवन’’ के अंतर्गत जिलेभर के गांव, पंचायत भवनों, स्कूल-कालेजों एवं विभिन्न सार्वजनिक स्थानों में व्यापक स्तर पर शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दौरान 69 हजार 218 ग्रामीणों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, युवाओं, महिलाओं एवं आम नागरिकों ने नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील एवं डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने भी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व लोगों को नशे से बचाव को लेकर शपथ दिलाई और नशे से दूरी बनाए रखने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

    कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर सूरजपुर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर के निर्देशन में एक ही दिन में जिले के सभी ग्रामों, स्कूलों, कालेजों में नशे से बचाव को लेकर शपथ का महाअभियान नवजीवन का आयोजन सराहनीय है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, सामाजिक जीवन और भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। नशे की लत न केवल शारीरिक और मानसिक क्षति पहुंचाती है, बल्कि इससे आर्थिक, पारिवारिक और सामाजिक समस्याएं भी बढ़ती हैं। कलेक्टर ने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों में अपनी ऊर्जा लगाएं तथा समाज में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

    डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने बताया कि 7 जुलाई 2026 को जिले के समस्त थाना-चौकी प्रभारी, पुलिस अधिकारी व जवानों के द्वारा जिलेभर में 509 स्थानों जिनमें पंचायत भवन, स्कूल-कालेज सहित विभिन्न स्थल शामील है उन सभी जगहों पर 69,218 ग्रामीणों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, युवाओं, महिलाओं एवं आम नागरिकों को नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई है। डीआईजी व एसएसपी ने कहा कि नशे के विरुद्ध नवजीवन अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने का महाअभियान है। उन्होंने कहा यदि इस अभियान के माध्यम से हम कुछ लोगों को भी नशे की लत से बचाने में सफल हो जाते हैं, तो हमारा यह प्रयास सार्थक और सफल साबित होगा। उन्होंने सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से अपील की कि वे नशा मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।

    थाना कोतवाली में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन ने स्कूली बच्चों को नशे से बचाव के लिए नशे को ना, जिंदगी को हा करने की शपथ दिलाई। जिले समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारी, थाना-चौकी प्रभारी व पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर नशे से बचाव की शपथ दिलाई और नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी। उपस्थित लोगों को बताया कि नशा व्यक्ति को धीरे-धीरे कमजोर करता है और उसके जीवन की दिशा बदल देता है। इसलिए समय रहते इससे दूरी बनाना आवश्यक है। कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे, अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस प्रशासन का सहयोग करेंगे।

    डीआईजी/एसएसपी ने बताया कि नशे से बचाव के इस महाअभियान में थाना प्रतापपुर के द्वारा 59 स्थानों पर शपथ कार्यक्रम का आयोजन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं थाना झिलमिली द्वारा 58 शपथ कार्यक्रम करा कर द्वितीय तथा थाना भटगांव 48 शपथ कार्यक्रम कराते हुए तृतीय स्थान पर रहा।

    डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर ने बताया गया कि नशा उन्मूलन के लिए जागरूकता अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से जनसंवाद, जागरूकता कार्यक्रम, चलित थाना, पुलिस जन चौपाल, रैली एवं शपथ समारोह आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि नशे के विरुद्ध इस महाअभियान में सहभागी बनें तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

    मंगलवार को नवजीवन महाअभियान में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष बलराम शर्मा सहित कई अधिवक्ताओं ने नशे से दूरी बनाने की शपथ ली और पुलिस के इस पहल में हरसंभव सहयोग देने की बात कही।

  • मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति नए तरीके से देश के नव निहालों को नवनिर्माण की नित नई राह दिखाएगी: बृजमोहन अग्रवाल

    मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति नए तरीके से देश के नव निहालों को नवनिर्माण की नित नई राह दिखाएगी: बृजमोहन अग्रवाल

    दिल्ली में 18वीं नेशनल एजुकेशन लीडरशिप एंड स्किल डेवलपमेंट समिट 2026 में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षा जगत में सक्रिय संस्थाओं और हस्तियों को सम्मानित किया

