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  • छत्तीसगढ़ विधानसभा में सत्र से पहले मंथन: डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण कार्यमंत्रणा समिति की बैठक

    छत्तीसगढ़ विधानसभा में सत्र से पहले मंथन: डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण कार्यमंत्रणा समिति की बैठक

    रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आज विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित समिति के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

  • होटलों का सघन जांच अभियान : होटल में पुलिस पहुंचते ही मचा हड़कंप ! नियम तोड़े तो होगी सीधी कानूनी कार्रवाई, अभद्रता करने वाले व्हाइट रोज संचालक को पुलिस ने किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश.

    होटलों का सघन जांच अभियान : होटल में पुलिस पहुंचते ही मचा हड़कंप ! नियम तोड़े तो होगी सीधी कानूनी कार्रवाई, अभद्रता करने वाले व्हाइट रोज संचालक को पुलिस ने किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश.

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले के होटल, लॉज एवं सार्वजनिक आवासीय प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था एवं अनैतिक गतिविधियों की रोकथाम को लेकर विशेष जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 10 जुलाई 2026 की शाम थाना साइबर एवं थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर स्थित होटल व्हाइट रोज में औचक जांच की।

    जांच के दौरान होटल में सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं में कमियां पाए जाने पर पुलिस टीम ने होटल संचालक सूरज सिंह (28 वर्ष), निवासी फतेहामुड़ा, थाना जूटमिल, रायगढ़ को सुरक्षा मानकों में तत्काल सुधार करने की समझाइश दी। इस दौरान होटल संचालक ने पुलिस टीम के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया तथा समझाइश के बावजूद उसका आक्रामक रवैया जारी रहा।

    स्थिति को देखते हुए पुलिस द्वारा होटल संचालक को थाना कोतवाली लाकर समझाइश दी गई, लेकिन वहां भी वह उग्र व्यवहार करता रहा। संज्ञेय अपराध घटित होने की आशंका एवं शांति व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत उसे प्रतिबंधात्मक रूप से गिरफ्तार किया। साथ ही धारा 126 एवं 135(3) बीएनएसएस के अंतर्गत इस्तगासा तैयार कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

    रायगढ़ पुलिस द्वारा जिले के होटल, लॉज एवं गेस्ट हाउसों की नियमित जांच की जा रही है। यह अभियान सुरक्षा मानकों के पालन, आगंतुकों का सत्यापन तथा अनैतिक एवं अवैध गतिविधियों की रोकथाम के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन अथवा पुलिस कार्यवाही में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • ‘माड़ मैत्री फुटबॉल प्रतियोगिता-2026’ का शानदार आगाज़: 70 से अधिक टीमों और 800 खिलाड़ियों के साथ नारायणपुर में खेलों के जरिए युवाओं को मिल रहा नई दिशा का मंच, पुलिस और जनता के बीच बढ़ रहा विश्वास

    ‘माड़ मैत्री फुटबॉल प्रतियोगिता-2026’ का शानदार आगाज़: 70 से अधिक टीमों और 800 खिलाड़ियों के साथ नारायणपुर में खेलों के जरिए युवाओं को मिल रहा नई दिशा का मंच, पुलिस और जनता के बीच बढ़ रहा विश्वास

    माड़ मैत्री फुटबॉल प्रतियोगिता का हुआ भव्य शुभारंभ

    70 से अधिक टीमों ने कराया पंजीयन, 800 से अधिक खिलाड़ी दिखाएंगे अपनी खेल प्रतिभा

    जिले के चारों जोनों में खेले गए उद्घाटन मुकाबले, पालकी, भिरागांव, कुतुल ‘ए’ एवं उमरगांव ने दर्ज की जीत

    नारायणपुर : पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से) के मार्गदर्शन में संचालित “माड़ मैत्री” अभियान के अंतर्गत युवाओं को खेलों के माध्यम से सकारात्मक दिशा प्रदान करने, उनकी प्रतिभा को मंच उपलब्ध कराने तथा पुलिस एवं आमजन के मध्य विश्वास एवं सहभागिता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज जिले के चारों जोन नारायणपुर, बेनूर, छोटेडोंगर एवं कुतुल में माड़ मैत्री फुटबॉल प्रतियोगिता का उत्साहपूर्वक शुभारंभ किया गया।

    इस आयोजित प्रतियोगिता में जिलेभर से 70 से अधिक टीमों ने अपना पंजीयन कराया है, जिनमें 800 से अधिक खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

