रथयात्रा का समापन : नीलाद्री विजय में उमड़ा हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब, माता लक्ष्मी को रसगुल्ला अर्पित कर महाप्रभु ने निभाई सदियों पुरानी परंपरा.

दोकड़ा में नीलाद्री विजय के साथ महाप्रभु का हुआ गर्भगृह में प्रवेश, लक्ष्मीजी को रसगुल्ला अर्पित कर निभाई गई परंपरा. नीलाद्री विजय में शामिल हुईं गजपति महाराज एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय. ओड़िया भजन संध्या से भक्तिमय हुआ वातावरण, प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया सम्मानित. 1942 से चली आ रही ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा का धार्मिक उल्लास के साथ हुआ समापन. जशपुर/कुनकुरी : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में 1942 से चली आ रही विश्वविख्यात रथयात्रा का समापन नीलाद्री विजय की…

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