    नई दिल्ली : रायपुर के सांसद और छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति नए तरीके से देश के नव निहालों को नवनिर्माण की नित नई राह दिखाएगी। बृजमोहन अग्रवाल बृहस्पतिवार को देश के जाने-माने वाणिज्यिक संगठन एसोचेम द्वारा विकसित भारत शिक्षा अभियान पर राजधानी दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में आयोजित 18 वीं नेशनल एजुकेशन लीडरशिप एंड स्किल डेवलपमेंट समिट 2026 में शिक्षा जगत में सक्रिय संस्थाओं और हस्तियों को सम्मानित करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) ने रट्टा मारने की पुरानी प्रणाली को जड़ से खत्म किया है। अब भारतीय शिक्षा प्रणाली का ध्यान इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक युवाओं के अपस्किलिंग, स्टार्टअप इनोवेशन को बढ़ावा देने पर है। विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 भारत को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक नयी पहचान देने का काम करेगा। समारोह के विशिष्ट अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत की थीम पर हमको140 करोड़ लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए देश के सुदुर क्षेत्रों पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देते हुए शिक्षा के स्तर को और ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास भी करना होगा तभी सभी लोगों को शिक्षित करते हुए हमारा देश उचित ढंग से और विकसित हो पाएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़, झारखण्ड और ओड़िशा के सुदूरवर्ती स्थलों का हवाला देते हुए वंचितों के शैक्षिक विकास के लिए सघन प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि हमें शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत अभावग्रस्त संस्थाओं और गैरसरकारी संगठनों को अधिक से अधिक संसाधन उपलब्ध कराना होगा ताकि सभी को शिक्षा के समान अवसर प्राप्त हो सके।सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ज़ोर देकर कहा कि विकसित भारत शिक्षा अभियान की हमारी थीम यही होना चाहिए।

  • स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक छलांग: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया बस्तर की पहली कैथलैब का लोकार्पण, पूरे प्रदेश के मरीजों को मिलेगा आधुनिक इलाज

    स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक छलांग: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया बस्तर की पहली कैथलैब का लोकार्पण, पूरे प्रदेश के मरीजों को मिलेगा आधुनिक इलाज

    बस्तर को मिली अत्याधुनिक कैथलैब की सौगात- स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया लोकार्पण

    पूरे प्रदेश के हृदय रोगियों के लिए वरदान बनेगा जगदलपुर का कैथलैब- स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल

    रायपुर : बस्तर की स्वास्थ्य सेवाओं में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने डिमरापाल में स्थापित कॉन्टिनेंटल सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में बस्तर संभाग की पहली और छत्तीसगढ़ की दूसरी अत्याधुनिक कैथलैब का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से अब बस्तर सहित पूरे प्रदेश के हृदय रोगियों को समय पर आधुनिक उपचार उपलब्ध होगा और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

    लोकार्पण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कैथलैब सहित अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे के सौ दिन के साथ-साथ जगदलपुर सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के भी सौ दिन पूरा होने की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर की जनता को दिल की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ‘कैथ लैब’ के रूप में एक बहुत बड़ी सौगात मिली है, जो मेकाहारा के बाद छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी कैथ लैब संस्थान है। इसके साथ ही बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता के बीच योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मोड पर एक समर्पित योग और नेचरोपैथी हॉस्पिटल भी लाया जा रहा है। चिकित्सा व्यवस्था में आए इस बड़े सुधार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महारानी अस्पताल में पिछले दो वर्षों के भीतर मरीजों के इलाज के आंकड़ों में डेढ़ गुना का रिकॉर्ड इजाफा हुआ है।

    बस्तर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए इस अभूतपूर्व बदलाव का लोहा अब वैश्विक संस्थाएं भी मान रही हैं, यही वजह है कि जल्द ही विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ की विशेष टीमें इस जमीनी बदलाव को देखने बस्तर आ रही हैं। ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ की कामयाबी के चलते आज बस्तर क्षेत्र के लगभग 99 प्रतिशत लोगों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और चेकअप तैयार किया जा चुका है, जो स्वास्थ्य विभाग की एक बेहतरीन मिसाल है। इसके अलावा, कॉन्टिनेंटल ग्रुप हॉस्पिटल के साथ मिलकर स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने का काम भी किया गया है, जिसके तहत अस्पताल के प्रबंधन और विभिन्न श्रेणियों में 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी गई है। मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने आयुर्वेद आधारित उपचार प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए देश में तीन केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। इनमें से एक केंद्र बस्तर में स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।