    प्रतियोगिता का आयोजन चारों जोनों में किया जा रहा है। प्रत्येक जोन की शीर्ष 4 टीमें जिला मुख्यालय में आयोजित “राउंड ऑफ-16” में प्रवेश करेंगी। इसके उपरांत सभी मुकाबले नॉकआउट प्रारूप में खेले जाएंगे, जहाँ प्रत्येक मैच विजेता टीम को अगले चरण में पहुँचाएगा। अंततः उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीम को “माड़ मैत्री फुटबॉल प्रतियोगिता-2026” का विजेता घोषित किया जाएगा।

    प्रतियोगिता के उद्घाटन दिवस पर चारों जोनों में रोमांचक मुकाबले खेले गए।

    नारायणपुर जोन में उद्घाटन मुकाबला पालकी एवं परिसर की टीमों के मध्य खेला गया। दोनों टीमों ने उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय दिया। संघर्षपूर्ण मुकाबले में पालकी की टीम ने 1-0 से जीत दर्ज कर अगले चरण में प्रवेश किया।

    बेनूर जोन में दिनभर कुल तीन मुकाबले आयोजित किए गए। पहले मैच में भिरागांव ने बेनूर को 2-0 से पराजित किया। दूसरे मुकाबले में शिरपुर ने कोरंडा को 1-0 से हराया। वहीं तीसरे मुकाबले में भाटपाल ने पुषपाल को 1-0 से पराजित कर अगले दौर में अपना स्थान सुनिश्चित किया।

    छोटेडोंगर जोन में उमरगांव एवं पीएमटी ओरछा के मध्य खेले गए रोमांचक मुकाबले में उमरगांव की टीम ने 2-1 से विजय प्राप्त कर अगले चरण में प्रवेश किया।

    इसी प्रकार कुतुल जोन में उद्घाटन मुकाबला कुतुल ‘ए’ एवं कुतुल ‘बी’ के मध्य खेला गया, जिसमें कुतुल ‘ए’ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5-0 के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।

    माड़ मैत्री फुटबॉल प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना, उनकी खेल प्रतिभा को निखारना तथा उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास करना है। प्रतियोगिता के आगामी चरणों में जिले के सभी जोनों में निर्धारित कार्यक्रमानुसार अन्य मुकाबले भी आयोजित किए जाएंगे।

    माड़ मैत्री अभियान के अंतर्गत नारायणपुर पुलिस द्वारा समय-समय पर खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक एवं जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के साथ-साथ पुलिस एवं आमजन के मध्य विश्वास, सहयोग एवं सहभागिता को और अधिक मजबूत बनाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।

    “खेलेंगे साथ – बढ़ेगा विश्वास, बनेगा मजबूत समाज।”

  • नारायणपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी: संयुक्त सर्चिंग अभियान में 15 किलो प्रेशर कुकर IED, रॉकेट लॉन्चर और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद

    नारायणपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी: संयुक्त सर्चिंग अभियान में 15 किलो प्रेशर कुकर IED, रॉकेट लॉन्चर और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद

    नारायणपुर पुलिस एवं 53वीं वाहिनी आईटीबीपी की संयुक्त कार्रवाई

    सर्चिंग अभियान के दौरान 15 किलोग्राम प्रेशर कुकर आईईडी सहित भारी मात्रा में देशी हथियार एवं विस्फोटक सामग्री बरामद

    नारायणपुर : नक्सलमुक्त घोषित क्षेत्रों में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने तथा नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से नारायणपुर पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सघन सर्चिंग, एरिया डॉमिनेशन एवं नक्सल विरोधी अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में संचालित संयुक्त अभियान के दौरान नारायणपुर पुलिस एवं 53वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की संयुक्त टीम ने जंगल क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया एक डम्प बरामद किया, जिसमें 15 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी सहित भारी मात्रा में देशी हथियार एवं विस्फोटक सामग्री मिली।

    विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक श्री रोबिनसन गुड़िया एवं 53वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट श्री संजय कुमार के मार्गदर्शन तथा द्वितीय कमान श्री संजय भारद्वाज के पर्यवेक्षण में दिनांक 07 जुलाई 2026 को अड़िंगपार कैंप से ग्राम एडसमेटा एवं आसपास के जंगल क्षेत्र में संयुक्त एरिया डॉमिनेशन एवं सर्च अभियान संचालित किया गया।

    अभियान का नेतृत्व सहायक कमांडेंट श्री आजाद सिंह द्वारा किया गया। संयुक्त टीम में आईटीबीपी के 34 जवान, नारायणपुर पुलिस का 01 प्रतिनिधि एवं 05 सदस्यीय बम निरोधक दस्ता शामिल था।

    सर्चिंग के दौरान जंगल क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री एवं हथियार बरामद किए गए। मौके पर मिले 15 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी को बम निरोधक दस्ते द्वारा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए नियंत्रित विस्फोट के माध्यम से सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया गया।

