आर्यभट्ट विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजना: 12वीं पास अनुसूचित जाति व जनजाति छात्रों को दुर्ग और जगदलपुर में निःशुल्क शिक्षा, 15 जून तक आवेदन
जशपुर : आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ’आर्यभट्ट विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजना’ अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है। योजना के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र के अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र-छात्राओं को विज्ञान एवं वाणिज्य विषय में उच्च शिक्षा हेतु निःशुल्क सुविधा दी जाएगी।
योजनांतर्गत बालिकाओं को जिला-दुर्ग कन्या एवं बालकों को जिला जगदलपुर, बस्तर में संचालित विज्ञान वाणिज्य शिक्षण केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। पात्रता हेतु विद्यार्थियों का अनुसूचित क्षेत्र का अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग का होना अनिवार्य है। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने 12वीं बोर्ड परीक्षा न्यूनतम 40 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की हो तथा विज्ञान और वाणिज्य विषय के साथ आगे की पढ़ाई के इच्छुक हों।
सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार चयनित विद्यार्थियों को विभाग के साथ अनुबंध पत्र हस्ताक्षर करना होगा कि पढ़ाई पश्चात वे अनुसूचित क्षेत्रों में शिक्षक के रूप में सेवाएं देने के लिए सहमत हैं। अस्थाई प्रवेश के पश्चात समस्त विद्यार्थियों को स्वयं की रुचि से संबंधित जिला मुख्यालय अथवा आस-पास संचालित शासकीय अथवा मान्यता प्राप्त महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में विज्ञान और वाणिज्य विषय की स्नातक अथवा स्नातकोत्तर कक्षाओं में 15 दिवस के अंदर प्रवेश लेना अनिवार्य होगा। नियमित शिक्षण संस्थान में प्रवेश के बाद विद्यार्थी को योजना के तहत दी जाने वाली अन्य सुविधाओं की पात्रता होगी। स्नातक स्तर पर 1 वर्ष परीक्षा अनुत्तीर्ण विद्यार्थी को पुनः शासकीय व्यय पर 1 वर्ष के लिए प्रवेश की पात्रता होगी।
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित है। पात्र विद्यार्थी कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जिला-जशपुर के उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों एवं छात्रावासों से निर्धारित प्रारूप प्राप्त कर वांछित समस्त दस्तावेजों के साथ दिनांक 15 जून 2026 तक कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, जशपुर में जमा कर सकते हैं। अधिक जानकारी हेतु कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, कलेक्टरेट जशपुर में संपर्क किया जा सकता है।
