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  • तेज आवाज में डीजे बजाना पड़ा महंगा: देर रात मेटाडोर में साउंड सिस्टम लगाकर डीजे बजा रहे संचालक पर कोतवाली पुलिस की कार्रवाई, वाहन और डीजे सिस्टम जब्त

    तेज आवाज में डीजे बजाना पड़ा महंगा: देर रात मेटाडोर में साउंड सिस्टम लगाकर डीजे बजा रहे संचालक पर कोतवाली पुलिस की कार्रवाई, वाहन और डीजे सिस्टम जब्त

    देर रात्रि मेटाडोर में साउंड सिस्टम माउंट कर अत्यधिक आवाज में बजा रहा था DJ

    DJ सिस्टम और मेटाडोर को जप्त कर कोलाहल अधिनियम के तहत किया गया कार्यवाही

    1- नाम आरोपी – ज्योतिष कश्यप पिता बैसाखु कश्यप उम्र 30 वर्ष निवासी बाल्को कोरबा

    जिले के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय (भापुसे) के द्वारा DJ संचालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के दिए गए निर्देश

    जांजगीर-चांपा : जिले के पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय (भापुसे ) के द्वारा पूर्व में थाना प्रभारी की मीटिंग लेकर नियम का उल्लंघन करने वाले DJ संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं इसी तारतम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप, सीएसपी कोतवाली योगिता बाली खापर्डे के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम कोतवाली थाना से कार्यवाही हेतु रवाना किया गया था जो पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुआ कि चाम्पा रोड में एक डीजे अत्यधिक साउंड में बज रहा है की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची जो डीजे संचालक के द्वारा मेटाडोर में डीजे सिस्टम को माउंट कर अत्यधिक साउंड में बजाते मिलने पर डीजे संचालक को टीम के द्वारा कोतवाली थाना लाया गया मेटाडोर तथा उसमें लगे डीजे सिस्टम को जप्त किया गया तथा डीजे संचालक के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कोलाहल अधिनियम के तहत कार्यवाही किया गया, आरोपी को विधिवत्त की गिरफ्तार किया गया है।

    उपरोक्त कार्रवाई में निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता थाना प्रभारी सिटी कोतवाली, सहायक उप निरीक्षक अरुण सिंह, प्रधान आरक्षक भीम श्रीवास, आरक्षक नितेश विश्वकर्मा का विशेष योगदान रहा।  

  • पुलिस की रेड में बड़ा खुलासा : दुर्ग में करोड़ों की अफीम खेती का पर्दाफाश ! मक्का की फसल के बीच उग रही थी 8 करोड़ की अफीम, राजस्थान से गिरफ्तार किया गया चौथा आरोपी.

    पुलिस की रेड में बड़ा खुलासा : दुर्ग में करोड़ों की अफीम खेती का पर्दाफाश ! मक्का की फसल के बीच उग रही थी 8 करोड़ की अफीम, राजस्थान से गिरफ्तार किया गया चौथा आरोपी.

    मिली जानकारी के अनुसार थाना पुलगांव क्षेत्रांतर्गत चौकी जेवरा–सिरसा के अंतर्गत ग्राम समोदा, झेनझरी एवं सिरसा के मध्य स्थित भूमि में अवैध रूप से अफीम की खेती किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची एवं शून्य में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। निरीक्षण के दौरान खेत में मक्का/भुट्टे की फसल के बीच-बीच में अफीम के पौधे लगाए गए पाए गए।

    संयुक्त टीम द्वारा खेत का निरीक्षण कर लगभग 05 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में लगे अफीम के पौधों को जप्त किया गया, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹08 करोड़ आंकी गई। मामले में NDPS Act के प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की गई।

    विवेचना के दौरान पूर्व में विकास बिश्नोई निवासी मतोड़ा जिला जोधपुर (राजस्थान), विनायक ताम्रकार निवासी तेमरापारा दुर्ग एवं मनीष उर्फ गोलू ठाकुर निवासी समोदा को गिरफ्तार किया गया था। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी छोटू राम द्वारा अवैध अफीम की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराए गए थे। फरार आरोपी की पतासाजी के दौरान ACCU दुर्ग, थाना पुलगांव एवं चौकी जेवरा–सिरसा की संयुक्त टीम द्वारा आरोपी छोटू राम को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में आगे की विवेचना एवं वैधानिक कार्रवाई जारी है।

    घटना स्थल – ग्राम समोदा–झेनझरी के मध्य स्थित कृषि भूमि, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग.

    आरोपी का नाम – 1. छोटू राम, उम्र 62 वर्ष, निवासी ग्राम सांगसी नगर धड़िया, थाना चामू, जिला जोधपुर (राजस्थान).