    इस अवसर पर कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल्स के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. गुरु एन. रेड्डी ने बताया कि कैथलैब (कार्डियक कैथेटराइजेशन लैब) एक अत्याधुनिक चिकित्सा इकाई है, जहां बिना बड़े ऑपरेशन के हृदय एवं रक्त वाहिकाओं से जुड़े रोगों की जांच और उपचार किया जाता है। यहां कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी (स्टेंट प्रत्यारोपण), पेसमेकर प्रत्यारोपण सहित विभिन्न इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी प्रक्रियाएं आधुनिक तकनीक से की जा सकेंगी।उन्होंने बताया कि इस सुविधा के प्रारंभ होने से अब बस्तर संभाग के साथ-साथ पड़ोसी राज्य के मरीजों को भी स्थानीय स्तर पर सुपर स्पेशलिटी हृदय उपचार उपलब्ध होगा। इससे मरीजों का समय और खर्च दोनों बचेंगे तथा आपातकालीन स्थितियों में जीवनरक्षक उपचार शीघ्र मिल सकेगा। अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत भी मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

    इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव, विधायक श्री विनायक गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर श्री संजय पाण्डेय, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सभी चिकित्सक सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं अस्पताल के कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • 26 करोड़ के नए रेल ओवरब्रिज में पड़ी दरारें, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मांगी उच्च स्तरीय जांच

    26 करोड़ के नए रेल ओवरब्रिज में पड़ी दरारें, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मांगी उच्च स्तरीय जांच

    राजनांदगांव के बरगा-आलीवारा-मुसरा रेल ओवरब्रिज की उच्च स्तरीय जांच की मांग, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र

    26 करोड़ के रेल ओवरब्रिज में दरारों पर डॉ. रमन सिंह गंभीर, लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की मांग

    रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव जिले के बरगा, आलीवारा एवं मुसरा के समीप निर्मित रेल ओवरब्रिज में आई दरारों को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (बिलासपुर जोन, नागपुर मंडल) अंतर्गत डोंगरगढ़-राजनांदगांव रेलखंड पर ग्राम बरगा, आलीवारा एवं मुसरा के समीप प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से रेल ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया था, जिसका लोकार्पण जून 2026 में हुआ था।

    उन्होंने बताया कि 4 एवं 5 जुलाई को जिले में हुई भारी वर्षा के बाद ओवरब्रिज में लगभग 60 से 70 फीट लंबी तथा 15 से 20 सेंटीमीटर चौड़ी दरारें दिखाई दी हैं। इससे पुल की सुरक्षा एवं निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं। लोकार्पण के कुछ ही दिनों बाद इस प्रकार की क्षति अत्यंत चिंताजनक है तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों में भी इसे लेकर गहरी चिंता और नाराजगी है।

    डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए तथा निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, परामर्शदाता और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    उन्होंने यह भी मांग की है कि ओवरब्रिज का तत्काल सुरक्षा परीक्षण कराया जाए तथा आवश्यकतानुसार मरम्मत कराई जाए, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

  • छत्तीसगढ़ ने रचा नया रिकॉर्ड: ढाई साल में 11 लाख से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास पूरे, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को सौंपी घर की चाबी

    छत्तीसगढ़ ने रचा नया रिकॉर्ड: ढाई साल में 11 लाख से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास पूरे, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को सौंपी घर की चाबी

    सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

    मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया विमोचन

    11 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री श्री साय ने दी नए आवास की चाबी

    रायपुर : रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश में सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण होने तथा ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियों से संबंधित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 लाख आवास पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 11 हितग्राहियों को उनके नए आवास की प्रतीकात्मक चाबी प्रदान कर सम्मानित किया तथा “मोर गांव मोर पानी “महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का विमोचन किया।

     उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने गठन के तुरंत बाद अपनी प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए राशि जारी करने का निर्णय लिया था। इसके बाद निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इनमें से विगत वित्तीय वर्ष में लगभग 6 लाख आवास पूर्ण किए गए, जो एक वर्ष में देश में सर्वाधिक आवास पूर्ण करने की उपलब्धि है। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष के प्रथम 100 दिनों (1 अप्रैल से 9 जुलाई) में ही 1 लाख 51 हजार आवास पूर्ण किए गए हैं। अर्थात प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं।

