Author: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]

  • विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी! बलौदाबाजार-भाटापारा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को मिली नई रफ्तार, दिल्ली में हुई अहम मुलाकात के बाद बढ़ी उम्मीद

    विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी! बलौदाबाजार-भाटापारा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को मिली नई रफ्तार, दिल्ली में हुई अहम मुलाकात के बाद बढ़ी उम्मीद

    आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता- मंत्री टंक राम वर्मा

    बलौदाबाजार में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की जगी उम्मीद, जल्द लिया जाएगा निर्णय

    उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा के प्रयास ला रहे रंग

    नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से की महत्वपूर्ण मुलाकात

    रायपुर : बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के प्रयास अब सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जिले में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को लेकर मंत्री श्री वर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर इस विषय पर विस्तार से चर्चा की।

    मुलाकात के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में केंद्रीय विद्यालय की महत्ता और स्थानीय विद्यार्थियों के हित से जुड़े विभिन्न पहलुओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने प्रक्रिया को गति देते हुए जल्द से जल्द स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।

    इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आश्वस्त किया कि इस विषय पर जल्द ही आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री के इस आश्वासन से जिले में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।

     मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर बेहद सकारात्मक चर्चा हुई है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी जी द्वारा जल्द निर्णय लेने का आश्वासन मिलना पूरे जिले के लिए सुखद और उत्साहजनक है।

    विद्यार्थियों को मिलेंगे बेहतर शैक्षणिक अवसर

     बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रही है। वर्तमान में बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को बड़े शहरों या अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है। जिले में विद्यालय खुलने से स्थानीय विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक माहौल उपलब्ध हो सकेगा।

     राज्य सरकार द्वारा विद्यालय के संचालन के लिए शुरुआती दौर में अस्थायी भवन की व्यवस्था के साथ-साथ भविष्य में स्थायी भवन निर्माण हेतु भूमि चिह्नित एवं आरक्षित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    शैक्षणिक विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रयास

     उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा की पहल पर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ी यह पहल जिले के समग्र शैक्षणिक विकास को एक नई गति प्रदान करेगी।

  • वर्ल्ड लीडर्स फोरम में CM साय का बड़ा ऐलान! “जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनेंगे युवा”, 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप और 6 लाख छात्रों को AI ट्रेनिंग

    वर्ल्ड लीडर्स फोरम में CM साय का बड़ा ऐलान! “जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनेंगे युवा”, 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप और 6 लाख छात्रों को AI ट्रेनिंग

    युवाओं को ‘जॉब सीकर’ नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    वर्ल्ड लीडर्स फोरम में छत्तीसगढ़ ने रखा युवा-केंद्रित अर्थव्यवस्था का रोडमैप

    6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण, वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैश्विक मंच से निवेशकों को दिया छत्तीसगढ़ में निवेश का आमंत्रण

    नई औद्योगिक नीति के बाद प्रदेश को मिले 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव

    एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और फार्मा बनेंगे नई अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन

    बस्तर में शांति के साथ खुल रहे विकास, पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए द्वार

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स फोरम में वैश्विक आर्थिक जगत की प्रमुख हस्तियों के समक्ष छत्तीसगढ़ की तेजी से बदलती आर्थिक तस्वीर, निवेश की व्यापक संभावनाओं और भविष्य के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपनी पारंपरिक औद्योगिक और खनिज आधारित पहचान से आगे बढ़कर युवा शक्ति, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण पर आधारित नई अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल बड़े निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि निवेश को रोजगार, उद्यमिता, बेहतर आय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना है। छत्तीसगढ़ के युवा केवल रोजगार तलाशने वाले न रहें, बल्कि अपने नवाचार और उद्यमिता के बल पर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करें, इसी सोच के साथ राज्य की नीतियों और योजनाओं को नया स्वरूप दिया जा रहा है।

    फोरम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित भारत और विश्व की अनेक प्रमुख हस्तियां शामिल हो रही हैं।

    6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, 11.57 प्रतिशत की विकास दर

    मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत रही है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर 1 लाख 79 हजार 244 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए विकास और जनकल्याण को समान प्राथमिकता दी गई है।

    उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में अधोसंरचना निर्माण, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सड़क, रेल, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत कर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।

    नई औद्योगिक नीति के बाद 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30, वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधारों के माध्यम से निवेश प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया गया है।

    उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। इन सुधारों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब स्टील, सीमेंट और खनिज आधारित उद्योगों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे भविष्य के क्षेत्रों में निवेश के लिए नई संभावनाएं तैयार हुई हैं।

