केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत के हाई डेंसिटी रेल नेटवर्क को चार लेन करने की योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की
बिलासपुर : केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सात हाई डेंसिटी वाले रेलवे मार्गों के विस्तार और महत्व की रूपरेखा प्रस्तुत की, जो भारत के कुल रेल यातायात का एक बड़ा हिस्सा वहन करते हैं। लगभग 11,000 किलोमीटर में फैले ये मार्ग कुल रेल यातायात का लगभग 41% वहन करते हैं, जबकि ये रेलवे नेटवर्क के केवल 16% हिस्से में फैले हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन के तहत, भारतीय रेल यात्रियों और माल की देशभर में बढ़ती आवाजाही को समर्थन देने तथा क्षमता बढ़ाने के लिए पूरे उच्च-घनत्व वाले नेटवर्क को चार लेन करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
मुख्य बिंदु
— सात हाई डेंसिटी वाले मार्ग भारत के कुछ सबसे बड़े शहरों और क्षेत्रों को जोड़ते हैं, जिनमें शामिल हैं:
दिल्ली–हावड़ा
हावड़ा–चेन्नई
चेन्नई–मुंबई
मुंबई–दिल्ली
दिल्ली–चेन्नई
मुंबई–हावड़ा
दिल्ली–गुवाहाटी
— चल रहे विस्तार कार्यों का उद्देश्य हाई डेंसिटी वाले नेटवर्क पर चार रेलवे लाइनें तैयार करना है, जिससे देश के कुछ सबसे व्यस्त मार्गों पर क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
वैष्णव ने रेल परिवहन के पर्यावरणीय और आर्थिक लाभों पर भी प्रकाश डाला।
इन हाई डेंसिटी वाले मार्गों का विस्तार महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पूरे रेलवे नेटवर्क में अधिक क्षमता सृजित करने में मदद मिलेगी तथा भविष्य में यात्री और माल यातायात की वृद्धि को समर्थन मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इन महत्वपूर्ण मार्गों को चार लेन करने की योजना अधिक क्षमता, कम परिवहन लागत और स्वच्छ परिवहन वाले रेलवे नेटवर्क के निर्माण के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
