Category: छत्तीसगढ

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा की : कहा – न्यायालयों में ऑनलाइन गवाही की व्यवस्था सुनिश्चित करें

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा की : कहा – न्यायालयों में ऑनलाइन गवाही की व्यवस्था सुनिश्चित करें

    रायपुर  15 मई 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान न्यायिक व्यवस्था को जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि “दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों को समय पर और सुलभ न्याय दिलाने के लिए न्यायालयों में ऑनलाइन गवाही की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग कर न्यायिक प्रक्रिया को सहज और तेज़ किया जा सकता है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था विशेष रूप से आदिवासी अंचलों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी जहाँ आवागमन की कठिनाइयों के चलते लोग न्यायालय तक नहीं पहुंच पाते। बैठक में जिले के प्रभारी  मंत्री श्री केदार कश्यप , विधायक श्री चैत राम अट्टामी, पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह आयुक्त जनसंपर्क डॉ. श्री रवि मित्तल, संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह, दोनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं  वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “सुशासन तिहार” सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतिबिंब है। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार 2025 तीन चरणों में चलाया जा रहा है, और तीसरे चरण में वे स्वयं जिलों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में हमने मोदी की गारंटी के वादों को प्राथमिकता से लागू किया है, जिससे आमजन में सरकार के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावशाली कार्रवाई हुई है। उन्होंने मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का संकल्प दोहराते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिए रहवास, पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की पूरी व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि एनएमडीसी और निजी क्षेत्र की भागीदारी से प्लेसमेंट कैंप आयोजित किए जाएं ताकि ये युवा मुख्यधारा में आत्मविश्वास से लौट सकें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय अंचलों में स्थानीय संसाधनों के अनुरूप रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं। उन्होंने 1460 पंचायतों में शुरू हुए अटल सेवा केंद्रों की जानकारी देते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग जैसी सेवाएं गांव में ही मिलेंगी।

    मुख्यमंत्री  ने  कहा कि जनजातीय बाहुल्य बस्तर क्षेत्र खनिज एवं वनोपज संपदा से समृद्व है। यहां के रहवासियों की आय संवृद्धि और उन्हें विकास की मुख्यधारा से सकारात्मक प्रयास कर रहे हैं। बस्तर के समग्र विकास को सुनिश्चित कर बस्तर ही नहीं समूचे छत्तीसगढ़ और देश को मार्च 2026 तक बस्तर से माओवाद का समूल उन्मूलन करेंगे। उन्होंने वनोपज संग्रहण , प्रसंस्करण और खेती को जनजातीय समुदाय के समृद्धि के जरूरी निरूपित करते हुए खेती-किसानी को बढ़ावा देने सहित सिंचाई के साधनों के विकास और कृषि के आनुषांगिक गतिविधियों मछलीपालन, पशुपालन, बकरापालन, सूकरपालन और दुग्ध उत्पादन के लिए बेहतर प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। वहीं बस्तर में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर फोकस कर इसके जरिए रोजगार को बढ़ावा देने कहा।

     मुख्यमंत्री ने बस्तर के ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र के जरिए आम जनता को ज्यादा से ज्यादा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने नियद नेल्लानार योजनांतर्गत सम्बन्धित क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया तथा अन्य विकास कार्यों को टीम भावना के आगे बढ़ाते हुए जन सेवा में जुटे रहने के निर्देश दिए। वहीं शासन की सभी योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन किए जाने तथा व्यक्तिमूलक योजनाओं से प्रत्येक पात्र व्यक्तियों को सेचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बीजापुर के कलेक्टर ने जानकारी दी कि समर कैम्प और बाल शिक्षा मित्र कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाई जा रही है। दंतेवाड़ा जिले में परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार (हाई स्कूल में 10% और हायर सेकेंडरी में 4% वृद्धि) पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत राइस मिल लगाने के लिए दी गई रियायतों की जानकारी दी और स्थानीय युवाओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊंची भूमि में मक्का की खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही ताकि कृषक आय में वृद्धि हो।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग के अंदरूनी गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बीजापुर और दंतेवाड़ा कलेक्टर को रूट चिन्हांकन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि टीम भावना से कार्य करें और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बैठक में डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने भी समन्वयपूर्ण कार्यशैली पर बल दिया।

