Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • प्रधानमंत्री आवास योजना से जशपुर में विकास की नई तस्वीर: 50 हजार से अधिक घर स्वीकृत, हजारों परिवारों को मिला पक्का आशियाना, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में बदल रही जिंदगी

    प्रधानमंत्री आवास योजना से जशपुर में विकास की नई तस्वीर: 50 हजार से अधिक घर स्वीकृत, हजारों परिवारों को मिला पक्का आशियाना, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में बदल रही जिंदगी

    प्रधानमंत्री आवास योजना से जशपुर जिले में बदली रही हजारों लोगों की जिंदगी

    पक्की छत के नीचे सुकून से रह रहे है लोग

    पीएम जनमन योजना से 1200 से अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति लोगों को मिला आशियाना

    मुख्यमंत्री विष्णु देव के सुशासन में जशपुर जिले के 28 हजार से अधिक परिवारों को मिला पक्का मकान

    जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सुशासन में प्रधानमंत्री आवास योजना से राज्य सहित जशपुर जिले में हजारों लोगों की जिंदगी बदली रही है। पक्की छत के नीचे लाखों लोग सुकून से रह रहे हैं।

    प्रधानमंत्री आवास और पीएम जनमन योजना ने गरीब और विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को पक्का मकान से लाभांवित कर उनके जीवन में बदलाव लाया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के मंशानुरूप आवास प्लस 2.0 के तहत् सर्वे कर छूटे हुए लोगों को भी शत् प्रतिशत आवास देने का लक्ष्य निर्धारित है।

    योजना के तहत पात्र परिवारों को पक्का घर प्रदान करना, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और एलपीजी जैसी बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान का लाभ देने है। जिन लोगों को जीवन वर्षों तक संघर्ष और अभाव की छाया में बीता। कच्चे मकान की टूटी-फूटी दीवारें और छत उनके परिवार की मुश्किलों की गवाह थीं। बरसात के मौसम में तो हालत और भी विकट हो जाती थी। घर के भीतर पानी भर जाना, सामान भीग जाता और रातें जागते हुए काटनी पड़ती थीं। खुद के लिए एक पक्का घर बनाने का सपना, सपना ही बना रहता था।

    छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील सोच का परिणाम जिले के हजारो लोग लाभान्वित

     प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में जशपुर जिले में 50797 आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमें 28915 आवास पूर्ण हो चुके हैं। इन घरों में 28915 परिवार अपनों के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

    इसी प्रकार पीएम जनमन के तहत् जिले में 2023 से 2025 तक 2040 आवास स्वीकृत हुए हैं इनमें 1233 विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवार सभी सुविधाओं के साथ निवास कर रहें हैं।

    पीएम-जनमन एक ऐसी योजना है जिसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा में लाना है। इसमें पीएम-आवास योजना के तहत सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल तक पहुँच, बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, पोषण, सड़क एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी के साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर सहित विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं।

     जिले में आवास प्लस 2.0 सर्वे के तहत् छूट हुए 102371 परिवारों को पुनः सर्वे किया गया है और इन्हें पात्रतानुसार योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।

  • वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस की कलम से : खेलों की चमक के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई, डोपिंग मामलों में भारत की बढ़ती स्थिति पर गहन विश्लेषण

    वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस की कलम से : खेलों की चमक के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई, डोपिंग मामलों में भारत की बढ़ती स्थिति पर गहन विश्लेषण

    खेलकूद में बढ़ती चमक को पाने डूबे रहे सितारे

    अफसोस: खिलाड़ियों के द्वारा प्रतिबंधित दवा सेवन मामले में भारत सबसे आगे

    विशेष लेख – जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ खेल पत्रकार, रायपुर

    रायपुर : इन दिनों खेल व खिलाड़ियों से जुड़ी एक खबर आई है कि एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट संस्था जिसे विश्व एथलेटिक्स ने स्थापित किया है। यह संस्था किसी भी मान्य खेल के प्रतिस्पर्धी द्वारा प्रतिबंधित दवा के सेवन या अन्य गलत उपाय द्वारा अप्रत्याशित परिणाम पाने के संबंध में जानकारी को उजागार करता है। भारत के लिए दुर्भाग्य की बात है कि इस सूची में अब तक हमारे देश के विभिन्न खेलों की चैम्पियनशिप में शामिल 148 खिलाड़ियों और खेल सहयोगियों के नाम शामिल है।

