रायगढ़ साइबर थाना की टीम ने नाबालिग बालिका के आपत्तिजनक फोटो-वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा करने वाले बाल अपचारी को पकड़ा.
इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर नाबालिग बालिका के फोटो-वीडियो चैट ग्रुप में किए थे शेयर, अपराध में प्रयुक्त मोबाइल जब्त, किशोर न्यायालय में पेश कर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया.
“सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर बच्चों की निजता और सम्मान से खिलवाड़ करने वालों पर रायगढ़ पुलिस की कड़ी नजर है”— एसएसपी शशि मोहन सिंह.
रायगढ़ : डिजिटल युग में सोशल मीडिया जहां संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है, वहीं इसके दुरुपयोग के गंभीर मामले भी सामने आ रहे हैं। रायगढ़ साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे ही मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा करने वाले विधि से संघर्षरत बाल अपचारी को पकड़ा है। तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में अपराध में प्रयुक्त मोबाइल भी जब्त किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल अपचारी को किशोर न्यायालय में पेश कर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है।
साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में 19 मई 2026 को चक्रधरनगर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि उसकी नाबालिग पुत्री के आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपलोड एवं प्रसारित किए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी साइबर श्रीमती उन्नति ठाकुर द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए अज्ञात इंस्टाग्राम यूजर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 05/2026 धारा 79 बीएनएस, 67-बी आईटी एक्ट एवं 12 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा डीएसपी साइबर श्रीमती उन्नति ठाकुर के सुपरविजन में साइबर थाना की टीम द्वारा तकनीकी जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान संबंधित इंस्टाग्राम आईडी की पहचान कर उसके संचालक तक पहुंच बनाई गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इंस्टाग्राम अकाउंट संचालित करने वाले की पहचान एक विधि के साथ संघर्षरत बालक (17.4 माह) के रूप में हुई।
थाना साइबर द्वारा बाल अपचारी को 19 जून को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने नाबालिग बालिका एवं अन्य दोस्तों से इंस्टाग्राम पर दोस्ती करना तथा बालिका के आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो विभिन्न चैट ग्रुपों में साझा करना स्वीकार किया। मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर बाल अपचारी के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया गया।
प्रकरण में वैधानिक कार्रवाई करते हुए बाल अपचारी को किशोर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। साइबर थाना द्वारा मामले की आगे की जांच जारी है तथा डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। मामले में थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह एवं हमराह स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश – “अभिभावक अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखें तथा उन्हें सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक करें। बच्चों को अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन मित्रता करने, निजी फोटो-वीडियो साझा करने तथा व्यक्तिगत जानकारी देने से बचने की सीख दें। सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर बच्चों की निजता और सम्मान को प्रभावित करने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस द्वारा सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
