कुल 105 वाहन चालकों के विरूद्ध धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत की गई है कार्यवाही.
ऑपरेशन सुरक्षा के तहत यातायात पुलिस दुर्ग की कार्रवाई : लगातार जारी रहेगी यातायात पुलिस दुर्ग की कार्यवाही.
दुर्ग. 13 अगस्त 2025 : यातायात पुलिस, दुर्ग ने 11 अगस्त की संध्या को “ऑपरेशन सुरक्षा” अभियान के तहत ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष जाँच अभियान चलाया। इस दौरान जिले के प्रमुख चौक और टोल प्लाज़ा पर चेकिंग प्वाइंट स्थापित कर ब्रीथ एनालाइज़र के माध्यम से वाहन चालकों का परीक्षण किया गया। कुल 105 वाहन चालकों को शराब पीकर वाहन चलाने पर धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने न केवल कानूनी कार्रवाई की, बल्कि चालकों को सड़क सुरक्षा और दुर्घटना के गंभीर परिणामों के बारे में जागरूक किया।

दिनांक 11 अगस्त 2025 की संध्या को यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा “ऑपरेशन सुरक्षा” अभियान के अंतर्गत जिले में ड्रिंक एंड ड्राइव के विरुद्ध विशेष जाँच अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में चेकिंग प्वाइंट स्थापित कर वाहन चालकों का ब्रीथ एनालाइज़र के माध्यम से परीक्षण किया गया। पिछले आंकड़ों और यातायात विश्लेषण के आधार पर यह पाया गया कि शाम से रात्रि के समय कुछ स्थानों पर यातायात घनत्व अधिक रहता है तथा दुर्घटना की संभावना अपेक्षाकृत अधिक होती है। साथ ही, इन क्षेत्रों में ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों की संख्या भी अधिक पाई गई। इस परिप्रेक्ष्य में विशेष चेकिंग प्वाइंट निम्न स्थानों पर स्थापित किए गए –
सूर्य मॉल चौक नेहरू नगर, मालवीय नगर चौक दुर्ग, पुलगांव चौक, कुम्हारी टोल प्लाज़ा, गुरुद्वारा तिराहा नेहरू नगर, ग्रीन चौक दुर्ग, सिरसा गेट चौक गदा चौक सुपेला, इन सभी स्थानों पर विशेष टीमों का गठन कर चेकिंग की गई।

जाँच के दौरान कुल 105 वाहन चालकों के द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक शराब का सेवन करना पाया गया, उनके विरुद्ध धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। संबंधित वाहनों को नियमानुसार जप्त किया गया। कार्रवाई के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा और सभी जाँच बिंदुओं पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया, साथ ही पुलिस अधिकारियों द्वारा चालकों को मौके पर ही यह समझाया गया कि शराब के नशे में वाहन चलाना न केवल चालक के जीवन के लिए बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। कई स्थानों पर चालकों को व्यक्तिगत रूप से चेतावनी देते हुए यह भी बताया गया कि दुर्घटना की स्थिति में परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक और भावनात्मक प्रभाव कितने गहरे हो सकते हैं।
यातायात पुलिस का उद्देश्य केवल कानूनी कार्रवाई करना नहीं बल्कि लोगों को जागरूक कर सुरक्षित यातायात आदतें विकसित करवाना है, ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं और जनहानि को रोका जा सके।