    आश्चर्यजनक रूप से भारतीय खिलाड़ियों ने 2025 में प्रतिबंधित दवा का सेवन करने वाले खिलाड़ियों या सहयोगी स्टाफ का नाम सामने आया है। इसके पूर्व केन्या के एथलीट इस सूची में अव्वल थे। एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट को विश्व एथलीट द्वारा 2017 में स्थापित किया गया था जिससे खेलों की दुनिया की अखंडता को दुरुस्त रखा जा सके। यह यूनिट डोपिंग परिणामों में हेरफेर, उम्र में गड़बड़ी, खेल में भ्रष्टाचार और सट्‌टेबाजी जैसी स्पर्धा से निपटने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी के रूप में कार्य करता है।

    एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट की स्थापना का उद्देश एथलीटों पर जनता का विश्वास और मान्यता प्राप्त स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए सुरक्षा प्रदान करना है। एआईयू सिर्फ प्रतिबंधित दवा के सेवन के संबंध ही नहीं है बल्कि स्पर्धा और उससे जुड़ी बेईमानी तथा अनैतिक प्रथाओं को रोकने के लिए जिम्मेदार है। हम कह सकते हैं कि यह संस्था एथलीट प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों के लिए हैं जो कि यह सुनिश्चित करता है कि सब कुछ निष्पक्ष हुआ है तथा आई रन क्लीन नामक शैक्षिक कार्यक्रम का संचालन करता है।

    भारत की तरफ से 2025 में प्रतिबंधित दवा के सेवन व अन्य प्रकरणों में दोषी पाये गये उनमें धाविका धनलक्ष्मी फुटबालर एन. रत्नाबाला देवी, भाला फेंकने वाले गौरव पटेल, मुक्केबाज आयतवीर कारवासरा, पोलो- सिद्धार्थ शर्मा, धाविका निर्मल शेरोन, साथ ही एथलेटिक्स के दिलशाह पर 5 वर्ष, मुक्केबाज मोनिश पर 2 वर्ष, पहलवान, अंकित पर 4 वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है जबकि मुक्केबाज मो. हुसैन,कबड्‌डी के देवांक दलाल भी दोषी पाये गये हैं।

    प्रतिबंधित दवा के सेवन और स्पर्धाओं में गलत तरीके अपनाने के मामले में भारत के एथलीटों की संख्या निरंतर बढ़ना बहुत ही चिंता का विषय है। 2025 की सूची में कबड्‌डी, मुक्केबाजी, कुश्ती, केनोई, भारोत्तोलन, बेडमिंटन, फील्ड हाकी,टेनिस, एथलेटिक्स, क्रिकेट, जुडो, सेपकतकरा, रग्बी यूनियन, जैसे खेल के प्रतिभागी शामिल हैं और ये टेस्ट रिपोर्ट किसी न किसी राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट का है। भारत को शर्मसार करने वाले ये खिलाड़ी ऐसा क्यों कर रहे हैं।

    जब इस बात का अध्ययन करने पर पाया गया है कि भारत के केंद्र, राज्य सरकारों, सार्वजनिक संस्थाओं, औद्योगिक घरानों आदि के द्वारा खिलाड़ियों विजेता बनने पर राष्ट्रीय, राज्य सम्मान, नकद राशि, भूखंड , मकान, कार, शासकीय , अर्धशासकीय नौकरी आदि दी जा रही सुविधा के कारण ऐसा संभव हो पा रहा है। अभिभावक से लेकर प्रशिक्षक व खुद खिलाड़ी यह चाहते हैं कि वे अपने पैरों पर जल्द से जल्द खड़े हो सके। इसके लिए उन्हें किसी ना किसी स्पर्धा में पदक प्राप्त करके दिखाना होगा अत: वे इस तरह की बेमानी कर बैठते हैं।

    भारत सरकार के खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा प्रतिबंधित दवा के सेवन के दुष्परिणाम के बारे में हाल ही में छत्तीसगढ़ में संपन्न प्रथम खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स 2026 में भी प्रत्येक खेल के स्थल में ऐसी सामग्री बांटी गई व खिलाड़ियों, दर्शकों को समझाया गया। सचमुच भारत में इस तरह के गलत तरीकों का इस्तेमाल करना चिंताजनक है जिसकी रोकथाम के लिए सबको आगे आना चाहिए। प्रतिबंधित दवा से संबंधित पाठ्यक्रम को स्कूल/ कॉलेज में शामिल किया जाना चाहिए।