    2030 तक 5 हजार स्टार्टअप, युवा बनेंगे रोजगार सृजक

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था के केंद्र में युवा हैं। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा केवल नौकरी की प्रतीक्षा करने वाले ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बनें।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्यमियों को अपने अभिनव विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ युवाओं को तकनीक, नवाचार, कौशल और बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलने से न केवल नए व्यवसाय खड़े होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी निर्मित होंगे।

    6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण, 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि प्रदेश में 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके साथ ही नागरिकों को बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 50 से अधिक एआई आधारित सरकारी सेवाएं विकसित की जाएंगी।

    उन्होंने कहा कि एआई का उद्देश्य केवल तकनीकी बदलाव नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, युवाओं के लिए भविष्य के रोजगार और उद्यमिता के अवसर तैयार करना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।

    500 करोड़ का एआई मिशन, नवा रायपुर में एआई डेटा सेंटर पार्क

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन पर काम किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 100 एआई डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे तथा 300 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को सहयोग देने का लक्ष्य है।

    नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ को देश के उभरते डिजिटल और एआई इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण स्थान मिलेगा तथा युवाओं के लिए नई पीढ़ी के रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    बस्तर बनेगा छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बदलता हुआ बस्तर छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है। सुरक्षा की स्थिति में तेजी से हुए सुधार के बाद अब बस्तर में विकास, निवेश, रोजगार और उद्यमिता के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की जा रही है। बस्तर में 421 बंद स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ते हुए 34 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 3,513 करोड़ रुपये की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना बस्तर के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे बस्तर की औद्योगिक और व्यापारिक कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

    बस्तर में पर्यटन और स्थानीय उत्पाद बनेंगे रोजगार का बड़ा माध्यम

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और सिरपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को विश्वस्तरीय पर्यटन मानचित्र से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से इस क्षेत्र में निजी निवेश के साथ होटल, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के वनांचलों में मिलने वाले लघु वनोपज, औषधीय पौधों, मिलेट और कृषि उत्पादों की स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। लक्ष्य यह है कि छत्तीसगढ़ केवल कच्चे माल का उत्पादक न रहे, बल्कि यहीं तैयार उत्पाद बनें और उनकी अधिकतम आर्थिक मूल्य स्थानीय लोगों को मिले।

    ग्रीन एनर्जी से जुड़ेगा छत्तीसगढ़ का विकास

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब पारंपरिक ऊर्जा में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखते हुए राज्य तेजी से ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    आने वाले वर्षों में प्रदेश में करीब 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के 90 हजार से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं। भिलाई में प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है।

    उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी का विस्तार राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ नए निवेश और ग्रीन जॉब्स के लिए भी महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

    कच्चे माल से आगे बढ़कर वैल्यू एडिशन पर फोकस

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन राज्य की नई आर्थिक नीति का लक्ष्य केवल इन संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि प्रदेश के भीतर ही उनका अधिकतम वैल्यू एडिशन करना है।

    इसी दिशा में नवा रायपुर और राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी अधोसंरचना विकसित की जा रही है। राजनांदगांव में प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 142 एकड़ का फार्मा पार्क तथा टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट पार्क भविष्य के औद्योगिक विकास को नई गति देंगे। कोरबा में लिथियम की खोज से प्रदेश में बैटरी निर्माण, ऊर्जा भंडारण और न्यू एनर्जी सेक्टर में भी नई संभावनाएं खुली हैं।

    ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम से निवेश प्रक्रिया होगी और आसान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 लागू किया गया है। कम जोखिम वाले उद्योगों के प्रकरणों में निर्धारित समय में निर्णय नहीं होने पर स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है।

    इसके अंतर्गत आठ विभागों की 43 सेवाओं को शामिल किया गया है। इससे प्रदेश के लगभग 15 लाख एमएसएमई को लाभ मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को अनुमति और प्रक्रियाओं में अनावश्यक समय न लगे और वे अपना ध्यान उद्योग तथा रोजगार सृजन पर केंद्रित कर सकें।

    संसाधन से नवाचार तक – नए छत्तीसगढ़ का निवेश मॉडल

    मुख्यमंत्री श्री साय ने वैश्विक निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ को ऐसे राज्य के रूप में प्रस्तुत किया, जहां प्राकृतिक संसाधन, पर्याप्त ऊर्जा, भूमि, कुशल और युवा मानव संसाधन, बेहतर होती कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियां एक साथ उपलब्ध हैं।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का अगला चरण संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर ज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण का है। निवेश इस परिवर्तन का माध्यम है, जबकि इसका अंतिम उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार, उद्यमिता और आय के अवसर उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री राहुल भगत, विशेष सचिव एवं जनसम्पर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, आवासीय आयुक्त श्रीमती श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • जशपुर जनसंपर्क कार्यालय में भावुक विदाई! सहायक जनसंपर्क अधिकारी बिसे कुमार रात्रे गरियाबंद के लिए कार्यमुक्त, सहकर्मियों ने दी शुभकामनाएं

