नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में जशपुर पुलिस की महत्वपूर्ण पहल,
MedLEaPR के प्रभावी संचालन को लेकर पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अभियोजन एवं एफएसएल की समन्वय बैठक,
समन्वय बैठक में मुख्य रूप से CMHO डॉ. जी.एस. जात्रा, CS डॉ इंदवार, DDP सुरेश कुमार साहू, डीपीओ विपिन शर्मा उपस्थित रहे,
MLC/PMR की समयबद्ध डिजिटल रिपोर्टिंग, Rukka एवं CCTNS के समन्वित वर्कफ्लो पर दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण,
जशपुर : नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, आपराधिक प्रकरणों की विवेचना को अधिक त्वरित, पारदर्शी एवं वैज्ञानिक बनाने तथा पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच मेडिको-लीगल समन्वय को और मजबूत करने के उद्देश्य से 13 अगस्त 2026 को पुलिस कार्यालय जशपुर के सभाकक्ष में महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित हुई, जिसमें पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, लोक अभियोजन एवं एफएसएल के अधिकारियों ने सहभागिता की।
MedLEaPR से जुड़ेगी मेडिकल रिपोर्टिंग और पुलिस विवेचना की डिजिटल प्रक्रिया :-
बैठक में MedLEaPR (Medico Legal Examination and Post-Mortem Reports System) के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों एवं चिकित्सकों को MLC एवं PMR की ऑनलाइन रिपोर्टिंग, केस पंजीयन, Rukka प्रक्रिया तथा पुलिस एवं CCTNS के साथ डिजिटल समन्वय की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया।
इस पहल का उद्देश्य मेडिकल रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं व्यवस्थित बनाते हुए विवेचना के दौरान आवश्यक चिकित्सकीय दस्तावेजों की उपलब्धता को सुगम बनाना तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
Rukka–GD–CCTNS–MedLEaPR का डिजिटल वर्कफ्लो समझाया
बैठक में Rukka एवं MLC केस के डिजिटल वर्कफ्लो का प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों एवं चिकित्सकों को केस पंजीयन से लेकर Rukka तैयार करने तथा संबंधित GD/FIR की जानकारी MedLEaPR में देखने की प्रक्रिया समझाई गई। इसके साथ ही CCTNS से प्राप्त प्रकरणों के लिए MedLEaPR में लंबित Request को देखने, संबंधित Request को Pull कर केस पंजीकृत करने तथा आगे की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने की जानकारी दी गई। इस डिजिटल वर्कफ्लो के माध्यम से पुलिस सूचना, GD/CCTNS प्रक्रिया एवं मेडिकल रिपोर्टिंग को एक समन्वित डिजिटल प्रक्रिया से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।
चिकित्सकों को MLC एवं PMR की ऑनलाइन रिपोर्टिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण
बैठक में चिकित्सकों को MedLEaPR पर मेडिकल एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। रिपोर्ट में आवश्यक चिकित्सकीय विवरण जैसे General Description, Alleged History, External Examination, Injuries, Internal Examination एवं Opinion दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई। रिपोर्ट को Freeze करने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया गया कि अंतिम रिपोर्ट को सिस्टम में सुरक्षित किया जाता है, जिससे रिपोर्ट की डिजिटल प्रक्रिया व्यवस्थित एवं रिकॉर्ड आधारित बनी रहे।
विवेचना एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए स्पष्ट मेडिकल Opinion पर जोर
बैठक में जिला अभियोजन अधिकारी सुरेश कुमार साहू एवं एडीपीओ श्री विपिन शर्मा ने मेडिकल रिपोर्ट की विवेचना एवं न्यायालयीन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, उन्होंने चिकित्सकों से मेडिकल रिपोर्ट में आवश्यक तथ्यों के साथ स्पष्ट, तथ्यपरक एवं विधिक दृष्टि से उपयोगी चिकित्सकीय अभिमत (Opinion) दर्ज करने पर जोर दिया, ताकि मेडिकल रिपोर्ट विवेचना एवं न्यायालयीन कार्यवाही में प्रभावी दस्तावेज के रूप में उपयोग हो सके।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने दिए समयबद्ध एवं जिम्मेदाराना कार्यवाही के निर्देश :-
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने निर्देशित किया कि पुलिस द्वारा किसी प्रकरण में MLC अथवा PMR के लिए प्रकरण भेजे जाने पर संबंधित मेडिकल रिपोर्ट को निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाए तथा अनावश्यक विलंब से बचा जाए। उन्होंने कहा कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग एवं अभियोजन के बीच मजबूत एवं समयबद्ध समन्वय आवश्यक है। मेडिकल एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट समय पर उपलब्ध होने से विवेचना में तेजी आएगी और न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को MedLEaPR का अधिकतम प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा डिजिटल प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी अथवा व्यवहारिक कठिनाइयों का आपसी समन्वय से निराकरण करने के निर्देश दिए।
विशेषज्ञों ने दी तकनीकी जानकारी
बैठक में डॉ. देवेंद्र कुमार राठौर द्वारा MedLEaPR में MLC एवं PMR की डिजिटल एंट्री एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया के तकनीकी पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी सीसीटीएनएस श्री राकेश कुमार पटनवार, उप पुलिस अधीक्षक श्री के.आर. चौहान, एसडीओपी जशपुर श्री निमितेश सिंह, एसडीओपी पत्थलगांव श्री ध्रुवेश कुमार जायसवाल, एसडीओपी बगीचा श्री दिलीप कुमार कोसले, डीएसपी श्रीमती आशा तिर्की, सिविल सर्जन डॉ. इंदवार, जिले के संबंधित बीएमओ एवं चिकित्सा अधिकारी, DDP श्री सुरेश कुमार साहू, डीपीओ श्री विपिन शर्मा, एफएसएल जशपुर के डॉ. प्रभात भगत, थाना प्रभारीगण एवं जिला सीसीटीएनएस प्रभारी प्रधान आरक्षक नंदलाल भगत उपस्थित रहे।
डीआईजी एवं एसएसपी डाॅ. लाल उमेद सिंह द्वारा कहा गया है कि :- ”नए कानूनों की भावना के अनुरूप जशपुर पुलिस द्वारा तकनीक आधारित, समयबद्ध एवं बेहतर समन्वित विवेचना व्यवस्था विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। MedLEaPR के प्रभावी क्रियान्वयन से मेडिकल-लीगल रिपोर्टिंग को अधिक व्यवस्थित बनाते हुए पुलिस विवेचना की गुणवत्ता और न्यायिक प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेजों की समयबद्ध उपलब्धता को और मजबूत किया जा रहा है।“