  • जशपुर में दिव्यांगजनों के लिए विशेष पहल: यूडीआईडी व प्रमाण-पत्र शिविर में 75 लोगों को मिला लाभ, सहायक उपकरण वितरण के साथ पेंशन व ऋण योजनाओं की जानकारी

    जशपुर में दिव्यांगजनों के लिए विशेष पहल: यूडीआईडी व प्रमाण-पत्र शिविर में 75 लोगों को मिला लाभ, सहायक उपकरण वितरण के साथ पेंशन व ऋण योजनाओं की जानकारी

    जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में विगत दिवस 08 अप्रैल को दिव्यांगजन प्रमाणीकरण तथा यूडीआईडी शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड बनाया गया। इसके अलावा पेंशन योजनाओं सहायक उपकरण, दिव्यांग ऋण इत्यादि हेतु आवेदन भी लिया गया।

    शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष उपस्थित रहे। शिविर में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण सुगम्य केन श्री चन्द्रशेखर खत्री 60 वर्ष ग्राम नारायणपुर निवासी दृष्टि वाधित 100 प्रतिशत प्रदान किया गया एवं 10 दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड का भी वितरण किया गया। इसके साथ ही 5 दिव्यांगजन ने दिव्यांग पेंशन की जानकारी व दिव्यांग ऋण की जानकारी प्राप्त की। उक्त शिविर में 75 दिव्यांगजन उपस्थित हुए।

  • रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: अकलतरा NI कार्य के बाद बिलासपुर मंडल में बहाल हुईं दर्जनों ट्रेनें, चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू हुआ सुचारु रेल संचालन

    रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: अकलतरा NI कार्य के बाद बिलासपुर मंडल में बहाल हुईं दर्जनों ट्रेनें, चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू हुआ सुचारु रेल संचालन

    अकलतरा में चौथी लाइन कनेक्टिविटी कार्य के कारण निरस्त/आंशिक रूप से निरस्त ट्रेनों को किया गया रिस्टोर

    बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल अंतर्गत अकलतरा (AKT) स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी हेतु किए जा रहे नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य के कारण पूर्व में निरस्त एवं आंशिक रूप से निरस्त की गई यात्री ट्रेनों को अब रिस्टोर किया जा रहा है।

    रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निम्न विभिन्न पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह बहाली निर्धारित अवधि के दौरान चरणबद्ध रूप से की गई है |

     रिस्टोर की गई ट्रेनें

    👉     गाड़ी संख्या 68737 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को 10.04.2026 से 11.04.2026 तक के लिए रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

    👉 गाड़ी संख्या 68738 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को 10.04.2026 से 11.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

    👉     गाड़ी संख्या 68736 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को 10.04.2026 को रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

    👉 गाड़ी संख्या 68735 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को 11.04.2026 को रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

    👉     गाड़ी संख्या 68746 (रायपुर–गेवरारोड) मेमू को 10.04.2026 को रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

    👉 गाड़ी संख्या 68745 (गेवरारोड–रायपुर) मेमू को 11.04.2026 को रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

    👉 गाड़ी संख्या 58204 (रायपुर–कोरबा) पैसेंजर को 10.04.2026 को रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

    👉     गाड़ी संख्या 58203 (कोरबा–रायपुर) पैसेंजर को 11.04.2026 को रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

    👉     गाड़ी संख्या 68734 (बिलासपुर–गेवरारोड) मेमू को 10.04.2026 से 11.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

    👉 गाड़ी संख्या 68733 (गेवरारोड–बिलासपुर) मेमू को 10.04.2026 से 11.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

    👉     गाड़ी संख्या 68732 (बिलासपुर–कोरबा) मेमू को 10.04.2026 से 11.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

    👉 गाड़ी संख्या 68731 (कोरबा–बिलासपुर) मेमू को 10.04.2026 से 11.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी |

     शॉर्ट टर्मिनेटेड/ओरिजिनेटेड ट्रेनों को किया गया रिस्टोर

    👉     गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया –झारसुगुड़ा मेमू को 10.04.2026 से 11.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार गोंदिया से झारसुगुड़ा तक चलेगी |

