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  • ‘आप सबके सहयोग से बनाएंगे स्वर्णिम छत्तीसगढ़’—सीएसआर के जरिए पोषण, महिला सशक्तिकरण और बाल विकास कार्यक्रमों को मिलेगी नई रफ्तार

    ‘आप सबके सहयोग से बनाएंगे स्वर्णिम छत्तीसगढ़’—सीएसआर के जरिए पोषण, महिला सशक्तिकरण और बाल विकास कार्यक्रमों को मिलेगी नई रफ्तार

    सीएसआर साझेदारी से पोषण और बाल विकास कार्यक्रमों को मिलेगी नई गति

    महिला एवं बाल विकास विभाग ने उद्योगों के साथ बनाई दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति

    “आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे” – प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार

    आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, कुपोषण उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और नवाचार आधारित परियोजनाओं पर विस्तृत मंथन

    रायपुर : महिला एवं बाल विकास विभाग ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से राज्य में पोषण, बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी उद्देश्य से आज सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में विभाग और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।

    बैठक की अध्यक्षता करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने कहा कि महिलाओं और बच्चों का समग्र विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। शासन द्वारा संचालित योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में उद्योगों की सामाजिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीएसआर सहयोग के माध्यम से पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, महिला सशक्तिकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने उद्योगों से विभाग के साथ दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा, “आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे।”

    महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने कहा कि विभाग तीन प्रमुख आयामों—महिला सशक्तिकरण, बच्चों का संरक्षण तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण—पर निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सीएसआर सहयोग के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री, डिजिटल संसाधन, पोषण संवर्धन, स्वच्छ पेयजल, खेल सामग्री, स्वच्छता सुविधाएं तथा नवाचार आधारित गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है।

    बैठक में विभाग द्वारा तैयार की गई संभावित सीएसआर परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई। इसमें कुपोषण उन्मूलन, आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन, पोषण वाटिका एवं मुनगा पौधारोपण, प्रारंभिक बाल विकास गतिविधियां, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम तथा क्षमता निर्माण जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई।

    बैठक के दौरान उद्योगों के प्रतिनिधियों ने विभाग के प्रस्तावों में रुचि व्यक्त करते हुए विभिन्न योजनाओं में सहयोग की संभावनाओं पर अपने सुझाव साझा किए। यह निर्णय लिया गया कि विभाग और उद्योगों के बीच नियमित समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी तथा चरणबद्ध तरीके से सीएसआर परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा।

    बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सीएसआर सहयोग केवल अधोसंरचना विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, डिजिटल सशक्तिकरण, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देगा। विभाग इसके लिए उद्योगों के साथ नियमित संवाद, समन्वय एवं समीक्षा की प्रभावी व्यवस्था विकसित करेगा।

    उल्लेखनीय है कि सीएसआर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘पंखुड़ी’ पोर्टल विकसित किया गया है। वहीं राज्य शासन द्वारा ‘सर’ (State CSR) पोर्टल का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से विभागीय प्राथमिकताओं और सीएसआर परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

  • जशपुर प्रशासन का संवेदनशील फैसला, प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले 5 लोगों के परिजनों को 20 लाख रुपये की सहायता मंजूर

    जशपुर प्रशासन का संवेदनशील फैसला, प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले 5 लोगों के परिजनों को 20 लाख रुपये की सहायता मंजूर

    जशपुर : छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा एवं नैसर्गिक विपत्तियों से होने वाली जनहानि पर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी के तहत प्राकृतिक आपदाओं में हुई मृत्यु के 5 प्रकरणों में कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा कुल 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

     अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील मनोरा के ग्राम अंधला निवासी स्व. जोसेफ पिता स्व. अंधेरियस मिंज की 31 जुलाई 2025 को नाले के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पुत्र श्री सामृत मिंज को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील बागबहार के ग्राम मुड़ाबहला निवासी स्व. निखिल सिदार पिता श्री फतेराम की 19 नवंबर 2025 को तालाब (डबरी) के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता श्री फतेराम को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। तहसील पत्थलगांव के ग्राम पत्थलगांव निवासी स्व. राजवंती देवी साहू पति श्री बिन्देश्वरी साहू की 4 नवंबर 2025 को नदी के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका के निकटतम वैध वारिस उनके पति श्री बिन्देश्वरी साहू को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। तहसील कांसाबेल के ग्राम बटईकेला निवासी स्व. दुर्योधन राम पिता श्री तेजगर राम की 1 अक्टूबर 2025 को ढोढ़ी कुएं के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी श्रीमती दिलासो बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसी तरह तहसील कुनकुरी के ग्राम घटमुण्डा नवाटोली निवासी स्व. एलड्रिन एक्का पिता श्री प्रबोध एक्का की 21 दिसंबर 2024 को आग में जलने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता श्री प्रबोध एक्का को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

     उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदा एवं आकस्मिक जनहानि के प्रकरणों में प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के साथ पूर्ण की जा रही है।

  • 31 जुलाई से पहले कराएं फसल बीमा, जशपुर के किसानों के लिए कृषि विभाग की बड़ी अपील, प्राकृतिक आपदा में मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच

    31 जुलाई से पहले कराएं फसल बीमा, जशपुर के किसानों के लिए कृषि विभाग की बड़ी अपील, प्राकृतिक आपदा में मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ें किसान, 31 जुलाई तक अवश्य कराएं फसलों का बीमा

    जिले में 6050 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित, अऋणी किसानों को बीमा से जोड़ने गांव-गांव चलेगा अभियान

    जशपुर : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026-27 में जिले के अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा का सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए कृषि विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए 31 जुलाई 2026 तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा अनिवार्य रूप से करा लें, ताकि प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम से फसल को नुकसान होने की स्थिति में योजना के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके। खरीफ वर्ष 2026-27 में पात्र किसानों, विशेषकर अऋणी कृषकों को अधिक से अधिक संख्या में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में लाने के लिए ग्राम एवं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों के साथ ही बीटीएम, एटीएम एवं कृषक मित्रों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले के प्रत्येक मैदानी अधिकारी, बीटीएम, एटीएम एवं कृषक मित्र को 50-50 हेक्टेयर अऋणी किसानों को फसल बीमा से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचाना है, जो ऋणी नहीं हैं, लेकिन अपनी अधिसूचित फसलों को प्राकृतिक एवं मौसमी जोखिमों से सुरक्षित करने के लिए बीमा कराना चाहते हैं।

    जिले में 6050 हेक्टेयर क्षेत्र को बीमा से जोड़ने का लक्ष्य –

    कृषि विभाग द्वारा अऋणी किसानों को फसल बीमा से जोड़ने के लिए विकासखंडवार कुल 6050 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें मनोरा विकासखंड में 500 हेक्टेयर, जशपुर में 500 हेक्टेयर, दुलदुला में 550 हेक्टेयर, कुनकुरी में 600 हेक्टेयर, कांसाबेल में 900 हेक्टेयर, फरसाबहार में 900 हेक्टेयर, बगीचा में 1000 हेक्टेयर तथा पत्थलगांव विकासखंड में सर्वाधिक 1100 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग ने मैदानी अमले को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप किसानों से सतत संपर्क करने तथा उन्हें फसल बीमा के लाभ एवं प्रक्रिया की जानकारी देकर योजना से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

    अऋणी किसान इन दस्तावेजों के साथ करा सकते हैं बीमा –

    अधिसूचित फसल उगाने वाले ऐसे सभी अऋणी किसान, जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल होना चाहते हैं, वे अपना बुआई पुष्टि प्रमाण-पत्र संबंधित क्षेत्रीय पटवारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सत्यापित करा सकते हैं। इसके बाद भूमि विवरण, खाता संख्या, आधार कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर फसल बीमा कराया जा सकता है। किसान अपने संबंधित सहकारी समिति, बैंक, बीमा प्रदाता कंपनी अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से फसल बीमा की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

  • ‘अभियान संवेदना’ : शादी का झांसा, छः दिन तक नाबालिग का शारीरिक शोषण ! रायगढ़ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जेल.