    जप्त सामग्री – 1. नगद ₹2220, 2. एक स्मार्टफोन मोबाइल, 3. अन्य आरोपियों से पूर्व में जप्त – 02 ट्रैक्टर, 02 जेसीबी, 02 मोटरसाइकिल, 01 हार्वेस्टर एवं खेती में प्रयुक्त अन्य उपकरण (कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹1.5 करोड़).

  • नेशनल लोक अदालत 14 मार्च को जशपुर में: राजीनामा के आधार पर मोटर दुर्घटना, बैंक वसूली, राजस्व और अन्य लंबित प्रकरणों का होगा त्वरित निराकरण, तैयारियों को लेकर न्यायालयों की अहम बैठक

    नेशनल लोक अदालत 14 मार्च को जशपुर में: राजीनामा के आधार पर मोटर दुर्घटना, बैंक वसूली, राजस्व और अन्य लंबित प्रकरणों का होगा त्वरित निराकरण, तैयारियों को लेकर न्यायालयों की अहम बैठक

    राजीनामा के आधार पर प्रकरणों के निराकरण हेतु 14 मार्च 2026 को जशपुर जिले में होगा नेशनल लोक अदालत का आयोजन

    तैयारियों के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक संपन्न

    जशपुर : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार दिनांक 14 मार्च 2026 दिन शनिवार को जिला एवं तालुका स्तर पर नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर, जिला जशपुर (छ.ग.) में किया जाएगा। प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर जिला जशपुर (छ०ग०) माननीय श्री सत्येन्द्र कुमार साहू की अध्यक्षता में 14 मार्च 2026 को होने वाले आगामी नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु जिला न्यायालय जशपुर एवं अधीनस्थ न्यायालयों के मध्य 12 मार्च 2026 को प्रातः 10.30 बजे जिला न्यायालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में फिजिकल / वर्चुअल माध्यम से बैठक संपन्न हुई।

    उक्त फिजिकल / वर्चुअल बैठक में माननीय श्री संतोष कुमार तिवारी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पत्थलगांव, माननीय श्री भानू प्रताप सिंह त्यागी, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, माननीय श्री शैलेश अच्यूत पटवर्धन, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश जशपुर, माननीय श्री बलराम कुमार देवांगन, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कुनकुरी, माननीय श्री जनार्दन खरे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी) जशपुर, श्रीमती सरोजनी जनार्दन खरे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश जशपुर, न्यायालय के अति. न्यायाधीश जशपुर, माननीय श्रीमती सुमन सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जशपुर, कु० श्वेता बघेल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर, श्री नरेन्द्र कुमार तेंदुलकर, न्यायिक मजिस्ट्रेट वरिष्ठ श्रेणी कुनकुरी जिला जशपुर, श्री क्रांति कुमार सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जशपुर, श्रीमती अंकिता यदु, न्यायिक मजिस्ट्रेट कनिष्ठ श्रेणी बगीचा जिला जशपुर, कु० श्वेता अवस्थी, न्यायिक मजिस्ट्रेट कनिष्ठ श्रेणी पत्थलगांव जिला जशपुर, प्रस्तुतकार माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जशपुर एवं प्रस्तुतकार, माननीय (प्रधान न्यायाधीश) कुटुम्ब न्यायालय जशपुर उपस्थित रहे।

    राजस्व न्यायालयों में समस्त अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा राजस्व मामले जैसे भू-अर्जन, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा एवं अन्य राजस्व प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत में किया जावेगा। उक्त नेशनल लोक अदालत में समस्त राजीनामा योग्य मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, शमनीय मामले, बैंक के वसूली प्रकरण, नगर पालिका निगम, दूरसंचार विभाग के वसूली योग्य एवं न्यायालय में लंबित प्रकरणों का आपसी राजीनामा के आधार पर निराकरण किया जावेगा।

    जो भी पक्षकार राजीनामा के माध्यम से अपने लंबित प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कराना चाहते हैं, वे संबंधित न्यायालय में उपस्थित होकर अपने प्रकरण को नेशनल लोक अदालत में रखे जाने हेतु निवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर, तालुका विधिक सेवा समिति कुनकुरी, तालुका विधिक सेवा समिति बगीचा एवं तालुका विधिक सेवा समिति पत्थलगांव में संपर्क किया जा सकता है।

  • रेलवे ने अपनाई अत्याधुनिक एआई तकनीक: भारतीय रेल में व्हील इम्पैक्ट डिटेक्टर, रोलिंग स्टॉक मॉनिटरिंग, ड्रोन निरीक्षण और मशीन विजन सिस्टम से ट्रेनों की सुरक्षा और निगरानी होगी और मजबूत, जानकारी दी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने

    रेलवे ने अपनाई अत्याधुनिक एआई तकनीक: भारतीय रेल में व्हील इम्पैक्ट डिटेक्टर, रोलिंग स्टॉक मॉनिटरिंग, ड्रोन निरीक्षण और मशीन विजन सिस्टम से ट्रेनों की सुरक्षा और निगरानी होगी और मजबूत, जानकारी दी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने

    भारतीय रेलवे ने स्मार्ट मॉनिटरिंग को अपनाकर सुरक्षा और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए उन्नत एआई और मशीन लर्निंग उपकरणों को तैनात किया

    कोहरे और प्रतिकूल मौसम की स्थिति में लोको पायलटों को बेहतर दृश्यता प्रदान करने के लिए आरडीएसओ द्वारा त्रि-नेत्र प्रणाली विकसित की जा रही है

    पहियों और बियरिंग की स्थिति की वास्तविक समय में निगरानी के लिए 24 व्हील इम्पैक्ट लोड डिटेक्टर (डब्‍ल्‍यूआईएलडी) सिस्टम और 25 ऑनलाइन मॉनिटरिंग ऑफ रोलिंग स्टॉक (ओएमआरएस) सिस्टम स्थापित किए गए

    मशीन विजन इंस्पेक्शन सिस्टम (एमवीआईएस) को पायलट आधार पर तैनात किया गया; पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में 3 सिस्टम, डीएफसीसीआईएल में 2 और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 1 सिस्टम

    ट्रैक घटकों के एआई-आधारित निरीक्षण और निगरानी के लिए 3 एकीकृत ट्रैक मॉनिटरिंग सिस्टम (आईटीएमएस) तैनात किए गए

    रायपुर डिवीजन में ओवरहेड उपकरणों की ड्रोन-आधारित थर्मल निगरानी का पायलट परीक्षण किया गया; आईआईटी मद्रास के साथ एआई-सक्षम हवाई निरीक्षण विकसित किया जा रहा है

    एआई-संचालित, स्केलेबल नवाचारों को गति देने के लिए रेल प्रौद्योगिकी नीति और पोर्टल विकसित किए जा रहे हैं

    रायपुर-बिलासपुर : भारतीय रेल में तकनीकी सुधार एक सतत प्रक्रिया है। भारतीय रेल में लागू/परीक्षणित कुछ प्रमुख प्रौद्योगिकियां निम्नलिखित हैं:

    * मशीन विज़न इंस्पेक्शन सिस्टम (एमवीआईएस): एमवीआईएस एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)/मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित प्रणाली है जो चलती ट्रेनों के किसी भी लटके हुए, ढीले या गायब पुर्जों का पता लगाने पर अलर्ट जारी करती है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में तीन (03) एमवीआईएस, समर्पित माल गलियारा निगम ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) में दो (02) और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में मालगाड़ियों के लिए प्रायोगिक आधार पर एक (01) एमवीआईएस स्थापित की गई हैं। इसके अलावा, मालगाड़ियों के लिए सीमांत रेलवे नेटवर्क पर चार (04) एमवीआईएस शामिल करने के लिए सीमांत रेलवे और डीएफसीसीआईएल के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। साथ ही, अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) ने उद्योग के सहयोग से रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) के माध्यम से रोलिंग स्टॉक के लिए एमवीआईएस के विकास का कार्य शुरू किया है।

    * व्हील इम्पैक्ट लोड डिटेक्टर (डब्‍ल्‍यूआईएलडी): डब्‍ल्‍यूआईएलडी वे-साइड निरीक्षण प्रणाली है जो रोलिंग स्टॉक में दोषपूर्ण पहिए की पहचान करने के लिए ट्रैक पर पहिए के प्रभाव को मापती है। भरतीय रेल में ऐसी 24 प्रणालियां स्थापित की गई हैं।

    * रोलिंग स्टॉक की ऑनलाइन निगरानी (ओएमआरएस): ओएमआरएस एक मार्ग-तटीय निरीक्षण प्रणाली है जो रोलिंग स्टॉक के बेयरिंग और पहियों की स्थिति की निगरानी करती है। रेलवे में ऐसी 25 प्रणालियाँ स्थापित हैं, जिनमें से एक (01) ओएमआरएस दक्षिण मध्य रेलवे के सिरपुर कागज नगर/सिकंदराबाद डिवीजन में स्थापित है।