    बरामद सामग्री :

    * 15 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी (मौके पर सुरक्षित निष्क्रिय)

    * स्थानीय स्तर पर निर्मित रॉकेट लॉन्चर – 01 नग

    * देशी 51 मिमी मोर्टार राउंड – 16 नग

    * देशी 84 मिमी रॉकेट लॉन्चर राउंड – 05 नग

    * देशी 40×46 मिमी बैरल ग्रेनेड लॉन्चर राउंड – 10 नग

    * .303 राइफल के कारतूस – 08 नग

    * सामरिक पाउच – 04 नग

    अभियान के उपरांत संयुक्त दल सुरक्षित रूप से अड़िंगपार कैंप वापस लौट आया। क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान एवं सघन सर्चिंग लगातार जारी है।

  • सिद्धखोल जलप्रपात बना ग्रामीणों की समृद्धि का नया केंद्र: ईको-टूरिज्म मॉडल से स्थानीय युवाओं को मिला रोजगार, प्लास्टिक मुक्त पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल

    सिद्धखोल जलप्रपात बना ग्रामीणों की समृद्धि का नया केंद्र: ईको-टूरिज्म मॉडल से स्थानीय युवाओं को मिला रोजगार, प्लास्टिक मुक्त पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल

    सिद्धखोल जलप्रपात में ईको-टूरिज्म प्रबंधन से संवर रही स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका

    बलौदाबाजार : जिले का प्रसिद्ध सिद्धखोल जलप्रपात इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। वन विभाग के मार्गदर्शन में स्थानीय संयुक्त वन प्रबंधन समिति कुकरीकोना द्वारा यहां संचालित किए जा रहे ईको-टूरिज्म प्रबंधन ने न केवल वनों और पर्यावरण के संरक्षण की एक नई मिसाल पेश की है, बल्कि स्थानीय आदिवासी व ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका का एक सशक्त माध्यम भी बनकर उभरा है।

    स्थानीय समिति के युवाओं को मिल रहा रोजगार-

    कुकरीकोना समिति द्वारा स्थानीय ग्रामीण युवाओं को जोड़कर एक ‘पर्यटन समूह’ का गठन किया गया है। ये प्रशिक्षित युवा जलप्रपात क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों का मार्गदर्शन करते हैं तथा मानसून के दौरान जलप्रपात के समीप चिन्हित संवेदनशील एवं खतरनाक स्थलों पर मुस्तैद रहकर सैलानियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए समिति के काउंटर पर प्राथमिक चिकित्सा किट की भी पुख्ता व्यवस्था की गई है।

    प्लास्टिक मुक्त’ और ईको-फ्रेंडली पर्यटन प्रतिमान-

    सिद्धखोल के संवेदनशील वनक्षेत्र को पूरी तरह स्वच्छ और प्लास्टिक-मुक्त बनाए रखने के लिए कुकरीकोना समिति द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। प्रवेश द्वार पर पानी की प्लास्टिक बोतलों के लिए ₹50 का रिफंडेबल चार्ज लिया जाएगा, जिसे पर्यटकों द्वारा बोतल सुरक्षित वापस लाने पर तुरंत लौटा दिया जाएगा। पूरे परिसर में स्थानीय बांस से बने कूड़ेदान स्थापित करने का निर्णय लिया गया हैं। साथ ही, समिति की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा पर्यटकों को रियायती दरों पर जूट,कपड़े के थैले और दोना-पत्तल उपलब्ध कराए जाएँगे ।प्रत्येक सोमवार को वन अमले और समिति के सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से पूरे पर्यटन मार्ग में “स्वच्छता श्रमदान” चलाकर संपूर्ण कचरे का सुरक्षित निपटान किया जाएगा।

    पर्यटकों की सुविधा हेतु शुल्क प्रणाली का सरलीकरण- समिति द्वारा पर्यटकों को सुगम और किफायती अनुभव देने के लिए प्रवेश शुल्क प्रणाली में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। पूर्व में ली जाने वाली ₹20 (दोपहिया) एवं ₹30 (चार पहिया) वाहन-आधारित पृथक पार्किंग फीस को पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है। अब इसके स्थान पर केवल ₹10 प्रति व्यक्ति का एकल प्रवेश शुल्क लागू किया गया है।

     आजीविका संवर्धन और स्थानीय रोजगार-

    ईको-टूरिज्म के इस सफल मॉडल से कुकरीकोना गाँव के दर्जनों परिवारों को सीधे तौर पर रोजगार मिला है। इको पर्यटन से समिति के लाभांश और ग्रामीणों की दैनिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे ग्रामीणों का वनों के प्रति जुड़ाव और बढ़ा है।

