Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • कुनकुरी की राम कथा में आस्था का सागर: संत चिन्मयानंद बापू के प्रवचन से प्रभावित होकर 5 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी, चतुर्थ दिवस पर उमड़ा जनसैलाब

    कुनकुरी की राम कथा में आस्था का सागर: संत चिन्मयानंद बापू के प्रवचन से प्रभावित होकर 5 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी, चतुर्थ दिवस पर उमड़ा जनसैलाब

    परम पूज्य संत चिन्मयानंद बापू की राम कथा का असर: धर्मांतरित परिवारों की सनातन धर्म में वापसी, चतुर्थ दिवस पर उमड़ा जनसैलाब

    कुनकुरी : नगर में आयोजित भव्य राम कथा महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर कथा व्यास पूज्य संत चिन्मयानंद बापू के श्रीमुख से भगवान श्रीराम के प्राकट्य, बाल लीलाओं एवं उनके दिव्य स्वरूप का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा के दौरान माता कौशल्या को भगवान राम के विराट स्वरूप के दर्शन तथा उनकी बाल लीलाओं का मनोहारी चित्रण कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।कथा के माध्यम से स्वामी जी ने त्रेतायुग का उल्लेख करते हुए बताया कि राक्षसों ने साधु-संतों के यज्ञों को नष्ट कर अधर्म फैलाने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान कलयुग में भी ऐसे प्रयास देखने को मिल रहे हैं, जिनका सामना केवल सनातन धर्म के मार्ग पर चलकर ही किया जा सकता है।

    साथ ही उन्होंने भगवान श्रीराम की गुरुकुल शिक्षा एवं गुरु विश्वामित्र से प्राप्त ज्ञान का उल्लेख करते हुए आदर्श जीवन का संदेश दिया।कार्यक्रम में पहाड़ी कोरवा समाज के लोगों को विशेष रूप से मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने भगवान राम के प्रतीक स्वरूप तीर-धनुष भेंट किया, जिसे स्वामी जी ने स्वीकार कर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।कथा के दौरान एक महत्वपूर्ण घटना तब सामने आई, जब धर्मांतरण कर चुके पांच परिवारों ने मंच पर आकर पुनः सनातन धर्म में घर वापसी की। स्वामी जी ने शाल-श्रीफल भेंट कर उनका स्वागत किया और धर्म के प्रति दृढ़ रहने का संदेश दिया।

    उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के कुचक्र से बचना आवश्यक है और “सनातन धर्म में जीने और मरने” का संकल्प ही सच्चा मार्ग है। आरती के समय मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय सहित जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कृष्ण कुमार राय एवं नरेश नंदे भी मौजूद रहे।कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और पूरा वातावरण भक्ति, आस्था एवं श्रद्धा से सराबोर रहा।

  • जशपुर के बगिया हेलिपैड पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का भव्य स्वागत, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया आत्मीय अभिनंदन

    जशपुर के बगिया हेलिपैड पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का भव्य स्वागत, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया आत्मीय अभिनंदन

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बगिया हेलीपेड पहुंचे जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया।

    इस अवसर पर सुनील गुप्ता कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ.लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार समेत स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

  • एवरेस्ट फतह के लिए रवाना होगी छत्तीसगढ़ की बेटी अमिता श्रीवास: तिरंगा लहराने के संकल्प के साथ बढ़ाएंगी प्रदेश का मान, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

    एवरेस्ट फतह के लिए रवाना होगी छत्तीसगढ़ की बेटी अमिता श्रीवास: तिरंगा लहराने के संकल्प के साथ बढ़ाएंगी प्रदेश का मान, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही सुश्री अमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को सुश्री अमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है।

    उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने सुश्री अमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

  • सांप काटने से हुई मौत पर प्रशासन का सहारा: जशपुर कलेक्टर ने प्रभावित परिवार को 4 लाख की आर्थिक मदद दी, राहत की पहल

