90 कंपनियों की प्रदर्शनी, 280 हाइब्रिड किस्में, हाई-टेक शेडनेट: जशपुर के कृषकों ने रायपुर में देखा भविष्य की खेती

जशपुर जिले के कृषकों ने किया रायपुर में आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों का अवलोकन

50 किसानों ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना अंतर्गत किया अध्ययन भ्रमण

जशपुर : राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत जशपुर जिले के कुल 50 कृषकों का दल उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों के साथ अध्ययन भ्रमण हेतु रायपुर पहुंचा। इस भ्रमण का प्रमुख उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत पद्धतियों, नवीन कृषि उपकरणों तथा नवाचार फसलों की जानकारी प्रदान करना रहा।

सीबी क्रॉप शो 2025 का अवलोकन –

कृषक दल को चावड़ाबाग, रायपुर में आयोजित सीबी क्रॉप शो 2025 के तीन दिवसीय कार्यक्रम का विस्तृत भ्रमण कराया गया। कार्यक्रम में 30 से अधिक सब्जियों तथा 280 से अधिक हाइब्रिड किस्मों का फसल प्रदर्शन किया गया था। साथ ही 90 से अधिक कंपनियों द्वारा बीज, खाद, दवाइयां, कृषि उपकरण एवं अन्य सामग्री की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों ने विभिन्न स्टॉलों एवं उद्यानिकी फसलों की जीवंत प्रदर्शनी का निरीक्षण कर नवीनतम जानकारी प्राप्त की।

वीएनआर में उन्नत किस्मों का अध्ययन –

इसके पश्चात कृषकों ने वीएनआर में ग्राफ्टेड बैंगन, टमाटर, मिर्च, पत्तागोभी एवं फूलगोभी की उन्नत किस्मों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों द्वारा सब्जियों के हाईब्रिड बीज उत्पादन की तकनीक भी किसानों को समझाई गई। दल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस (शेडनेट हाउस एवं प्रिसिजन फार्मिंग) का भी भ्रमण किया। यहाँ शेडनेट के अंदर टमाटर, ड्रैगनफ्रूट की फसलें तथा अंतरवर्ती फसल के रूप में फूलगोभी व मिर्च दिखाई गईं। साथ ही गेंदा की इंटरक्रॉपिंग के मॉडल भी प्रस्तुत किए गए।

किसानों में उत्साह, सीख को खेतों में अपनाने का संकल्प –

आधुनिक तकनीकों को प्रत्यक्ष देखकर किसानों ने गहरी रुचि एवं उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अध्ययन दौरे उन्हें वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने की प्रेरणा देते हैं। किसानों ने बताया कि वे यहाँ सीखी गई उन्नत तकनीकों को अपने खेतों में अपनाकर उत्पादन एवं आय में वृद्धि सुनिश्चित करेंगे। उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों ने किसानों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की और अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। विभाग का उद्देश्य है कि जिले के कृषकों को आधुनिक एवं तकनीकी खेती से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाया जाए।

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