    * एकीकृत ट्रैक निगरानी प्रणाली (आईटीएमएस): आईटीएमएस का उपयोग रेलवे ट्रैक के व्यापक निरीक्षण और निगरानी के लिए किया जाता है। आईटीएमएस रेल, स्लीपर और फास्टनिंग्स जैसे रेलवे ट्रैक घटकों में दोषों की निगरानी और पहचान करने के लिए मशीन लर्निंग और इमेज प्रोसेसिंग का उपयोग करता है। आईटीएमएस से प्राप्त डेटा का विश्लेषण ट्रैक के तत्काल और नियोजित रखरखाव के लिए किया जाता है। वर्तमान में, रेलवे ट्रैक की रिकॉर्डिंग और निगरानी के लिए तीन (03) आईटीएमएस तैनात हैं। यह बेहतर ट्रैक रखरखाव योजना, बढ़ी हुई सुरक्षा, ट्रैक संपत्तियों की बेहतर विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता में सहायक है।

    * ड्रोन आधारित ओवरहेड उपकरण निगरानी: रायपुर डिवीजन में पायलट आधार पर ओवरहेड उपकरण (ओएचई) की थर्मल इमेजिंग के साथ ड्रोन आधारित निगरानी शुरू की गई है। इसके अलावा, आईआर ने आईआईटी मद्रास के सहयोग से ओवरहेड उपकरण (ओएचई) के ड्रोन आधारित हवाई निरीक्षण का विकास कार्य शुरू किया है, जो एआई/एमएल का उपयोग करके कैप्चर किए गए डेटा का विश्लेषण भी करेगा।

    * ट्राई-नेत्रा: आरडीएसओ ने कोहरे, बारिश और खराब मौसम के दौरान लोको चालकों की सहायता के लिए ट्राई-नेत्रा (टेरेन इमेजिंग फॉर लोकोमोटिव ड्राइवर्स- इन्फ्रारेड, एन्हांस्ड ऑप्टिकल एंड रेंजिंग डिवाइस असिस्टेड) का विकास कार्य शुरू किया है। यह प्रणाली ऑप्टिकल कैमरों, इन्फ्रारेड कैमरे और रेंजिंग उपकरणों (जैसे रडार/लिडार) और एआई से मिलकर लोको चालकों की सहायता के लिए एक वास्तविक समय, उन्नत विज़न प्रणाली बनाती है।

    * रेल प्रौद्योगिकी नीति: लागत प्रभावी, लागू करने योग्य और विस्तार योग्य समाधानों के विकास को बढ़ावा देने के लिए, जिनमें एआई और डेटा-संचालित प्रौद्योगिकियों पर आधारित समाधान भी शामिल हैं, भारतीय रेल सेवा द्वारा 26.02.2026 को रेल प्रौद्योगिकी नीति नामक एक नई नीति अपनाई गई है और नवप्रवर्तकों और स्टार्टअप्स की भागीदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए एक पोर्टल (https://railtech.indianrailways.gov.in) का शुभारंभ किया गया है। प्रस्तावित रेल प्रौद्योगिकी नीति में निम्नलिखित प्रमुख विशेषताएं शामिल हैं:

    * नवप्रवर्तक द्वारा प्रस्तावों का एकल-चरण विस्तृत प्रस्तुतीकरण।

    * रेल प्रौद्योगिकी पोर्टल पर नवप्रवर्तक द्वारा स्वयं शुरू की गई चुनौतियों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने का प्रावधान।

    * भारतीय रेलवे और नवप्रवर्तक के बीच 50:50 लागत-साझाकरण के आधार पर वित्तपोषण का प्रावधान है, जिसमें प्रोटोटाइप विकास और परीक्षणों के लिए अधिकतम अनुदान दिया जाएगा।

    * विस्तारित परीक्षणों या विस्तार के लिए अनुदान की पेशकश की जाती है।

    उपरोक्त प्रस्तावित नीति भारतीय रेलवे में नई प्रौद्योगिकियों को शीघ्र अपनाने में सुविधा प्रदान करेगी।

    केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी दी।

  • रेलवे की सख्त टिकट जांच और बढ़ता राजस्व: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल ने फरवरी 2026 में माल ढुलाई, मोबाइल टिकटिंग और यात्री आय में दर्ज की उल्लेखनीय वृद्धि, लाखों यात्रियों ने किया सफर

    रेलवे की सख्त टिकट जांच और बढ़ता राजस्व: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल ने फरवरी 2026 में माल ढुलाई, मोबाइल टिकटिंग और यात्री आय में दर्ज की उल्लेखनीय वृद्धि, लाखों यात्रियों ने किया सफर