    सांप काटने से हुई मौत पर प्रशासन का सहारा: जशपुर कलेक्टर ने प्रभावित परिवार को 4 लाख की आर्थिक मदद दी, राहत की पहल

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने प्राकृतिक आपदा में जनहानि के एक मामले में प्रभावित परिजन को आर.बी.सी. 6-4 के तहत् 04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृत दी है। पत्थलगांव तहसील अंतर्गत ग्राम तमता निवासी स्व. शिवकान्ती चौहान का सांप के काटने से 27 जुलाई 2024 को मृत्यु हो गई। मृतिका के निकटतम वारिस उनके पति सुलेन्द्र चौहान हेतु 04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

  • ब्रेकिंग जशपुर : ब्लड बैंक में बड़ी लापरवाही पर कड़ा एक्शन — कलेक्टर ने एम.एल.टी. संतोष वाणिक को किया तत्काल निलंबित, हस्ताक्षर दुरुपयोग भी आया सामने

    ब्रेकिंग जशपुर : ब्लड बैंक में बड़ी लापरवाही पर कड़ा एक्शन — कलेक्टर ने एम.एल.टी. संतोष वाणिक को किया तत्काल निलंबित, हस्ताक्षर दुरुपयोग भी आया सामने

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास ने जिला चिकित्सालय जशपुर के एम.एल.टी. श्री संतोष कुमार वाणिक को ब्लड बैंक में रक्त प्रदाय करने में गंभीर लापरवाही बरतने और वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षर का स्पष्ट दुरुपयोग करते हुए गंभीर अनुशासनहीनता करने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किए हैं। निलंबन अवधि में श्री वाणिक का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

    विदित हो कि जिला चिकित्सालय जशपुर के ब्लड सेंटर प्रभारी अधिकारी, पैथालॉजी विशेषज्ञ डॉ० ममता सिंह के द्वारा 13 मार्च 2026 को जिला चिकित्सालय जशपुर के एम.एल.टी. श्री संतोष कुमार वाणिक के विरुद्ध प्राप्त शिकायत के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। श्री संतोष कुमार वाणिक के द्वारा 23 मार्च 2026 को उक्त नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुत जवाब के अवलोकन एवं परिशीलन से स्पष्ट हुआ कि उनके द्वारा ब्लड बैंक में रक्त प्रदाय दाय करने में गंभीर लापरवाही बरती गई है तथा अपने वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षर का स्पष्ट दुरुपयोग करते हुए गंभीर अनुशासनहीनता की गई है।

    साथ ही उनके द्वारा बरती गई समस्त त्रुटियों का दोषारोपण अन्य अधिकारी-कर्मचारी पर करते हुए जिम्मेदारियों से बचने की चेष्टा की जा रही है। प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नही पाया गया, जो छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 के विपरीत होने के कारण कलेक्टर श्री व्यास द्वारा श्री संतोष कुमार वाणिक एम.एल.टी. जिला चिकित्सालय जशपुर को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 09 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

  • “मंदिर से बड़ा शिक्षा का मंदिर” — अग्र मंथन 2026 में बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा संदेश, समाज सेवा, संस्कार और शिक्षा को बताया राष्ट्र निर्माण की असली ताकत

    “मंदिर से बड़ा शिक्षा का मंदिर” — अग्र मंथन 2026 में बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा संदेश, समाज सेवा, संस्कार और शिक्षा को बताया राष्ट्र निर्माण की असली ताकत

    अग्र मंथन 2026 में बृजमोहन अग्रवाल का संदेश—समाज सेवा, संस्कार और शिक्षा पर दिया जोर

    “गरीब का इलाज, बेटी की शादी और बच्चों की पढ़ाई सबसे बड़ी सेवा” — सांसद बृजमोहन अग्रवाल

    अग्रसेन भवन बनें स्किल डेवलपमेंट सेंटर, समाज को संगठित करने का आह्वान

    “मंदिर से बड़ा शिक्षा का मंदिर” — अग्र मंथन 2026 में बृजमोहन अग्रवाल का प्रेरक संबोधन

