Category: जशपुर

  • 16 वर्षों बाद पूरी तरह डिजिटल जनगणना की तैयारी तेज: जशपुर में फील्ड ट्रेनरों को दिया गया व्यापक प्रशिक्षण, स्व-जनगणना की भी सुविधा

    16 वर्षों बाद पूरी तरह डिजिटल जनगणना की तैयारी तेज: जशपुर में फील्ड ट्रेनरों को दिया गया व्यापक प्रशिक्षण, स्व-जनगणना की भी सुविधा

    जनगणना के लिए फिल्ड ट्रेनर का प्रशिक्षण संपन्न : 23 से 25 मार्च तक मंत्रणा सभाकक्ष में दिया गया प्रशिक्षण

    जशपुर : जनगणना की प्रक्रिया छत्तीसगढ़ में भी प्रारंभ हो चुकी है प्रत्येक जिले से 2 मास्टर ट्रेनर रायपुर जिले में उपस्थित होकर प्रशासनिक अकादमी में 9 मार्च से 12 मार्च तक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात विभिन्न जिलों में फील्ड ट्रेनर का प्रशिक्षण प्रारंभ हो चुका है इसी तारतम्य में जशपुर जिले में भी फील्ड ट्रेनर का प्रशिक्षण दिनांक 23 मार्च से 25 मार्च तक जशपुर के कलेक्टरेट के मंत्रणा कक्ष मे ज़िला जनगणना अधिकारी श्री प्रशांत कुशवाहा डिप्टी कलेक्टर की उपस्थिति मे प्रारम्भ किया गया

    राज्य स्तर से प्रशिक्षण प्राप्त कर आए मास्टर ट्रेनर डा. एम जेड यू सिद्दीकी प्राचार्य डाइट जशपुर एवं श्री डी आर राठिया सहायक अध्यापक एन ई एस महाविद्यालय के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने के लिए जशपुर ज़िले की विभिन्न तहसीलों से तीन-तीन मास्टर ट्रेनर आकर प्रशिक्षण प्राप्त किया इस प्रशिक्षण में जनगणना का प्रारंभिक परिचय बताया गया,प्रारंभिक परिचय के पश्चात इसका फ्रेमवर्क किस प्रकार का होगा के बारे में फील्ड ट्रेनर को बताया गया पर्यवेक्षक की कार्य पद्धति एवं उनकी जिम्मेदारियां के बारे में बताने के पश्चात नजरी नक्शा किस प्रकार से बनाया जाएगा भवन नंबर एवं जनगणना मकान में किस प्रकार से नंबरिंग की जाएगी परिवार एवं संस्थागत परिवार बेघर परिवार की जनगणना के हिसाब से क्या परिभाषा है उन परिभाषाओं के बारे में बताया गया तत्पश्चात प्रगणक फील्ड में पहुंचकर किस प्रकार प्रश्न पूछेंगे एवं जानकारी को भरेंगे इसका प्रशिक्षण प्रदान किया गया

    आजादी के पश्चात इस आठवीं जनगणना में जो की 16 वर्षों के पश्चात हो रही है इस मामले में विशिष्ट है कि यह जनगणना पूरी तरीके से डिजिटल होगी। साथ ही मोबाइल ऐप मे स्व जनगणना भी नागरिक कर सकेंगे मोबाइल ऐप के माध्यम से यह इस जनगणना की प्रमुख विशेषता होगी एवं पूरी जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से जिसे एच एल ओ एप के नाम से जाना जाता है किया जावेगा।

    प्रशिक्षण के अंतिम दिन मोबाइल के द्वारा डिजिटल जनगणना किस प्रकार से की जाएगी इसका मैदानी प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया जिसमें गम्हरिया ग्राम पंचायत का निरीक्षण फील्ड ट्रेनर के द्वारा किया गया एवं वहां पर जनगणना भवन एवं जनगणना मकान की गणना एवं प्रश्न वहां के रह वासियों से किया गया फील्ड से वापस आने के पश्चात फील्ड ट्रेनों से प्रश्न आमंत्रित किया गया जिसका समाधान मास्टर ट्रेनर डॉक्टर सिद्दीकी प्राचार्य डाइट एवं डी आर राठिया सहायक प्राध्यापक एन ई एस महाविद्यालय के द्वारा किया गया

     कार्यक्रम के समापन के अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक जी एवं जिला जनगणना अधिकारी श्री प्रशांत कुशवाहा जी डिप्टी कलेक्टर उपस्थित रहे एवं सभी प्रगणक एवं सुपरवाइजर को ईमानदारी, निष्पक्षता एवं गोपनीयता के साथ जनगणना कार्य को संपादित करने का निर्देश दिया।

