दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का स्वर्णिम खेल सफर : राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर चमके दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के एथलीट्स, दिलाई भारत को स्वर्णिम सफलताएँ, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार मिल रही शानदार जीतें.

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे न केवल देश की आर्थिक प्रगति की धुरी है, बल्कि खेल जगत में भी उत्कृष्टता का प्रतीक बन चुका है। यहां के एथलीट्स ने अपने जज़्बे, अनुशासन और मेहनत के बल पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय सफलताएँ अर्जित की हैं। हाल ही में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के खिलाड़ियों ने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप, वर्ल्ड कॉन्टिनेंटल मीट, ईरान फज्र इंटरनेशनल चैलेंज, एशियन यूथ बॉक्सिंग और SABA वूमेन्स बास्केटबॉल जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में स्वर्णिम प्रदर्शन कर भारतीय खेल जगत को गौरवान्वित किया है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी हेप्टाथलॉन, 1500 मीटर दौड़, हैमर थ्रो, बॉक्सिंग और पावरलिफ्टिंग जैसे विभिन्न खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के खिलाड़ियों ने रेलवे की खेल परंपरा को और सुदृढ़ किया है।

खेल प्रतिभाओं को संवारने और उन्हें नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे सदैव अग्रणी रहा है। 1912 में निर्मित बिलासपुर स्थित नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट भवन से लेकर सेक्रसा क्रिकेट ग्राउंड और बॉक्सिंग ग्राउंड तक, रेलवे ने खिलाड़ियों को उत्कृष्ट अधोसंरचना, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल प्रदान किया है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के खिलाड़ी न केवल रेलवे परिवार बल्कि पूरे देश का नाम अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर रोशन कर रहे हैं और भविष्य में भी स्वर्णिम सफलताओं की नई गाथाएँ लिखने के लिए तत्पर हैं।

हाल के दिनों में भी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। सना माचू ने अंतर्राष्ट्रीय बॉक्सिंग टूर्नामेंट में भारत को पदक दिलाया है, जबकि भावना शर्मा का भारतीय महिला बॉक्सिंग टीम में चयन हुआ और उन्होंने 1 से 13 अगस्त 2025 तक बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित U-22 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किए। इन उपलब्धियों से स्पष्ट है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के खिलाड़ी आने वाले समय में भी देश को नई सफलताओं से आलोकित करेंगे।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के खिलाड़ियों ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। एथलीट पूजा ने एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत और वर्ल्ड कॉन्टिनेंटल मीट में स्वर्ण पदक जीता। बैडमिंटन खिलाड़ी ईशान भटनागर ने ईरान फज्र इंटरनेशनल चैलेंज में स्वर्ण, मुक्केबाज पूनम ने एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण और बास्केटबॉल खिलाड़ी देवयानी गंगवाल ने SABA वूमेन्स चैंपियनशिप में भारतीय टीम को स्वर्ण दिलाने में अहम योगदान दिया। राष्ट्रीय स्तर पर भी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की खिलाड़ियों ने स्वर्णिम उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पूजा शर्मा (हेप्टाथलॉन), रितेश ओहरे (1500 मीटर), रवि (हैमर थ्रो), सन्नामाचा चानू (बॉक्सिंग) और रेश्मा देवी (पावरलिफ्टिंग) ने स्वर्ण पदक हासिल किए, साथ ही मीनू (हरियाणा टीम) और छत्तीसगढ़ टीम ने राष्ट्रीय खेलों और बीच हैंडबॉल में स्वर्ण पदक प्राप्त कर रेलवे की उपलब्धियों को और सुदृढ़ किया। इसके अतिरिक्त रेलवे की क्रिकेट, खो-खो, बॉक्सिंग और हैंडबॉल टीमें भी निरंतर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।

बिलासपुर स्थित नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट भवन, जो वर्ष 1912 में निर्मित हुआ था, आज भी खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस भवन और उससे जुड़ी अधोसंरचना में खिलाड़ियों के लिए फुटबॉल, स्विमिंग, हॉकी, बास्केटबॉल, टेनिस और बैडमिंटन जैसी विभिन्न खेल विधाओं का अभ्यास करने की सुविधा उपलब्ध है। इसी प्रकार सेक्रसा क्रिकेट ग्राउंड युवा प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके अतिरिक्त बॉक्सिंग ग्राउंड भी खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय तैयारी और प्रतिस्पर्धात्मक अभ्यास के अवसर प्रदान कर रहा है। इन सभी सुविधाओं ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को खेल जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।

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