    रायपुर : रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल आज अग्रसेन धाम में अग्रवाल सभा रायपुर द्वारा आयोजित “अग्र मंथन 2026” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने “समाज की वर्तमान स्थिति और भविष्य की चुनौतियों” विषय पर अपने विचार रखते हुए अग्र समाज की भूमिका और जिम्मेदारियों पर गहन प्रकाश डाला।

    सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि भगवान अग्रसेन जी के आदर्शों पर चलने वाला अग्र समाज सदैव राष्ट्र और समाज की अगुवाई करता आया है। पूरे देश में अग्र समाज ने न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक उत्थान में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि हम स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्रहित में कार्य करें।

    उन्होंने परिवार को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि मजबूत और संस्कारित परिवार ही सशक्त समाज की नींव होते हैं। बच्चों को संस्कारित करने और उनमें गौरव की भावना विकसित करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपनी परंपराओं और मूल्यों को नई पीढ़ी में पुनर्स्थापित करना होगा।

    श्री अग्रवाल ने सेवा के मूल भाव को रेखांकित करते हुए कहा कि गरीब का इलाज, गरीब बेटी की शादी और गरीब बच्चों की पढ़ाई—ये ही सच्ची समाज सेवा के सबसे बड़े कार्य हैं। आइए हम सब संकल्प लें कि कोई भी गरीब इलाज के अभाव में दम नहीं तोड़ेगा, कोई बच्चा शिक्षा से दूर नहीं होगा और कोई भी बेटी पैसे के अभाव में अपने सपनों से वंचित नहीं रहेगी, उसका विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो—यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

    उन्होंने कहा कि “मंदिर से भी बड़ा शिक्षा का मंदिर होता है, जहां बच्चों का भविष्य निर्माण होता है”, इसलिए समाज को शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

     श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज देश भर में बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज के भवन हैं, उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक अग्रसेन भवन को स्किल डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित किया जाए, जहां महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई तथा बच्चों को कंप्यूटर जैसे आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किए जा सकें।

    उन्होंने यह भी कहा कि समाज के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उनके मार्गदर्शन और संस्कारों को सुदृढ़ करने की है। अग्रसेन जी द्वारा दिखाए गए सेवा और सहयोग के मार्ग को अपनाकर ही समाज निरंतर प्रगति कर सकता है।

    इस अवसर पर युवक-युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया तथा “अग्र धरोहर” पत्रिका का विमोचन भी संपन्न हुआ।

    कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अग्रवाल सभा रायपुर के समस्त पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

    कार्यक्रम में CSIDC चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल जी, पूर्व विधायक श्री राजकमल सिंघानिया जी, अग्रवाल सभा रायपुर अध्यक्ष श्री विजय अग्रवाल जी, महासचिव श्री मनमोहन अग्रवाल जी, उपाध्यक्ष श्री मनीष अग्रवाल जी, संगठन मंत्री श्री योगी अग्रवाल, श्री चतुर्भुज अग्रवाल जी, श्री हनुमान प्रसाद अग्रवाल जी, श्री किशन अग्रवाल जी, श्री सतपाल जैन जी समेत समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

  • अब गांव में ही समाधान: राजस्व पखवाड़ा के तहत लगे शिविरों से आमजन को तुरंत राहत, प्रमाण पत्र और जमीन संबंधी कार्यों का तेजी से निराकरण

    अब गांव में ही समाधान: राजस्व पखवाड़ा के तहत लगे शिविरों से आमजन को तुरंत राहत, प्रमाण पत्र और जमीन संबंधी कार्यों का तेजी से निराकरण

    जिले में राजस्व पखवाड़ा के तहत शिविरों का आयोजन : राजस्व शिविरों में नक्शा, खसरा व प्रमाण पत्र संबंधी कार्यों का त्वरित निपटारा, राजस्व पखवाड़ा में शिविरों से ग्रामीणों को त्वरित राहत

