थाना मंदिर हसौद क्षेत्रांतर्गत जिंदल फैक्ट्री के पीछे दिये थे मृतक सिद्धार्थ भतपहरी की हत्या की घटना को अंजाम.
आपसी विवाद बना हत्या का कारण, आरोपियों द्वारा साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से जला दिये थे शव को.
प्रकरण में एक अन्य आरोपी है फरार, जिसकी पतासाजी कर गिरफ्तार करने के किये जा रहे है हर संभव प्रयास.
आरोपियों के विरूद्ध थाना मंदिर हसौद में अपराध क्रमांक 483/25 धारा 103(1), 238(1), 3(5) बी.एन.एस. का अपराध किया गया है पंजीबद्ध.
रायपुर : थाना मंदिर हसौद पुलिस ने जिंदल फैक्ट्री के पीछे हुई युवक सिद्धार्थ भतपहरी की हत्या के मामले का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी तरुण शुक्ला और उसके साथी सुभाष शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आपसी विवाद के चलते दोनों आरोपियों ने सिद्धार्थ की निर्मम हत्या कर शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी।
इस प्रकरण में तीसरा आरोपी ओमप्रकाश मिश्रा अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
प्रार्थी मिथलेस भतपहरी ने थाना मंदिर हसौद में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि दिनांक 05 अक्टूबर 2025 को उसका भाई सिद्धार्थ भतपहरी अपने घर से नहाने के लिये पास के तालाब में गया था जो वापस नहीं आया, जिसकी पतासाजी के दौरान दिनांक 08 अक्टूबर 2025 को मंदिर हसौद पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि मंदिर हसौद स्थित जिंदल फैक्ट्री के पीछे गिट्टी खदान खाली प्लांट में एक शव पड़ा है, जिसकी पहचान सिद्धार्थ भतपहरी के रूप में की गई। प्रथम दृष्टया एवं घटना-स्थल निरीक्षण में पाया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मृतक सिद्धार्थ भतपहरी का सिर एवं गले में गंभीर चोट एवं साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जलाना पाया गया था। जिस पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना मंदिर हसौद में अपराध क्रमांक 483/25 धारा 103, 238(1) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
हत्या की घटना को पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा गंभीरता से लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नया रायपुर श्री विवेक शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संदीप मित्तल, नगर पुलिस अधीक्षक माना श्री लम्बोदर पटेल, उप पुलिस अधीक्षक क्राईम श्री संजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक परेश पाण्डेय एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना प्रभारी मंदिर हसौद को अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना मंदिर हसौद पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अज्ञात मृतक के संबंध में पतासाजी करते हुये आसपास के लोगों व ग्रामों में पूछताछ करते हुये अज्ञात आरोपी की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। आसपास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों का अवलोकन करने के साथ ही प्रकरण में मुखबीर लगाकर अज्ञात आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे थे। इसी दौरान टीम के सदस्यों को घटना में संलिप्त आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा मंदिर हसौद निवासी तरूण शुक्ला की पतासाजी कर पकड़ कर घटना के संबंध में कड़ाई से पूछताछ करने पर उसके द्वारा अपने साथी सुभाष शर्मा एवं ओमप्रकाश मिश्रा के साथ मिलकर मृतक सिद्धार्थ भतपहरी की हत्या की घटना को अंजाम देना बताने के साथ-साथ साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जलाना बताया गया।
पूछताछ में आरोपी/अपचारी द्वारा आपसी विवाद होने के कारण हत्या की घटना को अंजाम देना बताया गया। जिस पर दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध कार्यवाही की गई है।
प्रकरण में एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी पतासाजी कर गिरफ्तार करने के हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपी –
01. तरूण शुक्ला पिता राजेश्वर शुक्ला उम्र 19 साल निवासी नवीन चौक थाना मंदिर हसौद रायपुर,
02. सुभाष शर्मा पिता रामअवतार शर्मा उम्र 20 साल निवासी ग्राम जकारा थाना मंदिर हसौद रायपुर,
इस प्रकरण की कार्यवाही में निरीक्षक आशीष यादव थाना प्रभारी मंदिर हसौद, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट से प्रभारी निरीक्षक परेश कुमार पाण्डेय, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र भार्गव, प्रधान आरक्षक जसवंत सोनी, महिला प्रधान आरक्षक बसंती मौर्य, आरक्षक मुनीर रजा, आरक्षक लक्ष्मी नारायण साहू, आरक्षक अविनाश टण्डन, आरक्षक राहुल गौतम, आरक्षक प्रवीण मौर्य, महिला आरक्षक बबीता देवांगन तथा थाना मंदिर हसौद से सहायक उपनिरीक्षक चंद्रहास वर्मा, प्रधान आरक्षक मोहन तिवारी, प्रधान आरक्षक राकेश कुमार साहू तथा प्रधान आरक्षक युवराज वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
