डायल-112 बनी जीवनरक्षक, सर्पदंश पीड़ित को समय पर पहुंचाया अस्पताल
तत्पर पुलिस सहायता से सर्पदंश पीड़ित को मिला त्वरित उपचार, बची जान.
नारायणपुर : आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया ही जीवन बचाने की सबसे बड़ी कुंजी होती है। छत्तीसगढ़ पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक बार फिर अपनी दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सर्पदंश पीड़ित को समय पर अस्पताल पहुंचाकर एक जीवन सुरक्षित किया। यह घटना पुलिस की तत्परता और जनसेवा के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण है।
छत्तीसगढ़ पुलिस की डायल-112 आपातकालीन सेवा ने एक बार फिर अपनी तत्परता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सर्पदंश से पीड़ित एक ग्रामीण को समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया।
दिनांक 22 जून 2026 को डायल-112 को सूचना प्राप्त हुई कि थाना एड़का क्षेत्रांतर्गत ग्राम बड़ागांव में एक व्यक्ति को सर्प ने काट लिया है। सूचना मिलते ही डायल-112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई और लगभग 28 किलोमीटर की दूरी तय कर मौके पर पहुंची।
पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए सर्पदंश पीड़ित को सुरक्षित रूप से वाहन में बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो पहुंचाया, जहां उसे तत्काल उपचार हेतु भर्ती कराया गया। समय पर पुलिस सहायता एवं चिकित्सा सुविधा मिलने से पीड़ित को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सका और उसकी स्थिति सुरक्षित रही।
नारायणपुर पुलिस आमजन की सुरक्षा एवं सहायता के लिए सदैव तत्पर है। आपातकालीन परिस्थितियों में डायल-112 सेवा निरंतर लोगों तक त्वरित सहायता पहुंचाकर जनसेवा का कार्य कर रही है।