    ‘अभियान संवेदना’ : शादी का झांसा, छः दिन तक नाबालिग का शारीरिक शोषण ! रायगढ़ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जेल.

    एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में संचालित “अभियान संवेदना” के तहत जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित शिकायतों पर पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना भूपदेवपुर पुलिस ने दुष्कर्म के गंभीर मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी को खोजकर गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

    जानकारी के अनुसार दिनांक 20 जुलाई 2026 को एक महिला अपनी पुत्री के साथ थाना भूपदेवपुर पहुंची और ग्राम जैमुड़ा निवासी शिव कुमार चौहान (20 वर्ष) के विरुद्ध बहला-फुसलाकर ले जाने एवं दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्टकर्ता ने बताया कि उसकी पुत्री 14 जुलाई 2026 को अपने रिश्तेदार के घर घरघोड़ा गई थी, जहां से वह लापता हो गई। परिवारजन उसकी तलाश कर रहे थे, तभी आरोपी ने स्वयं फोन कर बताया कि वह युवती को अपने साथ गांव ले आया है और उससे शादी करेगा।

    परिजनों द्वारा लगातार तलाश किए जाने पर आरोपी 19 जुलाई को युवती को उसके घर छोड़कर फरार हो गया। पीड़िता ने परिजनों को बताया कि आरोपी उसे ग्राम टेंडा नवापारा से मोटरसाइकिल में बैठाकर शादी का झांसा देकर अपने गांव जैमुड़ा ले गया, जहां अपने घर में 6-7 दिनों तक उसकी इच्छा के विरुद्ध लगातार शारीरिक संबंध बनाकर दुष्कर्म किया।

    प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए नव पदस्थ थाना प्रभारी भूपदेवपुर निरीक्षक रोशन कुमार कौशिक द्वारा महिला उप निरीक्षक संध्यारानी कोका ने पीड़िता का कथन दर्ज कर अपराध पंजीबद्ध किया। थाना प्रभारी निरीक्षक रोशन कुमार कौशिक ने तत्काल पुलिस टीम के साथ आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। आरोपी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

  • स्कूलों की व्यवस्थाओं पर कलेक्टर रोहित व्यास की सख्त नजर, महारानी लक्ष्मी बाई और आत्मानंद विद्यालय का किया निरीक्षण, मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव मांगे

    स्कूलों की व्यवस्थाओं पर कलेक्टर रोहित व्यास की सख्त नजर, महारानी लक्ष्मी बाई और आत्मानंद विद्यालय का किया निरीक्षण, मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव मांगे

    कलेक्टर रोहित व्यास ने महारानी लक्ष्मी बाई कन्या विद्यालय एवं स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम स्कूल का किया निरीक्षण

    आधारभूत सुविधाओं का लिया जायजा, मरम्मत एवं आवश्यक कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा

    जशपुर : जिले के स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण एवं सुचारू शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास स्वयं लगातार विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों का जायजा ले रहे हैं, ताकि आवश्यक सुधार सुनिश्चित हो और विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्बाध रूप से संचालित हो सके। इसी कड़ी में आज कलेक्टर ने जिला मुख्यालय स्थित महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तथा स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत भी उपस्थित रहे।

     महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्राचार्य श्री विजय सिन्हा एवं विद्यालय प्रबंधन से विद्यालय के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मंच, सभागार, दरवाजे, खिड़कियों सहित जिन स्थानों पर मरम्मत की आवश्यकता है, उनका प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित एवं व्यवस्थित ढंग से शिक्षण कार्य संचालित करने को कहा, ताकि छात्राएं यहां पर पढ़कर एक बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।

     कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने प्राचार्य श्रीमती आर. डुंगडुंग एवं विद्यालय प्रबंधन से शिक्षण व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के अलावा सभागार, शौचालयों सहित अन्य जगहों में जहां पर मरम्मत कार्यों की अवश्यकता है वहां का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिससे विद्यार्थियों के लिए अध्ययन एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन हेतु बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। निरीक्षण के दौरान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेन्द्र सिन्हा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना टोप्पो सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • ईवीएम स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पर कलेक्टर रोहित व्यास की पैनी नजर, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर दिए सख्त निर्देश

    ईवीएम स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पर कलेक्टर रोहित व्यास की पैनी नजर, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर दिए सख्त निर्देश

    जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने ईवीएम स्ट्रांग रूम परिसर की सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

    अनावश्यक सामानों का नियमानुसार हटाने एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने दिए निर्देश

    जशपुर : कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रोहित व्यास ने आज ईवीएम स्ट्रांग रूम परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वीवीपैट रूम, बैलट यूनिट रूम तथा कंट्रोल यूनिट रूम के बाहरी क्षेत्र का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने स्ट्रांग रूम परिसर एवं उसके आसपास नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

     उन्होंने परिसर में अनावश्यक रूप से रखे गए अनुपयोगी सामानों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण करने तथा परिसर को व्यवस्थित एवं स्वच्छ बनाए रखने हेतु निर्देशित किया। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की सतत निगरानी, परिसर की सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित निर्वाचन शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • नवापाली हत्याकांड में बड़ा फैसला : जमीन विवाद में युवक की हत्या का मिला इंसाफ, मजबूत पुलिस विवेचना और दमदार पैरवी से आरोपी को वैज्ञानिक साक्ष्यों के दम पर अदालत ने सुनाई उम्रकैद एवं अर्थदंड की सजा.

    नवापाली हत्याकांड में बड़ा फैसला : जमीन विवाद में युवक की हत्या का मिला इंसाफ, मजबूत पुलिस विवेचना और दमदार पैरवी से आरोपी को वैज्ञानिक साक्ष्यों के दम पर अदालत ने सुनाई उम्रकैद एवं अर्थदंड की सजा.

    जनवरी 2024 में थाना चक्रधरनगर क्षेत्र के ग्राम नवापाली में हुए चर्चित हत्या प्रकरण में रायगढ़ पुलिस की सशक्त विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश श्री अश्वनी कुमार चतुर्वेदी के न्यायालय ने 22 जुलाई 2026 को आरोपी हरिलाल खड़िया (30 वर्ष), निवासी मांझापारा, बड़े अतरमुड़ा, थाना चक्रधरनगर को हत्या का दोषी ठहराते हुए धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन सश्रम कारावास एवं नियमानुसार अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही माननीय न्यायालय ने छत्तीसगढ़ शासन की पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत मृतक के परिजनों को ₹1,00,000 की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान किए जाने की अनुशंसा भी की। हत्याकांड में अपर लोक अभियोजक श्री तन्मय बनर्जी की प्रभावी पैरवी और तत्कालीन थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर द्वारा की गई वैज्ञानिक, तथ्यपरक एवं साक्ष्य आधारित विवेचना एक बार फिर न्यायालय में खरी उतरी।

    प्रकरण के अनुसार 28 जनवरी 2024 को थाना प्रभारी चक्रधरनगर को सूचना मिली थी  कि ग्राम नवापाली मेन रोड पर जमीन समतलीकरण के दौरान अज्ञात व्यक्ति ने विशाल सिंह ठाकुर पर धारदार हथियार से सिर और गर्दन पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी है। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और प्रारंभिक कार्रवाई के बाद मर्ग कायम कर विवेचना प्रारंभ की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के आधार पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 63/2024 धारा 302 भादंवि के तहत अपराध दर्ज किया गया।

    विवेचना के दौरान घटना-स्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य एकत्र किए गए। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान में सामने आया कि मृतक जमीन में मिट्टी डालकर समतलीकरण एवं झाड़ियों की सफाई करा रहा था। इसी दौरान आरोपी हरिलाल खड़िया ने जमीन पाटने की बात को लेकर विवाद किया और अपने पास रखी कुल्हाड़ी से मृतक के सिर एवं गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी।

