Category: जशपुर

  • छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए सुनहरा मौका, राज्य खेल अलंकरण के लिए आवेदन शुरू; उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को मिलेगा प्रतिष्ठित सम्मान

    छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए सुनहरा मौका, राज्य खेल अलंकरण के लिए आवेदन शुरू; उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को मिलेगा प्रतिष्ठित सम्मान

    राज्य खेल अलंकरण के लिए आवेदन आमंत्रित, उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को मिलेगा सम्मान

    शहीद राजीव पांडे, शहीद कौशल यादव, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार एवं पंकज विक्रम-सहित विभिन्न सम्मानों के लिए 5 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन

    जशपुर : खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य खेल अलंकरण के अंतर्गत उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों से विभिन्न पुरस्कारों एवं सम्मानों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके तहत शहीद राजीव पांडे पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, पंकज विक्रम सम्मान, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद विनोद चौबे सम्मान, मुख्यमंत्री ट्रॉफी, नगद राशि पुरस्कार तथा डाइटमनी (खेलवृत्ति) प्रदान की जाएगी। संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण छत्तीसगढ़, रायपुर द्वारा प्रतिवर्ष खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया जाता है। इच्छुक पात्र अभ्यर्थी 5 अगस्त 2026 तक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

    19 वर्ष तक के पात्र खिलाड़ियों को डाइटमनी –

    राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं अथवा राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले पात्र खिलाड़ियों को डाइटमनी (खेलवृत्ति) प्रदान की जाती है। इसके लिए खिलाड़ी की अधिकतम आयु 19 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

    5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन –

    इन पुरस्कारों एवं सम्मानों के लिए अभ्यर्थी वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों के आधार पर 5 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। पुरस्कारों के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से खेल एवं युवा कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किए जाने पर ही मान्य होंगे। नगद राशि पुरस्कार एवं डाइटमनी के आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सीधे संचालनालय, खेल संघों के माध्यम से संचालनालय अथवा संबंधित जिला कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे। पात्र खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई है।

     जिला खेल अधिकारी खेल एवं युवा कल्याण ने बताया कि शहीद राजीव पांडे पुरस्कार सीनियर वर्ग के ऐसे उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप अथवा राष्ट्रीय खेलों में पदक प्राप्त किया हो या अधिकृत अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व किया हो। इसी प्रकार शहीद कौशल यादव पुरस्कार जूनियर वर्ग के ऐसे खिलाड़ियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में पदक प्राप्त किया हो। पंकज विक्रम सम्मान ऐसे खिलाड़ियों को दिया जाता है, जिन्होंने विगत पांच वर्षों में चार बार सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया हो। वहीं खेल प्रतिभाओं को तराशने और खेल क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। शहीद विनोद चौबे सम्मान के लिए खेल से जुड़े 55 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे व्यक्तियों के नाम पर विचार किया जाएगा, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लिया हो, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो अथवा खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा एवं योगदान दिया हो। सीनियर अथवा जूनियर वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने वाले दल को मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की जाती है। इसके साथ ही सीनियर, जूनियर एवं सब-जूनियर वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल करने वाले पात्र खिलाड़ियों को नियमानुसार नगद राशि पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

  • जशपुर में बारिश का सिलसिला जारी, 23 जुलाई को 99.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज; मनोरा सबसे अधिक बारिश वाला तहसील बना

    जशपुर में बारिश का सिलसिला जारी, 23 जुलाई को 99.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज; मनोरा सबसे अधिक बारिश वाला तहसील बना

    जशपुर : जशपुर जिले में 01 जून से 23 जुलाई 2026 तक 3343.1 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है। जिले में बीते 10 वर्षों की तुलना में 23 जुलाई तक सामान्य औसत वर्षा 4154.3 मिमी हुई है। बीते दिवस जिले में 99.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

    भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 01 जून से अब तक तहसीलवार वर्षा इस प्रकार है: तहसील जशपुर में 340.5 मिमी, मनोरा में 581.7 मिमी, कुनकुरी में 411.3 मिमी, दुलदुला में 254.2 मिमी, फरसाबहार में 196.3 मिमी, बगीचा में 245.3 मिमी, कॉंसाबेल में 366.8 मिमी, पत्थलगाँव में 315.0 मिमी, सन्ना में 445.6 मिमी एवं बागबहार में 186.4 मिमी वर्षा हो चुकी है। सर्वाधिक वर्षा मनोरा तहसील में 581.7 मिमी दर्ज की गई है। 23 जुलाई को सर्वाधिक मनोरा तहसील में 21.9 मिमी वर्षा हुई।

  • निर्माण कार्यों में देरी पर कलेक्टर सख्त, 3 अगस्त तक सभी स्वीकृत कार्य शुरू करने के निर्देश; गुणवत्ता और समय-सीमा पर रहेगा विशेष फोकस

    निर्माण कार्यों में देरी पर कलेक्टर सख्त, 3 अगस्त तक सभी स्वीकृत कार्य शुरू करने के निर्देश; गुणवत्ता और समय-सीमा पर रहेगा विशेष फोकस

    निर्माण पोर्टल के माध्यम से निर्माण कार्यों की कलेक्टर ने की समीक्षा

    कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के दिए निर्देश

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने पत्थलगांव के जनपद पंचायत के सभाकक्ष में निर्माण पोर्टल के माध्यम से जिले में संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने विभागवार एवं योजनावार स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति, पूर्ण एवं प्रगतिरत कार्यों तथा लंबित कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।

    इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार और निर्माण एजेंसी और अधिकारीगण उपस्थित थे।

    कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यों की प्रगति को निर्माण पोर्टल पर समय-समय पर अद्यतन किया जाए, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति की प्रभावी निगरानी की जा सके।

    समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने धीमी प्रगति वाले निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने तथा संबंधित अधिकारियों को स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। समस्त और प्रारंभ कार्यों को 3 अगस्त तक प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    कलेक्टर ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और उपयोगिता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण पोर्टल में दर्ज जानकारी को अद्यतन एवं वास्तविक स्थिति के अनुरूप रखने पर भी जोर दिया।

    इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

  • फसल नुकसान की भरपाई से किसानों को राहत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 8.82 करोड़ रुपये का दावा स्वीकृत, शेष भुगतान जल्द

    फसल नुकसान की भरपाई से किसानों को राहत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 8.82 करोड़ रुपये का दावा स्वीकृत, शेष भुगतान जल्द

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को बड़ी राहत, खरीफ 2025 के 7.90 करोड़ रुपए से अधिक के बीमा दावों का हुआ भुगतान

    कुल 8.82 करोड़ रुपए से अधिक का दावा स्वीकृत, शेष 92.10 लाख रुपए के भुगतान की प्रक्रिया जारी

    जशपुर : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले के किसानों को फसल नुकसान की भरपाई के रूप में बड़ी राहत मिली है। खरीफ वर्ष 2025 के लिए जिले के किसानों की कुल 8 करोड़ 82 लाख 24 हजार 55 रुपए की बीमा दावा राशि निर्धारित की गई है। इसमें से 7 करोड़ 90 लाख 13 हजार 272 रुपए का भुगतान डिजी क्लेम के माध्यम से सफलतापूर्वक किया जा चुका है। शेष 92 लाख 10 हजार 738 रुपए की दावा राशि के भुगतान की प्रक्रिया भी डिजी क्लेम के माध्यम से की जा रही है।

    प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान पर किसानों को मिलता है आर्थिक संरक्षण –

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों से होने वाले फसल नुकसान के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। योजना के तहत प्रतिकूल मौसम, बाढ़, कीट-व्याधि, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटने, आकाशीय बिजली सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को हुए नुकसान की स्थिति में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दावा भुगतान की पात्रता होती है। इसके साथ ही कम वर्षा अथवा विपरीत मौसम के कारण बुवाई विफल होने तथा फसल कटाई के बाद आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम अथवा चक्रवाती वर्षा से नुकसान होने की स्थिति में भी योजना के प्रावधानों के तहत बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है।

