
पहाड़ी इलाकों में ही नहीं, अब जशपुर में भी उग रहे हैं सेब और नाशपाती! कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने खेती का किया निरीक्षण..जानिए कैसे बदल रही किसानों की जिंदगी !
April 3, 2025सेब की खेती के लिए जशपुर की जलवायु उपयुक्त, 208 किसान कर रहे फलों की खेती
फलों की खेती के साथ मेथी,टमाटर, धनिया,अदरक हल्दी की भी खेती करते हैं किसान
जशपुर 2 अप्रैल 2025/ कलेक्टर रोहित व्यास और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार ने मनोरा विकास खंड के ग्राम पंचायत करदना में किसानों के द्वारा सेब और नाशपाती की खेती का अवलोकन किया। किसानों से फसल के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने किसानों को शासन की सभी महत्वपूर्ण योजना का लाभ देने के भी निर्देश दिए।
जिला प्रशासन और नाबार्ड द्वारा किसानों फलों की खेती के प्रति भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। ताकि किसानों को अन्य फसलों से भी अच्छी आमदनी हो सके।
उल्लेखनीय है कि मनोरा विकास खंड के ग्राम करदना, छितौनी, शैला, धसमा, घाघरा, में लगभग 208 किसानों द्वारा लगभग एक एकड़ में सेब और नाशपाती की खेती की जा रही है। किसानों द्वारा अन्य फसल अन्तरवर्तीय फसल भी लिया जाता है। इसमें किसानों द्वारा हल्दी, अदरक, धनिया, मेथी, टमाटर,रामतिल की भी फसल ली जाती है।
जिला प्रशासन और नाबार्ड जनजाति विकास निधि अंतर्गत 5 ग्रामों में 208 आदिवासी परिवारों के साथ उनके बंजर जमीन में साथ संस्था रूरल एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसायटी रीड्स के राजेश गुप्ता ने बताया कि मनोरा विकास खंड में कुल 208 किसान सेब और नाशपाती की खेती कर रहे हैं। प्रथम चरण में 100 किसान ने सेब लगाया और दूसरे चरण में 108 किसानों ने सेब और नाशपाती लगाया है।
सेब की खेती के लिए ठंडी जलवायु वाले क्षेत्र की आवश्यकता होती है। जहां सेब के पेड़ अच्छी तरह से फलते हैं।
सेब की खेती के लिए ठंडी जलवायु जिसमें सर्दियों में ठंडी और गर्मियों में मध्यम तापमान हो इसी प्रकार सेब की खेती के लिए मिट्टी में अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सेब की खेती के लिए सबसे उपयुक्त होती है।