सड़क हादसों पर पुलिस की रणनीति का बड़ा असर! 8 महीने में 69 जिंदगियां बचीं, मौतों में 28% की गिरावट—1.28 लाख लोगों तक पहुंचा सड़क सुरक्षा का संदेश

जनवरी से अगस्त 2026 तक सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु में 28 प्रतिशत की कमी, पिछले वर्ष की तुलना में 69 लोगों की जान बची

जनवरी से अगस्त 2026 तक सड़क दुर्घटनाओं में 178 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि वर्ष 2025 की समान अवधि में 247 लोगों की मृत्यु हुई थी।

वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 के प्रथम आठ माह में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु में कुल 69 की कमी दर्ज की गई है।

हेलमेट एवं सीट बेल्ट चेकिंग, शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई, ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना जन्य स्थानों पर निगरानी का लगातार प्रभाव देखा जा रहा है।

यातायात नियमों के प्रति जागरूकता के लिए 460 अभियान आयोजित किए गए, जिनमें 1,28,017 लोगों को यातायात सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई।

दुर्ग जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को कम करने के लिए यातायात पुलिस द्वारा प्रवर्तन कार्रवाई, जन-जागरूकता, सड़क सुरक्षा उपाय एवं सड़क इंजीनियरिंग संबंधी सुधार कार्यों पर लगातार कार्य किया जा रहा है। जनवरी से अगस्त 2026 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु में वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में 69 की कमी अर्थात लगभग 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

दुर्ग : जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को कम करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस एवं थाना पुलिस द्वारा लगातार समन्वित रूप से कार्रवाई की जा रही है। इसके अंतर्गत हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग सुनिश्चित करने, शराब पीकर वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करने, लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वालों पर वैधानिक कार्रवाई करने तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जिले के प्रमुख 05 चौक को “सुरक्षा चौक” के रूप में चिन्हांकित कर वहां हेलमेट एवं सीट बेल्ट सहित यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही प्रमुख मार्गों, ब्लैक स्पॉट, ग्रे स्पॉट एवं सड़क दुर्घटना जन्य स्थानों पर विशेष निगरानी रखते हुए शाम से देर रात तक शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।

भारी वाहन प्रवेश प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर प्रवेश करने वाले भारी वाहनों के विरुद्ध भी लगातार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में सड़क की इंजीनियरिंग संबंधी कमियों को एजेंडा में शामिल किया जा रहा है तथा आवश्यक सुधार कार्य कराए जा रहे हैं।

सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के आंकड़े

माह|वर्ष 2025| वर्ष 2026 कमी

जनवरी|.  47.  | 35.  | 12

फरवरी|    30.  | 23.  | 07

मार्च|        37.  | 29.  | 08

अप्रैल|      40.  | 22.  | 18

मई|          23.  |19.   | 04

जून|          27.  | 15.  | 12

जुलाई|.      21.  | 20.  | 01

अगस्त|       22.  | 15.  | 07

कुल|         247. | 178 | 69

इस प्रकार जनवरी से अगस्त 2026 तक वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु में 69 की कमी हुई है। कुल 247 से घटकर 178 मृत्यु होने के आधार पर कमी 27.94 प्रतिशत, अर्थात लगभग 28 प्रतिशत है।

मॉडस ऑपरेंडी (सड़क सुरक्षा के संदर्भ में दुर्घटना नियंत्रण की कार्यप्रणाली)

सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के प्रमुख जोखिम कारकों को ध्यान में रखते हुए हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, शराब पीकर वाहन चलाने, लापरवाह एवं तेज गति से वाहन चलाने तथा प्रतिबंधित क्षेत्रों में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां निगरानी एवं आवश्यक सड़क सुरक्षा सुधार कार्य भी किए जा रहे हैं।

जन-जागरूकता अभियान

यातायात नियमों के पालन के लिए सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जनवरी से अगस्त 2026 तक 460 जन-जागरूकता अभियान आयोजित किए गए, जिनमें 1,28,017 नागरिकों को हेलमेट, सीट बेल्ट, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने एवं अन्य यातायात नियमों के संबंध में जागरूक किया गया।

लगातार हेलमेट चेकिंग एवं जागरूकता कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप जिले में दोपहिया वाहन चालकों के बीच हेलमेट के उपयोग के प्रति जागरूकता में वृद्धि देखी जा रही है। उपलब्ध आकलन के अनुसार वर्तमान में लगभग 80 प्रतिशत दोपहिया वाहन चालक हेलमेट का उपयोग करते हुए पाए जा रहे हैं।

सड़क सुरक्षा हेतु किए जा रहे प्रमुख प्रयास

जिले के 05 प्रमुख चौक को “सुरक्षा चौक” के रूप में चिन्हांकित कर हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।

ब्लैक स्पॉट, ग्रे स्पॉट एवं दुर्घटना जन्य स्थानों पर शाम से देर रात तक शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।

भारी वाहन प्रवेश प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर प्रवेश करने वाले भारी वाहनों पर लगातार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

सड़क इंजीनियरिंग संबंधी कमियों को चिन्हांकित कर सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में आवश्यक सुधार कार्यों पर नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है।

सोशल मीडिया एवं विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से वाहन चालकों को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है।

सराहनीय कार्य

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात पुलिस दुर्ग के अधिकारी/कर्मचारी तथा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पदस्थ पुलिस बल द्वारा प्रवर्तन कार्रवाई, यातायात व्यवस्था, जन-जागरूकता अभियान एवं सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों में लगातार समन्वित भूमिका निभाई जा रही है।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग करें। शराब पीकर वाहन न चलाएं, निर्धारित गति सीमा का पालन करें तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें। सड़क पर स्वयं की सुरक्षा के साथ अन्य वाहन चालकों एवं पैदल यात्रियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। यातायात नियमों का पालन सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है—यातायात नियमों का पालन कर स्वयं एवं दूसरों का जीवन सुरक्षित रखें।

Related posts