    धान, मक्का, कोदो-कुटकी सहित विभिन्न फसलों का कराया गया था बीमा –

    खरीफ 2025 में जशपुर जिले के किसानों द्वारा सिंचित धान, असिंचित धान, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, मूंगफली, अरहर एवं उड़द सहित अधिसूचित फसलों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया गया था। फसल नुकसान के आकलन एवं निर्धारित प्रक्रिया के बाद पात्र किसानों के लिए कुल 8.82 करोड़ रुपए से अधिक की दावा राशि बनी है। कृषि विभाग ने बताया कि डिजी क्लेम के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था से दावा राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से पात्र किसानों तक पहुंचाई जा रही है। अब तक कुल दावा राशि का अधिकांश हिस्सा सफलतापूर्वक भुगतान किया जा चुका है तथा शेष राशि के भुगतान की कार्रवाई प्रचलित है।

    किसानों से अधिक से अधिक फसल बीमा कराने की अपील –

    उप संचालक कृषि श्री एम.आर. भगत ने जिले के किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत ऋणी एवं अऋणी कृषक, भू-धारक एवं बटाईदार शामिल हो सकते हैं। अधिसूचित फसल उगाने वाले इच्छुक गैर-ऋणी किसान भी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर योजना से जुड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि गैर-ऋणी किसान बुआई पुष्टि प्रमाण-पत्र को क्षेत्रीय पटवारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सत्यापित कराकर भूमि संबंधी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ फसल बीमा करा सकते हैं। किसान अपने संबंधित सहकारी समिति, बैंक, बीमा प्रदाता कंपनी अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं। श्री भगत ने किसानों से अपील की है कि खेती को प्राकृतिक एवं मौसमी जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ें और अपनी अधिसूचित फसलों का समय पर बीमा अवश्य कराएं।

  • स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, सीएमएचओ डॉ. जी.एस. जात्रा ने कांसाबेल समीक्षा बैठक में लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के दिए सख्त निर्देश

    स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, सीएमएचओ डॉ. जी.एस. जात्रा ने कांसाबेल समीक्षा बैठक में लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के दिए सख्त निर्देश

    सीएमएचओ डॉ. जी.एस. जात्रा ने लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

    कांसाबेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई आयोजित

    जशपुर : स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर संचालन के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांसाबेल में गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा एवं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. संध्या रानी टोप्पो द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी सेक्टर प्रभारी, सेक्टर सुपरवाइजर, ब्लॉक नोडल अधिकारी, एसटीएस, एमटीएस, एनएमए, सीएचओ, आरएचओ, एएनएम एवं जेएसए मौजूद रहे।

     बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। सीएमएचओ डॉ. जी.एस. जात्रा ने अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एनसीडी कार्यक्रम के तहत लक्ष्य के विरुद्ध प्रगति, एचपीवी टीकाकरण अभियान, आयुष्मान कार्ड निर्माण से वंचित हितग्राहियों के लिए माइक्रोप्लान, मलेरिया कार्यक्रम, निश्चय निरामय पोर्टल में एंट्री की प्रगति, शिशु एवं मातृत्व स्वास्थ्य, सीडीआर,एमडीआर एवं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समीक्षा की गई।

     इसके साथ ही प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शिविर, स्वास्थ्य मेला, मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहन के संचालन सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए समन्वित प्रयास करें, ताकि आमजन को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

  • बिजली उपभोक्ताओं को मिले अधिकारों की पूरी जानकारी, शिकायतों के समयबद्ध निराकरण और सेवा मानकों पर जशपुर में जागरूकता कार्यशाला आयोजित

    बिजली उपभोक्ताओं को मिले अधिकारों की पूरी जानकारी, शिकायतों के समयबद्ध निराकरण और सेवा मानकों पर जशपुर में जागरूकता कार्यशाला आयोजित

    विद्युत उपभोक्ताओं को अधिकारों, शिकायत प्रक्रिया की दी गई जानकारी

    जशपुर : छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित सेवा मानकों एवं उपभोक्ता हितों से संबंधित प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम, अंबिकापुर द्वारा बुधवार को कार्यालय कार्यपालन अभियंता (संचालन/संधारण), छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, जशपुर में विद्युत उपभोक्ता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

