34 गुना बढ़ा खनिज राजस्व! हरित विकास और आर्थिक समृद्धि का छत्तीसगढ़ मॉडल बना देश के लिए मिसाल

खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण दोहन – आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम वन संरक्षण और खनन का संतुलन: विकास के साथ हरियाली का विस्तार खनिजों से चमक रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था – खनिज राजस्व में 34 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि रायपुर : छत्तीसगढ़ यह नाम अब केवल हरियाली और संस्कृति का पर्याय नहीं रहा, बल्कि भारत की खनिज राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। देश के कुल खनिज भंडार का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की धरती में छिपा है। यही कारण है कि राज्य की अर्थव्यवस्था…

Read More

कलेक्टर–डीएफओ कॉन्फ्रेंस : लघु वनोपजों से आत्मनिर्भरता की राह — मुख्यमंत्री श्री साय ने तय किया हरित विकास का रोडमैप

कलेक्टर–डीएफओ कॉन्फ्रेंस: राज्य में वन धन केंद्रों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर–डीएफओ संयुक्त कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के वन प्रबंधन, तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित, लघु वनोपजों के मूल्य संवर्द्धन (वैल्यू एडिशन), ईको-टूरिज्म, औषधीय पौधों की खेती और वनों से जुड़ी आजीविका के विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक हितग्राहियों की संख्या आज 12 लाख से अधिक हो चुकी है, जो हमारे सामूहिक प्रयासों की सफलता का प्रमाण…

Read More