Category: छत्तीसगढ

  • रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! दुर्ग-हटिया और शालीमार-LTT एक्सप्रेस में बढ़ीं सीटें, अतिरिक्त कोच से कन्फर्म बर्थ की उम्मीद

    रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! दुर्ग-हटिया और शालीमार-LTT एक्सप्रेस में बढ़ीं सीटें, अतिरिक्त कोच से कन्फर्म बर्थ की उम्मीद

    दुर्ग-हटिया-दुर्ग एवं शालीमार-एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में अतिरिक्त कोच की सुविधा

    बिलासपुर : रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा व अधिकाधिक यात्रियों को कंफ़र्म बर्थ उपलब्ध कराने हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने/गुजरने वाली 02 जोड़ी गाड़ियों में अतिरिक्त कोच की सुविधा अस्थायी रूप से उपलब्ध कराई जा रही है |

     विवरण इस प्रकार है –

    👉 गाड़ी संख्या 18641 हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस में 01 अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा दिनांक 11 अगस्त 2026 को तथा गाड़ी संख्या 18642 दुर्ग-हटिया एक्सप्रेस में दिनांक 12 अगस्त 2026 को उपलब्ध रहेगी |

    👉 इसी प्रकार गाड़ी संख्या 18030 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस में 01 अतिरिक्त एसी-03 कोच की सुविधा दिनांक 08 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक तथा गाड़ी संख्या 18029 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में दिनांक 10 अगस्त से 16 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगी |

    इस सुविधा की उपलब्धता से इन गाड़ियों में यात्रा करने वाले अधिकाधिक यात्री लाभान्वित होंगे |

  • बारिश में ट्रेन के अंदर अब नहीं टपकेगा पानी! रेलवे ने बनाया कमाल का गैजेट, सफर से पहले ही पकड़ेगा छत-खिड़की का हर लीकेज

    बारिश में ट्रेन के अंदर अब नहीं टपकेगा पानी! रेलवे ने बनाया कमाल का गैजेट, सफर से पहले ही पकड़ेगा छत-खिड़की का हर लीकेज

    मानसून में यात्रियों को मिलेगी रिसाव-मुक्त यात्रा गोंदिया कोचिंग डिपो ने विकसित किया ‘रेनवाटर लीकेज टेस्टिंग गैजेट’

    बिलासपुर/रायपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत गोंदिया स्थित कोचिंग डिपो ने यात्रियों को मानसून के दौरान अधिक सुरक्षित, आरामदायक एवं रिसाव-मुक्त यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। डिपो ने रेलवे यात्री कोचों की छतों एवं खिड़कियों से होने वाले वर्षा जल के रिसाव की सटीक जांच के लिए अत्याधुनिक “रेनवाटर लीकेज टेस्टिंग गैजेट” (Rainwater Leakage Testing Gadget) का सफलतापूर्वक डिजाइन एवं विकास किया है।

    यह नवाचार कोचिंग डिपो के यांत्रिक अनुरक्षण विभाग के सुपरवाइजर एवं कर्मचारियों की समर्पित टीम द्वारा पूरी तरह विभागीय संसाधनों से (इन-हाउस) विकसित किया गया है। यह गैजेट कोचों में पानी के रिसाव की प्रभावी एवं वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करता है, जिससे मानसून के दौरान यात्रियों को सूखी, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

    अब तक कोचों में पानी के रिसाव की जांच मुख्यतः मैनुअल वाटर होज़ (पाइप) परीक्षण अथवा प्राकृतिक वर्षा पर निर्भर रहती थी। यह प्रक्रिया समय लेने वाली होने के साथ-साथ कई बार अपेक्षित सटीकता भी प्रदान नहीं कर पाती थी।