    रायपुर-बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मण्डल द्वारा यात्री यातायात, गैर-किराया राजस्व एवं माल लदान आदि के क्षेत्र में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए फरवरी माह में भी बेहतर प्रदर्शन एवं ग्राहक संतुष्टि तथा मंडल की दक्षता और यात्रियों व माल ढुलाई की मांगों को प्रभावी ढंग से पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    1.     माल ढुलाई और राजस्व – फरवरी 2026 माह में कुल माल ढुलाई 1.72 मिलियन टन रही और माल ढुलाई से प्राप्त 154.99 करोड़ है।

    2.     पार्सल लोडिंग और राजस्व – फरवरी 2026 में कुल पार्सल लोडिंग 2252 टन रही, जिससे 48.81 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ ।

    3.     यात्री यातायात – फरवरी 2026 में 2.20 मिलियन यात्रियों ने यात्रा की जिससे फरवरी माह में मंडल को 26.67 करोड़ रु.की आय हुई । जो फरवरी 2025 की तुलना में यात्रियों में 18.53% तथा आय में 9.36% की वृद्धि दर्शाती है l

    4.     गैर-किराया राजस्व (एनएफआर) – फरवरी 2026 में 55.36 लाख रु. की आय दर्ज की गई ।

    5.     कैटरिंग आय – कैटरिंग राजस्व फरवरी 2026 में 27.89 लाख रु. अर्जित किया गया।

    6.     टिकट चेकिंग – वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री दिलीप सिंह की दिशा निर्देशानुसार में अधिकारियों व टिकट चेकिंग कर्मियों द्वारा विभिन्न गाड़ियों तथा रेल्वे स्टेशनों में टिकट चेकिंग स्टाफ के सहयोग से चलाये गए टिकट जांच अभियानों के अंतर्गत बिना टिकट/अनियमित यात्रा तथा बिना माल बुक किए गए लगेज के 30468 मामलें दर्ज कर कुल रु.1.33 करोड़ वसूले गए।

    7.     धूम्रपान के 89 मामलों से रु.17,800/- वहीं रेल परिसर में गंदगी फैलाने वाले कुल 320 यात्रियों से वसूले गए दंड स्वरूप रु. 33,700/- शामिल है।

    8. मोबाइल टिकटिंग के माध्यम से फरवरी 2026 में मोबाइल टिकटिंग से 1.49 करोड़ रु. की आय हुई, जो की पिछले वर्ष की तुलना में 48.14% अधिक है।

  • दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की बड़ी राहत: गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य समय से पहले पूरा, 13 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों की सेवाएं फिर से बहाल, यात्रियों को मिली बड़ी सुविधा

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की बड़ी राहत: गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य समय से पहले पूरा, 13 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों की सेवाएं फिर से बहाल, यात्रियों को मिली बड़ी सुविधा

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य पूर्ण होने के बाद निरस्त यात्री गाड़ियों की सेवाएं पुनः बहाल

    ब्लॉक कार्य पूर्ण होने के बाद 13 मेमू/पैसेंजर गाड़ियों की सेवाएं पुनः प्रारंभ

    रायपुर-बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य बोरतलाव-दरेकसा के बीच समपार फाटक क्रमांक 481 के लिए प्रस्तावित ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक के कारण 13 एवं 14 मार्च 2026 को कुछ यात्री ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त किया गया था। उक्त कार्य निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही दिनांक 06 एवं 07 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। अतः यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निरस्त की गई निम्नलिखित यात्री गाड़ियों की सेवाएं अब अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पुनः बहाल की जा रही हैं।

    पुनः बहाल की जाने वाली गाड़ियाँ इस प्रकार हैं:- (दिनांक – 13 एवं 14 मार्च 2026)

    1. गाड़ी संख्या 68721 रायपुर- डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर

    2. गाड़ी संख्या 68723 गाड़ी संख्या डोंगरगढ़ – गोंदिया मेमू पैसेंजर

    3. गाड़ी संख्या 68724 गोंदिया – रायपुर मेमू पैसेंजर

    4. गाड़ी संख्या 68741 दुर्ग – गोंदिया मेमू पैसेंजर

    5. गाड़ी संख्या 68742 गोंदिया – दुर्ग मेमू पैसेंजर

    6. गाड़ी संख्या 68743 गोंदिया – नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इतवारी मेमू पैसेंजर

    7. गाड़ी संख्या 68744 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इतवारी – गोंदिया मेमू पैसेंजर

    8. गाड़ी संख्या 68711 डोंगरगढ़ – गोंदिया मेमू पैसेंजर

    9. गाड़ी संख्या 68713 गोंदिया – नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इतवारी मेमू पैसेंजर