    जशपुर जनसंपर्क कार्यालय में भावुक विदाई! सहायक जनसंपर्क अधिकारी बिसे कुमार रात्रे गरियाबंद के लिए कार्यमुक्त, सहकर्मियों ने दी शुभकामनाएं

    सहायक जनसंपर्क अधिकारी बिसे कुमार रात्रे जिला जनसंपर्क कार्यालय गरियाबंद के लिए कार्यमुक्त

    जशपुर : जनसंपर्क विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, अटल नगर, नवा रायपुर के आदेश के तहत जिला जनसंपर्क कार्यालय जशपुर में पदस्थ सहायक जनसंपर्क अधिकारी बिसे कुमार रात्रे का जिला जनसंपर्क कार्यालय गरियाबंद स्थानांतरण होने पर आज 21 अगस्त 2026 को अपराह्न में नवीन पदस्थापना स्थल के लिए कार्यमुक्त किया गया।

    इस अवसर पर सहायक संचालक श्रीमती नूतन सिदार सहित जिला जनसंपर्क कार्यालय जशपुर के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा श्री रात्रे को नवीन पदस्थापना के लिए शुभकामनाएं दी गईं। श्रीमती नूतन सिदार एवं सहकर्मियों ने उनके कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार को याद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बिसे कुमार रात्रे अब जिला जनसंपर्क कार्यालय गरियाबंद में अपनी सेवाएं देंगे।

  • जशपुर में पर्यटन की नई उड़ान! होमस्टे मॉडल से गांवों में बढ़ा रोजगार, पर्यटकों को मिल रहा जनजातीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन का अनूठा अनुभव

    जशपुर में पर्यटन की नई उड़ान! होमस्टे मॉडल से गांवों में बढ़ा रोजगार, पर्यटकों को मिल रहा जनजातीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन का अनूठा अनुभव

    जशपुर जिला प्रशासन की पहल रंग लाई, होमस्टे के विकास से ग्रामीणों को मिला रोजगार के बेहतर अवसर

    जशपुर : जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी प्रयासों के परिणाम स्वरूप जिले में पर्यटन को एक नया आयाम मिला है। प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों पर शुरू की गई होम स्टे विकास योजना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित हो रही है।

    जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरे गांव में ग्रामीण पर्यटन के अंतर्गत विकसित होम-स्टे का 4 फरवरी 2026 को अंतरिक्ष यात्री एवं अशोक चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने और 04 अप्रैल 2026 को राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अवलोकन कर सराहना की। दोनों अतिथियों ने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार व्यंजनों का स्वाद चखा और स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और आतिथ्य परंपरा का अनुभव लिया।

    जशपुर जिले में Homestays of India टीम द्वारा जिला प्रशासन के साथ मिलकर ग्रामीण एवं सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। 25 जनवरी 2026 को Homestays of India, छत्तीसगढ़ सरकार एवं जशपुर जिला प्रशासन के बीच हुए समझौते के तहत केरे गांव को मॉडल कम्युनिटी टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित करने की पहल की गई है। जिले में वर्तमान में केरे, छिछली र, दनगरी, मयाली, घोघरा (बलाझार) जैसे स्थानों में होम स्टे सूचीबद्ध हैं।

    परिणामस्वरूप देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब बड़े होटलों के बजाय स्थानीय संस्कृति, खान-पान और ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव करने के लिए इन होम स्टे का रुख कर रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पलायन पर रोक जैसे लाभ मिल रहे हैं।

    जिले में वर्तमान में मयाली में बनफूल होमस्टे श्री नेलसन मिंज मो.नं. 6261364164, केरे-देशदेखा में महुआ होमस्टे श्री विश्वनाथ राम, अमराई होमस्टे श्री शिवचरण राम एवं बीजा होमस्टे श्रीमती सुखमनी बाई मो.नं. 9302184255, खुड़ियारानी (छिछली र) में गेंदा फूल होमस्टे श्री देवनारायण यादव मो.नं. 7974408577, दनगरी में पलाश होमस्टे श्री मतरू राम मो.नं. 9009192294 एवं घोघरा (बालाझार) में कुमुद होमस्टे श्री मनोज कुमार पैंकरा मो.नं. 8889969617 विकसित किये गये हैं। यहां पर्यटकों के लिए ट्रेकिंग, नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग, कैंपिंग, रॉक क्लाइंबिंग, ग्राम भ्रमण, कृषि कार्य, पारंपरिक भोजन और जनजातीय संस्कृति के अनुभव जैसी गतिविधियां उपलब्ध हैं।

  • स्व सहायता समूह में मुनाफे का झांसा, महिलाओं के नाम पर निकलवाए लाखों के लोन! करीब ₹15 लाख हड़पने की आरोपी महिला गिरफ्तार, बैंक दस्तावेज और एटीएम कार्ड जब्त