    👉 गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू को – 10.04.2026 से 11.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार झारसुगुड़ा से गोंदिया तक चलेगी |

     नोट – 10 एवं 11 अप्रैल 26 को 18250/18249 तथा 18252/18251 कोरबा -रायपुर -कोरबा हसदेव एक्सप्रेस, एक्सप्रेस बनकर चलेगी।

     यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त कर तदनुसार यात्रा प्रारंभ करें।

  • गर्मी की भीड़ से राहत: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की गोंदिया–रक्सौल साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 25 अप्रैल से शुरू, 20 कोच के साथ कन्फर्म बर्थ की सुविधा, प्रमुख शहरों से होकर चलेगी 10 फेरे

    गर्मी की भीड़ से राहत: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की गोंदिया–रक्सौल साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 25 अप्रैल से शुरू, 20 कोच के साथ कन्फर्म बर्थ की सुविधा, प्रमुख शहरों से होकर चलेगी 10 फेरे

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल के गोंदिया–रक्सौल–गोंदिया के मध्य साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन का परिचालन

    यात्रियों को मिलेगी कन्फर्म बर्थ के साथ यात्रा की सुविधा

    बिलासपुर : रेलवे प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल से गाड़ी संख्या 08867/08868 (गोंदिया–रक्सौल–गोंदिया) साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में 10-10 फेरों के लिए संचालित की जाएगी।

    विवरण इस प्रकार है :-

    👉गाड़ी संख्या 08867 (गोंदिया–रक्सौल) साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन दिनांक 25 अप्रैल 2026 से 27 जून 2026 तक प्रत्येक शनिवार को गोंदिया से (प्रातः 06:30) बजे प्रस्थान कर डोंगरगढ़ (07:30/07:32), राजनांदगांव (07:58/08:00), दुर्ग (08:35/08:40), रायपुर (09:30/09:35), भाटापारा (10:25/10:27), बिलासपुर (11:40/11:50), चांपा (12:45/12:47), रायगढ़ (13:45/13:47), झारसुगुड़ा (15:30/15:35), राउरकेला (17:15/17:25), रांची (20:45/20:55), बोकारो स्टील सिटी (23:40/23:45), चंद्रपुरा जंक्शन (00:20/00:25), धनबाद जंक्शन (02:10/02:15), चितरंजन (04:14/04:16), मधुपुर जंक्शन (04:53/04:55), जसीडीह (05:25/05:27), झाझा (07:10/07:15), किऊल जंक्शन (07:56/07:58), बरौनी जंक्शन (10:40/10:50), समस्तीपुर जंक्शन (12:20/12:25), दरभंगा जंक्शन (13:25/13:30), एवं सीतामढ़ी जंक्शन (14:55/15:00) होते हुए 17:00 बजे रक्सौल पहुंचेगी।

    👉ठीक इसी प्रकार वापसी में गाड़ी संख्या 08868 (रक्सौल–गोंदिया) साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन दिनांक 26 अप्रैल 2026 से 28 जून 2026 तक प्रत्येक रविवार को रक्सौल से (19:10) बजे प्रस्थान कर सीतामढ़ी जंक्शन (20:50/20:55), दरभंगा जंक्शन (22:40/22:45), समस्तीपुर जंक्शन (00:25/00:30), बरौनी जंक्शन (02:10/02:20), किऊल जंक्शन (04:20/04:22), झाझा (06:00/06:05), जसीडीह (06:40/06:42), मधुपुर जंक्शन (07:20/07:22), चितरंजन (08:20/08:22), धनबाद जंक्शन (10:50/10:55), चंद्रपुरा (12:28/12:30), बोकारो स्टील सिटी (13:30/13:35), रांची (15:45/15:55), राउरकेला (19:20/19:30), झारसुगुड़ा (22:10/22:15), रायगढ़ (23:08/23:10), चांपा (00:15/00:17), बिलासपुर (01:20/01:30), भाटापारा (02:10/02:12), रायपुर (03:05/03:10), दुर्ग (04:10/04:15), राजनांदगांव (04:45/04:47) एवं डोंगरगढ़ (05:15/05:17) होते हुए 07:00 बजे गोंदिया पहुंचेगी।