    कार्यशाला में घरेलू एवं गैर-घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत सेवाओं से जुड़े उनके अधिकारों, निर्धारित सेवा मानकों तथा शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फोरम के अध्यक्ष डी.के. सैनी ने बताया कि नए विद्युत कनेक्शन, निम्न दाब कनेक्शन का कन्वर्जन, मीटर संबंधी शिकायतें, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत नेट मीटरिंग, सब्सिडी तथा टैरिफ श्रेणी परिवर्तन सहित विभिन्न सेवाओं के लिए विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान की जानी अनिवार्य है।

    इस अवसर पर जशपुर विघुत विभाग के अधीक्षण यंत्री श्री सत्य प्रकाश कुमार, कार्यपालन यंत्री श्री विनोद पंडित उपस्थित थे।

  • जशपुर में जल्द गूंजेगी डॉक्टर बनने की पहली घंटी! 2026-27 से शुरू होगी MBBS की पढ़ाई, स्वास्थ्य मंत्री ने तैयारियों की ली विस्तृत समीक्षा

    जशपुर में जल्द गूंजेगी डॉक्टर बनने की पहली घंटी! 2026-27 से शुरू होगी MBBS की पढ़ाई, स्वास्थ्य मंत्री ने तैयारियों की ली विस्तृत समीक्षा

    जशपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने की तैयारियां तेज

    स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज की तैयारियों की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश

    जशपुर : जशपुर जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमबीबीएस की पढ़ाई प्रारंभ कराने के लिए शासन और प्रशासन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में बुधवार को गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा एवं कबीरधाम के नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की स्वशासी समितियों की बैठक लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेजों के संचालन, अधोसंरचना विकास, मानव संसाधन, वित्तीय प्रबंधन तथा इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई प्रारंभ करने की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने समिति से जुड़े चिकित्सकों एवं अधिकारियों से प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

     जशपुर जिले में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कुनकुरी स्वशासी समिति की साधारण सभा की प्रथम बैठक में विधायक श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एस.पी. कुजूर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के प्राध्यापक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने छत्तीसगढ़ में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन की दिशा में चिकित्सा शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहना भी की।

     उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों के लिए भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। आवश्यकता अनुसार प्रारंभिक चरण में अस्थायी व्यवस्थाएं भी की जा सकती हैं।वर्तमान में प्रत्येक कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिसे भविष्य में आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को मेडिकल कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, प्रयोगशालाएं, छात्रावास, अस्पताल एवं अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही शिक्षकों, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के आवास सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। विधायक श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत ने जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल का आभार व्यक्त करते हुए कॉलेज के सफल संचालन में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

    मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं : कलेक्टर श्री रोहित व्यास

    कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए नियुक्त प्राध्यापकों के शासकीय आवास की व्यवस्था की गई है। तथा अन्य कर्मचारियों के लिए भी आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण भी प्रस्तावित है। मेडिकल कॉलेज के स्थायी भवन के निर्माण तक झरगांव स्थित शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में अस्थायी रूप से संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तेजी से की जा रही हैं। विद्यार्थियों के लिए छात्रावास परिसर को भी आवश्यक सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

     मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एस.पी. कुजूर ने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुरूप झरगांव स्थित पॉलीटेक्निक परिसर में लैब, क्लासरूम, छात्रावास सहित प्रैक्टिस के लिए अस्पताल में सभी जरूरी व्यवस्थाएं तेजी से पूर्ण की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेज के लिए 2 प्रोफेसर, 4 असिस्टेंट प्रोफेसर, 10 प्रशिक्षक चिकित्सक, 4 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर, 10 बॉन्ड डॉक्टर सहित अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पूरी टीम समर्पित भाव से कार्य करते हुए निर्धारित समय पर मेडिकल कॉलेज का संचालन सुनिश्चित करेगी।

  • एक आवेदन और तुरंत मिली राहत! मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की पहल से आकाशीय बिजली पीड़ित परिवार को मिला ₹4 लाख का मुआवजा

    एक आवेदन और तुरंत मिली राहत! मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की पहल से आकाशीय बिजली पीड़ित परिवार को मिला ₹4 लाख का मुआवजा

    मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की त्वरित पहल रंग लाई: आकाशीय बिजली से मृतक की पत्नी को मिला मुआवजा, परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार.

