बाबा द्वारा एक महिला के शरीर के दर्द को ठीक करने का झांसा देकर अनाचार करना.
फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील फोटो सोशल मीडिया में पोस्ट कर वायरल करते हुए ब्लैकमेल भी करना.
आरोपी स्वामी निर्मल जी उर्फ निर्मल बाबा (उम्र 60 वर्ष) मूल निवासी नाशिक (महाराष्ट्र) के विरुद्ध BNS की धारा 64(2) (एम) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत की गई कार्यवाही.
जांजगीर-चांपा : आस्था के नाम पर धोखाधड़ी और शोषण का एक सनसनीखेज मामला जांजगीर-चांपा से सामने आया है, जहां एक तथाकथित “चमत्कारी बाबा” ने इलाज का झांसा देकर महिला के साथ गंभीर अपराध को अंजाम दिया। पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई से आरोपी को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना समाज को सचेत करने के साथ-साथ अंधविश्वास के खतरनाक पहलुओं को उजागर करती है।
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी स्वामी निर्मल जी उर्फ निर्मल बाबा के खिलाफ शरीर के दर्द को ठीक करने का झांसा देकर एक महिला को अपने जाल में फंसाने और उसके साथ बार-बार अनाचार करने वाले आरोपी “निर्मल बाबा” को प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में थाना पामगढ़ पुलिस ने एसडीओपी (SDOP) अकलतरा श्री प्रदीप कुमार सोरी के नेतृत्व में धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
क्या है पूरा मामला ?
पीड़िता ने दिनांक 11 अप्रैल 2026 को थाना पामगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि चैत्र नवरात्रि के दौरान आरोपी पामगढ़ क्षेत्र के एक गांव में “पदयात्रा” करते हुए आया था और खुद को चमत्कारी बाबा बताकर लोगों की समस्याएं दूर करने का दावा करता था।
पीड़िता अपनी सहेली के साथ उससे मिलने गई, जहां आरोपी ने उसका हाथ देख कर इलाज का भरोसा दिया और मोबाइल नंबर ले लिया। बाद में 26 मार्च को पामगढ़ क्षेत्र के बाजार में बुलाकर उसे “प्रसाद” दिया और अपने साथ चलने के लिए बहलाया।
आरोपी के झांसे में आकर पीड़िता उसके साथ बिलासपुर और फिर ट्रेन से मध्य प्रदेश के मैहर पहुंची, जहां होटल में ठहराया गया। वहां आरोपी ने “इलाज” के नाम पर बार-बार जबरदस्ती अनाचार किए इसके बाद दिनांक 01 अप्रैल 2026 को आरोपी पीड़िता को बिलासपुर में छोड़ कर फरार हो गया।
सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल –
पीड़िता के घर लौटने के बाद आरोपी लगातार फोन कर परेशान करने लगा। नंबर ब्लॉक करने पर उसने पीड़िता के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बना कर अश्लील फोटो पोस्ट कर वायरल कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई –
महिला पर घटित अपराध की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में टीम गठित किए जाने के उपरांत पुलिस टीम द्वारा दिनांक 21 अप्रैल 2026 को धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में दबिश देकर आरोपी को पकड़ा गया, जिसको हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार किए जाने से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
इस प्रकरण की कार्यवाही में निरीक्षक सावन सारथी थाना प्रभारी पामगढ, प्रधान आरक्षक रामलाल मार्कडेय, आरक्षक सूरज सिंह पाटले, आरक्षक नवनी रात्रे थाना पामगढ का सराहनीय योगदान रहा।