  • भोरमदेव शक्कर कारखाना से जुड़े 4,691 किसानों का वर्षों का इंतजार खत्म: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वितरित किए शेयर प्रमाण पत्र, अंशधारी सदस्यता से बढ़ेगी किसानों की भागीदारी, आय और सहकारिता की ताकत

    भोरमदेव शक्कर कारखाना से जुड़े 4,691 किसानों का वर्षों का इंतजार खत्म: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वितरित किए शेयर प्रमाण पत्र, अंशधारी सदस्यता से बढ़ेगी किसानों की भागीदारी, आय और सहकारिता की ताकत

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किसानों को वितरित किए शेयर प्रमाण पत्र

    अंशधारी सदस्यता से किसानों की भागीदारी होगी और मजबूत : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

    भोरमदेव शक्कर कारखाना में 4 हजार 691 किसानों को मिला अंशधारी सदस्यता का अधिकार

    भोरमदेव शक्कर कारखाना से जुड़ी किसानों की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी

     रायपुर : भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना से जुड़े 4 हजार 691 गन्ना उत्पादक किसानों के लिए रविवार ऐतिहासिक दिन बन गया। वर्षों से अंशधारी सदस्य बनने की प्रतीक्षा कर रहे इन किसानों को नवीन अंशधारी सदस्य बनाते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शेयर प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कवर्धा के पीजी कॉलेज डोम में आयोजित कृषक संगोष्ठी एवं प्रमाण पत्र वितरण समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किसानों को प्रमाण पत्र सौंपते हुए कहा कि यह पहल किसानों को सहकारिता की मजबूत भागीदारी से जोड़ते हुए उनकी आय बढ़ाने और क्षेत्र में गन्ना उत्पादन को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना में गन्ना बेचने वाले ऐसे 4 हजार 691 किसानों को आज शेयर प्रमाण पत्र दिए गए, जो अब तक अंशधारी सदस्य नहीं थे। उन्होंने कहा कि इन किसानों ने बिना शेयरधारक बने भी फैक्ट्री को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसी योगदान को सम्मान देते हुए उन्हें आज कारखाना का अंशधारी सदस्य बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले पेराई सत्र में फैक्ट्री में 2 लाख 55 हजार 818 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हुई थी। वर्तमान में फैक्ट्री के लगभग 23 हजार शेयरधारक हैं। वहीं, 4,691 गैर-अंशधारी किसानों ने भी गन्ना विक्रय किया था। इन्हीं किसानों को अब शेयर प्रमाण पत्र देकर कारखाना की सदस्यता प्रदान की गई है।

     उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैक्ट्री किसानों की अपनी फैक्ट्री है और इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी किसानों की है। उन्होंने कहा कि यदि किसान संकल्प लेकर इस वर्ष साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आपूर्ति करेंगे, तो फैक्ट्री और मजबूत होगी। इससे किसानों को एफआरपी का समय पर भुगतान, बेहतर रिकवरी और भविष्य में अधिक लाभांश मिलने की संभावना भी बढ़ेगी। उन्होंने गन्ना बोनस बढ़ाने के लिए भी सकारात्मक प्रयास किए जाने की बात कही।

     उप मुख्यमंत्री ने किसानों से अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन करने, नए किसानों को अनुबंध के लिए प्रेरित करने और फैक्ट्री को मजबूत बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नवीन अंशधारी सदस्य बनने से किसानों को अब भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना में नियमित रूप से गन्ना विक्रय करने के साथ-साथ अंशधारी सदस्यों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिल सकेगा। वहीं, कारखाना को भी गन्ना पेराई के लक्ष्य की पूर्ति के लिए पर्याप्त गन्ना उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी, जिससे भविष्य में उत्पादन क्षमता और संचालन को और मजबूती मिलेगी।

     प्राकृतिक खेती पर जोर देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती के तीन प्रमुख स्वरूप रासायनिक, जैविक और प्राकृतिक खेती हैं। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती में रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता नहीं होती और छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में इसके सफल प्रयोग हो रहे हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया ताकि उनके उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकें।

     श्री शर्मा ने बताया कि जैविक उत्पादों के निर्यात के लिए आवश्यक एनपीओपी प्रमाणन की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 17, 18 और 19 जुलाई को कवर्धा विधायक कार्यालय में विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि कबीरधाम के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