    नव विकसित रेनवाटर लीकेज टेस्टिंग गैजेट नियंत्रित एवं उच्च दाब के साथ कृत्रिम वर्षा जैसा वातावरण तैयार करता है। इसके माध्यम से कोच की बाहरी सतह पर वास्तविक बारिश के अनुरूप पानी का प्रवाह कराया जाता है, जिससे छत, खिड़कियों अथवा अन्य किसी भी हिस्से से होने वाले सूक्ष्म से सूक्ष्म रिसाव का भी आसानी से पता लगाया जा सकता है।

    यह यांत्रिक परीक्षण प्रणाली रखरखाव कर्मचारियों को ट्रेन के सेवा में लगाए जाने से पहले ही रिसाव की पहचान कर उसे तत्काल ठीक करने में सक्षम बनाती है। परिणामस्वरूप मानसून के दौरान यात्रियों को पूरी तरह रिसाव-मुक्त कोच उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा।

    गैजेट के प्रमुख लाभ

    यात्री सुविधा में वृद्धि: 100 प्रतिशत रिसाव-मुक्त कोच सुनिश्चित कर यात्रियों एवं उनके सामान को वर्षा के पानी से सुरक्षित रखता है।

    रखरखाव में अधिक दक्षता: नियमित पिट-लाइन अनुरक्षण के दौरान लीकेज परीक्षण में लगने वाले समय को उल्लेखनीय रूप से कम करता है।

    किफायती नवाचार: डिपो में उपलब्ध स्थानीय एवं पुनर्चक्रित (रिसाइकल) सामग्री से विकसित होने के कारण लागत में बचत के साथ रेलवे कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता और नवाचार क्षमता को प्रदर्शित करता है।

    प्रिवेंटिव मेंटेनेंस: कोचों की आंतरिक विद्युत फिटिंग, सीटों एवं अन्य आंतरिक साज-सज्जा को पानी से होने वाले नुकसान से बचाकर रेलवे परिसंपत्तियों की आयु बढ़ाने में सहायक है।

    गौरतलब है कि गोंदिया स्थित कोचिंग डिपो, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल के अंतर्गत एलएचबी (LHB) एवं आईसीएफ (ICF) यात्री कोचों का प्राथमिक अनुरक्षण करता है। डिपो यह सुनिश्चित करता है कि गोंदिया से प्रारंभ होने वाली सभी ट्रेनें सुरक्षा, स्वच्छता, यात्री सुविधा तथा यांत्रिक विश्वसनीयता के उच्चतम मानकों के अनुरूप संचालित हों।

    ‘रेनवाटर लीकेज टेस्टिंग गैजेट’ का विकास भारतीय रेल में नवाचार, आत्मनिर्भरता और यात्री-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल है, जो मानसून के दौरान यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और परेशानी-मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • रेलवे ने रचा नया इतिहास! 500 टन का विशाल स्टील गर्डर 1000 टन क्रॉलर क्रेन से एक झटके में लॉन्च, अमलाई-बुढ़ार ROB-66 ने पकड़ी रफ्तार

    रेलवे ने रचा नया इतिहास! 500 टन का विशाल स्टील गर्डर 1000 टन क्रॉलर क्रेन से एक झटके में लॉन्च, अमलाई-बुढ़ार ROB-66 ने पकड़ी रफ्तार

    अमलाई-बुढ़ार के बीच रोड ओवर ब्रिज-66 के रेलवे हिस्से का स्टील गर्डर सफलतापूर्वक लॉन्च

    1000 टन क्षमता वाली आधुनिक क्रॉलर क्रेन से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में पहली बार ओपन वेब स्टील गर्डर की लॉन्चिंग

    बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आधारभूत संरचना विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अमलाई-बुढ़ार के मध्य निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज-66 के रेलवे हिस्से का सबसे महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। रविवार, 02 अगस्त 2026 को लगभग 500 टन वजनी ओपन वेब स्टील गर्डर को 1000 टन क्षमता वाली अत्याधुनिक क्रॉलर क्रेन की सहायता से एक ही बार में उठाकर रेलवे ट्रैक के दोनों ओर निर्मित पियरों पर सफलतापूर्वक स्थापित (लॉन्च) किया गया।

