दलहन-तिलहन उत्पादन और कृषि विविधीकरण के लिए किसान खीरसागर पटेल को मिला ‘उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान’
सारंगढ़–बिलाईगढ़ : सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम मानिकपुर निवासी प्रगतिशील किसान खीरसागर पटेल, पिता राम दयाल पटेल, को दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन और कृषि विविधीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया है। 27 अक्टूबर को श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की 88वीं जयंती के अवसर पर रायपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। समारोह में प्रदेशभर के 25 उत्कृष्ट किसानों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
धान के साथ दलहन-तिलहन और वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा :- श्री पटेल ग्राम मानिकपुर में लगभग 4.838 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खेती करते हैं। परंपरागत धान की खेती के साथ वे सूरजमुखी, सरसों, उड़द, मूंग और लाल झुंगा जैसी फसलें उगाकर कृषि विविधीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं। खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से उन्होंने दलहन-तिलहन फसलों को अपनी कृषि गतिविधियों में शामिल किया है। उन्नत कृषि तकनीकों के उपयोग से वे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर रहे हैं।
खेती को विविध रूप देने के लिए श्री पटेल ने पशुपालन और उद्यानिकी को भी अपनी कृषि गतिविधियों से जोड़ा है। धान के साथ दूसरी फसलों को अपनाने और कृषि के अन्य क्षेत्रों को जोड़ने का उनका प्रयास क्षेत्र के किसानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
कृषि क्षेत्र में पूर्व में भी मिल चुका है सम्मान :- कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए खीरसागर पटेल को वर्ष 2019 में ‘डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है। अब ‘उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान’ से सम्मानित होना उनके निरंतर प्रयासों और कृषि विविधीकरण के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उनकी उपलब्धि जिले के किसानों के लिए गौरव का विषय है। इससे क्षेत्र के अन्य किसान भी पारंपरिक खेती के साथ वैकल्पिक फसलों और उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने खीरसागर पटेल की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