     क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों द्वारा लंबे समय से नए अंशधारी सदस्य बनाए जाने की मांग की जा रही थी। इस मांग को ध्यान में रखते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कारखाना प्रबंधन को योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन, कारखाना प्रबंधन, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों तथा जिले के दोनों किसान संघों के प्रतिनिधियों ने मिलकर कार्ययोजना तैयार की। इसी योजना के तहत पेराई सत्र 2025-26 में गैर-अंशधारी किसानों से भी गन्ने की खरीदी की गई और उन्हें नवीन अंशधारी सदस्य बनाने का निर्णय लिया गया।

     कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी सहित कारखाने के प्रबंध संचालक श्री जी.एस. शर्मा, महाप्रबंधक श्री अंकित मरकाम, किसान संघों के प्रतिनिधिगण, कारखाना के अंशधारी सदस्य, कृषकगण अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

  • उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल रंग लाई: सहसपुर लोहारा के विशेष राजस्व शिविर में 96 में से 85 मामलों का मौके पर हुआ समाधान, जुलाई-अगस्त में 4 और शिविरों से हजारों लोगों को मिलेगी राहत

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल रंग लाई: सहसपुर लोहारा के विशेष राजस्व शिविर में 96 में से 85 मामलों का मौके पर हुआ समाधान, जुलाई-अगस्त में 4 और शिविरों से हजारों लोगों को मिलेगी राहत

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर सहसपुर लोहारा में लगा विशेष राजस्व शिविर, जुलाई और अगस्त में लगाए जाएंगे 4 और शिविर

    रायपुर : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा तहसील में विशेष राजस्व समस्या निवारण शिविरों की श्रृंखला का शुभारंभ शनिवार को मंगल भवन, सहसपुर लोहारा में हुआ। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित पहले शिविर में राजस्व संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण के लिए आमजन से आवेदन प्राप्त कर उनका मौके पर समाधान किया गया।

     जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर आयोजित इन विशेष शिविरों का उद्देश्य राजस्व संबंधी समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि सहसपुर लोहारा तहसील मुख्यालय में जुलाई और अगस्त माह के दौरान कुल पांच विशेष राजस्व शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो सके।

     जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी ने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, अभिलेख शुद्धता, त्रुटि सुधार तथा अन्य राजस्व संबंधी प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया को सरल, तेज और प्रभावी बनाया जा रहा है। साथ ही आवेदकों को आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा सके।

     कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त ऐसे सभी प्रकरण, जिनका तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जाए। जिन मामलों में न्यायालयीन प्रक्रिया आवश्यक है, उनमें भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए आवेदकों को पूरी प्रक्रिया की जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाए।

     शिविर के दौरान सिंघनपुरी निवासी श्री रामकुमार तथा पिरचाटोला निवासी श्री खेमसिंह को मौके पर ही ऋण पुस्तिका प्रदान की गई। शिविर में जाति प्रमाण पत्र, अभिलेख सुधार, फौती नामांतरण, जन्म प्रमाण पत्र, ऋण पुस्तिका, भू-अधिकार पट्टा, बिक्री नकल, राशन कार्ड तथा बिजली कनेक्शन सहित विभिन्न विषयों से संबंधित कुल 96 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 85 प्रकरणों का शिविर में ही निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष 11 प्रकरणों में न्यायालयीन प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

     कार्यक्रम में श्री सौरभ श्रीवास्तव, श्री दानी मिश्रा, श्री रेखचंद पटेल, श्री भागवत साहू, श्री शिवचरण पटेल, अपर कलेक्टर श्री नरेंद्र पैंकरा, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री विकास चौधरी, एसडीएम श्रीमती शिल्पा देवांगन, तहसीलदार श्री विवेक गोहिया सहित नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।

    चार और विशेष शिविर होंगे आयोजित

     अपर कलेक्टर श्री नरेंद्र पैंकरा ने बताया कि सहसपुर लोहारा तहसील में 21 जुलाई, 1 अगस्त, 11 अगस्त और 21 अगस्त को चार और विशेष राजस्व समस्या निवारण शिविर, मंगल भवन सहसपुर लोहारा में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में अविवादित एवं विवादित नामांतरण-बंटवारा, सीमांकन, ऋण पुस्तिका वितरण, नक्शा अद्यतन एवं बटांकन, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, डिजिटल हस्ताक्षर, आधार एवं मोबाइल नंबर अद्यतन, अभिलेख शुद्धता, त्रुटि सुधार, व्यपवर्तन, स्वामित्व योजना सहित सभी प्रकार के राजस्व प्रकरणों के आवेदन प्राप्त कर उनका निराकरण किया जाएगा।

  • संवेदनशील पहल: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 30 जरूरतमंदों और सामाजिक संस्थाओं को ₹13.05 लाख की सहायता राशि सौंपी, शिक्षा, इलाज और सामाजिक कार्यों को मिला बड़ा सहारा