    यह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसमें 1000 टन क्षमता वाली क्रॉलर क्रेन के माध्यम से ओपन वेब स्टील गर्डर को आधुनिक तकनीक से लॉन्च किया गया। यह अत्याधुनिक क्रेन भारी-भरकम संरचनाओं को उठाकर निर्धारित स्थान पर अत्यधिक सटीकता एवं संरक्षा के साथ स्थापित करने में सक्षम है।

    इस चुनौतीपूर्ण कार्य के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा तीन घंटे का ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक प्रदान किया गया। इस अवधि में रेल परिचालन अस्थायी रूप से नियंत्रित रखा गया तथा संरक्षा की दृष्टि से ओवरहेड ट्रैक्शन (ओएचई) की विद्युत आपूर्ति बंद की गई। निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तकनीकी एवं संरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करते हुए गर्डर लॉन्चिंग का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

    इस परियोजना का क्रियान्वयन गतिशक्ति यूनिट, बिलासपुर द्वारा किया जा रहा है। गर्डर लॉन्चिंग के दौरान चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी चीफ इंजीनियर एवं सहायक मंडल अभियंता (गतिशक्ति) की उपस्थिति में कार्य का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया।

    उल्लेखनीय है कि रेलवे हिस्से के निर्माण कार्य की शुरुआत अक्टूबर 2024 में हुई थी। स्टील गर्डर स्थापित होने के बाद अब इसके ऊपर कंक्रीट स्लैब एवं सड़क निर्माण का कार्य लगभग दो माह में पूरा किए जाने का लक्ष्य है। इसके उपरांत अगले लगभग तीन माह में इस बहुप्रतीक्षित आरओबी पर सड़क यातायात प्रारंभ होने की संभावना है।

    आरओबी-66 के चालू होने से अमलाई एवं बुढ़ार के बीच आवागमन अधिक संरक्षित, तेज एवं सुगम होगा। साथ ही रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी, क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। यह परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की संरक्षित, आधुनिक एवं यात्री-केंद्रित अवसंरचना विकसित करने की प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

  • यात्रा से पहले जरूर पढ़ें ये खबर! रेलवे के बड़े काम से ट्रेनों का संचालन प्रभावित, बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रहेंगी प्रभावित

    यात्रा से पहले जरूर पढ़ें ये खबर! रेलवे के बड़े काम से ट्रेनों का संचालन प्रभावित, बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रहेंगी प्रभावित

    पूर्व मध्य रेलवे दानापुर मंडल में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते कुछ ट्रेनों का परिचालन प्रभावित

    बिलासपुर : यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुगम रेल परिचालन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के राजेन्द्र पुल-दीनकर ग्राम सिमरिया स्टेशनों के मध्य नए रेल पुल को दोहरीकरण परियोजना से जोड़ने एवं दीनकर ग्राम सिमरिया-बरौनी के मध्य मुख्य लाइन कनेक्टिविटी कार्य के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग (Pre-NI) एवं नॉन इंटरलॉकिंग (NI) कार्य किया जाएगा।

    इस कार्य के फलस्वरूप दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से/होकर चलने वाली कुछ ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से निरस्त एवं परिवर्तित मार्ग से किया जाएगा।

     विवरण इस प्रकार है –

     निरस्त रहने वाली ट्रेनें

    👉     दिनांक 25 सितंबर एवं 02 अक्टूबर 2026 को बिलासपुर से चलने वाली ट्रेन संख्या 22843 बिलासपुर–बक्सर एक्सप्रेस निरस्त रहेगी |

    👉     दिनांक 26 सितंबर एवं 03 अक्टूबर 2026 को बक्सर से चलने वाली ट्रेन संख्या 22844 बक्सर–बिलासपुर एक्सप्रेस निरस्त रहेगी ।

     परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें

    👉     दिनांक 26 एवं 29 सितंबर 2026 को चर्ल्पल्ली से चलने वाली गाड़ी संख्या 17007 चर्ल्पल्ली–दरभंगा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया किउल-मुंगेर-बरौनी के रास्ते दरभंगा जाएगी |