  • समीक्षा बैठक : बिलासपुर पुलिस को मिले सख्त निर्देश, चेतना अभियान की हुई सराहना, नवीन कानून, बेसिक पुलिसिंग और भ्रष्टाचार पर सख्ती, बिलासपुर में आईजी संजीव शुक्ला ने की पुलिस कार्यों की व्यापक समीक्षा.

    समीक्षा बैठक : बिलासपुर पुलिस को मिले सख्त निर्देश, चेतना अभियान की हुई सराहना, नवीन कानून, बेसिक पुलिसिंग और भ्रष्टाचार पर सख्ती, बिलासपुर में आईजी संजीव शुक्ला ने की पुलिस कार्यों की व्यापक समीक्षा.

    बिलासपुर. 15 मई 2025 : पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज डॉ. संजीव शुक्ला (आईपीएस) ने 13 मई 2025 को जिले के सभी थाना प्रभारियों एवं राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में बेसिक पुलिसिंग, नवीन आपराधिक संहिताओं का प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित अपराधों के शीघ्र निपटारे, बीट सिस्टम को मजबूत करने, और चेतना अभियान जैसे सामुदायिक प्रयासों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। आईजी ने चेताया कि अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे NATGRID और ई-साक्ष्य पोर्टल के अधिक उपयोग पर बल दिया।

    पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज बिलासपुर डॉ संजीव शुक्ला (आईपीएस) द्वारा दिनांक 13 मई 20525 को जिला पुलिस बिलासपुर के सभी थाना प्रभारियों एवं राजपत्रित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। जिसमें शासन एवं पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकता के बिंदुओं और बेसिक पुलिसिंग की समीक्षा की गई। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर द्वारा अपने रेंज के सभी जिलों की कार्यो की समीक्षा और आवश्यक दिशा निर्देश देकर पूरे रेंज में बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर द्वारा सभी अधिकारियों को अपने कार्यों को समय पर और प्रभावी तरीक़े से पूरा करने एवं बेसिक पुलिसिंग करने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही ग़ैर अनुशासित आचरण व भ्रष्ट कार्यो में संलिप्तता होने पर तत्काल कार्यवाही कर उन्हें दंडित करने के लिए निर्देशित किया।

    पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर द्वारा नवीन कानूनों के बेहतर क्रियान्वयन पर विशेष ज़ोर दिया गया ।बीट सिस्टम  को स्ट्रॉन्ग बनाकर प्रत्येक कर्मचारी के कार्यों का सही मूल्यांकन, साप्ताहिक डायरी के माध्यम से करने हेतु निर्देशित किया गया। गुंडे बदमाशों पर बेहतर कार्यवाही करने पुराने असक्रिय गुंडे बदमाशों को माफ़ी सूची में लाने तथा नवीन निगरानी गुंडा फाइल खोलने हेतु निर्देशित किया गया। समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से परेड, अनुशासन, OR पेशी, रिकॉर्ड नष्टीकरण, विजिबल पुलिसिंगके माध्यम से बेसिक पुलिसिंग पर विशेष ध्यान देते हुए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। लंबित अपराध, लंबित चालान का शीघ्र निराकरण एवं गंभीर अपराधों का 90 दिन में, व अन्य अपराधों का 60 दिन के भीतर निराकरण करने हेतु सभी विवेचकों को सख़्त निर्देश दिए गए, जप्त वाहन राजसात वाहन में बिलासपुर ज़िले की अच्छी कार्यवाही की प्रशंसा भी पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर द्वारा की गई । Naveen कानूनों एवं विवेचना में सहायक विभिन्न app जैसे ईस समान ई साक्ष्य समन्वय portal निदान portal , NATGRID, cri-MAC आदि के अधिक से अधिक उपयोग एवं आवश्यकतानुरूप कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी बल दिया गया।

    पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर द्वारा लंबित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए त्वरित निराकरण हेतु निर्देशित किया गया। सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत चेतना अभियान की तारीफ़ करते हुए कहा की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने सामुदायिक पुलिसिंग को एक नया आयाम दिया है, यह एक ऐसा अभियान है जिसमें चेतना अभियान द्वारा नशा, महिला और बाल अपराध, साइबर, सड़क दुर्घटनाओं और सुरक्षा, और अन्य संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के साथ समाज में जागरूकता लाने और सुरक्षित समाज बनाने हेतु अच्छी अभियान है।

    डॉ. संजीव शुक्ला आईपीएस आईजीपी बिलासपुर द्वारा मुख्य रूप से बेसिक पुलिसिंग, सड़क सुरक्षा, अनुशासन, प्रभावी कार्यवाही, NATGRID, cri-MAC, NEFIS आदि पर विशेष रूप से फ़ोकस करते हुए निर्देश दिये कि सभी पुलिस अधिकारियों द्वारा जिला में बेहतर कार्य कर बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (आईपीएस) द्वारा निर्देशित सभी बिन्दु पर अक्षरशः पालन कर भविष्य में और बेहतर पुलिसिंग कर अपराध नियंत्रण और सभी पहलू पर बेहतर परिणाम देने हेतु आश्वस्त किया गया।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर में सुशासन तिहार के तीसरे चरण की समीक्षा करते हुए दिए निर्देश– शिक्षा, पेयजल, रोजगार और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को मिले सर्वोच्च प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर में सुशासन तिहार के तीसरे चरण की समीक्षा करते हुए दिए निर्देश– शिक्षा, पेयजल, रोजगार और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को मिले सर्वोच्च प्राथमिकता

    रायपुर 15 मई 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सतत निगरानी एवं समन्वय बनाए रखें। बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन,  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  ने बीजापुर जिले में  भू-जल स्तर और पेयजल के स्रोतों की उपलब्धता की समीक्षा की। कलेक्टर बीजापुर ने बताया कि मांग के अनुरूप नलकूपों की खुदाई करवाई गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पेयजल की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर भी काम करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि समर कैंप और ‘बाल शिक्षा मित्र’ जैसे नवाचारों से बच्चों की शिक्षा में रुचि बढ़ी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इन प्रयासों को और अधिक संगठित एवं परिणामोन्मुखी बनाने पर बल दिया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने इस सम्बन्ध में बीजापुर और दंतेवाड़ा के कलेक्टरों को रूट चिन्हांकन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए आवास, पुनर्वास और कौशल प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने एनएमडीसी व निजी क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं हेतु प्लेसमेंट कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार के तीसरे चरण में स्वयं भागीदारी करते हुए जमीनी सच्चाई का मूल्यांकन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे किए गए हैं और बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समुदाय की आर्थिक समृद्धि के लिए उन्हें  उनकी प्रकृति के अनुरूप कार्यों से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि अटल सेवा केंद्र का शुभारंभ अनेक पंचायतों में हो चुका है, जिससे अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएँ उनके ही गांवों में सुलभ होंगी।

    बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम भावना से काम करने से ही प्रशासनिक और विकासात्मक लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे इसी भावना से कार्य करते हुए जनता के कल्याण हेतु प्रतिबद्ध रहें। बैठक में वन मंत्री श्री केदार कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एम्स में घायल जवानों से की मुलाकात : कहा – देश को अपने वीर जवानों पर भरोसा है और उन पर गर्व भी