  • जशपुर में रोमांचक बचाव अभियान: तिलडेगा गांव में हाथियों ने घर को घेरा, वन विभाग की टीम ने जान जोखिम में डालकर बुजुर्ग दंपत्ति को सुरक्षित निकाला

    जशपुर में रोमांचक बचाव अभियान: तिलडेगा गांव में हाथियों ने घर को घेरा, वन विभाग की टीम ने जान जोखिम में डालकर बुजुर्ग दंपत्ति को सुरक्षित निकाला

    हाथियों के बीच फंसे बुजुर्गों को वन विभाग ने बचाया : पत्थलगांव परिक्षेत्र में 11 हाथियों के दल के बीच साहसिक रेस्क्यू, जनहानि टली

    जशपुर : जशपुर वनमण्डल के परिक्षेत्र पत्थलगांव अंतर्गत ग्राम तिलडेगा क्षेत्र में हाथियों के दल के विचरण के दौरान एक बड़ी घटना सामने आई, जिसमें वन विभाग की तत्परता से दो बुजुर्गों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।डीएफओ जशपुर श्री शशिकुमार ने बताया कि 24 मार्च 2026 की दरम्यानी रात को 11 हाथियों का एक दल कक्ष क्रमांक पी.एफ. 959 नंदनझरिया क्षेत्र में सारसमार एवं नंदनझरिया होते हुए तिलडेगा बस्ती के समीप पहुँच गया। इस दौरान हाथियों ने तिलडेगा भदरापारा निवासी श्री जय कुमार नाग (40 वर्ष) के खेत में बने आवासीय घर को नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया। उस समय घर के अंदर उनके माता-पिता श्री बितन नाग (65 वर्ष) एवं श्रीमती राजमति नाग (60 वर्ष) मौजूद थे। हाथियों की आहट सुनकर श्री जय कुमार नाग किसी तरह बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचे और तुरंत वन विभाग के गश्ती दल एवं रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर तत्काल कार्रवाई शुरू की। बी.एफ.ओ. श्री दिनेश कुमार (बालाझर), बी.एफ.ओ. श्रीमती अनिता तेन्दुआ (तमता), आरआरटी सदस्य श्री राम बिलास नाग, श्री रविशंकर पैंकरा एवं श्री रमेश पैंकरा तथा वाहन चालक श्री पियारू लकड़ा ने समन्वित प्रयास करते हुए हाथियों को सुरक्षित रूप से खदेड़ा।

    काफी प्रयासों के बाद टीम ने घर के भीतर फंसे बुजुर्ग दंपत्ति का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें शासकीय वाहन से सुरक्षित गांव में पहुंचाया। इस साहसिक एवं त्वरित कार्रवाई के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    लगातार निगरानी में है हाथियों का दल –

    वर्तमान में 11 हाथियों का यह दल तिलडेगा क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए सुखरापारा परिसर के कक्ष क्रमांक आर.एफ. 958 में विचरण कर रहा है। वन विभाग द्वारा दल की सतत निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके। वन विभाग ने क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, विशेषकर रात्रि के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। वन विभाग जशपुर द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं।

  • भूमिहीन मजदूरों के लिए बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 495 करोड़ से अधिक राशि सीधे खातों में की अंतरित, जशपुर के 7 हजार से ज्यादा हितग्राही हुए लाभांवित—हर परिवार को मिलेगा सालाना आर्थिक संबल

    भूमिहीन मजदूरों के लिए बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 495 करोड़ से अधिक राशि सीधे खातों में की अंतरित, जशपुर के 7 हजार से ज्यादा हितग्राही हुए लाभांवित—हर परिवार को मिलेगा सालाना आर्थिक संबल

    दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना : मजदूरों को आर्थिक संबल

    मुख्यमंत्री श्री साय ने भूमिहीन मजदूरों के खातों में अंतरित की 495 करोड़ रुपए से अधिक राशि