    👉 दिनांक 25 व 29 सितंबर एवं 02 अक्टूबर 2026 को दरभंगा से चलने वाली गाड़ी संख्या 17008 दरभंगा-चर्ल्पल्ली एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया मुंगेर-किउल के रास्ते चर्ल्पल्ली जाएगी |

    यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पूर्व NTES, RailOne ऐप अथवा रेलवे हेल्पलाइन 139 के माध्यम से अपनी ट्रेन की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त कर तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें।

  • अपराधियों पर शिकंजे की नई रणनीति : गांव-गांव पुलिस की पैनी नजर ! संदिग्धों, अवैध कारोबार और बाहरी लोगों की हरकतों पर नजर रखेंगे कोटवार, सूरजपुर में पुलिस ने गांवों कोटवारों को बनाया ‘आंख-कान’, संदिग्ध गतिविधि छिपाना अब होगा मुश्किल.

    अपराधियों पर शिकंजे की नई रणनीति : गांव-गांव पुलिस की पैनी नजर ! संदिग्धों, अवैध कारोबार और बाहरी लोगों की हरकतों पर नजर रखेंगे कोटवार, सूरजपुर में पुलिस ने गांवों कोटवारों को बनाया ‘आंख-कान’, संदिग्ध गतिविधि छिपाना अब होगा मुश्किल.

    पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) के निर्देश पर जिले में ग्राम स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा सूचना तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से 06 अगस्त 2026 को थाना झिलमिली में थाना प्रभारी सरफराज फिरदौसी द्वारा थाना क्षेत्र के समस्त ग्राम कोटवारों की बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में थाना प्रभारी ने सभी कोटवारों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक माह कम से कम दो बार थाना में उपस्थित होकर अपने-अपने गांव की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराएं। गांव में आने वाले अजनबी एवं संदिग्ध व्यक्तियों, अवैध प्रवासियों, किरायेदारों तथा मुसाफिरों का सत्यापन कर उनका नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर एवं फोटो रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

    थाना प्रभारी ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, बाहरी व्यक्ति की असामान्य आवाजाही, झगड़ा-विवाद, अवैध शराब बिक्री, जुआ-सट्टा, मादक पदार्थों के कारोबार, पशु तस्करी, चोरी अथवा अन्य अपराध संबंधी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

    प्रभारी ने कोटवारों को कहा कि गांव में नए किरायेदार आने पर तत्काल उनका सत्यापन कराए, रात के वक्त गांव में घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखें। गांव के सार्वजनिक स्थलों, स्कूल, पंचायत भवन एवं बाजार क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी जानकारी लोगों तक पहुंचाएं। साइबर ठगी, बैंक फ्रॉड एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करें। महिला एवं बाल सुरक्षा संबंधी घटनाओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें। किसी भी अफवाह, भड़काऊ संदेश या सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी की पुष्टि किए बिना उसे प्रसारित न हो उसके लिए जागरूकता फैलाए। ग्राम स्तर पर शांति समिति एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए। बैठक के दौरान सभी कोटवारों को सत्यापन कार्य सुचारु रूप से करने हेतु रजिस्टर एवं पेन वितरित किए गए। थाना प्रभारी ने बताया कि ग्राम कोटवार पुलिस की आंख और कान होते हैं तथा उनकी सक्रियता से अपराधों की रोकथाम एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिलेगा।

  • ओपी चौधरी का रायगढ़ विजन ऑन ट्रैक! करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण, रिंग रोड, नालंदा परिसर, नर्सिंग कॉलेज और ऑक्सीजोन से बदलेगी शहर की तस्वीर

    ओपी चौधरी का रायगढ़ विजन ऑन ट्रैक! करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण, रिंग रोड, नालंदा परिसर, नर्सिंग कॉलेज और ऑक्सीजोन से बदलेगी शहर की तस्वीर

