खाद की कालाबाजारी पर कृषि विभाग सख्त: अधिक कीमत वसूली की शिकायत के लिए जारी हुए हेल्पलाइन नंबर, किसानों से बिल लेकर ही उर्वरक खरीदने की अपील

उर्वरक कालाबाजारी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री की शिकायत करने हेल्पलाइन नंबर 8770482889 एवं 7974291099 जारी

शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही खाद बीज की करें खरीदी

जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद बीज मौजूद – कृषि विभाग

जशपुर : खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में किसानों को खाद, बीज एवं कृषि ऋण की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित दर पर खाद एवं बीज प्राप्त करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल विभाग को दें। विभाग ने किसानों से अपील की है कि निजी विक्रेताओं से उर्वरक खरीदते समय अनिवार्य रूप से बिल प्राप्त करें। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचता है या कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा डायवर्सन जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग के हेल्पलाइन नंबर 8770482889 एवं 7974291099 पर दें। उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले के सभी सहकारी एवं निजी विक्रय केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अवैध भंडारण रोकने के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद, बीज एवं ऋण की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 कृषि विभाग ने किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक खरीदने की सलाह दी है। शासन द्वारा प्रति बोरी यूरिया का मूल्य 266.50 रुपये, डीएपी 1350 रुपये, सुपर फास्फेट पाउडर 551 रुपए, सुपर फास्फेट दानेदार 591 रुपए, जिंकेटेड सुपर फास्फेट 576 रुपए, टीएसपी 1300 रुपए, एनपीके 20:20:0:13 1850 रुपए, एनपीके 10:26:26 1990 रुपए तथा पोटाश 1975 रुपये निर्धारित की गई हैं। इसी प्रकार नैनो यूरिया 500 मिलीलीटर की बोतल 225 रुपये तथा नैनो डीएपी 600 रुपये प्रति बोतल निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध है।

 उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में सभी 44 सहकारी समितियों में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा लगातार भंडारण बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में जिले की 44 सहकारी समितियों में कुल 10,274.240 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक उपलब्ध हैं। इनमें यूरिया 5288.390 मीट्रिक टन, डीएपी 2739.950 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 597.200 मीट्रिक टन, एनपीके 1038.450 मीट्रिक टन तथा पोटाश 610.250 मीट्रिक टन शामिल हैं। अब तक किसानों को कुल 5381.840 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। इसी प्रकार सहकारी समितियों में 7672.20 क्विंटल धान बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें से अब तक 2547.06 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि समितियों में खाद एवं बीज का भंडारण निरंतर जारी है और किसानों को किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। किसानों को खेती के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सहकारी समितियों के माध्यम से कृषि ऋण भी वितरित किया जा रहा है। जिले में अब तक 11 हजार 699 किसानों को 3465.47 लाख रुपये नगद तथा 804.54 लाख रुपये वस्तु ऋण के रूप में उपलब्ध कराए गए हैं। इस प्रकार कुल 4270.01 लाख रुपये का कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 702.66 लाख रुपये अधिक कृषि ऋण किसानों को प्रदान किया गया है।

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