     कार्यक्रम में ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यो पर एक पुस्तिका विमोचित की गई। उल्लेखनीय है कि यह महाअभियान 24 अप्रैल 2025 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किया गया था। जनभागीदारी आधारित इस अभियान के अंतर्गत पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा एवं वर्तमान वीबी- जीरामजी के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य स्वीकृत एवं क्रियान्वित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत आजीविका डबरी, नवा तरिया, कंटूर ट्रेंच सहित विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण कर जल संरक्षण, भूजल संवर्धन एवं ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी जा रही है।

     कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।

  • ‘दीदी के गोठ’ से बदली हजारों महिलाओं की तकदीर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले—आत्मनिर्भर मातृशक्ति ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत

    ‘दीदी के गोठ’ से बदली हजारों महिलाओं की तकदीर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले—आत्मनिर्भर मातृशक्ति ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत

    रेडियो के ‘दीदी के गोठ’ से महिलाओं को आगे बढ़ने मिलती है प्रेरक और रोचक जानकारियां : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    एक वर्ष में 12 एपिसोड के माध्यम से हजारों महिलाओं तक पहुँची सफलता की कहानियां

    मुख्यमंत्री ने ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका एवं ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का किया विमोचन

    सफलता की कहानी साझा करने वाली दीदियों का किया सम्मान, प्रदर्शनी का अवलोकन कर जाना नवाचारों का सफर

    रायपुर : ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए प्रेरणा का सशक्त माध्यम बन गया है। इस कार्यक्रम के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भरता, आजीविका, नवाचार और स्वरोजगार से जुड़ी अत्यंत रोचक एवं प्रेरक जानकारियां मिल रही हैं। एक सफल दीदी की कहानी हजारों अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है और यही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ वार्षिकोत्सव-2026 एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका तथा ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली दीदियों को सम्मानित किया तथा ‘दीदी के गोठ’ के 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर महिलाओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ऑडिटोरियम परिसर में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ फोटो गैलरी का अवलोकन किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके नवाचारों एवं आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दुर्ग जिले से वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं लखपति दीदी श्रीमती विद्या निषाद से चर्चा की। श्रीमती निषाद ने बताया कि कोरोना काल में पति के निधन के बाद उन्हें बिहान समूह से प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कपड़े एवं फैंसी स्टोर का व्यवसाय शुरू किया और आज प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ ने एक वर्ष का सफल सफर पूरा कर लिया है और अब तक 12 एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं। प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को एक सफल दीदी अपनी संघर्ष एवं सफलता की कहानी स्वयं अपनी बोली में साझा करती है, जिससे प्रदेशभर की महिलाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।

    उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी स्वरूप माना गया है। वेदों में कहा गया है – “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।” आज महिलाएं बिहान से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कोई ड्रोन दीदी बनी है, कोई राजमिस्त्री, कोई ऑर्गेनिक खेती कर रही है, तो कोई सेटरिंग प्लेट , पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की लखपति दीदियां आने वाले समय में करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान आरंग क्षेत्र के भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मातृशक्ति द्वारा संचालित ‘गोट यूनिट’ में बकरी, मुर्गी एवं मछली पालन का एकीकृत मॉडल विकसित किया गया है, जिससे वह लखपति बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों में पूरा किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश को 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली, जिनमें से 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से लगभग 18 हजार करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 प्रारंभ की है, जहां नागरिक बिजली, पानी, राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए लगभग 8 हजार अधिकारी कार्य कर रहे हैं तथा वे स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से दो वर्षों से बकाया बिजली उपभोक्ताओं को सरचार्ज में राहत प्रदान की जा रही है, जिसके तहत अब तक 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है।

    उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ महिलाओं के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का मंच बन चुका है। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में बिहान समूहों की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा इसके लिए राज्य सरकार ने 26 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

    उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘36 कला’ ब्रांड विकसित किया गया है। राज्य सरकार सभी समूहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे महिलाएं अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकें और उन्हें अपने परिश्रम का पूरा लाभ मिले। उन्होंने खैरागढ़ की ड्रोन दीदी का उदाहरण देते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से महिलाएं बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बैंक सखी, पशु सखी, सीएससी संचालन तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की भूमिका और अधिक बढ़ेगी।

    महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं समूहों के माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बन रही हैं। महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज, प्रदेश और राष्ट्र के विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को लखपति से करोड़पति बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

    कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। ‘दीदी के गोठ’ के माध्यम से प्रदेशभर की महिलाओं तक नवाचार, सफलता और स्वरोजगार की प्रेरक कहानियां पहुंच रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

    एक वर्ष में 12 एपिसोड, प्रेरणा और नवाचार का सशक्त मंच

    ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम का प्रसारण 31 अगस्त 2025 से प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा है। कार्यक्रम से प्रदेश के 25 जिलों की 38 दीदियां जुड़ी हुई हैं, जो अपनी स्थानीय बोली में नवाचार, आजीविका और सफलता की कहानियां साझा करती हैं। आज 9 जुलाई को कार्यक्रम का 12वां एपिसोड प्रदेशभर में प्रसारित किया गया।

    छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत अब तक प्रसारित 12 एपिसोड में लखपति दीदी, नियद नेल्ला नार, वनोपज संग्रहण, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं की भागीदारी, सरस मेला, ड्रोन दीदी, कृषि सखी एवं पशु सखी, नई चेतना 4.0, वित्तीय समावेशन, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, जनप्रतिनिधि बनीं महिलाओं की सफलता की कहानियां, लाइवस्टॉक, साइबर अपराध एवं बैंकिंग फ्रॉड से बचाव, ‘छत्तीसगढ़ कला’ ब्रांड तथा ‘दीदी के गोठ’ की एक वर्ष की प्रेरणादायी यात्रा जैसे विषयों पर जानकारी प्रसारित की गई है।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, गुरु सौरभ साहेब, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में बिहान की दीदियां उपस्थित थीं।

  • ‘दीदी के गोठ’ में गूंजी आत्मनिर्भर बस्तर की आवाज, लखपति दीदियों की सफलता बनी हजारों महिलाओं की नई प्रेरणा

    ‘दीदी के गोठ’ में गूंजी आत्मनिर्भर बस्तर की आवाज, लखपति दीदियों की सफलता बनी हजारों महिलाओं की नई प्रेरणा

    बस्तर की मातृशक्ति आज समाज में बदलाव की सशक्त वाहक- वन मंत्री केदार कश्यप

    दीदी के गोठ’ में गूंजी आत्मनिर्भर बस्तर की आवाज

    लखपति दीदियों की सफलता की कहानियों ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास

    रायपुर : बस्तर संभाग मुख्यालय स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में गुरुवार को आयोजित ‘दीदी के गोठ’ के 12वें संस्करण में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से आई हजारों महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान लखपति दीदियों की सफलता की कहानियों ने महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वरोजगार के प्रति नया उत्साह जगाया।

    महिलाएं बन रही हैं बदलाव की ताकत : केदार कश्यप

     वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की मातृशक्ति ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए आज समाज में परिवर्तन की सशक्त भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होता है, जब महिलाएं उन्हें अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि बिहान योजना, मध्याह्न भोजन योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से बस्तर की महिलाएं आज आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत हो रही हैं।

    सरकारी योजनाओं से बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी

     बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि किसी भी समाज का विकास महिलाओं के सशक्तिकरण पर निर्भर करता है। उन्होंने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), लखपति दीदी योजना, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है।

    स्वरोजगार से बदल रही महिलाओं की जिंदगी

     चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल ने कहा कि बस्तर की महिलाएं अब केवल परिवार की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं हैं। वे मुर्गीपालन, बकरीपालन, मत्स्यपालन, सब्जी उत्पादन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर परिवार की आय बढ़ा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप ने भी महिलाओं की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

    लखपति दीदियों का हुआ सम्मान

     कार्यक्रम में चपका की श्रीमती नीतू झा, सुलेंगा की श्रीमती सुगनी कश्यप और इरपा की श्रीमती हेमबती नाग सहित कई सफल लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया। उन्हें प्रमाण-पत्र और सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए गए।