    स्व सहायता समूह में मुनाफे का झांसा, महिलाओं के नाम पर निकलवाए लाखों के लोन! करीब ₹15 लाख हड़पने की आरोपी महिला गिरफ्तार, बैंक दस्तावेज और एटीएम कार्ड जब्त

    स्व सहायता समूह में निवेश का झांसा देकर महिलाओं से लोन निकलवाकर रकम हड़पने वाली महिला गिरफ्तार

    आरोपिया द्वारा महिलाओं को स्व सहायता समूह में निवेश कर लाभ कमाने का लालच देकर मुद्रा लोन एवं पर्सनल लोन निकलवाए गए।

    लोन की रकम स्वयं प्राप्त कर उपयोग करने तथा हितग्राहियों के बैंक दस्तावेज अपने पास रखने का आरोप है।

    प्रकरण में लगभग 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत पर थाना जामुल में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपिया को घेराबंदी कर पकड़ा तथा लोन कार्ड, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, मजदूर कार्ड एवं आधार कार्ड जप्त किए।

    दिनांक 20.08.2026 को प्राप्त शिकायत पर थाना जामुल पुलिस द्वारा त्वरित विवेचना करते हुए स्व सहायता समूह में निवेश के नाम पर महिलाओं से लोन निकलवाकर रकम हड़पने की आरोपिया को गिरफ्तार किया गया।

    दुर्ग : प्रार्थिया श्रीमती त्रिवेणी साहू, निवासी कुरूद द्वारा थाना जामुल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि ग्राम कुरूद निवासी विद्या साहू द्वारा महिलाओं को स्व सहायता समूह में निवेश कर लाभ कमाने का लालच दिया गया। आरोपिया द्वारा महिलाओं से मुद्रा लोन एवं पर्सनल लोन निकलवाकर लोन की रकम स्वयं प्राप्त कर उपयोग की गई तथा हितग्राहियों के एटीएम कार्ड एवं बैंक पासबुक अपने पास रखे गए। प्रार्थिया के अनुसार इस प्रकार लगभग 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।

    शिकायत पर थाना जामुल में अपराध क्रमांक 592/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दिनांक 20.08.2026 को आरोपिया को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ एवं प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपिया द्वारा महिलाओं से लोन निकलवाकर रकम स्वयं प्राप्त कर खर्च करना बताया गया। आरोपिया के कब्जे से संबंधित दस्तावेज एवं कार्ड जप्त किए गए। आरोपिया को दिनांक 21.08.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।

    मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)

    आरोपिया द्वारा महिलाओं को स्व सहायता समूह में निवेश करने पर लाभ मिलने का विश्वास दिलाकर उनके नाम से मुद्रा लोन एवं पर्सनल लोन निकलवाए जाते थे। लोन की रकम स्वयं प्राप्त कर उपयोग करने तथा संबंधित हितग्राहियों के बैंक एवं पहचान संबंधी दस्तावेज अपने पास रखने का तरीका अपनाया गया।

    घटना स्थल

    ग्राम कुरूद, थाना जामुल क्षेत्र, जिला-दुर्ग।

    आरोपी का नाम

    विद्या साहू, उम्र 33 वर्ष, निवासी भाठापारा बाजार चौक, ग्राम कुरूद, थाना जामुल, जिला-दुर्ग।

    जप्त सामग्री

    1. लोन कार्ड।

    2. बैंक पासबुक।

    3. एटीएम कार्ड।

    4. मजदूर कार्ड।

    5. आधार कार्ड।

    सराहनीय कार्य

    उक्त कार्यवाही में थाना जामुल में पदस्थ पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रकरण की विवेचना में शिकायत के तथ्यों का परीक्षण, आरोपिया की पतासाजी, घेराबंदी एवं आवश्यक दस्तावेजों की जप्ती की कार्रवाई की गई।

    दुर्ग पुलिस की अपील

    दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी स्व सहायता समूह, निवेश, लोन अथवा वित्तीय योजना में शामिल होने से पूर्व उसकी वैधता एवं संबंधित संस्था की जानकारी का सत्यापन अवश्य करें। अपने बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड अथवा अन्य वित्तीय दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को अनावश्यक रूप से न सौंपें। किसी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल निकटतम थाना अथवा पुलिस को सूचना दें।

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    प्रेसवार्ता में स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा खुलासा! 10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण, 8,000+ पदों पर भर्ती और 150 उत्कृष्ट विद्यालयों का बड़ा प्लान

    छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा व्यवस्था का कायाकल्प: 10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण, 8,000+ पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन और 150 नए स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में किए गए नीतिगत सुधारों, नवाचारों और अधोसंरचना विकास को लेकर आज छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेसवार्ता को स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव एवं विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने संयुक्त रूप से संबोधित किया तथा विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा साझा किया।