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में जिले में राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर राजस्व शिविर लगाकर आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है।

    इसी क्रम में आज आरंग एवं धरसीवां, अभनपुर तहसील के विभिन्न ग्रामों में राजस्व शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में भैंसा, तुलसी, अमसेना, बाना, गुमा, गुल्लू, परसतराई, गिधौरी, कुकेरा, अकोली, मनोहरा, देवरी, चरौदा, रवेली, नेउरडीह, कुकरा, जरौड, गिधौरी, अकोली, सहित अन्य ग्रामों के ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं।

    शिविर के दौरान नक्शा बटांकन, बी-1, खसरा संबंधित प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया गया। साथ ही आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों की ऑनलाइन प्रविष्टि लोक सेवा केंद्र के माध्यम से की गई, ताकि निर्धारित समय-सीमा में उनका शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

  • डॉक्टरों की तत्परता बनी जीवन रक्षक: गंभीर हालत में पहुंची महिला की रुकी धड़कनें फिर चलीं, सुकमा अस्पताल की टीम ने दिखाई अद्भुत संवेदनशीलता और कौशल

    डॉक्टरों की तत्परता बनी जीवन रक्षक: गंभीर हालत में पहुंची महिला की रुकी धड़कनें फिर चलीं, सुकमा अस्पताल की टीम ने दिखाई अद्भुत संवेदनशीलता और कौशल

    मरीज को मिला समय पर उपचार, सुकमा के चिकित्सकों की टीम ने दिखाई तत्परता, जिला अस्पताल में मौत के मुंह से लौटाई महिला की सांसें

    रायपुर : सुकमा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा की तत्परता और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। सिविल सर्जन डॉ. एमआर कश्यप से प्राप्त जानकारी के अनुसार छिंदगढ़ विकासखंड के कुन्ना निवासी 38 वर्षीय श्रीमती पाली कवासी को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल सुकमा में भर्ती कराया गया।

     देरी से अस्पताल पहुंचने के कारण स्थिति अत्यंत जोखिमपूर्ण थी और तत्काल सर्जरी आवश्यक हो गई। अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुजा ने बिना समय गंवाए तुरंत एलएससीएस (सीजर) ऑपरेशन कर मरीज का उपचार प्रारंभ किया। हालांकि ऑपरेशन के दौरान मृत बच्चा पैदा होने से महिला की स्थिति और अधिक जटिल हो गई।

    महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और रेफर करने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान महिला का श्वास बंद सा हो गया, साथ ही नाड़ी और हृदय की धड़कन भी थम सी गई। ऐसे संकट की घड़ी में जिला अस्पताल की मेडिकल टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए महिला को दो बार सीपीआर दिया और तत्काल वार्ड में शिफ्ट कर आधुनिक वेंटीलेटर की सहायता से उपचार शुरू किया गया। इसके बाद महिला को दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया।

     डॉक्टरों की सतर्कता और उपलब्ध संसाधनों के कारण महिला की जान बचा ली गई। आज श्रीमती पाली कवासी पूरी तरह स्वस्थ हैं और जिला अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ के प्रयासों की सराहना कर रही हैं।

  • कुर्मी क्षत्रिय समाज का गौरवशाली इतिहास देश को देता रहा दिशा: जामगांव अधिवेशन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की बड़ी घोषणाएं, सामाजिक भवन और विकास कार्यों को मिली नई गति

    कुर्मी क्षत्रिय समाज का गौरवशाली इतिहास देश को देता रहा दिशा: जामगांव अधिवेशन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की बड़ी घोषणाएं, सामाजिक भवन और विकास कार्यों को मिली नई गति

    कुर्मी क्षत्रिय समाज का रहा है गौरवशाली अतीत – उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा

    कुर्मी भवन जामगांव(एम) में डोम शेड और मंच बनाने की घोषणा की

    तर्रा में सामाजिक भवन हेतु 12 लाख की घोषणा

    चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज दुर्ग राज के 56 वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