    बिहान योजना से मिली नई पहचान

     कार्यक्रम में कोंडागांव जिले की श्रीमती नम्रता पटेल ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज और 5 लाख रुपये के ऋण की सहायता से उन्होंने अपने ‘अमृत तुल्य’ चाय एवं नाश्ता कैफे का विस्तार किया। आज उनके कैफे से प्रतिदिन लगभग 5 हजार रुपये की आय हो रही है।

    आत्मनिर्भर बस्तर की दिशा में मजबूत कदम

     कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने सरकारी योजनाओं से मिले लाभ और अपने अनुभव साझा किए। संवाद, सम्मान और प्रेरणा से भरपूर यह आयोजन महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर बस्तर के संकल्प को नई मजबूती देने वाला साबित हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

  • दुर्गम जंगलों तक पहुंचा सरकार का राशन: ट्रैक्टर से 6 गांवों के 151 परिवारों को तीन महीने की बड़ी राहत

    दुर्गम जंगलों तक पहुंचा सरकार का राशन: ट्रैक्टर से 6 गांवों के 151 परिवारों को तीन महीने की बड़ी राहत

    नारायणपुर जिला प्रशासन की अनूठी पहल- दुर्गम वनांचल गांवों तक ट्रैक्टर से पहुंचाया गया

    3 माह का राशन, 151 परिवारों को मिली बड़ी राहत

    रायपुर :  छत्तीसगढ़ के दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न और पोषण सामग्री पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विशेष रणनीतियां लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश है कि राज्य के पहुच विहीन क्षेत्रों में वर्षा व भौगोलिक बाधाओं को पार करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर राशन दुकानें खोलना, ट्रैक्टर के माध्यम से डोर-स्टेप डिलीवरी और मॉनसून से पहले तीन महीने का अग्रिम राशन भंडारण करने के निेर्दश दिए हैं।

     मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में नारायणपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक विशेष और सराहनीय पहल की है। बारिश के मौसम और कठिन रास्तों को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैक्टरों के माध्यम से अंदरूनी गांवों तक तीन माह का खाद्यान्न सुरक्षित पहुंचाया है। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित छह गांवों मुरुमवाड़ा, गुडेकोर, दिवालूर, धोबे, बोटेर और हरबेल के राशनकार्डधारी हितग्राहियों को जुलाई, अगस्त और सितम्बर माह का राशन एक साथ वितरित किया गया।

    6 गांवों के 151 परिवारों को मिला लाभ

     खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम क्षेत्रों में बसे कुल 151 राशनकार्डधारी परिवारों को उनकी निर्धारित मात्रा में तीन महीने का खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है। लाभान्वित गांवों और परिवारों में मुरुमवाड़ा के 98 परिवार, दिवालूर के 32 परिवार, गुडेकोर के 13 परिवार, धोबे के 03 परिवार, हरबेल के 03 परिवार, बोटेर के 02 परिवार शामिल हैं।

    बारिश और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को दी मात

     इन वनांचल गांव घने जंगलों, कच्चे रास्तों और नदी-नालों से घिरे होने के कारण सामान्य दिनों में भी परिवहन के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को राशन के लिए कई किलोमीटर की पैदल और जोखिमभरी यात्रा करनी पड़ती थी। इस समस्या को भांपते हुए जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान राशन सामग्री को सीधे ट्रैक्टर के जरिए गांवों तक भिजवाया, जिससे ग्रामीणों को अपने घर के पास ही राशन मिल गया।

    बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को मिली बड़ी राहत

     खाद्यान्न वितरण की पूरी प्रक्रिया स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में अत्यंत पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई। गांव में ही राशन मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस पहल से उनके समय और श्रम दोनों की बचत हुई है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग हितग्राहियों के लिए यह व्यवस्था किसी वरदान से कम नहीं रही, क्योंकि उन्हें अब राशन के लिए कठिन रास्तों से होकर नहीं गुजरना पड़ा।

    अंतिम छोर के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना लक्ष्य

     इस संबंध में जिला प्रशासन का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य जिले के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद परिवार तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है। इसके लिए दुर्गम क्षेत्रों में विशेष परिवहन व्यवस्था की कार्ययोजना पर लगातार काम किया जा रहा है। प्रशासन की इस मुस्तैदी ने यह साबित कर दिया है कि भौगोलिक कठिनाइयां भी जनता तक उनका हक पहुंचाने में बाधा नहीं बन सकतीं।