    कोच संरचना :- यह समर स्पेशल ट्रेन एसएलआरडी – 2, सामान्य – 4, शयनयान – 10 एवं 3एसी – 4 सहित कुल 20 (ICF) कोच से संचालित होगी।

    मार्ग एवं प्रमुख ठहराव:-

    यह समर स्पेशल ट्रेन गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, झारसुगुड़ा, राउरकेला, रांची, बोकारो स्टील सिटी, बरौनी, दरभंगा, समस्तीपुर, एवं सीतामढ़ी होते हुए रक्सौल तक जाएगी।

    रेल प्रशासन द्वारा यह विशेष ट्रेन यात्रियों की सुविधा एवं ग्रीष्मकालीन भीड़ को नियंत्रित करने हेतु चलाई जा रही है। यात्रियों से आग्रह है कि उक्त स्पेशल ट्रेनों की समय-सारिणी और ठहराव संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए कृपया वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in पर अवश्य देखें | इसके अतिरिक्त, यात्री NTES ऐप डाउनलोड कर ट्रेन की वास्तविक समय स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

  • ऊर्जा, नवाचार और हरित क्रांति में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अग्रणी: 143 नए लोको का रिकॉर्ड कमीशनिंग, 2,263 किलोवाट सौर ऊर्जा उत्पादन और एआई ड्रोन से निगरानी ने रचा प्रगति का नया इतिहास

    ऊर्जा, नवाचार और हरित क्रांति में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अग्रणी: 143 नए लोको का रिकॉर्ड कमीशनिंग, 2,263 किलोवाट सौर ऊर्जा उत्पादन और एआई ड्रोन से निगरानी ने रचा प्रगति का नया इतिहास

    ऊर्जा, नवाचार और हरित पहल से सशक्त दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे!

    143 नए लोको, 2,263 किलोवाट सौर ऊर्जा और एआई ड्रोन के साथ रची प्रगति की नई गाथा ।

    बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, जो देश के माल परिवहन की धूरी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है, निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। इस सशक्त व्यवस्था को ऊर्जा प्रदान करने में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विद्युत विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान विभाग ने रिकॉर्ड उपलब्धियाँ हासिल करते हुए हरित ऊर्जा, अत्याधुनिक तकनीक और परिचालन दक्षता के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं, जिससे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ हुई है।

    वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रमुख उपलब्धि के रूप में 143 नए विद्युत लोकोमोटिव का सफल कमीशनिंग किया गया, जिनमें 74 इलेक्ट्रिक लोको शेड/भिलाई तथा 69 इलेक्ट्रिक लोको शेड/बिलासपुर में शामिल हैं। यह एक वित्तीय वर्ष में अब तक की सर्वाधिक उपलब्धि है। इसके साथ ही कुल लोकोमोटिव बेड़े की संख्या 721 से बढ़कर 805 हो गई, जो 11.65% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है। मालगाड़ियों के लिए औसत मासिक लोको उपलब्धता 665.02 रही, जो रेलवे बोर्ड के निर्धारित लक्ष्य 651 से अधिक है।

    हरित ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत 2,263.625 किलोवाट पीक क्षमता के सौर संयंत्र की स्थापना कर चालू किए गए, जिससे रेलवे परिसंपत्तियों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा रही है।

    तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में रायपुर मंडल ने भारतीय रेल में पहली बार एआई-सक्षम ड्रोन के माध्यम से ओवरहेड उपकरण (ओएचई) की निगरानी शुरू की है। यह अत्याधुनिक प्रणाली हाई वोल्टेज तारों का सुरक्षित एवं सटीक निरीक्षण कर संभावित खामियों की पहचान करती है, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

    विद्युत अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण हेतु 211.45 ट्रैक किलोमीटर निक्को संपर्क तार एवं 173.44 ट्रैक किलोमीटर एल्युमिनियम कैटेनरी तार का प्रतिस्थापन किया गया। इसके अतिरिक्त सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए 44 नए ऑटो-ट्रांसफॉर्मर भी स्थापित किए गए।

    पर्यावरणीय प्रतिबद्धता के तहत पीपी यार्ड तथा कैरिज एंड वैगन डिपो एक्सचेंज यार्ड/ भिलाई तथा कैरिज एंड वैगन डिपो डब्ल्यूआरसी/बीएमवाई को ISO 14001:2015 पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जो विभाग की गुणवत्ता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    बेहतर लोकोमोटिव क्षमता, हरित ऊर्जा और स्मार्ट तकनीकों के समन्वय के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का विद्युत विभाग भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे संचालन को नई ऊर्जा और गति प्रदान कर रहा है।

