बिचौलियों को बाय-बाय, जशपुर के किसानों को सीधा बाजार! एग्री-हॉर्टी सम्मेलन में हुआ ₹1000 करोड़ के अवसरों पर संवाद

कृषि क्रांति अभियान अंतर्गत दो दिवसीय एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का हुआ सम्पन्न

किसानों को एग्रीकल्चर मार्केटिंग और नवाचारों की दी गयी जानकारी

प्रगतिशील किसानों, आम, नाशपाती उत्पादक किसानों को प्रतियोगिता में किया गया सम्मानित

जशपुर, 29 जून 2025/ कृषि क्रांति अभियान अंतर्गत जिला पंचायत में आयोजित दो दिवसीय एग्री-हॉर्टी एक्सपो एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का रविवार को सम्पन्न हुआ। इस सम्मेलन में का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा वर्चुअली किया गया था। वहीं समापन समारोह में कलेक्टर रोहित व्यास, नगर पालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कृषक शामिल हुए।

इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश के बड़े खाद्य प्रसंस्करण कंपनियां जैसे-जियो मार्ट रिटेल, देहात, हॉनेस्ट फॉर्म, आत्माकुर, धरागरी, अवनी आयुर्वेदा कंपनियों, मार्किट लिंकेज कंपनियों सहित कृषि विशेषज्ञों, एग्रीटेक कंपनियां, निर्यातक कंपनियां, एफपीओ, प्रगतिशील किसान, स्वसहायता समूहों की महिलाएं, एपेडा, नाफ़ेड, नाबार्ड जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषि महाविद्यालयों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसानों को एफपीओ के माध्यम से उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होने पर फसल विक्रय एग्रीमेंट कराकर बिचौलिया प्रथा समाप्त करते हुए किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कराना था।

इस सम्मलेन में कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन भी हुआ। जिसमें एपेड़ा द्वारा फ़ूड एक्सपोर्ट करने के नियम, वीएनआर कंपनी के सत्र में जशपुर जिले के एक्सपोर्ट अनुकूल फल क़िस्मों की जानकारी कृषकों को दी गई। इदिरा गाँधी क़ृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने जशपुर जिले के परंपरागत फसलों के जीआई टैग कर निर्यात करने पर किसानों को होने वाले आर्थिक लाभ के बारे मे बताया गया। जिले मे स्थानीय किस्म के संग्रहण के लिए कम्युनिटी सीड बैंक बनाने वैज्ञानिकों से चर्चा की गई। इस सम्मेलन में विशेषज्ञों की सहायता से जिले के 11 किसानों ने जीआई टैग हेतु अपने चावल का पंजीयन कराया गया। जिले मे हनुमान भोग चावल की एक अत्यंत दुर्लभ किस्म, जिसका अस्थित्व संकट में है को बचाने के लिए किसानों से चर्चा की गई।

सम्मलेन मे क्रेता विक्रेता परिचर्चा का सत्र रखा गया, जिससे बिचौलिए के बिना किसानों ने सीधे फसल उपार्जकनकंपनियों से जुड़ कर अपनी उपज के विक्रय हेतु चर्चा की। विभिन्न कंपनियों ने एफपीओ से कटहल, जामुन, कूटकी, जैविक चावल की आवश्यकता के बारे मे चर्चा की और भविष्य में उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाकर क्रय करने का अनुबंध भी जारी किया।

इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि जशपुर में कृषि विकास के लिए यह सम्मेलन मील का पत्थर साबित होगा। जिला प्रशासन द्वारा कृषकों के विकास के लिए ‘कृषि क्रांति’ अभियान की शुरूआत की है। जिले में कटहल, आम, लीची, नाशपाती बहुतायत में होती है। यहां पर सेव की भी फसल होने लगी है। इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों और खरीदार कंपनियों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है। इसके माध्यम से किसानों की उपज को सीधा बाजार मिलेगा जिसमें बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा। साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि के साथ परंपरागत विधियों को उन्नत बना कर उत्पादन में वृद्धि की भी जानकारी दी गयी है। जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।

नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप जूदेव ने कहा कि यह सम्मेलन जिले के किसानों के लिए एक अद्भुत अवसर है जहां किसानों को उन्नत तकनीक की जानकारी के साथ एग्रीकल्चर मार्केटिंग, जैव उत्पादों का प्रमाणीकरण इत्यादि विषयों पर जानकारी दी जा रही है। इससे जिले के किसानों को नई ऊर्जा प्राप्त होगी और जशपुर में कृषि को बढ़ावा मिलेगा।