    प्रमुख बिंदु एवं विभागीय उपलब्धियों का विस्तृत विवरण:

    1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप युक्तियुक्तकरण व शिक्षक समायोजन

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (RTE-2009) के तहत राज्य में 10,538 विद्यालयों का समायोजन किया गया है। इस प्रक्रिया के माध्यम से 15,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का युक्तियुक्तकरण करते हुए 453 शिक्षक-विहीन तथा 4,729 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इससे स्कूल कॉम्पलेक्स की अवधारणा सुदृढ़ हुई है और शैक्षणिक प्रशासन में पारदर्शिता आई है।

    2. शिक्षकों की पदोन्नति एवं पारदर्शी काउंसलिंग

    वर्ष 2017-18 के बाद रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को गति देते हुए ‘टी संवर्ग’ में 1,335 और ‘ई संवर्ग’ में 1,478 सहित कुल 2,813 पदों पर प्राचार्य पदोन्नति की गई। इसके अलावा, 1,798 व्याख्याताओं तथा विगत दो वर्षों में 7,000 से अधिक सहायक शिक्षकों व शिक्षकों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया। साथ ही, 2,621 बी.एड. योग्यताधारी सहायक शिक्षकों का सहायक शिक्षक (विज्ञान-प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन कर संपूर्ण पदस्थापना ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए पूर्ण पारदर्शिता के साथ की गई।

    3. बड़े पैमाने पर शिक्षक भर्ती एवं CBT परीक्षा प्रणाली

    दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर के 848 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 62 पदों पर सीधी भर्ती हो चुकी है। विगत दो वर्षों में 2,104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती की गई है, जबकि 5,000 नियमित शिक्षक पदों (सहायक शिक्षक-2,292, शिक्षक-1,654, व्याख्याता-854, प्रयोगशाला-200) पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त, स्वामी आत्मानंद एवं स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए 3,066 से अधिक संविदा पदों पर जेम (GeM) टेंडर के माध्यम से राज्य स्तरीय कम्प्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित की गई है, जिसका परिणाम एक सप्ताह के भीतर घोषित कर दिया जाएगा।

    4. बहुभाषी शिक्षा और स्थानीय बोलियों में पाठ्यपुस्तकें

    छत्तीसगढ़ भाषाई चित्रण (Language Mapping) करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। 15 जुलाई 2024 से NEP-2020 लागू कर कक्षा 1 और 2 के लिए 16 स्थानीय भाषाओं व 4 अंतरराज्यीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें तैयार की गई हैं। बस्तर संभाग में 2,700 और सरगुजा संभाग में 2,368 शिक्षकों को स्थानीय भाषा आधारित शिक्षण के लिए प्रशिक्षित किया गया है। कक्षा 1 से 3 तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी व सादरी में पुस्तकें और कक्षा 4 से 12 तक छत्तीसगढ़ी को स्वतंत्र विषय के रूप में शामिल करने का कार्य प्रगति पर है।

    5. तकनीकी नवाचार, ऑनलाइन अटेंडेंस व VSK की स्थापना

    शिक्षकों की नियमित उपस्थिति व शैक्षणिक अनुशासन के लिए VSK मोबाइल ऐप के माध्यम से बायोमैट्रिक/ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जो वर्तमान में 85 प्रतिशत दर्ज हो चुकी है। प्रशासनिक दक्षता के लिए ‘iGOT कर्मयोगी’ पोर्टल पर 1,95,818 कार्मिक पंजीकृत हैं और ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ (VSK) द्वारा योजनाओं, पीएम पोषण और इंफ्रास्ट्रक्चर की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। पाठ्यपुस्तकों की बारकोड ट्रैकिंग से शासन को लगभग ₹40 करोड़ की बचत हुई है।

    6. विद्यार्थी कल्याणकारी योजनाएँ एवं परिणाम संवर्धन

    • निःशुल्क पाठ्यपुस्तक: कक्षा 1 से 10वीं तक के 45,33,261 विद्यार्थियों को सत्र पूर्व पुस्तकें वितरित।
    • निःशुल्क सरस्वती सायकल योजना: कक्षा 9वीं की 1,62,827 पात्र छात्राओं को सायकल वितरण।
    • निःशुल्क गणवेश योजना: कक्षा 1 से 8वीं तक के 28,63,786 बच्चों को नए आकर्षक रंग-रूप में गणवेश प्रदाय।
    • परीक्षा परिणाम: प्रभावी ब्लू प्रिंट अध्यापन और संभाग स्तरीय बैठकों के परिणामस्वरूप 10वीं व 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणामों में लगभग 2% की वृद्धि दर्ज की गई है। 5वीं व 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा भी पुनः संचालित की जा रही है।
    • सांस्कृतिक व समग्र विकास: विद्यार्थियों के तनावमुक्त शिक्षण के लिए ‘शनिवार बैग रहित दिवस’ तथा सकारात्मक ऊर्जा व भाषाई शुद्धता हेतु ‘मंत्रोच्चार’ जैसी भारतीय पद्धतियों का समावेश किया गया है।
    • आगामी शिक्षा सत्र: सीबीएसई (CBSE) के अनुरूप आगामी शिक्षा सत्र 2027-28 को 01 अप्रैल 2027 से प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है।