  • अखिल भारतीय रेल क्रिकेट प्रतियोगिता में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का शानदार प्रदर्शन: मेट्रो रेलवे से रोमांचक फाइनल मुकाबले के बाद रजत पदक हासिल, लगातार चौथे वर्ष फाइनल में पहुंचकर कायम रखा दबदबा

    अखिल भारतीय रेल क्रिकेट प्रतियोगिता में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का शानदार प्रदर्शन: मेट्रो रेलवे से रोमांचक फाइनल मुकाबले के बाद रजत पदक हासिल, लगातार चौथे वर्ष फाइनल में पहुंचकर कायम रखा दबदबा

    बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की क्रिकेट टीम ने अखिल भारतीय रेल क्रिकेट प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का गौरव प्राप्त किया। फाइनल मुकाबले में टीम ने मेट्रो रेलवे के विरुद्ध शानदार संघर्ष का परिचय दिया और द्वितीय स्थान प्राप्त करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

    इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का लीग चरण चेन्नई में तथा नॉकआउट चरण मुंबई में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर की विभिन्न रेलवे टीमों ने भाग लिया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का प्रभावशाली सफर तय किया।

    उल्लेखनीय है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की क्रिकेट टीम ने पिछले चार वर्षों में तीन बार फाइनल में स्थान बनाकर पदक सुनिश्चित किया है, जिसमें एक स्वर्ण पदक एवं दो रजत पदक शामिल हैं। यह उपलब्धि खिलाड़ियों की निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं उत्कृष्ट खेल भावना को दर्शाती है।

    इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपरांत आज टीम के खिलाड़ियों ने महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने खिलाड़ियों को कहा कि “टीम ने जिस समर्पण, अनुशासन और खेल भावना के साथ प्रदर्शन किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। यह उपलब्धि न केवल दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बल्कि पूरे भारतीय रेल के लिए गर्व का विषय है। मुझे विश्वास है कि आप सभी भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। उन्होंने सभी खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

    साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे खेल संघ के अध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त महासचिव एवं समस्त खेल परिवार द्वारा भी टीम के सभी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं।

  • रेल कर्मचारियों के लिए डोंगरगढ़ में विशेष पहल: नागपुर मंडल के मेडिकल-शिकायत शिविर में 104 लोगों की जांच, नए हाइपरटेंशन-डायबिटीज मामलों की पहचान, HPV टीकाकरण और आधुनिक विषयों पर सेमिनार आयोजित

    रेल कर्मचारियों के लिए डोंगरगढ़ में विशेष पहल: नागपुर मंडल के मेडिकल-शिकायत शिविर में 104 लोगों की जांच, नए हाइपरटेंशन-डायबिटीज मामलों की पहचान, HPV टीकाकरण और आधुनिक विषयों पर सेमिनार आयोजित

    रायपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल द्वारा दिनांक 08.04.2026 को रेलवे इंस्टिट्यूट, डोंगरगढ़ में मेडिकल सह शिकायत शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर नागपुर मंडल के रेल प्रबंधक श्री दीपक कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों एवं उनके परिजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना रहा।

    शिविर के दौरान कुल 28 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2 का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया।

    इस अवसर पर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सेमिनार भी आयोजित किए गए, जिनमें I-GOT कर्मयोगी साधना सप्ताह, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (POSH) अधिनियम 2013, HRMS के SHINE मॉड्यूल तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अवधारणा शामिल रही।

    चिकित्सा शिविर में कुल 104 लोगों ने भाग लिया, जिनमें 76 रेलवे कर्मचारी एवं 28 आश्रित शामिल रहे। शिविर में स्वास्थ्य जांच के दौरान 4 उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के नए मामले तथा 3 मधुमेह (डायबिटीज) के नए मामले चिन्हित किए गए। स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा कुल 22 मरीजों का परीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त 6 लाभार्थियों को HPV टीकाकरण भी किया गया।