    रायपुर : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम जामगांव (एम) में चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज दुर्ग राज के 56 वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री ललित चंद्राकर भी अधिवेशन में विशिष्ट अतिथि मौजूद थे।

     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज का गौरवशाली अतीत रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे इस समाज के पुरोधाओं ने देश को दिशा दिखाई है। समाज के सामाजिक संगठन की मजबूती के लिए ऐसे अधिवेशन होते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मैं अपने आप को कुर्मी समाज के बीच पाकर कृतज्ञ हुआ हूं।

     अधिवेशन में समाज की महिलाओं की बड़ी सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की प्रतिभा को स्थान व सम्मान दिलाने देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के मंशा के अनुरूप विधानसभा एवं लोकसभा तथा अन्य सभी जगह महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने आगामी 16, 17 एवं 18 तारीख को संसद का विशेष सत्र का आयोजन किया जा रहा है।

     उन्होंने बस्तर सहित छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त राज्य बनाने का श्रेय जवानों को देते हुए बस्तर में शांति स्थापना में शासन के संकल्प से सिद्धि तक के सफर को साझा किया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समाज के उन्नत कृषक श्रीमती पूजा चंद्राकर, सफल व्यवसायी श्री विनोद चंद्राकर और कलाकार श्री पप्पू चंद्राकर को साल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने समाज की मांग पर सामाजिक भवन जामगांव (एम) में डोम शेड और मंच निर्माण तथा ग्राम तर्रा में कुर्मी सामाजिक भवन हेतु 12 लाख रूपए की घोषणा की।

     कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर ने कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा और संगठन दोनों आवश्यक है। संगठित प्रयास से हर कार्य संभव होता है। वहीं समाजिक जागरूकता के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। उन्होंने समाज के विकास के लिए माताओं एवं बहनों को आगे आने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के केन्द्रीय एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे।

  • जसवंत क्लॉडियस की कलम से: राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता ने खोले करियर के नए रास्ते, खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शन और अवसर बढ़ाने की मांग

    जसवंत क्लॉडियस की कलम से: राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता ने खोले करियर के नए रास्ते, खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शन और अवसर बढ़ाने की मांग

    45वीं राष्ट्रीय ओपन तथा 23 वीं महिला टीम शतरंज प्रतियोगिता रायपुर में संपन्न : खिलाड़ियों को खेल द्वारा कैरियर गाइडेंस जरूर

    आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ खेल पत्रकार, रायपुर

    रायपुर : यह माना जाता है कि शतरंज खेल की शुरुवात भारत में हुई। 6वीं सदी में गुप्त साम्राज्य के अंतर्गत ईसा पूर्व छठवीं सदी में यह खेल शुरुवाती दौर में चतुरंगा के नाम से जाना जाता था। आगे चलकर यह खेल मुगल शासकों द्वारा परसिया तक पहुंच गया बाद में वहां से रुस व स्पेन होते हुए यूरोप तक पहुंचकर पूरी दुनियां में फैल गया । फिर आधुनिक काल में चतुरंगा को आखिरकर नियमों में कुछ बदलाव के साथ शतरंज नाम दिया गया।

    आज संसार में भारत शतरंज की बड़ी शक्ति के रूप में जाना जाता है। शतरंज दो खिलाड़ियों के बीच सीधी भिड़ंत वाला खेल है। समय के परिवर्तन के साथ- साथ इसकी विभिन्न प्रतियोगिता के प्रारूप को आकर्षक व लोकप्रिय बनाने की कोशिश में खेल के संचालन के तरीके व नियम में कुछ बदलाव किये गये हैं. रायपुर में गत 16 से 22 मार्च तक राष्ट्रीय शतरंज स्पर्धा संपन्न हुई। छत्तीसगढ़ जैसे नये राज्यों में देश विदेश के प्रसिद्ध खेलों को लोकप्रिय बनाने की जिम्मेदारी मुख्य तौर पर शतरंज के राष्ट्रीय व स्थानीय राज्य स्तरीय फेडरेशन को है।