    जशपुर के 7 हजार से अधिक हितग्राहियों सहित प्रदेश के लाखों हितग्राही लाभांवित

    जिले में कुनकुरी में हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम

    जशपुर : दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश स्तरीय मुख्य कार्यक्रम आज बलौदाबाजार में आयोजित किया गया। जहां मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रिमोट का बटन दबाकर प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों के बैंक खातों में 495 करोड़ 96 लाख रुपये की राशि अंतरित की। इस योजना के तहत प्रत्येक भूमिहीन मज़दूर हितग्राही को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। पिछले वर्ष भी 562.11 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की गई थी। इस योजना से जशपुर जिले के 7 हजार से अधिक हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया गया। जिले में इसका जिला स्तरीय कार्यक्रम कृषि महाविद्यालय कुनकुरी में आयोजित किया गया, जहां अतिथियों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर सहभागिता निभाई।

    मजदूरों के सम्मान का प्रतीक है योजना – मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह कार्यक्रम केवल राशि वितरण नहीं, बल्कि भूमिहीन मजदूरों के प्रति सरकार के सम्मान और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक औषधीय परंपराओं को जीवित रखने वाले 22 हजार 28 बैगा-गुनिया को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूर हमारी कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार उनकी मेहनत का सम्मान करती है। यह योजना गरीब परिवारों के जीवन में आर्थिक सहारा प्रदान कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी वर्षों में भी इस योजना को जारी रखने हेतु बजट में प्रावधान किया गया है।

    हितग्राही से मुख्यमंत्री ने किया संवाद-

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के ग्राम रेमते निवासी हितग्राही श्री कन्हैया लाल से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें योजना के तहत प्राप्त राशि के बेहतर उपयोग की शुभकामनाएं दीं। श्री कन्हैया लाल ने बताया कि पिछले वर्ष मिली राशि से उन्होंने बकरी खरीदकर बकरी पालन शुरू किया, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। इस वर्ष की राशि का उपयोग वे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे घर में टाइल्स लगाने में करेंगे। मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।

    योजना से मिलेगा व्यापक लाभ –

    दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ-साथ वनोपज संग्राहक, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी तथा पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवारों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में देवस्थलों में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया एवं मांझी परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।

    जिला स्तरीय कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता –

    कुनकुरी में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जनपद पंचायत कुनकुरी अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, उपाध्यक्ष श्री बालेश्वर यादव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम कुनकुरी श्री नन्द जी पांडे, सरपंच ग्राम पंचायत रेमते श्रीमती सरिता तिर्की सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने कहा कि कुनकुरी में आयोजित कृषि क्रांति एक्सपो 2.0 के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिली है और अब भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान कर सरकार ने उनके जीवन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यह राशि मजदूरों के परिवार के पालन-पोषण एवं आजीविका संवर्धन में अत्यंत उपयोगी साबित होगी। यह योजना प्रदेश के भूमिहीन मजदूरों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभर रही है और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

  • सोनक्यारी–सन्ना सड़क के लिए बड़ी पहल: प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजा गया, स्वीकृति मिलते ही शुरू होगा निर्माण—मरम्मत से फिलहाल राहत

    सोनक्यारी–सन्ना सड़क के लिए बड़ी पहल: प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजा गया, स्वीकृति मिलते ही शुरू होगा निर्माण—मरम्मत से फिलहाल राहत

    सोनक्यारी से सन्ना तक के सड़क का प्राक्कलन तैयार कर शासन को किया गया है प्रेषित, वार्षिक मरम्मत के अंतर्गत कराए गए हैं सुधार कार्य

    जशपुर : सोनक्यारी से सन्ना तक सड़क की स्थिति के संदर्भ में कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग संभाग जशपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सड़क वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल है। इस सड़क का प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति हेतु शासन की ओर प्रेषित किया गया है।

    उन्होंने बताया कि जैसे ही शासन से स्वीकृति प्राप्त होगी नियमानुसार कार्य प्रारंभ कर निर्धारित समय-सीमा में इसे पूर्ण किया जाएगा। इसके साथ ही वर्तमान में आमजन की आवाजाही को सुगम बनाए रखने के उद्देश्य से इस मार्ग पर वार्षिक मरम्मत के अंतर्गत सुधार कार्य कराए गए हैं, ताकि सड़क की स्थिति यथासंभव बेहतर बनी रहे।

  • बगिया में भक्ति का महासागर: मुख्यमंत्री निवास में श्री रामनवमी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब

    बगिया में भक्ति का महासागर: मुख्यमंत्री निवास में श्री रामनवमी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब

    मुख्यमंत्री निवास बगिया में श्री रामनवमी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

    जशपुर : चैत्र रामनवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास बगिया में आयोजित चार दिवसीय श्री रामनवमी महायज्ञ का आज बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

