जारी है भारत को विश्व खेल मंच में स्थापित करने की कोशिश : 2026-27 में खेल गतिविधि हेतु केंद्र सरकार द्वारा 2615.90 रु. आबंटित
रायपुर : खेलकूद का जीवन में महत्व को आधुनिक युग में अधिक करीब से समझा जा रहा है। इसके लिए देश-विदेश में लगातार कोशिश की जा रही है जबकि मनुष्य अपनी जिंदगी में लंबे समय तक निरोग और फिट रह सके। भारत में आज करीब 145 करोड़ की आबादी में से 18 से 35 वर्ष के युवाओं की संख्या लगभग 28 से 38 करोड़ तक हो चुकी है। हमारे देश में उपलब्ध युवा मानव शक्ति में आने वाले समय में दुनिया में उथल-पुथल करने की क्षमता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अब तक के अपने कार्यकाल में हमारे देश की खेल नीति में व्यापक परिवर्तन किया है। इसमें सबसे प्रमुख कार्यक्रम 2016-17 से जमीन से जुड़ी खेल प्रतिभाओं की खोजकर सामने लाने के लिए खेलों इंडिया की शुरुआत है। इसके लिए उन्होंने बजट में कभी भी कमी नहीं होने दी। खेलो इंडिया 2016-17 में 500 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया था जिसे अब 2026-27 के बजट में 924.35 करोड़ कर दिया गया है। खेलो इंडिया का नाम अब खेलो इंडिया मिशन कर दिया गया है। इस प्रकार 2036 को भारत के अहमदाबाद में ओलंपिक खेलों के आयोजन के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षा के परिप्रेक्ष्य में बजट पर खिलाडिय़ों की खोज, खेलो इंडिया यूथ गेम्स, पैरा गेम्स, विश्वविद्यालय गेम्स, विंटर गेम्स, बीच गेम्स, ट्राइबल गेम्स आदि प्रतियोगिताओं के आयोजन, प्रशिक्षण केंद्रों के निर्माण प्रशिक्षक अत्याधुनिक जिम, अत्याधुनिक खेल सामग्री तथा जरूरत के अनुसार विभिन्न खेलों के प्रशिक्षण के दौरान खेल चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, डायटिशियन, ट्रेनर तथा अन्य सहायक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है जससे हमारे देश के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में विपक्षी खिलाडिय़ों को बराबरी का टक्कर दे सके। 2026-27 के बजट में खेलो इंडिया को मिशन का रूप दिया गया है। अगले 10 सालों में खेल क्षेत्र में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण, रोजगार और कौशल पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा। केंद्र सरकार खेल मंत्रालय द्वारा भारत में खेलो के चहुंमुखी विकास के लिए 2014-15 वित्तीय वर्ष में 1259 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था जबकि 2026-27 में खेलों के लिए 2615.90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार हम पाते हैं कि 2014-15 के पश्चात् भारत में खेलकूद के विकास के लिए एक निश्चित उद्देश्य के साथ प्रयास किया गया है। जिसका परिणाम हमें देखने को मिल रहा है। भारत सरकार द्वारा 2036 के ओलंपिक खेलों में अधिक से अधिक पदक हासिल करने वाले एथलीट तैयार किये जा सकेंगे। कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के साथ भारत विश्व मंच में एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहा है। इसमें बच्चों, किशोरों, युवाओं तथा अभिभावकों को आगे आना होगा तभी इती बड़ी राशि खर्च किए जाने की सार्थकता सिद्ध होगी।
विशेष लेख – जसवंत क्लाडियस, वरिष्ठ खेल पत्रकार