    शिविर में मुख्य रूप से डॉ. आर. किशोर कुमार (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक), डॉ. अभिषेक खांडेकर (CMP/DGG), डॉ. ए.पी. सावंत (बाल रोग विशेषज्ञ, स्पर्श हॉस्पिटल भिलाई) एवं डॉ. मोनिदीपा साहा (स्त्री रोग विशेषज्ञ, स्पर्श हॉस्पिटल भिलाई) द्वारा चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। साथ ही श्री राजेश प्रसाद (सहायक कार्मिक अधिकारी) सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों – श्री नरेंद्र सिंह राठौर (फार्मासिस्ट), श्री एम. सुधाकर राव, श्री देवेंद्र कुमार शाखरे (मुख्य कल्याण निरीक्षक) एवं श्री वेंकट सत्यनारायण (कार्मिक विभाग) की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

    इस प्रकार, यह मेडिकल सह शिकायत शिविर कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के लिए अत्यंत लाभकारी तथा स्वास्थ्य जागरूकता और समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. प्रेमलता अग्रवाल को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर परिजनों को बंधाया संबल

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. प्रेमलता अग्रवाल को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर परिजनों को बंधाया संबल

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल की चाची स्वर्गीय श्रीमती प्रेमलता अग्रवाल जी की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री रामजी वाटिका में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत श्रीमती अग्रवाल के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।

    मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

  • जनता से जुड़ी हर सेवा अब होगी समयबद्ध और जवाबदेह: मुख्य सचिव विकासशील का सख्त निर्देश—लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाएं सभी सेवाएं, देरी पर तय होगी जिम्मेदारी

    जनता से जुड़ी हर सेवा अब होगी समयबद्ध और जवाबदेह: मुख्य सचिव विकासशील का सख्त निर्देश—लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाएं सभी सेवाएं, देरी पर तय होगी जिम्मेदारी

    जनता से जुड़ी सभी सेवाएं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में होना चाहिए

    मुख्य सचिव ने लोक सेवा गारंटी की सेवाओं के क्रियान्वन की समीक्षा की

    रायपुर : मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शासन के समस्त विभागांे के भारसाधक सचिव की बैठक लेकर विभागों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ लोक सेवा गांरटी अधिनियम के अंतर्गत विभागीय सेवाओं के क्रियान्वन समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये है कि उनके विभाग के अंतर्गत ऐसी सभी सेवाएं जो सीधे जनता से जुड़ी है, उन सभी सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित की जाये तथा अधिसूचित सेवाओं को ऑनलाईन किया जाये। समय सीमा में सेवाओं का लाभ हितग्राही को दिया जाए। समय सीमा में सेवाएं यदि नहीं दी जाती हैं तो संबधित अधिकारी को उत्तरदायी ठहराया जायेगा और उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जायेगा।

    मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जनता से जुड़ी सभी शासकीय सेवाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं प्रदान करना हैं। मुख्य सचिव ने प्रत्येक विभाग के अंतर्गत लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की । मुख्य सचिव ने अधिकारियों के कहा कि वे अपने विभाग के अंतर्गत और सेवाएं जो अधिनियम के अंतर्गत लायी जा सकती है, उन्हे चिन्हित कर अधिसूचित कर ली जाएं और सुशासन एवं अभिसरण विभाग को इसकी सूची उपलब्ध की जाएं। बैठक में बताया गया की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवा की प्रभावी क्रियान्वन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही हैं। मुख्य सचिव ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों के अधिकारियो को विभागीय सेवओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाने के लिए मार्ग दर्शन दिया।

    सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों की लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। श्री भगत ने बताया की छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन विभाग द्वारा विभिन्न राज्यों में जाकर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं का अध्ययन किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के परिपेक्ष में प्रदाय की जा रहीं समान्तर सेवाओं एवं संबंधित विभागों की सेवाओं की सांकेतिक रूप से मैपिंग की गई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग की और सेवाओं को चिन्हित कर अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित करने हेतु प्रस्तावित करें।

     बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खनिज विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, वित्त एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, ऊर्जा एवं जनसंपर्क के सचिव श्री रोहित यादव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजू एस., वाणिज्यिक कर (आबकारी) सुश्री आर. शंगीता, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, गामोउद्योग के सचिव श्री श्यामलाल धावड़े सहित वन एवं जलवायु परिवर्तन, लोक निर्माण, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सामान्य प्रशासन, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ एवं परिवार कल्याण, परिवहन, वाणिज्यिक एवं उद्योग, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ यांत्रिकी, श्रम, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।