    7. मजबूत अधोसंरचना व स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय

    विगत तीन वर्षों में 504 नए विद्यालय और 2,583 अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए गए हैं, तथा बजट 2026-27 में 700 भवन-विहीन विद्यालयों के लिए नए भवनों का प्रावधान किया गया है। साथ ही, प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक स्कूल की तर्ज पर कुल 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के निर्माण व संचालन हेतु ₹100 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है। नारायणपुर (ओरछा) और सुकमा (जगरगुंडा) में एजुकेशन सिटी निर्माण हेतु ₹5 करोड़ का प्रावधान है।

    8. बस्तर एवं जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस (नियद नेल्लानार व पीएम जनमन)

    • नियद नेल्लानार अभियान: बस्तर संभाग के 97% ग्रामों में प्राथमिक शालाएं स्थापित की गई हैं। माओवादी घटनाओं या शून्य दर्ज संख्या के कारण बंद पड़े 48 विद्यालयों को पुनः शुरू किया गया तथा 36 नवीन विद्यालय खोले गए। शिक्षक विहीन व एकल शालाओं में 573 ‘शिक्षा दूत’ तैनात किए गए हैं।
    • पीएम जनमन व धरती आबा अभियान: विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) वर्ग के बच्चों हेतु 13 जिलों में 40 छात्रावास स्वीकृत (21 निर्माणाधीन) किए गए हैं। ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत 13 जिलों में 42 नए छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे दूरस्थ अंचलों में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा।
  • सड़क सुरक्षा के लिए संस्थाओं की बड़ी पहल! दुर्ग यातायात पुलिस को मिले 35 स्टॉपर, डायवर्शन और विशेष यातायात व्यवस्था में अब होगी राह आसान और सुरक्षित

    सड़क सुरक्षा के लिए संस्थाओं की बड़ी पहल! दुर्ग यातायात पुलिस को मिले 35 स्टॉपर, डायवर्शन और विशेष यातायात व्यवस्था में अब होगी राह आसान और सुरक्षित

    जनहित में सार्वजनिक संस्थाओं की पहल, यातायात पुलिस को मिले 35 स्टॉपर

    मेघ गंगा ग्रुप, दुर्ग द्वारा 20 नग एवं कोशी एयर क्लब एंड रिसोर्ट, करंजा भिलाई द्वारा 15 नग स्टॉपर प्रदान किए गए।

    जनता की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम यातायात व्यवस्था के प्रति संस्थाओं ने सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया।

    मार्ग डायवर्शन एवं विशेष यातायात व्यवस्था के दौरान स्टॉपर का उपयोग किया जाएगा।

    दुर्ग : सड़क सुरक्षा एवं आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा यातायात पुलिस दुर्ग को निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में मेघ गंगा ग्रुप, दुर्ग ने 20 नग तथा कोशी एयर क्लब एंड रिसोर्ट, करंजा भिलाई ने 15 नग, कुल 35 नग स्टॉपर यातायात पुलिस दुर्ग को जनहित में प्रदान किए।

    इन स्टॉपर का उपयोग मार्ग डायवर्शन, दुर्घटना स्थल, विशेष यातायात व्यवस्था एवं संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षित यातायात संचालन के लिए किया जाएगा। संस्थाओं की इस पहल से यातायात पुलिस को सड़क पर बेहतर एवं सुरक्षित यातायात प्रबंधन में मदद मिलेगी।

    जनता की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए स्वेच्छा से किया गया यह सहयोग सामाजिक जिम्मेदारी और जनसेवा के प्रति संस्थाओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    यातायात पुलिस दुर्ग की अपील:-.      