    इस दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के पश्चात पिछले 25 वर्षों में अनेकों ओलंपिक तथा नान ओलंपिक खेलों की राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख शतरंज खिलाड़ियों मेंं सुश्री किरण अग्रवाल, रविकुमार, एस धनंजय, श्रीनाथ राव है। इनमें से सिर्फ श्रीनाथ राव इंटरनेशनल मास्टर बने। छत्तीसगढ़ की ए टीम की ओर से टीम चैंपियनशिप में कप्तान रविकुमार के नेतृत्व में स्पर्श खंडलवाल, यशद बंबलेश्वर, विनोद शर्मा तथा शैलेष डाकलिया ने भाग लिया। महिला वर्ग में तनिषा ड्रोलिया (कप्तान) राशि वरुणकर, प्रतिष्ठा अहिरवार, परिधि, तथा अनिका शामिल थी।

    पीरधि ने महिला ग्रेंडमास्टर स्वाति घाटे को पराजित करके बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस तरह की टीम चैंपियनशिप और महिला वर्ग की टीम चैंपियनशिप में भले ही छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने पदक हासिल नहीं किया परंतु इससे स्पष्ट हो गया कि हमारे प्रदेश में शतरंज के खेल को अपनाने वालों की कोई कमी नहीं है तथा आने वाले समय में अनुभव तथा प्रशिक्षण के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाने के काबिल हैं।

    छत्तीसगढ़ में शतरंज की प्रतिभाओं में से एक 10 वर्षीया अनिका रेड्‌डी गोलुगुरी ने 60 वर्षीया महिला फीडे मास्टर सरिता को ड्रा करने पर मजबूर किया। इसके साथ ही इस प्रतियोगिता को जीतने वाले खिलाड़ियों का अध्ययन करने से पता चलता है कि ये सभी खिलाड़ी किसी ना किसी संस्था में कार्यरत हैं। अभी छत्तीसगढ में इस तरह की जागरूकता लाने की जरूरत है कि खेल चाहे जो भी हो खिलाड़ी एक बार ऊंचाई को प्राप्त कर लेता है तो फिर शासकीय गैर शासकीय, निजी संस्था, सार्वजनिक उपक्रम में उनको खेल कोटे से नौकरी मिल जाती है। यह भी सत्य है कि जब किसी खिलाड़ी का कैरियर उज्जवल है तो उनके माता पिता अभिभावक भी उन्हें ऐसे खेल में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

    छत्तीसगढ़ में खेल से कैरियर की जानकारी को उपलब्ध करना उतना ही आवश्यक है जितना कि किसी स्पर्धा में भाग लेना या फिर किसी खेल में अभ्यास करना। इस स्पर्धा में 23 वीं नेशनल महिला टीम मुकाबले को पेट्रोलियम स्पोर्ट्स बोर्ड ने जीता जबकि एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया की महिला टीम दूसरे स्थान पर रही।

    पं. बंगाल, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश तथा तेलांगाना ए ने क्रमश: तीसरे से छठा स्थान पाया। इसके साथ ही ओपन वर्ग में रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड चैंपियन बनी।अब जबकि स्पष्ट है कि उपरोक्त सभी टीम के खिलाड़ी किसी न किसी संस्था में कार्यरत है जहां पर उनको सम्मानजनक पद के साथ अच्छी तनख्वाह मिलती है अतः ऐसी व्यवस्था की जाएं ताकि छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी प्रतिष्ठापूर्ण संस्था में अपनी सेवा देने का अवसर मिल सकेगा साथ ही साथ वे अपनी खेल प्रतिभा का भी प्रदर्शन कर सके ताकि न सिर्फ अपना बल्कि अपने परिवार, अपने राज्य ,अपने राष्ट्र का नाम रोशन कर सकेंगे।