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एम्स में घायल जवानों से की मुलाकात : कहा – देश को अपने वीर जवानों पर भरोसा है और उन पर गर्व भी

    उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा थे उपस्थित, जवानों का बढ़ाया हौसला

    रायपुर 15 मई 2025/ केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया और छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर करेगुट्टा पहाड़ियों में 31 नक्सलियों को मार गिराने के दौरान नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों के घायल जवानों से मुलाकात की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा उपस्थित थे।

    केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल अपनी वीरता से नक्सलवाद का नामोनिशान मिटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर में जाकर उन सुरक्षाकर्मियों से मुलाकात की जो छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर करेगुट्टा पहाड़ियों में 31 नक्सलियों को मार गिराने के दौरान नक्सल विरोधी अभियान में घायल हुए थे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उन्हें विश्वास दिलाया कि देश उन पर भरोसा और गर्व करता है।

    केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि वीर जवानों ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर लगातार 21 दिनों तक ऑपरेशन चलाकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। जवानों के इस शौर्य और साहस पर पूरे देश को गर्व है।

    उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने घायल जवानों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनका हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवानों के चेहरे पर मुस्कान देखकर गर्व होता है। आपकी भुजाओं की ताकत और साहस को पूरा देश देख रहा है। उन्होंने जवानों के साहस और समर्पण को प्रणाम करते हुए जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

  • घने वनों में उजाले की खुशी, 17 वनग्रामों में पहुंची बिजली : मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना बनी ग्रामीणों के जीवन में नई उम्मीद की किरण

    घने वनों में उजाले की खुशी, 17 वनग्रामों में पहुंची बिजली : मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना बनी ग्रामीणों के जीवन में नई उम्मीद की किरण

    रायपुर 15 मई 2025/ छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित घने वनों के बीच बसे मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के 17 वनग्रामों में पहली बार बिजली पहुंची है। यह केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने इन ग्रामों के निवासियों के जीवन में आशा और उजाले का संचार किया है।

    मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 3 करोड़ रुपये की लागत से कातुलझोरा, कट्टापार, बोदरा, बुकमरका, संबलपुर, गट्टेगहन, पुगदा, आमाकोड़ो, पीटेमेटा, टाटेकसा, कुंदलकाल, रायमनहोरा, नैनगुड़ा, मेटातोडके, कोहकाटोला, एडसमेटा एवं कुंजकन्हार जैसे अत्यंत दुर्गम गांवों में बिजली पहुंचाने का सपना साकार हुआ। इन इलाकों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण था। दुर्गम पहाड़ियों, सघन वनों और नक्सल खतरे के बीच कार्य को अंजाम देना किसी मिशन से कम नहीं था।

    जब गांवों में पहली बार ट्रांसफार्मर से बिजली की रौशनी फूटी, तब ग्रामीणों की आंखों में खुशी थी। कुछ गांवों में बच्चों ने नृत्य किया, तो कहीं बूढ़े-बुजुर्गों ने पटाखे फोड़कर अपनी खुशी जाहिर की। यह वह पल था, जिसका उन्होंने दशकों से इंतजार किया था। इन वनग्रामों के 540 परिवार अब तक सौर ऊर्जा और लालटेन पर निर्भर थे। कई गांवों में सौर प्लेट या तो चोरी हो गए थे या खराब हो चुके थे, जिससे लोगों की रातें सिर्फ काली और भयावह थी। अब 275 परिवारों को बिजली कनेक्शन मिल चुका है और बाकी बचे परिवारों के घरों में बिजली कनेक्शन लगाया जा रहा है।

    कार्यपालक निदेशक द्वारा ग्राम टाटेकसा में स्थापित 25 केवीए ट्रांसफार्मर को चार्ज कर चालू किया गया। इस कार्य में 45 किमी लंबी 11 केवी लाइन, 87 निम्नदाब पोल और 17 ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। कार्यपालक निदेशक श्री सेलट ने बताया कि इन दुर्गम गांवों तक 11 केवी लाइन बिछाने के लिए वन विभाग से एनओसी प्राप्त करने से लेकर उपकरणों की ढुलाई का काम चुनौतीपूर्ण था। मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के संकल्प और समर्पित तकनीकी टीम के प्रयासों से यह कार्य संभव हो पाया।

  • बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु भूमि आबंटन के लिए राज्य शासन ने कलेक्टरों को लिखा पत्र

    बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु भूमि आबंटन के लिए राज्य शासन ने कलेक्टरों को लिखा पत्र

    सार्वजनिक उपक्रमों, तेल और गैस विपणन कंपनियों को रियायती लीज दर पर दी जाएगी जमीन

    रायपुर. 15 मई 2025. राज्य शासन ने जैव अपशिष्ट और कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए नगरीय निकायों में स्थापित किये जाने वाले बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु भूमि आबंटन के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों को परिपत्र जारी किया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मंत्रालय से जारी परिपत्र में विगत 17 अप्रैल को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि मंत्रिपरिषद के निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी नगरीय निकायों में जैव अपशिष्ट-सह-कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए स्थापित किये जा रहे बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु रियायती लीज (Lease) दरों पर शासकीय भूमि का आबंटन किया जाना है। बायो-सीएनजी संयंत्रों की स्थापना हेतु आवश्यक कार्यवाही के लिए नगरीय प्रशासन विभाग और संबंधित नगरीय निकाय को अधिकृत किया गया है।

    राज्य शासन ने नगरीय निकायों में जैव अपशिष्ट और कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए स्थापित किये जा रहे बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं शासकीय तेल और गैस विपणन कंपनियों को बायो-सीएनजी संयंत्रों के लिए अधिकतम दस एकड़ शासकीय भूमि का आबंटन रियायती लीज दर एक रुपए प्रति वर्गमीटर के मान से करने के लिए कलेक्टरों को निर्देशित किया है। विभाग ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं शासकीय तेल और गैस विपणन कंपनियों को अधिकतम 25 वर्षों की लीज पर भूमि आबंटित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

  • गलगम पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, जवानों का हौसला बढ़ाया:नक्सल विरोधी अभियान की सफलता पर दी बधाई

    गलगम पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, जवानों का हौसला बढ़ाया:नक्सल विरोधी अभियान की सफलता पर दी बधाई

    रायपुर 15 मई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बीजापुर जिले के उसूर तहसील के अंदरूनी गांव गलगम पहुंचे, जहाँ उन्होंने सीआरपीएफ के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर हालिया नक्सल विरोधी अभियान की सफलता पर चर्चा की। इस अभियान में सुरक्षा बलों ने करेगुट्टा की पहाड़ी पर 21 दिनों तक चले ऑपरेशन में 31 कुख्यात माओवादी आतंकियों को मार गिराया और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए। मुख्यमंत्री साय ने इस अभियान को नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारे के उद्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों ने अदम्य साहस और समर्पण के साथ इस ऑपरेशन को सफल बनाया है। यह न केवल बीजापुर बल्कि पूरे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। गलगम और करेगुट्टा का क्षेत्र लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है और इस अभियान ने इस इलाके को सुरक्षित बनाने की दिशा में नई उम्मीद जगाई है। सीआरपीएफ जवानों से मुलाकात के दौरान साय ने उनके साहस की सराहना की और कहा कि आपके शौर्य और निष्ठा से ही हम नक्सलवाद के खिलाफ इस लड़ाई को जीत रहे हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें सरकार में आए डेढ़ साल हुए हैं और  इस अवधि में हमने राज्य में सुशासन स्थापित करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप लगातार अनेक कठिन नक्सल विरोधी ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं।  आप 44 डिग्री की गर्मी में भी ऑपरेशन चलाते हैं। ऐसे जवानों के अदम्य साहस को मैं नमन करता हूँ। उन्होंने बताया कि वे सुरक्षा कैम्प को सुविधा कैम्प मानते हैं क्योंकि सुरक्षा कैम्प के माध्यम से अब बस्तर के सुदूर इलाकों में अनेक तरह की सुविधाएं पहुंच रही हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय के कहा कि जब हमारी सरकार आयी तो इस क्षेत्र में सबसे पहला कैम्प मूलेर में खोला गया। आज मूलेर समेत आसपास के गांव में राशन की सुविधा, बिजली, स्वास्थ्य, स्कूल, मोबाइल टॉवर जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व और मार्गदर्शन में नक्सल विरोधी  अभियान में लगातार सफलता मिल रही है। राज्य में मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य है, निश्चित रूप से फोर्स के जवानों के अदम्य साहस की बदौलत हम इस संकल्प को पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा बस्तर में नियद नेल्ला नार योजना ने स्थानीय लोगों से जुड़ने में अहम भूमिका निभाई है।

    अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्रामीण हितग्राहियों से भी मुलाकात की और उन्हें राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड का वितरण करते हुए पीएम आवास योजनांतर्गत स्पेशल प्रोजेक्ट नक्सल पीड़ित व आत्मसमर्पित परिवारों को स्वीकृति पत्र प्रदान किया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सरकार क्षेत्र में विकास कार्यों को और अधिक तेज गति से करेगी साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य है, और इसके लिए सुरक्षा बलों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों का सहयोग भी जरूरी है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्षेत्र में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़ सकें। इसके साथ ही, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।  मुख्यमंत्री श्री साय ने गलगम कैंप में जवानों के साथ तस्वीर खिंचाई और भारत माता के जयकारे से उनका जोश बढ़ाया। जवानों ने भी नारे लगाते हुए देशभक्ति का जज़्बा दिखाया। मुख्यमंत्री ने जवानों संग बैठकर भोजन भी किया।

    गलगम कैम्प में हुए आयोजन में पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने अपने उद्बोधन में फोर्स के जवानों द्वारा किए जा रहे सिविक एक्शन को सराहा। वहीं कलेक्टर बीजापुर श्री संबित मिश्रा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बताया कि सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत बीते कल ही गलगम में समाधान शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान गलगम कलस्टर में कुल 1590 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से अधिकतर आवेदन वन अधिकार पत्र के थे, जिनका परीक्षण कर सार्थक कार्यवाही की जा रही है।

    इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, बस्तर रेंज आईजी श्री सुंदरराज पी., डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा बलों के जवान उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे दंतेवाड़ा जिले के ग्राम मुलेर : छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर पहुंचा सुशासन तिहार

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे दंतेवाड़ा जिले के ग्राम मुलेर : छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर पहुंचा सुशासन तिहार

    रायपुर 15 मई 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के अतिदूरस्थ और आदिवासी बहुल ग्राम मुलेर का दौरा किया। यह गांव दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित अंतिम गांवों में से एक है, जहाँ अब नियद नेल्लानार योजना के तहत समावेशी विकास कार्य तेज़ी से हो रहे हैं।

     मुख्यमंत्री श्री साय का ग्रामीणों ने महुआ, आमपत्ती से बने पारंपरिक हार और गौर मुकुट पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम का भी छिंद पत्तों से बने पारंपरिक गुलदस्तों से अभिनंदन किया गया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामवासियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की ज़मीनी समस्याएं सुनीं और विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा की। उन्होंने राशन दुकान का निरीक्षण किया, जहां हितग्राहियों से बातचीत कर राशन वितरण की नियमितता, गुणवत्ता, और उपयोग की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने खाद्यान्न का वजन भी मौके पर करवाया और एक हितग्राही का राशन कार्ड देखा। मुख्यमंत्री श्री साय ने आंगनबाड़ी में बच्चों से आत्मीय वार्तालाप कर उनके अक्षर ज्ञान, रंग-पहचान आदि की जानकारी ली और बच्चों को चॉकलेट वितरण किया।