    यातायात पुलिस द्वारा सार्वजनिक संस्थाओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं नागरिकों से अपील की गई है कि सड़क सुरक्षा को जनअभियान बनाने में इसी प्रकार आगे आकर सहयोग करें।

    सुरक्षित सड़क, सुगम यातायात — हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी।

  • विशेष लेख : श्रमिकों के सशक्तिकरण का नया दौर ; छत्तीसगढ़ में श्रम कल्याण को मिल रही नई गति

    विशेष लेख : श्रमिकों के सशक्तिकरण का नया दौर ; छत्तीसगढ़ में श्रम कल्याण को मिल रही नई गति

    सुरक्षित श्रम, सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, सम्मानजनक रोजगार और डिजिटल सेवाओं का व्यापक विस्तार

    छगल लाल लोन्हारे, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

    रायपुर : राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र विकास के बिना विकसित राज्य की कल्पना संभव नहीं है। इसी सोच को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ शासन का श्रम विभाग श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के निर्देशन में श्रमिकों के हितों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से सेवाओं को सरल बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। राज्य सरकार के ढाई साल में श्रम विभाग की उपलब्धियाँ राज्य सरकार की श्रमिक हितैषी सोच और संवेदनशील प्रशासन का परिचायक हैं।

    प्रशासनिक ढांचे का विस्तार, सेवाओं की बेहतर पहुंच

     श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा श्रमिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पाँच नए जिलों में श्रम पदाधिकारी कार्यालय स्थापित किए हैं। मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि पाँच श्रम पदाधिकारी कार्यालयों को सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के रूप में उन्नत किया गया है। अब प्रदेश में 10 सहायक श्रमायुक्त कार्यालय एवं 23 श्रम पदाधिकारी कार्यालय सहित कुल 33 श्रम कार्यालय संचालित हैं। इससे श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और योजनाओं के प्रभावी संचालन को नई गति मिली है।

    समय के अनुरूप श्रम कानूनों में सुधार

     औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने श्रम कानूनों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। छत्तीसगढ़ कारखाना नियम, 1962 में संशोधन कर निर्धारित सुरक्षा प्रावधानों के साथ महिलाओं के रोजगार के अवसरों का विस्तार किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना नियम, 2021 में संशोधन के माध्यम से श्रम पहचान पंजीयन प्रमाण-पत्र अब 24 घंटे के भीतर जारी किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सरल एवं पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध होंगी तथा ष्ईज ऑफ डूइंग बिजनेसष् को भी बढ़ावा मिलेगा।

    56 लाख से अधिक श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में

     श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से अब तक लगभग 56.83 लाख संगठित, निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है।

    3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन जैसी सुविधाओं का लाभ

     वर्ष 2026 में 30 जून तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लगभग 3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन जैसी सुविधाओं का लाभ प्रदान किया गया है। इन योजनाओं पर लगभग 173.32 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जो श्रमिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    निर्माण श्रमिकों को बढ़ी आर्थिक सहायता

     मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत आवास निर्माण अथवा घर खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। यह निर्णय निर्माण श्रमिकों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर

     इसी प्रकार दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों एवं उनके समूहों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए सहायता राशि भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। इससे महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिल रहे हैं।

    शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहल

     राज्य सरकार ने श्रमिक परिवारों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से अटल कैरियर निर्माण योजना प्रारंभ की है। इसके माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

    पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण

     वहीं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इस पहल से बीमारियों की प्रारंभिक पहचान, समय पर उपचार तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

    उत्कृष्ट शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य की ओर

     श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वर्ष 2026-27 से इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित बच्चों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। यह पहल श्रमिक परिवारों के बच्चों के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी।

    पाँच रुपये में पौष्टिक भोजन

    शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण, संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गरम एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 18 जिलों में 39 भोजन केन्द्र संचालित हैं, जो हजारों श्रमिकों के लिए राहत का माध्यम बने हुए हैं।

     डिजिटल सेवाओं से बढ़ी पारदर्शिता

     श्रम विभाग द्वारा विकसित ‘ई-श्रम साथी मोबाइल एप’ श्रमिकों और नियोजकों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। इस एप के माध्यम से स्वयं पंजीयन, श्रमिक एवं नियोजक के बीच सीधा संपर्क तथा रोजगार संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो रही है। इससे पारदर्शिता के साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो रही है।

     मॉडल लेबर चौक से मिलेगा सम्मानजनक वातावरण

     राज्य सरकार द्वारा मॉडल लेबर चौक फेसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों पर श्रमिकों के पंजीयन, विभिन्न योजनाओं के आवेदन, भोजन, पेयजल, विश्राम एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे श्रमिकों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध होगा।

     सामाजिक सुरक्षा को मिला नया विस्तार

     मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत सामान्य मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये, कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2.50 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों की कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु होने पर भी उनके आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

    पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता

     इसी प्रकार असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की स्थिति में 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

     सुरक्षित कार्यस्थल की दिशा में प्रयास

     राज्य के विभिन्न कारखानों में श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप वरिष्ठ अधिकारियों एवं सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं में कमी और उत्पादकता में वृद्धि हो रही है।

     श्रमिक कल्याण की नई पहचान

     छत्तीसगढ़ में श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे व्यापक सुधार यह सिद्ध करता है कि राज्य सरकार श्रमिकों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी मानती है। प्रशासनिक ढाँचे का विस्तार, श्रम कानूनों का आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं का विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक रोजगार जैसी पहलें श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। श्रमिकों के कल्याण और सशक्तिकरण के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ समावेशी और संवेदनशील विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

  • ​भैंस चोरी कर नागपुर में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश! 4 मवेशियों की चोरी में एक और आरोपी गिरफ्तार, बिक्री के ₹2,500 भी बरामद

    ​भैंस चोरी कर नागपुर में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश! 4 मवेशियों की चोरी में एक और आरोपी गिरफ्तार, बिक्री के ₹2,500 भी बरामद

     बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की मवेशी चोर गिरोह पर बड़ी कार्रवाई: 04 नग भैंस चोरी मामले में संलिप्त एक और आरोपी गिरफ्तार!