  • सड़क निर्माण में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर इंजीनियर निलंबित, ठेकेदार होगा ब्लैकलिस्ट

    सड़क निर्माण में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर इंजीनियर निलंबित, ठेकेदार होगा ब्लैकलिस्ट

    निर्माण कार्यों में मॉनीटरिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित कराने में लापरवाही पर सहायक अभियंता और उप अभियंता को तत्काल निलंबित करने के निर्देश

    उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर बोड़ला के खारिया से अगरी तक पीएम जनमन योजना की सड़क की राज्य स्तरीय जांच

    सचिव श्री भीम सिंह ने सड़क की कोर कटिंग करवाकर मौके पर ही करवाई जांच

    क्षतिग्रस्त हिस्से को उखाड़कर पुनः बनाने के साथ गुणवत्ता के साथ शोल्डर सुधार करवाने के दिए गए निर्देश

    रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर बोड़ला विकासखंड के दलदली मेन रोड खारिया से अगरी तक प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित सड़क के धंसने की शिकायत के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण कराने के लिए कोर कटिंग कराई गई तथा विभिन्न तकनीकी मानकों पर सड़क की जांच की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि नवनिर्मित सड़क हैवी लोड वाहनों के आवागमन के कारण क्षतिग्रस्त हुई। जिस सड़क पर केवल 10-12 टन क्षमता वाले वाहनों के संचालन की अनुमति है, वहां 60-70 टन क्षमता तक रेत परिवहन करने वाले भारी वाहनों के संचालन और शोल्डर निर्माण में तकनीकी खामी से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।

    सहायक अभियंता और उप अभियंता को तत्काल निलंबित किए जाने के दिए निर्देश

     सचिव श्री सिंह ने दलदली मेन रोड खारिया से अगरी तक निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के कारण ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में मॉनीटरिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित कराने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे रितेश नायडू को तत्काल निलंबित किया गया। वहीं कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ठाकुर को निलंबित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सड़क का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त है उसे उखाड़कर पुनः बनवाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं। वहीं पूरी सड़क के शोल्डर को गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ सुधार करवाने के निर्देश दिये गये हैं।

    ओवरलोड वाहन और शोल्डर निर्माण में खामी बना सड़क धंसने का मुख्य कारण

     जांच के दौरान अन्य तकनीकी मानकों का परीक्षण भी किया गया, जिसमें कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया गया। जीएसबी एवं डब्ल्यूबीएम परतों के परीक्षण में ग्रेडेशन तथा कम्पैक्शन संतोषजनक रहा। वहीं बीटी कार्य के तहत पीएमसी एवं सील कोट के लिए किए गए बाइंडर कंटेंट परीक्षण में 6 प्रतिशत परिणाम प्राप्त हुआ, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप है। तकनीकी जांच के दौरान यह पाया गया कि सड़क के शोल्डर का कॉम्पैक्शन निर्धारित मापदंड (100 प्रतिशत) से कम था। आर.डी. 1400 मीटर पर यह 95 प्रतिशत और आर.डी. 2100 मी. पर केवल 94.68 प्रतिशत पाया गया, जो कि मानकों से कम है। जांच में आर.डी. 1400 मी. पर निर्मित पुलिया के एप्रोच में बैकफिलिंग (मिट्टी भराई) का कार्य भी मापदंड के अनुसार नहीं किया गया था। इस वजह से वर्षाऋतु में बारिश का पानी शोल्डर से होते हुए सड़क के सब-बेस (निचली सतह) में घुस गया, जिससे सड़क के अंदरूनी हिस्से कमजोर हो गए।

    पीएम जनमन की सड़क पर भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा

     सचिव श्री भीम सिंह ने कहा कि पीएम जनमन की सड़क पर भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क की क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों के चलने से सड़क को नुकसान पहुंचा है। ऐसे वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। इस अवसर पर अधिक्षण अभियंता श्री अखिलेश तिवारी, श्री बलवंत पटेल, श्री अमित गुलहरे कार्यपालन अभियंता श्री संतोष ठाकुर, सहायक अभियंता श्री सौरभ देशमुख श्री मुरारी साहू, उप अभियंता जे रितेश नायडू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।