गरीबों के राशन पर बड़ा खेल! घटमुण्डा में ऑनलाइन रिकॉर्ड में 180.85 क्विंटल चावल, मौके पर मिला सिर्फ 94 क्विंटल—जांच में खुली भारी गड़बड़ी

कुनकुरी : जशपुर जिले के विकासखण्ड कुनकुरी अंतर्गत ग्राम पंचायत घटमुण्डा से राशन वितरण को लेकर एक बड़ी गड़बड़ी और लापरवाही का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों ने सीधे मुख्यमंत्री और कलेक्टर से गुहार लगाते हुए पंचायत प्रशासन पर महीनों का राशन हड़पने, खाद्यान्न में कटौती करने और मनमानी का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि मई और जून महीने का राशन उन्हें वितरित नहीं किया गया, जबकि जिनको मिला भी, उनके 5-5 किलो चावल और शक्कर में कटौती कर दी गई।

प्रशासनिक जाँच में खुली पोल, ऑनलाइन और धरातल के स्टॉक में भारी अंतर!

ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद 12 अगस्त 2026 को खाद्य निरीक्षक कुनकुरी की उपस्थिति में शासकीय उचित मूल्य दुकान घटमुण्डा का भौतिक सत्यापन किया गया। इस जाँच के दौरान सरपंच, उपसरपंच, सचिव और बीडीसी प्रतिनिधि की मौजूदगी में जब गोदामों का जायजा लिया गया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ऑनलाइन सर्वर के अनुसार जहाँ 180.85 क्विंटल चावल दर्ज था, वहीं गोदामों में भौतिक रूप से मात्र 94 क्विंटल चावल ही पाया गया। ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच का यह भारी अंतर राशन व्यवस्था की पोल खोल रहा है।

मशीन खराब होने और बिना फिंगरप्रिंट राशन देने की आड़!

जाँच पंचनामा के अनुसार, सरपंच निशा केरकेट्टा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अप्रैल, मई और जून का राशन एक-साथ प्राप्त हुआ था, लेकिन ई-पॉस (EPOS) मशीन बार-बार खराब होने और नेटवर्क समस्या के कारण समय पर राशन वितरण और ऑनलाइन प्रविष्टि नहीं हो सकी। सरपंच का दावा है कि कुछ चावल गोदाम में रखे-रखे खराब हो गए, जबकि कुछ खाद्यान्न बिना बायोमेट्रिक/फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन के ही ग्रामीणों को बाँट दिया गया, जिससे ऑनलाइन स्टॉक में अंतर दिख रहा है।

स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी और ग्रामीणों में भारी आक्रोश!

जाँच में यह भी स्पष्ट हुआ कि स्टॉक रजिस्टर में चावल के आवंटन और वितरण की स्पष्ट और सही एन्ट्री तक नहीं की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें उनके अधिकार के राशन से वंचित रखा जा रहा है और तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर भारी अनियमितता को छिपाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से बकाया राशन तत्काल दिलाने और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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