    10. गाड़ी संख्या 68716 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इतवारी – गोंदिया मेमू पैसेंजर

    11. गाड़ी संख्या 68712 गोंदिया – डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर

    12. गाड़ी संख्या 68715 बालाघाट – नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इतवारी मेमू पैसेंजर

    13. गाड़ी संख्या 68714 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इतवारी – बालाघाट मेमू पैसेंजर

    रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों से अनुरोध किया जाता है कि यात्रा से पूर्व संबंधित ट्रेन की समय-सारणी की जानकारी प्राप्त कर लें। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर रेल सेवा प्रदान करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 11,763 करोड़ की अनुदान मांगें पारित: ‘महतारी वंदन’ से 70 लाख महिलाओं को लाभ, बेटियों के भविष्य के लिए शुरू होगी ‘रानी दुर्गावती योजना’, समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और सुरक्षा पहुंचाने का संकल्प

    छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 11,763 करोड़ की अनुदान मांगें पारित: ‘महतारी वंदन’ से 70 लाख महिलाओं को लाभ, बेटियों के भविष्य के लिए शुरू होगी ‘रानी दुर्गावती योजना’, समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और सुरक्षा पहुंचाने का संकल्प

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए लगभग 11 हजार 763 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित

    समाज के अंतिम व्यक्ति तक के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध : श्रीमती राजवाड़े

    महतारी वंदन योजना से राज्य की 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित

    समाज कल्याण का बजट पिछले 5 वर्षों की तुलना में 59 प्रतिशत अधिक

    प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी को पूरा करने बेटियों के भविष्य के लिए रानी दुर्गावती योजना होगी शुरू

    नशा मुक्ति के लिए सामाजिक सहयोग से चलेगा अभियान, वरिष्ठ नागरिकों केे देखभाल के लिए “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर की होगी स्थापना

    रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 11 हजार 762 करोड़ 53 लाख रूपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं है। इनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 10,162 करोड़ 53 लाख रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1600 करोड़ रूपए से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है।

    महिला एवं बाल विकास विभाग

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है।

    श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में से एक है। यह योजना राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल साबित हुई है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। अब तक 25 किश्तों में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। इससे महिलाओं के जीवन में आर्थिक मजबूती के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला है और उनके जीवन में स्वावलंबन लाने का काम किया है।

    श्रीमती राजवाड़े ने सदन में कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये तथा पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है।

    श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए ’किशोरी बालिका योजना’ के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छात्राओं की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए ’शुचिता योजना’ के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

    श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोेदी जी के गारंटी को पूरा करने राज्य सरकार बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए ’रानी दुर्गावती योजना’ प्रारंभ करने जा रही है। इस योजना के तहत बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हेें 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए इस वर्ष के बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पोषण अभियान के संचालन के लिए 125 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है।

    श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं की सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर, सखी निवास और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी योजनाओं के संचालन के लिए भी बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है। महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

    समाज कल्याण विभाग

    सदन को जानकारी देते हुए श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1600 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो पिछले पांच वर्षों की तुलना में लगभग 59 प्रतिशत अधिक है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रदेश में लगभग 21 लाख 76 हजार हितग्राहियों को पेंशन का लाभ डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके लिए 1402 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    वरिष्ठ नागरिकों केे देखभाल और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य में “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा वृद्धाश्रमों के संचालन के लिए 6 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विशेष विद्यालयों के संचालन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण तथा पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही उभयलिंगी कल्याण बोर्ड की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और सुरक्षा पहुंचाना है। इन्हीं बातों को ध्येय में रखकर हमारी सरकार सेवा, संवेदना और संकल्प के साथ समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।

  • जशपुर में कृषि क्रांति एक्सपो की तैयारियां तेज: जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने विभागों को दिए सख्त निर्देश, 15 दिनों में एग्रीस्टेक पंजीयन पूरा करने और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर

    जशपुर में कृषि क्रांति एक्सपो की तैयारियां तेज: जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने विभागों को दिए सख्त निर्देश, 15 दिनों में एग्रीस्टेक पंजीयन पूरा करने और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर

    कृषि क्रांति एक्सपो की तैयारियों के लिए आपसी समन्वय और समयबद्ध तरीके से करें कार्य : जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार

    जिला पंचायत सीईओ ने कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक ली

    एग्रीस्टेक पंजीयन 15 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश

    जशपुर : जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत सभाकक्ष में कृषि एवं उससे संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी कृषि क्रांति एक्सपो एवं किसान मेला की तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सीईओ ने एग्रीस्टेक पंजीयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित किसानों के आईडी निर्माण एवं पंजीयन कार्य 15 दिवस के भीतर पूर्ण करें। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लंबित पंजीयन को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अपने खेतों में 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल (फार्म पॉण्ड) विकसित करने हेतु प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि वर्षा जल का संचयन हो सके और सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि हो।