    संवेदनशील पहल: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 30 जरूरतमंदों और सामाजिक संस्थाओं को ₹13.05 लाख की सहायता राशि सौंपी, शिक्षा, इलाज और सामाजिक कार्यों को मिला बड़ा सहारा

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 30 जरूरत मंद व्यक्तियों एवं संस्थाओं को 13 लाख 5 हजार रूपए की सहायता राशि के चेक का किया वितरण

    राजनांदगांव : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव प्रवास के दौरान स्पीकर हाऊस में 30 जरूरत मंद व्यक्तियों एवं संस्थाओं को 13 लाख 5 हजार रूपए की सहायता राशि केे चेक का वितरण किया। जिसके अंतर्गत वार्ड नंबर 5 मोतीपुर निवासी चंचल निर्मलकर को उच्च शिक्षा अध्ययन के लिए 25 हजार रूपए, वार्ड नंबर 32 तेलीपारा निवासी मोहम्मद शमिम बदगुजर को मुस्लिम सामुहिक विवाह कार्यक्रम के लिए 1 लाख रूपए, वार्ड नंबर 39 कौरिनभांठा निवासी गोविंद चिन्दा को बुढ़ा देव मूर्ति स्थापना के लिए 1 लाख रूपए, वार्ड नंबर 42 बसंतपुर निवासी अजू राम साहू को ब्रेन हेमरेज के उपचार के लिए 1 लाख रूपए, ग्राम सोमनी निवासी सरोज निषाद, ईश्वर दास व पन्ना लाल को आकाशी बिजली से उनके आश्रित की मृत्यु होने पर 50-50 हजार रूपए वार्ड नंबर 31 जनता कॉलोनी निवासी सागर सोनी को ब्रेन स्ट्रोक के उपचार के लिए 50 हजार रूपए, वार्ड नंबर 31 लखोनी निवासी चुरामन मंडावी को इलाज के लिए 50 हजार रूपए, ग्राम भंवरमरा निवासी मनसूख दास साहू को कैंसर के इलाज के लिए 50 हजार रूपए, ग्राम देवादा निवासी जितेश्वर प्रसाद को दुर्घटना ऑपरेशन के लिए 50 हजार रूपए, वार्ड नंबर 35 चौखडिय़ा पारा निवासी डॉली साहू को जेनेटिक बीमारी के इलाज के लिए 50 हजार रूपए, वार्ड नंबर 38 बसंतपुर निवासी शोभा देवांगन को कैंसर के इलाज के लिए 50 हजार रूपए, वार्ड नंबर 50 सिंगदई मोहारा निवासी टीकम प्रजापति को कैसर के इलाज के लिए 50 हजार रूपए, वार्ड नंबर 51 हरदी निवासी खेमलाल को हैदराबाद में ऑख का आपरेशन के लिए 50 हजार रूपए, ग्राम बरगा निवासी तीरख कुमार को सड़क दुर्घटना में उपचार के लिए 50 हजार रूपए, राजनांदगांव निवासी जम्मन देवांगन को हनुमान जन्मोत्सव के लिए 50 हजार रूपए, ग्राम धामनसरा के नव स्टार फैंन नवयुवक मंडल धामनसरा को बर्तन के लिए 40 हजार रूपए, वार्ड नंबर 22 सहदेव नगर निवासी संगीता वैष्णव को पुत्र की मृत्यु होने पर 25 हजार रूपए, बसंतपुर निवासी झम्मन साहू को आगजनी से हानि होने पर 30 हजार रूपए, वार्ड नंबर 22 सहदेव नगर के श्री सेवा समिति सहदेव नगर राजनांदगांव को वाद्ययंत्र के लिए 30 हजार रूपए, ग्राम गठुला निवासी कुन्दन साहू को क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए 25 हजार रूपए, ग्राम जंगलपुर निवासी रोशन साहू को पति की मृत्यु होन पर बच्चों की शिक्षा के लिए 20 हजार रूपए, वार्ड नंबर 42 बसंतपुर निवासी राम कुमार निर्मलकर को हृदय रोग की उपचार के लिए 20 हजार रूपए, ग्राम बाटगांव निवासी चंदू लाल शाह को सड़क दुर्घटना में आश्रित की मृत्यु होने पर 20 हजार रूपए, राहुल नगर निवासी ममता कोलहाटाकार को हृदय रोग के उपचार के लिए 20 हजार रूपए, गया नगर दुर्ग निवासी संतोष यादव को पति के टीबी के इलाज के लिए 30 हजार रूपए, ग्राम इंद्रावानी निवासी गौरी टांडेकर को नौ माह के बच्चे का मल द्वार ऑपरेशन के लिए 30 हजार रूपए, ग्राम खुटेरी निवासी झम्मनलाल यादव को प्लेट लेट के उपचार के लिए 20 हजार रूपए, ग्राम भंवरमरा निवासी हेमचंद पटेल को दुर्घटना के उपचार के लिए 25 हजार रूपए सहायता राशि केे चेक का वितरण किया।