    घटना-स्थल से पुलिस ने मृतक की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, खून से सनी टोपी, चश्मा, चप्पल, रक्तरंजित एवं साधारण मिट्टी सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए। त्वरित पतासाजी के दौरान आरोपी की पहचान कर 29 जनवरी 2024 को उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी तथा घटना के समय पहने खून से सने कपड़ों के संबंध में जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार एवं अन्य साक्ष्य बरामद किए। जब्त सामग्री को रासायनिक परीक्षण हेतु एफएसएल भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट भी अभियोजन के समर्थन में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी।

  • जशपुर : 18.75 लाख की मोबाइल चोरी का सनसनीखेज खुलासा! बगीचा पुलिस ने चंद घंटों में दबोचे 4 आरोपी, 47 मोबाइल और बाइक बरामद

    जशपुर : 18.75 लाख की मोबाइल चोरी का सनसनीखेज खुलासा! बगीचा पुलिस ने चंद घंटों में दबोचे 4 आरोपी, 47 मोबाइल और बाइक बरामद

    बगीचा पुलिस ने लाखों रुपये की मोबाइल चोरी का किया सनसनीखेज खुलासा

    सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 4 आरोपी गिरफ्तार, जिसमें से तीन हैं विधि से संघर्षरत बालक,47 मोबाइल फोन, बाइक व नगदी बरामद

    एक फरार आरोपी की तलाश जारी, शेष चोरी गए मोबाइल बरामद करने के प्रयास जारी

    नाम गिरफ्तार आरोपी-

    जशपुर : दिनांक 21/07/2026 की रात्रि 09:00 बजे से 22/07/2026 की प्रातः 07:00 बजे के मध्य थाना बगीचा क्षेत्र के बस स्टैंड प्रतीक्षालय के पीछे स्थित कैपिटल मोबाइल शॉप का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों द्वारा दुकान में रखे नए एवं पुराने कुल 93 नग मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹18 लाख 75 हजार, चोरी कर लिए गए।

    प्रार्थी जैद अली पिता मोहम्मद इकराम अली, उम्र 28 वर्ष, निवासी सुकबासु पारा, बगीचा की लिखित शिकायत पर थाना बगीचा में अपराध क्रमांक 197/2026 अंतर्गत धारा 331(4), 305(A), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की गई।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना बगीचा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें अभिषेक प्रजापति पिता भास्कर प्रजापति, उम्र 19 वर्ष, निवासी डूमर टोली, बगीचा तथा 3 विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। मामले में एक अन्य आरोपी की पहचान कर ली गई है, जो वर्तमान में फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

    गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 47 मोबाइल फोन, जिनकी बाजार कीमत लगभग ₹10 लाख, चोरी की ₹600 नगद राशि तथा घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की यामाहा एमटी मोटरसाइकिल (कीमत लगभग ₹60 हजार) बरामद कर जप्त की गई है।

    विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है, जबकि बालिग आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में फरार आरोपी की गिरफ्तारी एवं शेष चोरी गए मोबाइल फोन की बरामदगी हेतु पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।

    कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक गौरव कुमार पांडे, सहायक उप निरीक्षक अनिल कुमार कामरे, सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र मिंज, प्रधान आरक्षक लक्ष्मण सिंह, आरक्षक मुकेश पांडे , फुलजेंस टोप्पो, धनेश्वर राम, राजेश कालो एवं नगर सैनिक बलिराम की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।

    डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि थाना बगीचा क्षेत्रांतर्गत एक दुकान से मोबाइल चोरी के मामले में पुलिस के द्वारा अत्यंत प्रोफेशनल तरीके से कार्यवाही करते हुए, चंद घंटों में चार आरोपियों , जिसमें से तीन विधि से संघर्षरत बालक हैं, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड व बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है, एक फरार आरोपी की पता साजी जारी है, जिसे भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।

  • हैवान पिता को उम्रकैद: 13 वर्षीय बेटी से वर्षों तक दुष्कर्म के दोषी को पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास, जशपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मिला न्याय