इस दौरान राज्य के वरिष्ठ वैज्ञानिक फसल किस्मों का जीआई टैग, कृषि एवं उद्यानिकी फसलों के वैज्ञानिक पद्धति से खेती तथा रेशम विशेषज्ञों द्वारा किसानों को रेशम पालन की जानकारी दी गयी। वहीं फसल प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। जिसमें जिले के एफपीओ से जुडे किसान एवं प्रगतिशील किसानों ने अपने फसल जैसे जैविक धान, कुटकी, रागी, नाशपाती, लीची, रामतिल, टाऊ, मिर्च, सुगंधीत धान इत्यादि का किस्मवार गुणवत्ता का प्रदर्शन किया।

आम एवं नाशपाती प्रतियोगिता में किसानों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम अंतर्गत आम एवं नाशपाती तथा प्रगतिशील किसानों हेतु प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था। जिसमें आम प्रतियोगिता में आम्रपाली हेतु दुलदुला के राजेन्द्र सिंह, मनोरा की कंचन लकड़ा, मनोरा के जगेश्वर भगत को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। वहीं दशहरी हेतु मनोरा की कंचन लकड़ा, दुलदुला के कर्णपाल सिंह, मनोरा के बाबुलाल सिंह को क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। नाशपाती हेतु बगीचा के भुवनेश्वर, अनूपरंजन कुजूर, मनोरा के अनिल एक्का को क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। वहीं प्रगतिशील कृषि हेतु फरसाबहार की हरिश्चंद्र साय, जशपुर के शिवनाथ, कुनकुरी के मिंसेट को क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। इस अवसर पर बगीचा के ग्राम बंबा निवासी किसान बालकृष्ण चौहान द्वारा जहांगीर आम (पपीता आम) का प्रदर्शन किया जो कौतूहल का विषय बना। जिसके महज 6 नग आमों का वजन 9.330 किलो था। जिसे विविध आम वर्ग में प्रथम वहीं जशपुर की चिंता सिंह, दुलदुला के खिरोधर सिंह को क्रमशः द्वितीय, तृतीय पुरस्कार मिला। विजेता किसानों को क्रमशः 5 हजार, 3 हजार, 2 हजार की नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में आम्रपाली वर्ग में 24, दशहरी वर्ग में 21, नाशपाती वर्ग में 22, विभिन्न आम प्रजातियों में 30 किसानों ने हिस्सा लिया था।

500 से अधिक किसानों एवं 43 बड़े क्रेताओं ने सम्मेलन में लिया भाग

इस सम्मेलन में 500 से अधिक किसानों ने भाग लेकर विभिन्न जानकारियों को प्राप्त किया। वहीं 43 बड़े फर्मों के क्रेताओं ने भाग लेते हुए किसानों के समक्ष अपनी मांग को रखा। जहां उनके द्वारा प्राप्त मांगों के अनुसार किसानों ने फर्मों से सीधा संपर्क किया। सम्मेलन के तहत क्रेताओं के लिए किसानों के खेतों का भ्रमण भी आयोजित किया गया। जहां वे फील्ड पर जाकर उत्पादन की गुणवत्ता की जांच कर सकते हैं।

सीखने और मार्केट उपलब्धता की मिली जानकारी- प्रगतिशील कृषक बालकृष्ण चौहान

इस अवसर पर बगीचा विकासखंड के ग्राम बंबा से आए प्रगतिशील किसान बालकृष्ण चौहान ने बताया कि इस सम्मेलन में उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला यहां आकर उन्हें अपने जहांगीर आम के लिए प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ साथ ही अपने आमों की मार्केटिंग एवं उपलब्ध मार्केट की जानकारी भी प्राप्त हुई। वही फरसाबहार विकासखंड के ग्राम सहसपुर की प्रगतिशील किसान हरिश्चंद्र साय ने कहा कि वे पिछले 10 वर्षों से आम एवं काजू का उत्पादन कर रहे हैं इस सम्मेलन में आने से उन्हें उपज की उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए माध्यम प्राप्त हुआ साथ ही विभिन्न फसलों की बुआई से लेकर उत्पादन एवं विक्रय करने के लिए जानकारियां भी प्राप्त हुईं।

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