    कृषि क्रांति एक्सपो एवं किसान मेला के सफल आयोजन हेतु दिए दिशा-निर्देश

    बैठक में सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने आगामी कृषि क्रांति एक्सपो एवं किसान मेला के सफल आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इस आयोजन का ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने, किसान प्रतियोगिताओं के लिए आवेदन पत्र भरवाने, फसलवार कृषि क्लस्टर का गठन करने, लीडर किसानों का चयन करने तथा क्रेता कंपनियों के लिए फील्ड विजिट की तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक्सपो की सभी तैयारियां आपसी समन्वय और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं तथा अधिक से अधिक किसानों को इस कार्यक्रम से जोड़ते हुए उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों और बाजार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाए।

    प्रगतिशील किसानों ने साझा किए अनुभव

    बैठक में उपस्थित प्रगतिशील किसानों ने खेती, विपणन एवं आय से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। वरिष्ठ किसान श्री गर्ग ने स्ट्रॉबेरी उत्पादन में आने वाली चुनौतियों के साथ ही पंजाब ब्यूटी नाशपाती और पीच (सतालू) की खेती की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। वहीं गेंदा फूल उत्पादक किसान श्री मोती बंजारा ने बताया कि गेंदा फूल को हार्वेस्ट के बाद लगभग 25 दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इसी प्रकार मत्स्य किसान श्री बसंत ने बताया कि वे 4.5 एकड़ क्षेत्र में पॉण्ड टैंक के माध्यम से मत्स्य पालन कर प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख रुपये तक की आय प्राप्त कर रहे हैं। इस पर सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य पालक किसानों के समूह गठित करने के निर्देश दिए। बैठक में उप संचालक कृषि श्री एम.आर. भगत, सहायक संचालक कृषि सुश्री योग्यता सिंह सहित जिले के सभी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे।

  • दुलदुला में दिव्यांगजन प्रमाणीकरण व यूडीआईडी शिविर: 130 दिव्यांगजनों का पंजीयन, 20 हितग्राहियों को ट्रायसाइकिल, व्हीलचेयर व श्रवण यंत्र सहित सहायक उपकरण वितरित, योजनाओं से जोड़े गए पात्र लाभार्थी

    दुलदुला में दिव्यांगजन प्रमाणीकरण व यूडीआईडी शिविर: 130 दिव्यांगजनों का पंजीयन, 20 हितग्राहियों को ट्रायसाइकिल, व्हीलचेयर व श्रवण यंत्र सहित सहायक उपकरण वितरित, योजनाओं से जोड़े गए पात्र लाभार्थी

    दुलदुला में दिव्यांगजन प्रमाणीकरण एवं यूडीआईडी शिविर आयोजित

    130 दिव्यांगजनों का पंजीयन, 20 हितग्राहियों को सहायक उपकरण वितरित

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार समाज कल्याण विभाग द्वारा विगत दिवस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दुलदुला में दिव्यांगजनों के प्रमाणीकरण एवं विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र यूडीआईडी शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनाए गए तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन भी प्राप्त किए गए। शिविर के दौरान दिव्यांगजनों से पेंशन योजनाओं, सहायक उपकरण, बस पास, ऋण सुविधा तथा दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना सहित अन्य योजनाओं के लिए आवेदन लिए गए। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि श्रीमती पिंकी गुप्ता जनपद पंचायत सदस्य, पूर्व जनपद पंचायत सदस्य श्री दिनेश गुप्ता, उपसंचालक समाज कल्याण श्री धर्मेन्द्र साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत दुलदुला श्री पुष्कर पटले तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा भी उपस्थित रहे।

     कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा 20 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें हस्तचलित ट्रायसाइकिल, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र, वैशाखी एवं वॉकिंग स्टिक शामिल हैं। साथ ही पात्र हितग्राहियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड भी प्रदान किए गए। शिविर में कुल 130 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। इनमें से 52 दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनाए गए, जबकि 16 प्रकरणों को जिला अस्पताल के लिए रिफर किया गया। इसके अलावा 5 दिव्यांगजनों ने ऋण योजना हेतु आवेदन किया, 1 आवेदन दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए प्राप्त हुआ, 10 आवेदन पेंशन हेतु प्राप्त हुए तथा 6 दिव्यांगजनों ने पेंशन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। शिविर में 20 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए तथा 1 दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग निर्माण के लिए चिन्हांकित किया गया। समाज कल्याण विभाग ने बताया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड तथा विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

  • ऑपरेशन तलाश : दिनदहाड़े खूनखराबा ! पैसे के लिए युवक पर चाकू-ईंट से हमला, शराब के पैसे नहीं दिए थे तो बना दिया निशाना, रायगढ़ में जानलेवा हमले के पाँच फरार आरोपी पुलिस ने किए गिरफ्तार, भेजा गया न्यायिक रिमांड पर.