  • ₹20.01 करोड़ के विकास कार्यों से बदलेगी राजनांदगांव की तस्वीर: डॉ. रमन सिंह ने मंडी से ग्राम पंचायतों तक विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभ, किसानों से आधुनिक और विविधीकृत खेती अपनाने की अपील

    ₹20.01 करोड़ के विकास कार्यों से बदलेगी राजनांदगांव की तस्वीर: डॉ. रमन सिंह ने मंडी से ग्राम पंचायतों तक विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभ, किसानों से आधुनिक और विविधीकृत खेती अपनाने की अपील

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 20.01 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण

    – आदर्श कृषि उपज मंडी राजनांदगांव प्रदेश की प्रमुख मंडियों में से एक : विधानसभा अध्यक्ष

    – आदर्श कृषि उपज मंडी में किसानों और व्यापारियों की सुविधा के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध

    – विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा

    – फसल विविधीकरण को अपनाएं किसान

    राजनांदगांव : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज आदर्श कृषि उपज मंडी प्रांगण राजनांदगांव में 20 करोड़ 1 लाख 67 हजार रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर कृषि विकास एवं किसान कल्याण, आदिम जाति विकास, जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम तथा सांसद श्री संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में आदर्श कृषि उपज मंडी समिति राजनांदगांव की मंडी निधि से 2 करोड़ 39 लाख 17 हजार रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। वहीं राजनांदगांव विकासखंड की ग्राम पंचायतों में विभिन्न मदों से स्वीकृत 16 करोड़ 32 लाख 98 हजार रूपए की लागत के 181 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 9 ग्राम पंचायतों में 1 करोड़ 29 लाख 52 हजार रूपए की लागत से निर्मित 18 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मंत्री श्री रामविचार नेताम ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से 13 क्लस्टर की 51 ग्राम पंचायतों के सरपंचों से संवाद कर विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम में धान की जगह अन्य फसल लेने वाले किसानों को अरहर और सोयाबीन बीज वितरण किया गया। अंत्योदय स्वरोजगार योजना अंतर्गत मिनीमाता महिला स्वसहायता समूह पेण्ड्री को व्यवसाय संचालित करने के लिए 1 लाख 10 हजार रूपए का चेक वितरण किया गया।

           विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मंडी निधि का उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना के विकास में अधिक से अधिक किया जाना चाहिए, ताकि गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो और ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आदर्श कृषि उपज मंडी राजनांदगांव प्रदेश की प्रमुख मंडियों में से एक है, जहां किसानों और व्यापारियों की सुविधा के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। यहां मॉल, सिनेमा, विश्राम गृह, बैंक, पोस्ट ऑफिस, धर्मकांटा, अनाज एवं सब्जी मंडी जैसी अनेक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हैं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव के किसान फसल विविधीकरण की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। धान के साथ-साथ मक्का एवं सोयाबीन जैसी कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने से किसानों की आय बढ़ेगी और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन, सीसी रोड, सार्वजनिक भवन, खेल मैदान, बाउंड्री वॉल सहित अन्य निर्माण कार्य ग्रामीणों की सुविधा के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य टिकाऊ एवं मानक अनुरूप होने चाहिए ताकि नागरिकों को लंबे समय तक उनका लाभ मिल सके।

           कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि को टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 20 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन जिले के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान खेती-किसानी और समृद्ध लोक संस्कृति से है, इसलिए इसे संरक्षित और अधिक समृद्ध बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने कहा। धान के साथ-साथ कम पानी और कम लागत वाली फसलों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। अत्यधिक धान उत्पादन के कारण भू-जल स्तर में गिरावट, जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव तथा रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता और पर्यावरण प्रभावित हो रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में किसानों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार धान के स्थान पर अन्य फसलें लेने वाले किसानों को 15 हजार रूपए प्रति एकड़ आदान सहायता प्रदान कर रही है, ताकि किसान फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित हों।

           मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों को खेती के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं उद्यानिकी जैसी कृषि आधारित गतिविधियों को भी अपनाना चाहिए, जिससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर किसानों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों को कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के उत्कृष्ट मॉडल के रूप में विकसित करने कहा। यहां आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती, डेयरी, मत्स्य पालन, उद्यानिकी तथा अन्य कृषि आधारित गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाए, ताकि किसान नई तकनीकों को देखकर उन्हें अपने खेतों में अपनाने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि किसानों की सहभागिता और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में कृषि और अधिक समृद्ध होगी तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि होगी।

           सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए लगातार लोकार्पण, भूमि पूजन व शिलान्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा विकसित भारत-जीरामजी (वीबी-जीरामजी) योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों का काम मिलेगा और ग्रामीण श्रमिकों को 300 रूपए की दर से भुगतान किया जाएगा। इस योजना के तहत ग्रामों में पौधरोपण, जल संरक्षण सहित अन्य कार्य किया जा सकता है। वीबी-जीरामजी योजना के तहत ग्राम के सरपंच, पंच, पटेल एवं ग्रामीण मिलकर गांव के विकास के लिए निर्णय ले सकेंगे। उन्होंने किसानों को ग्रीष्म काल में धान की खेती नहीं करने कहा। उन्होंने जल संरक्षण को बढ़ावा देने कहा। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने किसानों से देश के राजस्व को अन्य देशों में जाने से रोकने तथा देश को कृषि उत्पादन क्षेत्र में स्वावलंबी बनाने के लिए धान के साथ दलहन, तिलहन सहित अन्य फसल लेने कहा।

           जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि राज्य सरकार के नेतृत्व में राजनांदगांव जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और जनसामान्य को इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क, भवन एवं अन्य अधोसंरचनात्मक सुविधाओं के विकास के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। किसान, महिलाएं एवं ग्रामीण परिवार विभिन्न योजनाओं से सशक्त हो रहे हैं और ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों का समग्र विकास ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की मजबूत नींव है।

           सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल श्री नीलू शर्मा, जिला सहकारी केन्द्र बैंक मार्यादित के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, जनपद पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, श्री खूबचंद पारख, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री संतोष अग्रवाल, श्री रमेश पटेल, श्री सौरभ कोठारी, श्री राजेश श्यामकर, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, किसान उपस्थित थे। पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह ग्राम पंचायत कोपेडीह से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

  • सनातन संस्कृति के संरक्षण का सशक्त संदेश, श्रीमद्भागवत कथा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा— आध्यात्मिक विरासत, नैतिक मूल्य और धार्मिक आस्था ही विकसित समाज की वास्तविक पहचान

    सनातन संस्कृति के संरक्षण का सशक्त संदेश, श्रीमद्भागवत कथा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा— आध्यात्मिक विरासत, नैतिक मूल्य और धार्मिक आस्था ही विकसित समाज की वास्तविक पहचान

    श्रीमद्भागवत कथा समाज को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत हमारी सबसे बड़ी धरोहर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज द्वारा वाचन की जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया तथा श्रीमद्भागवत जी का विधि-विधान एवं भक्तिभाव के साथ आरती-वंदन किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने व्यास पीठ पर विराजमान कथा व्यास श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए आशीर्वाद ग्रहण किया। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत भगवद्नाम के महत्व पर आधारित प्रसंग का एकाग्र भाव से श्रवण किया तथा कहा कि आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में ऐसी धार्मिक कथाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। यह प्रभु श्री राम का ननिहाल तथा माता कौशल्या का मायका है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर व्यतीत किया, जिसके कारण राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान और अधिक गौरवशाली बनती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण माता शबरी की तपोभूमि है, जहां प्रभु श्रीराम और माता शबरी के दिव्य मिलन की स्मृतियां आज भी श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करती हैं। उन्होंने कहा कि राजिम स्थित पवित्र त्रिवेणी संगम पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला राजिम कुंभ देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इस भव्य आयोजन में देशभर से साधु-संतों, श्रद्धालुओं और धर्माचार्यों का आगमन होता है, जिससे छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक वैभव को नई पहचान मिलती है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए विभिन्न धार्मिक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालु भगवान श्रीरामलला के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के बुजुर्ग देश के विभिन्न प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों के संरक्षण, संवर्धन और समग्र विकास के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक समरसता, धार्मिक स्वतंत्रता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून में देश के विभिन्न राज्यों की तुलना में अधिक कठोर प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सख्त प्रावधानों से अवैध धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार द्वारा गौधाम योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत गौधामों में गौवंश के लिए चारा, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण है तथा राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों, सद्भाव, सेवा, करुणा और लोककल्याण की भावना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और मंगल की कामना करते हुए सभी से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीवलोचन महाराज, श्री पवन साय, श्री नंदन जैन, श्री योगेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित थे।