“लोगों को सुनें, उन्हें सुनाएं नहीं” — विष्णुदेव साय का सख्त संदेश: शालीनता और संवेदनशीलता से ही बनेगा सुशासन, अब अधिकारियों के व्यवहार पर होगी सीधी निगरानी

आम जनता से शालीनता से पेश आएं अधिकारी – मुख्यमंत्री लोगों की सुनें, लोगों को सुनाएं नहीं – मुख्यमंत्री का अधिकारियों को दो टूक निर्देश शालीनता और संवेदनशीलता – यही हो प्रशासनिक अधिकारी की पहचान: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक व्यवस्था को जनकेंद्रित और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से शासकीय अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आमजन के साथ शालीनता, धैर्य और सम्मान के साथ व्यवहार करें। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यालय और फील्ड स्तर पर शासकीय अधिकारी…

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बगिया बना शक्ति और विश्वास का केंद्र: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दौरे पर जनप्रतिनिधियों से लेकर ग्रामीणों तक का उमड़ा अभूतपूर्व उत्साह, तोखन साहू व रामविचार नेताम की मौजूदगी ने दिया विकास और जनसंपर्क का बड़ा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुंचे बगिया, केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम भी साथ पहुंचे हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने किया आत्मीय स्वागत जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ग्राम बगिया, विकासखंड कांसाबेल पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय आवासन एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री तोखन साहू तथा कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम भी आए हैं। हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों के द्वारा मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों का आत्मीय स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, आईजी श्री…

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वरिष्ठ खेल पत्रकार व टीवी कमेंटेटर जसवंत क्लॉडियस का बड़ा आह्वान: “फिटनेस और खेल संस्कृति को अपनाए बिना 21वीं सदी में भारत का भविष्य अधूरा”—वैश्विक खेल अर्थव्यवस्था और बढ़ती इनामी राशि के बीच देशवासियों को जागरूक होने की जरूरत

21वीं सदी उनकी जो शारीरिक रूप से फिट अतः खेलें, करें मदद प्रतियोगिताओं में बढ़ती पुरस्कार राशि और आपसी योगदान का महत्व आलेख .., जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर. रायपुर : भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों और मध्यपूर्व के देशों में क्रिकेट मुकाबले के दौरान दर्शकों की जितनी भीड़ होती है वह किसी भी अन्य खेल में नहीं पाई जाती है। दुनिया में बहुखेल टूर्नामेंट जैसे आधुनिक ओलंपिक खेलों, महाद्वीपीय याने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों में दर्शकों की कुल उपस्थिति को छोड़ दिया जाए तो फुटबाल,…

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विलुप्ति से वैभव तक: वैज्ञानिक रणनीति, जनभागीदारी और सख्त संरक्षण ने रचा इतिहास—बारनवापारा में 200 के करीब पहुंचे काले हिरण, देशभर के लिए मिसाल

विशेष लेख : पारिस्थितिकी बहाली का छत्तीसगढ़ मॉडल – बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी’ रायपुर : मन की बात’ से राष्ट्रीय क्षितिज तक का सफर- प्रायः सभी प्रकृति प्रेमियों का मानना है कि प्रकृति कभी भी अपना ऋण नहीं भूलती। यदि मनुष्य पूरी ईमानदारी से उसके संरक्षण की ओर एक कदम बढ़ाता है, तो प्रकृति उसे अपनी भव्यता से कई गुना वापस लौटाती है। छत्तीसगढ़ की पावन धरा, जो सदियों से अपनी नैसर्गिक संपदा और सघन वन क्षेत्रों के लिए विख्यात रही है, आज वन्यजीव संरक्षण के एक नए…

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