     मुख्यमंत्री श्री साय ने मौके पर ही कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें अंदल कोसम माता मंदिर निर्माण के लिए 4 लाख रूपए की स्वीकृति, ग्राम में उप स्वास्थ्य केन्द्र स्थापना, नाहाड़ी तक संपर्क सड़क का निर्माण तथा गांव के सभी पारा को जोड़ने हेतु पुलिया और सीसी सड़क निर्माण के लिए 5 लाख रूपए की स्वीकृति शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही शिविर लगाकर वनाधिकार मान्यता पत्र, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्यवाही की जाएगी।

     मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 9वां स्थान प्राप्त करने वाली दंतेवाड़ा की छात्रा रमशिला नाग से भेंट की, उसे पुष्पगुच्छ भेंटकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया, और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

     ग्राम मुलेर में मुख्यमंत्री श्री साय का यह दौरा न केवल सुशासन की संवेदनशीलता का प्रतीक रहा, बल्कि यह भी साबित करता है कि राज्य सरकार प्रदेश के हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के लिए कटिबद्ध है।

    दंतेवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत मुलेर: योजनाओं के क्रियान्वयन से हो रहा सर्वांगीण विकास

     उल्लखेनीय है कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की दूरस्थ ग्राम पंचायत मुलेर विकास की नई इबारत लिख रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद विभिन्न सरकारी योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन ने इस गांव को सशक्तिकरण, स्वावलंबन और सेवा की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान किया है।

     बड़े बचेली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुलेर जिला मुख्यालय से लगभग 90 किमी दूर स्थित है। कुल 112 परिवारों में 474 लोग निवासरत हैं, जिनमें 100 प्रतिशत माड़िया जनजाति के लोग हैं। गांव में दो आंगनबाड़ी केन्द्र (बाल्केपारा व पटेलपारा) संचालित हैं। गांव में 6 महिला स्व-सहायता समूह कार्यरत हैं, जिनमें लक्ष्मी समूह को डीएमएफ मद से ट्रैक्टर प्रदाय किया गया है। इसका उपयोग खेती के साथ-साथ किराए पर भी किया जा रहा है। बीपीएल कार्डधारी परिवारों को राशन की नियमित आपूर्ति की जा रही है। गांव में सौर ऊर्जा से होम लाइटिंग की व्यवस्था है। महतारी वंदन योजना अंतर्गत ग्राम मुलेर में महिलाएँ महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ आत्मसम्मान का अनुभव हो रहा है। मुलेर ग्राम पंचायत सुदूर आदिवासी क्षेत्र में सरकारी योजनाओं की जमीनी पहुँच और सुचारू क्रियान्वयन का एक अनुकरणीय उदाहरण है। यहां जनभागीदारी और प्रशासनिक तत्परता से विकास की दिशा में सतत और ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

  • सूरजपुर में विवेचना अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण : अब नहीं बचेंगे अपराधी, सूरजपुर पुलिस को मिली नए कानूनों पर एक्सपर्ट ट्रेनिंग, 90 दिन में चालान अनिवार्य, सूक्ष्मता से विवेचना, साक्ष्यों को मजबूत बनाने का दिया प्रशिक्षण.

    सूरजपुर में विवेचना अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण : अब नहीं बचेंगे अपराधी, सूरजपुर पुलिस को मिली नए कानूनों पर एक्सपर्ट ट्रेनिंग, 90 दिन में चालान अनिवार्य, सूक्ष्मता से विवेचना, साक्ष्यों को मजबूत बनाने का दिया प्रशिक्षण.