    हैवान पिता को उम्रकैद: 13 वर्षीय बेटी से वर्षों तक दुष्कर्म के दोषी को पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास, जशपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मिला न्याय

    अपनी ही नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म करने वाले आरोपी पिता को आजीवन कारावास

    थाना कांसाबेल पुलिस की त्वरित विवेचना एवं प्रभावी अभियोजन से एक माह के भीतर मिला न्याय

    निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार की कुशल विवेचना एवं विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार तिर्की की सशक्त पैरवी से आरोपी को मिली आजीवन कारावास की सजा

    माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.), विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जशपुर श्री जनार्दन खरे ने सुनाया फैसला

    नाम आरोपी-कलेश्वर विश्वकर्मा उम्र 42 वर्ष

    जशपुर : थाना कांसाबेल में दर्ज एक अत्यंत संवेदनशील पॉक्सो प्रकरण में जशपुर पुलिस की त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.), विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जशपुर श्री जनार्दन खरे ने आरोपी कलेश्वर राम विश्वकर्मा (42 वर्ष) को अपनी ही 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

    प्रकरण में दिनांक 02 मई 2026 को पीड़िता की माता द्वारा थाना कांसाबेल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसका पति अपनी नाबालिग पुत्री के साथ पिछले तीन वर्षों से लगातार दुष्कर्म कर रहा था। रिपोर्ट पर थाना कांसाबेल में अपराध क्रमांक 75/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2), 296, 351(2), 115(2) एवं पॉक्सो अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में थाना कांसाबेल पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की, चिकित्सीय परीक्षण, न्यायालयीन कथन एवं अन्य सभी वैधानिक कार्यवाहियां पूर्ण कर दिनांक 2 मई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए। आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र (चालान ) न्यायालय दिनांक 17 जून 2026 को पेश किया गया ।

    जशपुर पुलिस ने इस गंभीर प्रकरण की विवेचना अत्यंत गंभीरता एवं पेशेवर दक्षता के साथ करते हुए मात्र एक माह के भीतर जांच पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके फलस्वरूप प्रकरण का शीघ्र परीक्षण हुआ तथा अभियोजन पक्ष द्वारा 20 गवाहों के साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। पुलिस द्वारा संकलित ठोस साक्ष्यों एवं प्रभावी अभियोजन के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

    प्रकरण की विवेचना थाना प्रभारी कांसाबेल निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार द्वारा अत्यंत कुशलता एवं संवेदनशीलता के साथ की गई। वहीं न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार तिर्की ने प्रभावी एवं सशक्त पैरवी कर आरोपी को कठोर दंड दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति जशपुर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, समयबद्ध विवेचना, प्रभावी अभियोजन तथा दोषियों को कठोरतम दंड दिलाना जशपुर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समाज में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जशपुर पुलिस निरंतर प्रतिबद्ध एवं सजग है।

  • छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के विस्तार पर मंथन, राज्यपाल रमेन डेका से निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने की महत्वपूर्ण मुलाकात

    छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के विस्तार पर मंथन, राज्यपाल रमेन डेका से निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने की महत्वपूर्ण मुलाकात

    राज्यपाल श्री डेका से निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने की भेंट

    रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राज्य के निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित प्रावधानों पर राज्यपाल से विचार-विमर्श किया। श्री डेका ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार के सबंद्ध में अपने विचार साझा किए।

    इस अवसर पर मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई दुर्ग के कुलाधिपति श्री आईपी मिश्रा, भारती विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलाधिपति श्री सुशील चंद्राकर, कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति डॉ. संदीप अरोड़ा, आईएसबीएम विश्वविद्यालय, गरियाबंद और रायपुर के कुलपति डॉ. आनंद महलवार, अंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति श्री अभिषेक अग्रवाल, दावड़ा विश्वविद्यालय रायपुर के सीईओ श्री चिन्मय दावड़ा, कोलंबिया विश्वविद्यालय रायपुर के प्रो. कुलाधिपति श्री हरजीत सिंह हूरा उपस्थित थे।