    कलश यात्रा मुख्यमंत्री निवास बगिया से प्रारंभ होकर नदी तट तक निकली तथा पुनः यज्ञ स्थल तक पहुंची, जिसमें महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। वहीं, कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।

    आयोजन को लेकर बगिया सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।इस धार्मिक कार्यक्रम का मुख्यमंत्री के भाई जयप्रकाश साय सह पत्नी द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना की जा रही है।कार्यक्रम के तहत आज मूर्ति स्थापना के साथ पूजा, हवन, आरती, लीला एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। आगामी दिनों में धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला जारी रहेगी—26 मार्च: पूजन, हवन, आरती, प्रवचन एवं भजन-कीर्तन,27 मार्च: विशेष पूजन, नवकन्या पूजन, पूर्णाहुति एवं रात्रि में भव्य लीला,28 मार्च: सहस्त्रधारा स्नान, आशीर्वाद, मूर्ति विसर्जन एवं प्रसाद वितरण के साथ समापन होगा।

    यह भव्य आयोजन ग्राम बगिया के यज्ञ स्थल पर किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड और मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।पूरे कार्यक्रम का संचालन धर्म संस्थापक परम पूज्य स्वामी धनपति पण्डा जी महाराज (गुरुधाम मुंडियापानी, लैलूंगा, रायगढ़) के आशीर्वाद में किया जा रहा है।श्रीमती कौशल्या साय ने जानकारी देते हुए बताया कि चैत्र नवरात्रि में यह महायज्ञ वर्ष 1993 से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जो क्षेत्र की आस्था और परंपरा का प्रतीक बन चुका है।चार दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में भक्ति संगीत, कथा-प्रवचन और विविध धार्मिक अनुष्ठानों से बगिया पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा हुई साकार: बागबहार में शुरू हुआ एसडीएम लिंक कोर्ट, 53 गांवों को मिला स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय का बड़ा तोहफा

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा हुई साकार: बागबहार में शुरू हुआ एसडीएम लिंक कोर्ट, 53 गांवों को मिला स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय का बड़ा तोहफा

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर हुआ अमल

    बागबहार में एसडीएम लिंक कोर्ट की हुई शुरुआत

    53 गांवों को होगा लाभ, ग्रामीणों मुख्यमंत्री का जताया आभार

    जशपुर : जशपुर जिले के बागबहार तहसील में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुविधा की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप बागबहार में एसडीएम लिंक कोर्ट का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। इस पहल से क्षेत्र के 53 गांवों के लोगों को अब अपने राजस्व एवं अन्य प्रकरणों के लिए पत्थलगांव जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब स्थानीय स्तर पर ही न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों का त्वरित निपटारा संभव हो सकेगा। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में रहने वाले नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनके समय, श्रम और धन की उल्लेखनीय बचत होगी।

    एसडीएम लिंक कोर्ट का संचालन प्रत्येक सप्ताह बुधवार को किया जाएगा। इससे लंबित राजस्व मामलों के निराकरण में तेजी आएगी और न्याय प्रक्रिया अधिक सुदृढ़ एवं त्वरित बनेगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 24 जनवरी 2026 को कोतबा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बागबहार में एसडीएम लिंक कोर्ट प्रारंभ करने की घोषणा की थी, जिसे अमलीजामा पहनाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता और सुशासन के संकल्प के परिणामस्वरूप बागबहार क्षेत्र के ग्रामीणों को अब अपने राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी।एसडीएम लिंक कोर्ट प्रारंभ होने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे प्रशासन आम जनता के और अधिक करीब आया है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया है।

  • स्वास्थ्य विभाग की सख्त पहल: जशपुर में टीबी के खिलाफ महाअभियान शुरू, हाई-रिस्क लोगों की स्क्रीनिंग से लेकर निःशुल्क दवा तक—100 दिनों में जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य

    स्वास्थ्य विभाग की सख्त पहल: जशपुर में टीबी के खिलाफ महाअभियान शुरू, हाई-रिस्क लोगों की स्क्रीनिंग से लेकर निःशुल्क दवा तक—100 दिनों में जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य

    टी.बी. मुक्त जशपुर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

    टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत 100 दिवसीय ‘निक्षय निरामय 2.0 अभियान का हुआ शुभारंभ

    जशपुर : राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत 24 मार्च को विश्व क्षय दिवस के अवसर पर जिले में 100 दिवसीय “निक्षय निरामय 2.0 अभियान” का शुभारम्भ किया गया। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने स्वास्थ्य अधिकारियों को अभियान के तहत व्यापक स्तर पर जांच एवं सर्वे कर टी.बी. मरीजों की पहचान सुनिश्चित करने तथा उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले को टी.बी. मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि टी.बी. के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर जांच एवं उपचार कराएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जी एस जात्रा एवं अन्य अधिकारियों ने प्रचार प्रसार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया

    उच्च जोखिम वाले मरीजों को पहचान कर किया जाएगा उपचार

    अभियान का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों (60 वर्ष से अधिक उम्र, BMI 18.5 से कम, मधुमेह के मरीजों, PLHIV, धुम्रपान एवं शराब का सेवन करने वाले, टी.बी. मरीजों के कांटेक्ट, पूर्व में टी.बी. से ग्रसित व्यक्तियों) की स्कीनिंग कर टीबी के समस्त एवं छुटे हुए मरीजों की पुष्टि करना, टी.बी की दवाई व पोषण आहार प्रदाय कर मृत्यू को कम करना, टी.बी. संक्रमण को रोकने हेतु प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट प्रदाय करना, तथा टीबी से बचाव, रोकथाम एवं उपचार को बढ़ावा देने हेतु जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही 14 वर्ष से अधिक उम्र के समस्त व्यक्तियों की स्कीनिंग किये जाने या 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में यदि पिछले 2 साल में टी.बी. बीमारी हो, टी.बी. मरीज के कॉन्टेक्ट रहे हों, गंभीर कुपोषित हो, एच.आई.व्ही. से ग्रसित हो या उच्च जोखिम समूह में हो तो भी स्कीनिंग किया जाना है। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को प्रतिवर्ष 2 बार एक्स-रे के द्वारा स्कीनिंग और टी.बी. मरीज के सम्पर्क में आने वालों को शत प्रतिशत निःशुल्क प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट लेना अनिवार्य है।

    04 चरणों में चलाया जाएगा अभियान

    यह अभियान 04 चरणों में आयोजित होगा, प्रथम चरण में मितानिनों द्वारा घर-घर भ्रमण कर लक्षण के अनुसार लाक्षणिक स्कीनिंग करना एवं उच्च जोखिम व्यक्तियों की सूची अद्यतन करना। दुसरे से चौथे चरण में विभिन्न स्तर के अस्पतालों में आयुष्मान शिविर आयोजित कर सिम्प्टोमेंटिक एवं हैण्डहेल्ड एक्स-रे का उपयोग कर स्क्रीनिंग करना है। अभियान के दौरान प्रत्येक हैण्डहेल्ड एक्स-रे मशीन से न्यूनतम 100 एक्स-रे एवं अधिकतम 200 एक्स-रे प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान ओ.पी.डी. में आने वाले मरीजों में से 5 से 10 प्रतिशत मरीजों का टी.बी. स्क्रीनिंग करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

    शुभारम्भ अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस अभियान का उद्देश्य के बारे में बताया और कहा कि व्यापक जनभागीदारी से इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। इस दौरान डॉ. व्ही. के. इन्दवार जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी, डॉ. रोशन बरियार जिला क्षय अधिकारी सहित टी.बी. विभाग के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • विशेष लेख – मेहनत और आधुनिक तकनीक से बदली किस्मत: जशपुर के किसान मधुसुदन भगत ने गौपालन को बनाया मुनाफे का मजबूत जरिया, 27 गायों से रोज़ 60 लीटर दूध उत्पादन कर बने मिसाल

    विशेष लेख – मेहनत और आधुनिक तकनीक से बदली किस्मत: जशपुर के किसान मधुसुदन भगत ने गौपालन को बनाया मुनाफे का मजबूत जरिया, 27 गायों से रोज़ 60 लीटर दूध उत्पादन कर बने मिसाल

    किसान मधुसुदन के लिए गौपालन बना मजबूत आय का साधन

    27 गाय प्रतिदिन 60 लिटर देती है दूध

    गौपालन आय का उत्तम साधन

    जशपुर : जिले के नगर पंचायत बगीचा के किसान मधुसुदन भगत पिछले कई वर्षों से समर्पण और मेहनत के साथ गौपालन को सफल व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ा रहे है। आधुनिक तकनीकों और पशुधन विकास विभाग की मदद से उन्होंने अपने पशुपालन को एक प्रेरणादायक मॉडल बना दिया है।