    सूरजपुर. 15 मई 2025 : सूरजपुर जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विवेचना अधिकारियों को नवीन आपराधिक संहिताओं के तहत एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर की उपस्थिति में आयोजित इस प्रशिक्षण में नए कानूनों के अनुपालन, 60 व 90 दिन के भीतर चालान प्रस्तुत करने, सूक्ष्म विवेचना, भौतिक व डिजिटल साक्ष्यों की मजबूती तथा पीड़िता के बयान को ऑडियो-वीडियो माध्यम से दर्ज करने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य अभियोजन को सशक्त बनाकर न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध और विश्वसनीय बनाना है।

    डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने नए कानूनों का पालन कर एफआईआर दर्ज होने के 60 व 90 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से विवेचना पूर्ण कर अभियोग-पत्र न्यायालय में पेश कराने, अपराध की विवेचना में सूक्ष्मता, घटना-स्थल पर भौतिक साक्ष्यों के संकलन, साक्ष्यों को मजबूत बनाने और अपराधियों को सजा दिलाने में विवेचना में कोई कमी न रहें, इन सभी विषयों पर पुलिस अधिकारियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का आयोजन कराया।

    मंगलवार 13 मई 2025 को नवीन कानूनों के प्रशिक्षण में डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर की उपस्थिति में जिला अभियोजन अधिकारी (डीपीओ) मनोज चतुर्वेदी ने नवीन कानूनों के बारे में बताते हुए कहा कि अब अपराध पंजीबद्ध करने के पश्चात् 60 व 90 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से चालान पेश करना होगा, विवेचना को मजबूत बनाने, इसमें साक्ष्यों का संग्रह, अभियोजन की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण बारीकियों को बताया। डीपीओ ने साक्ष्यों को मजबूत बनाने रखने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं को भी स्पष्ट किया। पीड़िता का बयान ऑडियो-वीडियो माध्यम से रिकॉर्ड करने कहा ताकि साक्ष्य सशक्त और प्रभावी हो। संपत्ति संबंधी अपराधों और अन्य विभिन्न अपराधों की विवेचना की मानक प्रक्रियाओं के बारे में भी जानकारी दी। वहीं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और नियमावली, नए प्रावधानों की व्याख्या करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के तरीकों पर गहन चर्चा की गई।

  • उत्तम मेमोरियल कॉलेज में यातायात नियम और नशामुक्ति पर जागरूकता अभियान : नशे के दुष्प्रभाव की दी गई विस्तृत जानकारी, पुलिस और विशेषज्ञों ने दिए अहम संदेश.

    उत्तम मेमोरियल कॉलेज में यातायात नियम और नशामुक्ति पर जागरूकता अभियान : नशे के दुष्प्रभाव की दी गई विस्तृत जानकारी, पुलिस और विशेषज्ञों ने दिए अहम संदेश.

    रायगढ़. 15 मई 2025 : रायगढ़ जिले के उत्तम मेमोरियल कॉलेज, पटेलपाली में आज एनएसएस इकाई के तत्वावधान में सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति पर केंद्रित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाना और नशे की लत से दूर रहने की प्रेरणा देना था। इसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लेकर जागरूक समाज की नींव मजबूत करने का संकल्प लिया। पुलिस विभाग और समाज कल्याण अधिकारियों ने छात्रों को जीवन की सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं।

    उत्तम मेमोरियल कॉलेज पटेलपाली में आज सड़क सुरक्षा पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को सुरक्षित यातायात के नियमों की जानकारी देना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उन्हें प्रेरित करना था।

    कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा विषय पर यातायात निरीक्षक नारायण सिंह मरकाम और थाना आरक्षक मुकेश चौहान ने विस्तृत प्रस्तुति दी। छात्रों को संबोधित करते हुए पुलिस के वक्ता ने बताया कि सड़क पर चलते समय हेलमेट पहनना, चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाना, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना, नशे की हालत में वाहन न चलाना, तेज गति से बचना, ओवरटेक करते समय सतर्कता बरतना और मोबाइल फोन का उपयोग न करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह न केवल स्वयं नियमों का पालन करे, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे।