आदिकर्मयोगी अभियान: जशपुर के 417 गाँवों में स्थापित होंगे “आदि सेवा केंद्र”, ग्रामीणों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ

जशपुर 19 सितम्बर 2025/ आदिकर्मयोगी अभियान के तहत सेवा पखवाड़ा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जशपुर जिले में मनाया जा रहा है । इस अवसर पर जशपुर जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिले के 417 ग्राम में ग्राम स्तर पर समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए “आदि सेवा केंद्र” की स्थापना की जा रही है। इन सेवा केंद्रों का उद्देश्य स्थानीय लोगों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं से सीधे जोड़ना तथा उन्हें समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से लाभान्वित करना है। इन आदि सेवा केन्द्रों में सभी विभागों के प्रमुख के बारे में जानकारी अंकित की जाएगी । यहाँ शिकायत निवारण पंजी भी होगी जिसमे ग्रामीणजन अपनी समस्या लिखेंगे जिसका निश्चित समय में निवारण करना अनिवार्य है ।

इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि जिले के 417 गाँवों में ग्राम कार्ययोजना (Village Action Plan) तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। ग्राम कार्ययोजना ग्रामीण विकास की आधारशिला के रूप में कार्य करेगी, जिसमंइ शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, पोषण, कृषि, महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं के कौशल विकास जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

ग्राम कार्ययोजना निर्माण की इस प्रक्रिया को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जा रही है। सरपंच, पंच, जनपद सदस्य एवं अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आदि सेवा केन्द्रों की स्थापना की जा रही है ।जहाँ ग्रामीण अपनी प्राथमिकताओं एवं आवश्यकताओं को साझा कर रहे हैं। इस प्रकार ग्राम स्तर पर एक समावेशी एवं सहभागी कार्यप्रणाली विकसित हो रही है।

आदि सेवा केंद्रों की स्थापना से ग्रामीणों को सभी प्रमुख शासकीय योजनाओं की जानकारी एवं सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इससे शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन गति पकड़ेगा और सेवा प्रदायगी में पारदर्शिता आएगी ।

जिला प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से जशपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में विकास की नई धारा प्रवाहित होगी। ग्राम कार्ययोजना निर्माण के साथ ही ग्रामीणों की भागीदारी और जिम्मेदारी भी सुनिश्चित होगी, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन न केवल अधिक प्रभावी होगा, बल्कि ग्रामीणों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप होगा ।

आदि सेवा पखवाड़ा के दौरान चल रहे इस अभियान से यह अपेक्षा की जा रही है कि जशपुर जिला राज्य ही नहीं, देश के अन्य आदिवासी अंचलों के लिए भी एक मॉडल जिला के रूप में स्थापित होगा।

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