    तालाब से मवेशियों को चुराकर नागपुर ले जाकर बेचने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश!

    सिमगा पुलिस की लगातार वैधानिक कार्रवाई: आरोपी लोकेश पाटले के कब्जे से मवेशी बिक्री की रकम 2500 भी जब्त

    बलौदाबाजार-भाटापारा : जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में पशु तस्करी एवं मवेशी चोरी के मामलों पर सख्त अंकुश लगाने हेतु पुलिस अधीक्षक गौरव राय के कुशल निर्देशन में थाना सिमगा पुलिस द्वारा पूर्व में दर्ज मवेशी चोरी के मामले में कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

    ​घटना का विवरण एवं पूर्व कार्रवाई:- प्रार्थी तोरण साहू (उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम चौरेंगा) ने थाना सिमगा आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 20/05/2026 को उसकी 04 नग भैंसों को अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिया गया है। रिपोर्ट पर अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया था। ​पूर्व में चोरी की गई 04 भैंसों को पिकअप वाहन में भरकर नागपुर ले जाते समय राजनांदगांव (थाना लालबाग) में पकड़ा गया था, जिसमें आरोपी नितेश भवारिया, शहरूख खान, मो. मुबाशीर एवं मो. साजीद के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था तथा मवेशियों को मालिक के सुपुर्द किया गया था।

    ​पूछताछ, मेमोरेंडम एवं जप्ती:- मामले में आरोपी मो. मुबाशीर से मिले सुरागों के आधार पर आरोपी राकेश सतनामी को पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने दिनांक 13/05/2026 को ग्राम किरवई के तालाब से 04 नग भैंसों को अपने ही गांव के लोकेश काटले के साथ मिलकर चुराया था और नागपुर में बेचा था। ​इसी क्रम में थाना सिमगा पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए संदेही लोकेश काटले को दिनांक 20/08/2026 को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने चोरी में शामिल होना स्वीकार किया तथा मवेशी बिक्री के अपने हिस्से के ₹2500 शेष बचे नगदी रकम पेश की।

    ​गिरफ्तारी व वैधानिक कार्रवाई:- आरोपी के विरुद्ध अपराध का पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर लोकेश काटले उर्फ भल्ला को दिनांक 20/08/2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है।

    ​गिरफ्तार आरोपी का विवरण:- लोकेश काटले उर्फ भल्ला पिता संतोष काटले उम्र: 22 वर्ष ​निवासी: ग्राम किरवई, थाना सिमगा

  • रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! दुर्ग-हटिया और शालीमार-LTT एक्सप्रेस में जुड़ेंगे अतिरिक्त कोच, कन्फर्म बर्थ मिलने की बढ़ी उम्मीद

    रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! दुर्ग-हटिया और शालीमार-LTT एक्सप्रेस में जुड़ेंगे अतिरिक्त कोच, कन्फर्म बर्थ मिलने की बढ़ी उम्मीद

    दुर्ग-हटिया-दुर्ग एवं शालीमार-एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में अतिरिक्त कोच की सुविधा

    बिलासपुर : रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा व अधिकाधिक यात्रियों को कंफ़र्म बर्थ उपलब्ध कराने हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने/गुजरने वाली 02 जोड़ी गाड़ियों में अतिरिक्त कोच की सुविधा अस्थायी रूप से उपलब्ध कराई जा रही है |

     विवरण इस प्रकार है –

    👉 गाड़ी संख्या 18641 हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस में 01 अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा दिनांक 27 अगस्त 2026 को तथा गाड़ी संख्या 18642 दुर्ग-हटिया एक्सप्रेस में दिनांक 28 अगस्त 2026 को उपलब्ध रहेगी |

    👉 इसी प्रकार गाड़ी संख्या 18030 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस में 01 अतिरिक्त एसी-03 कोच की सुविधा दिनांक 22 अगस्त से 28 अगस्त 2026 तक तथा गाड़ी संख्या 18029 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में दिनांक 24 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगी |

    इस सुविधा की उपलब्धता से इन गाड़ियों में यात्रा करने वाले अधिकाधिक यात्री लाभान्वित होंगे |