दोपहिया वाहन चोरी के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, आरोपी से 03 नग मोटरसायकल जप्त, आरोपी के साथ 2 विधि से संघर्षरत बालक शामिल.
थाना बतौली, लुण्ड्रा एवं मणिपुर पुलिस टीम द्वारा मामले में आरोपी के विरुद्ध की गई सख्त वैधानिक कार्यवाही.
आपराधिक गतिविधियों में सम्मिलित आरोपियों के विरुद्ध की जा रही सख्त कार्यवाही.
अंबिकापुर : अंबिकापुर में दोपहिया वाहन चोरी के मामलों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बतौली, लुण्ड्रा और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने पूछताछ और पतासाजी के बाद आरोपी के कब्जे से चोरी की 3 मोटरसाइकिलें बरामद कीं। जांच में आरोपी के साथ दो विधि से संघर्षरत बालकों की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार गिरोह ने अलग-अलग स्थानों से मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था।
मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी गिरधारी किस्पोट्ट्टा पिता कलम साय जाति उरांव उम्र 33 वर्ष सा. ग्राम देवरी डुमरपारा थाना बतौली आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि मोटर सायकल एच.एफ. डिलक्स क्रमांक CG15DE1621 हरा काला रंग का जो ओम प्रकाश केरकेट्टा के नाम पर पंजीकृत है दिनांक 02.08.2026 में रात करीब 09:00 बजे अपने घर के आंगन में खड़ा किया था। दिनांक 03.08.2026 के सुबह करीब 05:00 बजे उठकर देखा तो मोटर सायकल आंगन में नहीं था, आस पास पता किया पता नहीं चला। मेरा मोटर सायकल क्रमांक CG15DE1621 काला हरा रंग कर कीमत करीब 15000/- रूपये का कोई अज्ञात व्यक्ति आंगन में खड़े मोटर सायकल को दिनांक 03.08.2026 के दरम्यानी रात चोरी कर लिया है। जिसकी रिपोर्ट पर थाना बतौली में अपराध क्रमांक 100/26 धारा 303(2) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा मुखबीर की सूचना पर संदेही – सागर कुजूर निवासी बेलकोटा (भगतपारा) थाना बतौली प्रकरण की विवेचना एवं विवेचना कार्यवाही में सहयोग करने हेतु थाना उपस्थित आने हेतु धारा-35 (3) बीएनएसएस का नोटिस बार बार दिया तथा परिवार के लोगों को भी संदेही सागर कुजूर को थाना में उपस्थित करने हेतु समझाईस दिया गया था। लेकिन संदेही सागर कुजूर निवासी बेलकोटा (भगतपारा) थाना उपस्थित नहीं आया तथा विवेचना कार्यवाही में सहयोग नहीं करने पर संदेही/आरोपी सागर कुजूर का पता तलाश कर हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया। दिनांक घटना को मोटर सायकल क्रमांक CG15DE1621 को ग्राम देवरी से चोरी कर अपराध घटित करना स्वीकार करने पर गवाहों के समक्ष पूछताछ कर मेंमोरण्डम कथन लिया गया, जिसने अपने मेमोरण्डम कथन में बताया कि दिनांक 13.07.2026 को अपने अन्य साथी के साथ तीनों मिलकर ग्राम बरगीडीह से मोटर सायकल एचएफ डिलक्स क्रमांक CG15DZ9655 को चोरी करना तथा अपने साथी के साथ दोनों मिलकर ग्राम मेण्ड्राकलॉ अम्बिकापुर से एक्टिवा स्कूटी क्रमांक CG-15-EE-9186 को चोरी करना तथा दिनांक 03.08.2026 को सुबह करीब 03-04 बजे अपने साथी के साथ तीनों मिलकर ग्राम देवरी डुमरपारा से एच.एफ. डिलक्स मोटर सायकल क्रमांक CG15DE1621 को चोरी कर अपने कब्जे में रखना बताया तथा ग्राम बरगीडीह से चोरी किये गये मोटर सायकल एचएफ डिलक्स क्रमांक CG15DZ9655 तथा ग्राम मेण्ड्राकलॉ अम्बिकापुर से चोरी किये गये एक्टिवा स्कूटी क्रमांक CG-15-EE-9186 को अपने साथियों के पास रहना बताया है। आरोपी/संदेही सागर कुजूर के मेमोरण्डम अनुसार चोरी की गयी मोटर सायकल एचएफ डिलक्स क्रमांक-CG-15-DE-1621 को आरोपी के कब्जे गवाहों के समक्ष जप्त किया गया है। प्रकरण में छोटे संगठित अपराध का घटित करना पाये जाने पर प्रकरण में धारा-112 बीएनएस एवं सामान्य आशय से अपराध घटित करना पाये जाने पर प्रकरण में धारा-3 (5) बीएनएस जोड़ी गयी है। पुलिस टीम द्वारा आरोपी से पूछताछ किये जाने पर अपना नाम सागर कुजूर उर्फ बुतरू पिता मोतीलाल कुजूर जाति उरांव सा. ग्राम बेलकोटा (भगतपारा) थाना बतौली जिला सरगुजा (छ.ग.) का होना बताया। आरोपियों से घटना के सम्बन्ध में पूछताछ किये जाने पर प्रार्थी की मोटरसायकल समेत अन्य गाड़ियों की चोरी कर घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों के कब्जे से 03 नग चोरी किया गया मोटरसायकल बरामद किया गया है। प्रकरण में आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इस प्रकरण की संपूर्ण कार्यवाही में थाना बतौली प्रभारी निरीक्षक विवेक सेंगर, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक शिव कुमार ध्रुव, सहायक उपनिरीक्षक अरुण गुप्ता, महिला प्रधान आरक्षक मेबीस ज्योत्सना खाखा, आरक्षक राजेश खलखो, आरक्षक जितेंद्र, आरक्षक राजू कुजूर, थाना मणीपुर प्रभारी उपनिरीक्षक सी.पी. तिवारी, महिला प्रधान आरक्षक मालती तिवारी, आरक्षक रमाशंकर यादव, आरक्षक अनिल परिहार, थाना लुण्ड्रा से थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, प्रधान आरक्षक नारायण मिंज, आरक्षक धीरेंद्र सिंह, आरक्षक राज कुमार एवं आरक्षक शिव कुमार सक्रिय रहे।
