विशेष लेख : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर बना मत्स्य उत्पादन का मॉडल जिला, आधुनिक तकनीक, 60% अनुदान और प्रशिक्षण से 7 हजार से अधिक मत्स्य पालकों को मिला आर्थिक सशक्तिकरण

मत्स्य पालन से किसानों में बढ़ी आत्मनिर्भरता

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का किसानों को मिल रहा लाभ

जशपुर में नया रिकॉर्ड 22 महीनों में 22,805 मीट्रिक टन मछली उत्पादन

जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर ने मत्स्य उत्पादन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति आई है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जशपुर में मत्स्य उत्पादन का नया रिकॉर्ड 22 महीनों में 22,805 मीट्रिक टन उत्पादन, किसानों की आय में वृद्धि भी हो रही है।

मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 18.50 करोड़, स्पॉन, 2.55 करोड़, स्टे फ्राय और 2.94 करोड़ बीज संचयन किया गया है।

इसके साथ ही आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीक और अनुदान योजनाओं से मत्स्यपालकों की आत्मनिर्भरता बढ़ी है।

ग्रामीण स्तर पर 77.67 हेक्टेयर तालाब और 295. 27 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा, नाव-जाल  फिंगरलिंग, बीमा और विक्रय सहायता के माध्यान से 7,000+ हितग्राहियों को लाभ मिला है।

योजना के तहत तालाब निर्माण, पौण्ड लाइनर, बायोफ्लॉक इ‌काइयों और 60% तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। मत्स्य व्यवसाय में विविधता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती आई है।

इसके साथ ही मत्स्य किसानों को एक्सपोजर विजिट (मछली पालन) अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है ताकि मछली पालन से जुड़े समूह और किसान वैज्ञानिक तकनीक से मछली पालन सीख सकें तालाब एवं बीज प्रबंधन,आहार एवं देख भाल,रोग नियंत्रण की अच्छी जानकारी मत्स्य पालकों को मिल सके।

सहायक संचालक जनसंपर्क जशपुर श्रीमती नूतन सिदार  

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