आरोपियों के विरूद्ध 317(2), 318(4), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध किया गया पंजीबद्ध.
आरोपीगणों का नाम – (1) अजय कुमार जंघेल पिता नरेन्द्र उम्र 19 साल पता आर्य नगर कोहका, (2) मिनेश पटेल पिता महेन्द्र पटेल उम्र 19 साल पता अम्बेडकर चौंक टिकरा पारा रायपुर, (3) पियुश जंघेल पिता संत कुमार उम्र 20 साल पता आर्यनगर कोहका, (4) आयुष नायडु पिता रमेश नायडु उम्र 22 साल पता ग्रीन वैली स्मृति नगर, (5) हर्ष चंन्द्राकर पिता लुकेश चंन्द्राकर उम्र 21 साल पता न्यु खुर्सीपार भिलाई.
दुर्ग. 05 सितंबर 2025 : भिलाई की सुपेला पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल कर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल की जानकारी के आधार पर की गई इस त्वरित कार्रवाई में आरोपी युवकों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा पीड़ित के खातों में साइबर ठगी का पैसा डालकर उसे एटीएम से निकालने की कोशिश की गई थी।
प्रार्थी मयंक जंघेल थाना आकर रिपोर्ट लिखाया था कि इसके कोटक महेन्द्रा बैंक सुपेला ब्रांच में खाता क्रमांक xxxxxx तथा छत्तीसगढ राज्य ग्रामीण बैंक छुईखदान खाता क्रमांक xxxxxxxxहै, जिसमें अपना लेन-देन करता है। प्रार्थी के जान पहचान का पीयुष जंघेल (आरोपी) के द्वारा दिनांक 02 सितंबर 2025 को शाम करीबन 04:00 बजे फोन से बोला कि उसके बैंक खाते में लिमिट हो गया है, उसे पैसा की आवश्यकता है। प्रार्थी के खाता में पैसा डालुंगा उसे कैश निकाल कर दे देना, तब प्रार्थी द्वारा उसे बोला गया कि कितना रकम निकालना है ? तब पीयुष जंघेल ने कहा एक लाख रूपए निकालना है, तब प्रार्थी बोला कि एक लाख रुपए नहीं निकल पायेगा, फिर पीयुष जंघेल बोला कितना निकल पायेगा तब प्रार्थी बोला कि इसके पास दो छोटा-छोटा एकाउंट है, जितना पैसा निकलेगा उतना निकाल कर दे दुंगा, तो पीयुष जंघेल ने कहा कि ठीक है, मैं आपके पास नहीं आ पाउंगा मेरे पापा मेरे घर मे आ रहे हैं, मैं अपने दोस्त मिनेश पाल तथा अजय कुमार जंघेल को आपके पास भेज रहा हूं।
कुछ देर बाद मिनेश पाल और अजय कुमार जंघेल प्रार्थी के पास माडल टाउन में आकर एटीएम के सामने मिनेश पाल ने अपने मोबाईल से फोन पे के माध्यम से युपीआई आईडी में प्रार्थी के छत्तीसगढ राज्य ग्रामीण बैंक के खाता क्रमांक xxxxxxx में 20,000/- रूपए डाला जिसमें मुस्कान साहू का नाम प्रार्थी के मोबाईल में दिखा एवं कोटक महेन्द्रा बैंक खाता क्रमांक xxxxxxxx में 37,000/- रूपए डाला, जिसमें भी मुस्कान साहू का नाम दिखा फिर प्रार्थी व्दारा उक्त राशि को अपने ग्रामीण बैंक के एटीएम कार्ड के माध्यम से 20,000/- रूपए एसबीआई एटीएम नेहरू नगर गुरूद्वारा रोड के पास से निकाल कर दिया तथा कोटक महेन्द्रा बैंक का मेरे पास एटीएम कार्ड नहीं होने से उस पैसा को मेरे दोस्त शुभम वर्मा के मोबाईल पर फोन पे नंबर xxxxxxx पर ट्रांसफर किया, मैं अपने दोस्त शुभम का एटीएम कार्ड रखा था, जिसका पिन नंबर मुझे शुभम ने बताया था, उसी एटीएम कार्ड से 37,000/- रूपए निकाल कर कुल 57,000/- रूपए मिनेश पाल को दिया था।
दिनांक 02 सितंबर 2025 को शाम करीबन 05:00 बजे प्रार्थी आईसक्रीम खाने अपने घर के पास के ठेला में गया और 20/- रूपए का आईसक्रीम खाकर अपने मोबाईल से पेमेंट करना चाहा तो खाता ब्लाक हो गया था। तब दिनांक 03 सितंबर 2025 को सुबह करीबन 09:00 बजे कस्टरमर केयर को फोन करके बताया कि इनके खाता से पैसा ट्रांसफर क्यों नहीं हो रहा है तब कस्टमर केयर वाले ने बताया कि आपके खाता को साबयर सेल से फ्रीज कराया गया है, साबयर सेल में जाकर मिलो, कहने पर प्रार्थी सायबर सेल भिलाई गया, तब जानकारी हुआ कि इसके खाता में सायबर आनलाईन ठगी का रकम आया है।
इस प्रकार पीयुष जंघेल, मिनेश पाल तथा अजय कुमार जंघेल के द्वारा प्रार्थी के खाता में ऑनलाईन ठगी की रकम को प्राप्त कर इसके खाता में बेईमानी व प्रर्वचना पूर्ण तरीके से अवैध धनलाभ अर्जित करने के प्रयोग में लाकर संपत्ति का संवर्धन कर प्रार्थी के खाता में अवैध रूप से धनअर्जित कर 57,000/- रूपए को छल करते हुये खाता में सायबर ऑनलाइन ठगी की रकम को जमा कर छलपूर्वक बेईमानी से आरोपी पीयुष जंघेल, मिनेश पाल तथा अजय कुमार जंघेल द्वारा ठगी की रकम को जमा कर एटीएम कार्ड से पैसा निकलवाकर धोखाधडी किया है, जिसकी रिपोर्ट करता हूं। रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के विरूद्ध 317(2), 318(4), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों के बारे में पता कर घेराबंदी कर तीन आरोपी व दो विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर धारा 35(1) बीएनएस उच्च न्यायालय के दिये गाईड लाईन का पालन करते हुये वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
इस प्रकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी सुपेला विजय यादव, उपनिरीक्षक चितराम ठाकुर, प्रधान आरक्षक सुबोध पाण्डेय, आरक्षक सुर्य प्रताप सिंह, आरक्षक दुर्गेश सिंह राजपुत, आरक्षक मिथलेश साहु का विशेष योगदान रहा है।