    ऑपरेशन तलाश : दिनदहाड़े खूनखराबा ! पैसे के लिए युवक पर चाकू-ईंट से हमला, शराब के पैसे नहीं दिए थे तो बना दिया निशाना, रायगढ़ में जानलेवा हमले के पाँच फरार आरोपी पुलिस ने किए गिरफ्तार, भेजा गया न्यायिक रिमांड पर.

    रायगढ़ : रायगढ़ में अपराधियों के खिलाफ चल रहे “ऑपरेशन तलाश” के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास के मामले में फरार पाँच आरोपियों को धर दबोचा है। आरोपियों ने पैसे नहीं देने पर युवक पर ईंट और धारदार हथियार से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आदतन बदमाशों सहित तीन अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में प्रयुक्त चाकू भी जब्त किया गया है। रायगढ़ पुलिस का साफ संदेश है— जिले में संगीन अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

    रायगढ़ जिले में फरार आरोपियों और वारंटियों की धर-पकड़ के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन तलाश” के तहत कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो आरोपी अभिषेक ठाकुर और सत्यम महंत तथा तीन विधि से संघर्षरत बालक सम्मिलित हैं।

    मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 04 मार्च 2026 की दोपहर मो. जीशान राजा (उम्र 18 वर्ष) निवासी बोईरदादर कृष्णा वाटिका कॉलोनी रायगढ़ अपने साथी रोशन सिंह के साथ एच.एफ. डिलक्स मोटर साइकिल क्रमांक CG 13 AA 3925 से कोतरारोड़ की ओर गए थे। दीपक किराना दुकान के पास रोशन सिंह मोबाइल पर बात करने के लिए रुके हुए थे, तभी दो लड़के (अपचारी बालक)  वहां पहुंचे और “यहां क्या कर रहे हो” कहते हुए गाली-गलौज कर मोटरसाइकिल की चाबी निकाल ली। इसी दौरान एक्टीवा में अभिषेक ठाकुर वहां पहुंचा और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगा। मना करने पर उसने ईंट उठा कर रोशन सिंह पर हमला कर दिया और उसके अन्य साथी भी वहां पहुंचकर मारपीट करने लगे।

    हमले में रोशन सिंह को सिर के पीछे, सीने और पेट में धारदार वस्तु से गंभीर चोटें आईं। घायल को पहले मेडिकल कॉलेज रायगढ़ ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया, जिसके बाद उसे मेट्रो अस्पताल रायगढ़ में भर्ती कराया गया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली रायगढ़ में अपराध क्रमांक 104/2026 धारा 296, 351(3), 115(2), 324(4), 119(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

    विवेचना के दौरान आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी, लेकिन गिरफ्तारी के भय से सभी फरार थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन तलाश के दौरान कल बुधवार को मुखबिर सूचना पर पुलिस टीम ने अभिषेक ठाकुर, सत्यम महंत तथा तीन अपचारी बालकों को पकड़ लिया। एक विधि से संघर्षरत बालक के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू भी जब्त किया गया। साक्ष्य के आधार पर मामले में धारा 109 बीएनएस (हत्या के प्रयास) तथा 25, 27 आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं।

    गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक ठाकुर पिता प्रहलाद सिंह ठाकुर उम्र 24 वर्ष निवासी सोनिया नगर कोतरारोड थाना कोतवाली जिला रायगढ़ तथा सत्यम महंत पिता सुरेन्द्र महंत उम्र 21 वर्ष निवासी तेंदुडीपा दरोगामुड़ा थाना जूटमिल जिला रायगढ़ सम्मिलित हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी अभिषेक ठाकुर आदतन बदमाश किस्म का युवक है, जिसके विरुद्ध थाना कोतवाली में लूट, बलवा, आर्म्स एक्ट और मारपीट के 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त कोतवाली पुलिस द्वारा उसके विरुद्ध चार बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है तथा उसका नाम गुंडा बदमाश सूची में शामिल करने की प्रक्रिया की जा रही है। आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उपनिरीक्षक दिलीप बेहरा एवं हमराह स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।