    मधुसुदन की कहानी 2005 से बड़े रूप में गौपालन का काम कर रहे हैं। 27 गाय प्रतिदिन 60 लीटर से ज्यादा दूध देती है नगर में खपत हो जाती है। किसान ने कुल 27 गौपालन कर रहे हैं और पशुओं के गोबर का उपयोग अपने खेतों में खाद के रूप में करते हैं।

    उन्होंने बताया कि उनके पास जर्सी नस्ल के गाय है कुछ लोकल मिक्स ब्रीड के गाय का भी पालन करते हैं। बगीचा के पशुचिकित्सालय से पशुओं का नियमित इलाज और टिकाकरण करवाते हैं। उनकी गाय प्रतिदिन सुबह और शाम 10 से 12 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है। पशुओं के खाने के लिए मक्के के चूरे को खौलते पानी में डालकर पकाया जाता है जिसे गाय बहुत चाव से खाती हैं। और इससे दूध के उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होती है। दिन में दो बार गोबर को एकत्रित कर उसे वर्मी कम्पोस्ट बनाने में उपयोग किया जाता है।

    मधुसुदन भगत की यह पहल बताती है कि सही जानकारी मेहनत और विभागीय सहयोग से पशुपालन भी किसानों के लिए मजबूत आय का माध्यम बन सकती है।

  • जशपुर के वार्ड 12 में गहराया पेयजल संकट: पानी के लिए तरस रहे लोग, भाजपा नेता शिव प्रकाश तिवारी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन—लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग

    जशपुर के वार्ड 12 में गहराया पेयजल संकट: पानी के लिए तरस रहे लोग, भाजपा नेता शिव प्रकाश तिवारी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन—लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग

    जशपुर नगर के वार्ड क्रमांक 12 में पेयजल संकट गहराया, भाजपा नेता ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

    जशपुर: जशपुर नगर के वार्ड क्रमांक 12 (तिवारी कॉलोनी/दरबारी टोली) के निवासी इन दिनों गंभीर पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, शिव प्रकाश तिवारी ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है।

    ज्ञापन के माध्यम से श्री तिवारी ने बताया कि वार्ड में तैनात कर्मचारी की कथित लापरवाही और नशाखोरी की आदतों के कारण जलापूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। स्थानीय निवासियों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    लापरवाही पर भड़के भाजपा नेता

    श्री तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “प्रदेश में हमारी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और इस सरकार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त योग्य नहीं है।” उन्होंने नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा फोन न उठाए जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की।

    मुख्यमंत्री से शिकायत की चेतावनी

    भाजपा नेता ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि जलापूर्ति में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “भाजपा सरकार में इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, अन्यथा इस पर कड़ी कार्रवाई के लिए शिव प्रकाश तिवारी द्वारा प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय जी को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया जाएगा।”

  • जशपुर के प्रयास आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं प्रवेश प्रक्रिया शुरू: 17 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन का मौका, 10 मई को होगी चयन परीक्षा—राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की भी मिलेगी तैयारी

    जशपुर के प्रयास आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं प्रवेश प्रक्रिया शुरू: 17 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन का मौका, 10 मई को होगी चयन परीक्षा—राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की भी मिलेगी तैयारी

    विद्यालय में उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा प्रदान करने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की भी कराई जाती है तैयारी

    जशपुर : प्रयास आवासीय विद्यालय में बालक एवं बालिकाओं दोनों वर्गों के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9 वीं में प्रवेश के लिए ऑनलाईन माध्यम से आवेदन करने की प्रक्रिया 24 मार्च से प्रारंभ हो चुकी हैं, जिनकी अंतिम तिथि 17 अप्रैल रात्रि 12:00 बजे तक निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी अपने आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार 18 अप्रैल से 21 अप्रैल रात्रि 12:00 बजे तक  कर सकेंगे। आवेदन पत्रों का जिला स्तर पर दस्तावेज परीक्षण 22 अप्रैल से 28 अप्रैल  तक किया जाएगा। प्रवेश पत्र 01 मई से 09 मई तक डाउनलोड किया जा सकेगा।इसके पश्चात प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा का आयोजन 10 मई 2026 को किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के लिए विभागीय वेबसाइट

    https://eklavya.cg.nic.in/PRSMS/Student-Admission-Detail पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय से भी आवेदन एवं अन्य आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

        उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा प्रदान की जाती है। साथ ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, सीएमए, क्लैट एवं एनडीए की तैयारी भी कराई जाती है।इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु राज्य में प्रयास आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं उज्ज्वल भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।