सड़क हादसों के खिलाफ जशपुर पुलिस की सबसे बड़ी जंग : एक दिन, 766 गांव और बना विश्व रिकॉर्ड ! जशपुर पुलिस के अभियान ने पूरे देश का खींचा ध्यान, 766 गांवों में गूंजा हेलमेट का संदेश, वर्ल्ड रिकॉर्ड हुआ दर्ज.

यातायात जागरूकता एवं सड़क सुरक्षा के संबंध में जशपुर पुलिस के द्वारा ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक ही दिन में जिले के 766 गांवों में जन चौपाल लगाकर प्रत्येक गांव के अंतिम व्यक्ति तक हेलमेट पहनने हेतु जागरूकता अभियान चलाकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में जशपुर पुलिस का नाम दर्ज कराया है।हेलेमेट जागरूकता अभियान में पुलिस के द्वारा की गई कार्यवाही पर लगातार निगाह रख परीक्षण उपरांत योग्य पाये जाने पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की राज्य प्रमुख सोनल राजेश शर्मा के द्वारा डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड का सर्टिफिकेट व मेडल प्रदाय किया गया एवं जशपुर पुलिस के द्वारा दुर्घटनाओं में मौतों को कम करने के उद्देश्य से चलाये जा रहे जागरूकता कार्यक्रम हेतु शुभकामनायें प्रेषित की गई।

जिले में हो रही सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि को गंभीरता से लेते हुए जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस द्वारा एक व्यापक एवं जनसहभागिता आधारित विशेष यातायात जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल यातायात नियमों का पालन करवाना ही नहीं बल्कि लोगों के भीतर सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करना है।

अभियान की शुरूआत दिनांक 18 अप्रैल 2026 को रक्षित केन्द्र जशपुर से हेलमेट जागरूकता रैली निकालकर की गई, जिसमें श्री रोहित व्यास-कलेक्टर जशपुर, डॉ. लाल उमेद सिंह- डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला जशपुर, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, पुलिस के अधिकारी एवं जवान तथा अन्य विभागों के अधिकारी कर्मचारी सहित जनप्रतिनिधिगण के द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बाईक रैली के माध्यम से आम नागरिकों को हेलमेट पहनने हेतु जागरूक किया गया। इस प्रकार अलग-अलग समय में जिले के पत्थलगांव, कुनकुरी, बगीचा अनुविभाग मुख्यालय एवं विभिन्न थाना/चौकी क्षेत्रों में भी हेलमेट जनजागरूकता रैली निकाली गई जिसमें 10,000 से अधिक गणमान्य नागरिक सहित आम जनता सम्मिलित रहे। उल्लेखनीय है कि जिले में पुलिस के द्वारा अपनी बीट प्रणाली को मजबूत तथा सुधार करते हुए प्रत्येक गांव में प्रभारी के रूप में किसी न किसी एक पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को गांव का सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें उस गांव की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह अधिकारी/कर्मचारी उस गांव की सुरक्षा, ग्रामीणों को हेलमेट पहनने के प्रति जागरूक करना, इसके अतिरिक्त ग्रामीणों के अन्य विभिन्न समस्याओं से रूबरू होकर उनका निराकरण किये जाने हेतु सतत् प्रयासरत रहेगा।

जशपुर पुलिस मितान –

जशपुर पुलिस के द्वारा ग्रामीणों एवं पुलिस के मध्य आपसी संबंध को मजबूत करने स्वयंसेवक के रूप में पुलिस मितान का गठन किया गया है जिनकी संख्या लगभग 5,000 है। वे भी ग्राम स्तर पर विभिन्न अपराध में अपराधियों को पकड़ने एवं पुलिस के जन जागरूकता अभियान में बड़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं।

जशपुर पुलिस अपने जन जागरूकता अभियान को जिले के सभी गांवों में किये जाने के लिए संकल्पित है एवं इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु आज दिनांक 24 जून 2026 को जिले के समस्त 766 गांवों में एक ही दिन में एक ही साथ जन चौपाल लगाकर पूरे जिले के सभी गांवों को जागरूक करने का फैसला लिया गया, जिसके तहत आज इस कार्यवाही को प्रातः 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक पूर्ण किया गया। जशपुर पुलिस के द्वारा हेलमेट जागरूकता को लेकर एक ही दिन में जिले के 766 गांवों में एक साथ जन चौपाल लगाकर हेलमेट जागरूकता कार्यक्रम को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में प्रमाणित करते हुए अपने रिकार्ड में दर्ज किया गया। इस प्रकार जशपुर पुलिस के द्वारा अपने हेलमेट जागरूकता अभियान को शिखर पर पहुंचाते हुए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराने में सफलता मिली है।

संपूर्ण कार्यवाही में जिला पुलिस जशपुर के प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी का विशेष योगदान रहा है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस पूरे उपलब्धि को अपने समस्त अधीनस्थों को समर्पित किया है। इस अभियान में गांव में आयोजित जन चौपाल के अतिरिक्त आज आयोजित अधिकांश ग्राम सभा के बैठकों में अपने प्रस्ताव में शामिल करते हुए हेलमेट अनिवार्यता व हेलमेट लगाये जाने पर जोर दिया गया।

Related posts