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए राहत का माध्यम बना।सीएम कैंप कार्यालय में की गई गुहार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आकाशीय बिजली की चपेट में आकर जान गंवाने वाले व्यक्ति की पत्नी को 4 लाख रूपये की मुआवजा राशि उपलब्ध करा दी गई। राहत राशि मिलने के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी संवेदनशील पहल से समय पर न्याय और आर्थिक सहायता मिल सकी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम झरन (मसरिघाट), पोस्ट घुमरा, तहसील तपकरा निवासी मुनिका बाई विश्वकर्मा के पति की आकाशीय बिजली गिरने से असामयिक मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद लंबे समय तक मुआवजा राशि नहीं मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन देकर सहायता की गुहार लगाई थी।आवेदन प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने संबंधित विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन ने प्रकरण का शीघ्र निराकरण करते हुए प्रक्रिया करते हुए आवेदिका के बैंक खाते में मुआवजा राशि का भुगतान करा दिया।

    मुआवजा राशि मिलने पर आवेदिका एवं उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ, जिससे संकट की घड़ी में परिवार को बड़ी राहत मिली।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी केंद्र बनकर उभरा है। यहां प्राप्त होने वाले आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है, जिससे जशपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को समयबद्ध राहत मिल रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जहां उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है।

  • “पद नहीं, उद्देश्य चुनिए”—लोयोला कॉलेज के विदाई समारोह में प्राचार्य डॉ. फा. तेलेस्फोर लकड़ा ने विद्यार्थियों को सफलता के चार जीवन मंत्र दिए

    “पद नहीं, उद्देश्य चुनिए”—लोयोला कॉलेज के विदाई समारोह में प्राचार्य डॉ. फा. तेलेस्फोर लकड़ा ने विद्यार्थियों को सफलता के चार जीवन मंत्र दिए

    कुनकुरी : लोयोला महाविद्यालय, कुनकुरी में आयोजित स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का विदाई समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाला प्रेरणादायी आयोजन बन गया। भावनाओं, उत्साह और प्रेरणा से सराबोर इस अवसर पर कनिष्ठ विद्यार्थियों ने अपने वरिष्ठ साथियों को आत्मीय विदाई दी, वहीं शिक्षकों ने सफलता की राह पर आगे बढ़ने के लिए जीवन के अनमोल संदेश दिए। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फा. तेलेस्फोर लकड़ा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर संस्था के प्रबंधक फा. जेरोम मिंज, उप प्राचार्य मार्टिन मंगल तिर्की, डीन ऑफ साइंस डॉ. फा. इग्नस किण्डो, वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक श्रीमती कंचन बेक, वरिष्ठ विद्यार्थी यसर हुसैन एवं आयुषी मिंज सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

    अपने ओजस्वी संबोधन में प्राचार्य डॉ. फा. तेलेस्फोर लकड़ा ने विद्यार्थियों से कहा कि “जीवन में केवल ऊँचा पद पाने का सपना मत देखिए, बल्कि ऐसा उद्देश्य चुनिए जो समाज और मानवता के लिए सार्थक हो।” उन्होंने कहा कि करियर केवल रोजगार का माध्यम है, लेकिन जीवन की वास्तविक सफलता इस बात से तय होती है कि हम कितने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सके। डॉक्टर का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि उसका सबसे बड़ा लक्ष्य धन कमाना नहीं, बल्कि जीवन बचाना होता है। यही सोच हर युवा को अपने जीवन का आधार बनानी चाहिए।

    उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के चार मजबूत सूत्र देते हुए कहा कि डिग्री हासिल करने के बाद सीखना कभी बंद नहीं होना चाहिए। बदलते तकनीकी दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक और नई कार्यप्रणालियों को अपनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि मजबूत चरित्र, ईमानदारी, अनुशासन और सेवा भावना ही व्यक्ति को समाज में सम्मान दिलाती है। जीवन में आने वाली कठिनाइयों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर मानकर आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि जीवन की परीक्षा का कोई निश्चित पाठ्यक्रम नहीं होता और हर चुनौती का उत्तर केवल मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से दिया जा सकता है।

    समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं संस्था के प्रबंधक फा. जेरोम मिंज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज नवाचार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में युवाओं की भूमिका केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें अपने ज्ञान, रचनात्मक सोच और संसाधनों के बेहतर उपयोग से समाज के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में सकारात्मक सोच, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी को अपनाने का आह्वान किया।

    विदाई समारोह को यादगार बनाने के लिए कनिष्ठ विद्यार्थियों ने स्वागत गीत, आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नृत्य, कविता और शेरो-शायरी से समां बांध दिया। वहीं वरिष्ठ विद्यार्थियों अमन वर्मा और माधवी यादव ने महाविद्यालय में बिताए अपने यादगार अनुभव साझा करते हुए शिक्षकों, साथियों और संस्थान के प्रति भावुक शब्दों में आभार व्यक्त किया। तालियों की गूंज, मुस्कुराते चेहरों और नम आंखों के बीच संपन्न हुआ यह समारोह विद्यार्थियों के लिए जीवनभर याद रहने वाला प्रेरक पड़ाव बन गया, जहां उन्हें केवल विदाई ही नहीं, बल्कि सफल और उद्देश्यपूर्ण जीवन की अमूल्य सीख भी मिली।

  • कुनकुरी में बैडमिंटन का रोमांच चरम पर, कड़े मुकाबलों के बाद शीलानंद–रवि की जोड़ी ने जीता सद्भावना टूर्नामेंट-2026 का खिताब

    कुनकुरी में बैडमिंटन का रोमांच चरम पर, कड़े मुकाबलों के बाद शीलानंद–रवि की जोड़ी ने जीता सद्भावना टूर्नामेंट-2026 का खिताब

    कुनकुरी बैडमिंटन संघ के तत्वावधान में त्रैमासिक सद्भावना बैडमिंटन टूर्नामेंट का सफल समापन

    कुनकुरी : कुनकुरी बैडमिंटन संघ (KBS) के तत्वावधान में आयोजित त्रैमासिक सद्भावना बैडमिंटन टूर्नामेंट-2026 का समापन रविवार को रोमांच और उत्साह से भरपूर मुकाबलों के बीच हुआ। सेमीफाइनल से लेकर फाइनल तक खिलाड़ियों ने शानदार खेल, अनुशासन और खेल भावना का परिचय देकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

    पहले सेमीफाइनल में महेश त्रिपाठी और अनुरंजन टोप्पो की जोड़ी ने नंद जी पांडेय और विमल की जोड़ी को हराकर फाइनल में जगह बनाई। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में शीलानंद पन्ना और रवि किस्पोट्टा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विनय राणा और एसडीओपी विनोद मंडावी की जोड़ी को मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया।

    फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। शीलानंद पन्ना और रवि किस्पोट्टा की जोड़ी ने दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए महेश त्रिपाठी और अनुरंजन टोप्पो को सीधे सेटों में 21–12 और 22–20 से हराकर त्रैमासिक सद्भावना बैडमिंटन टूर्नामेंट-2026 की विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली। पूरे टूर्नामेंट में उनके शानदार प्रदर्शन की खिलाड़ियों और दर्शकों ने जमकर सराहना की।

    टूर्नामेंट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले विनय राणा को “इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” के सम्मान से नवाजा गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि एसडीएम नंद जी पांडेय और एसडीओपी विनोद मंडावी ने विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, स्वास्थ्य, टीम भावना और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का सशक्त मंच हैं।

    कार्यक्रम का आकर्षक और प्रभावी संचालन सुधीर सिन्हा ने किया। समापन समारोह में कुनकुरी बैडमिंटन संघ के पदाधिकारी, सदस्य, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, सौहार्द और खेल भावना का माहौल देखने को मिला, जिसने प्रतियोगिता को यादगार बना दिया।