जशपुर में बेटियों की सुरक्षा और बच्चों के स्वास्थ्य की दोहरी पहल: एचपीवी टीकाकरण अभियान व शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ, सर्वाइकल कैंसर रोकथाम और कुपोषण नियंत्रण पर विशेष फोकस

बेटियों की सुरक्षा और बच्चों के स्वास्थ्य की दोहरी पहल

जशपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान व शिशु संरक्षण माह का हुआ शुभारंभ

सर्वाइकल कैंसर से बचाव और कुपोषण नियंत्रण पर रहेगा फोकस

जशपुर : जिले में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज एचपीवी टीकाकरण अभियान तथा शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया गया। जिला चिकित्सालय जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत के आतिथ्य में दोनों अभियानों की शुरुआत हुई। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों एवं किशोरी बालिकाओं को समय पर टीकाकरण कराकर इन अभियानों का लाभ अवश्य लें, ताकि भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक श्री मुकेश सोनी, डॉ. विपिन इंदवार , सिविल सर्जन डॉ. कपिलदेव कश्यप , डॉ. आर.एस. पैंकरा, डॉ. अनुभा, श्री राजेश कुरील, वीसीसीएम श्री राजेश , एएनएम श्रीमती अनिता सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मितानिन एवं आमजन मौजूद रहे।

एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत, पहली वैक्सीन साक्षी सोनवानी को –

जिले की किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। इस दौरान जिले में पहला एचपीवी टीका भागलपुर जशपुर निवासी कुमारी साक्षी सोनवानी को लगाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिले में इस अभियान के लिए 9638 किशोरियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि प्रथम चरण में 3085 डोज वैक्सीन प्राप्त हुई है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन का शुभारंभ राष्ट्रीय स्तर पर 28 फरवरी 2026 को किया गया है। यह टीका गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से बचाव में अत्यंत प्रभावी है और समय पर टीकाकरण से इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिले में कैंसर के 10 संदिग्ध प्रकरण सामने आए हैं, जिनमें सर्वाइकल कैंसर एवं ब्रेस्ट कैंसर के एक-एक मरीज की पुष्टि हुई है, जिनका उपचार जारी है।

शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ, बच्चों को पिलाया गया विटामिन ए –

इसी अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत द्वारा एक बच्चे को विटामिन ए की खुराक पिलाकर शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन एवं जिला टीकाकरण अधिकारी द्वारा भी बच्चों को विटामिन ए एवं आयरन सिरप पिलाया गया। जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि शिशु संरक्षण माह का आयोजन 17 मार्च से 21 अप्रैल 2026 तक किया जा रहा है। इस दौरान प्रति मंगलवार एवं शुक्रवार को वीएचएनडी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक एवं आयरन (आईएफए) सिरप पिलाकर प्रतिरक्षित किया जाएगा।

बच्चों के समग्र स्वास्थ्य के लिए विशेष सेवाएं –

शिशु संरक्षण माह के दौरान बच्चों को विटामिन ए एवं आयरन सिरप देने के साथ-साथ टीकाकरण, वजन मापन, आयु अनुसार पोषण आहार की जानकारी तथा पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा। गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कर उपचार भी सुनिश्चित किया जाएगा। जिले में इस अभियान के अंतर्गत कुल 81,865 बच्चों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कुल 2672 सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पत्थलगांव, फरसाबहार, कांसाबेल, बगीचा, कुनकुरी, दुलदुला, लोदाम और मनोरा विकासखंड शामिल हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि विटामिन ए अनुपूरण और एनीमिया नियंत्रण से बाल मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। साथ ही कुपोषण नियंत्रण, शीघ्र एवं पूर्ण स्तनपान तथा समय पर पूरक आहार से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार संभव है।

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