    रायगढ़ में विकास को मिल रही नई रफ्तार, हर क्षेत्र में मजबूत हो रही सुविधाओं की नींव: वित्त मंत्री ओपी चौधरी

    वार्ड 28 पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन, वार्ड 9 नवागढ़ी में 8 लाख रुपए के शेड का लोकार्पण

    रिंग रोड, नालंदा परिसर, नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय सहित शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता

    पंजरी प्लांट में ऑक्सीजोन और ओपन जिम की घोषणा, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण

    रायपुर : प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के साथ रायगढ़ शहर में नागरिक सुविधाओं और अधोसंरचना के विस्तार के लिए भी लगातार योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने आज रायगढ़ प्रवास के दौरान नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता ऐसे विकास कार्यों को धरातल पर उतारना है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिले और रायगढ़ आने वाले वर्षों में आधुनिक, सुविधायुक्त एवं व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित हो।

    वित्त मंत्री श्री चौधरी ने वार्ड क्रमांक 28 पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन एवं शासकीय स्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण का भूमिपूजन किया। वहीं वार्ड क्रमांक 9 नवागढ़ी में 8 लाख रुपए की लागत से निर्मित शेड का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों से स्थानीय नागरिकों को सामुदायिक गतिविधियों, शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध होगी।

    समग्र विकास के साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। विकास का उद्देश्य केवल बड़े निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसी सुविधाएं विकसित करना है, जिनसे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।

    मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आने वाले वर्षों में रायगढ़ शहर में 10 ऑक्सीजोन विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे शहर में हरित क्षेत्र का विस्तार होगा और नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ऑक्सीजोन के साथ सार्वजनिक स्थलों पर स्वास्थ्य, व्यायाम एवं मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जाएगा।

    रिंग रोड से मजबूत होगी शहर की अधोसंरचना

    वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की बढ़ती जरूरतों और यातायात के दबाव को देखते हुए शहर की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 600 करोड़ रुपए की लागत से रिंग रोड के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। रिंग रोड के निर्माण से शहर के यातायात को बेहतर बनाने के साथ ही भविष्य के अधोसंरचना विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

    श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में नालंदा परिसर का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा जिले में नर्सिंग महाविद्यालय एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय खोलने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ में प्रयास विद्यालय पहले से संचालित है और आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि जिलेवासियों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।

    पंजरी प्लांट में ऑक्सीजोन और ओपन जिम की सौगात

    पंजरी प्लांट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने क्षेत्रवासियों के लिए पर्यावरण एवं स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण सौगात की घोषणा की। उन्होंने उपभोक्ता फोरम के पास ऑक्सीजोन विकसित करने तथा ओपन जिम स्थापित करने की घोषणा की। इससे क्षेत्र के नागरिकों को हरित वातावरण के साथ व्यायाम एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

    इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि हरित रायगढ़ के निर्माण में जनभागीदारी महत्वपूर्ण है।

    इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री सुरेश गोयल, श्री पावन अग्रवाल, श्री आशीष ताम्रकार सहित पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

  • ‘हर घर तिरंगा’ से गूंजेगा छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 11 दिन चलेगा राष्ट्रभक्ति महाअभियान, हर जिले में होंगे भव्य आयोजन

    ‘हर घर तिरंगा’ से गूंजेगा छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 11 दिन चलेगा राष्ट्रभक्ति महाअभियान, हर जिले में होंगे भव्य आयोजन

    छत्तीसगढ़ में ‘हर घर तिरंगा’ और ‘वंदे मातरम्’ अभियान की धूम

    7 से 17 अगस्त तक आयोजित होंगे राज्यस्तरीय देशभक्ति कार्यक्रम

    रायपुर : देश भर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान 9 से 17 अगस्त 2026 तक मनाया जा रहा है। इस वर्ष यह राष्ट्रव्यापी उत्सव ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के स्मरणोत्सव को समर्पित है, जिससे देशभक्ति का माहौल और अधिक बढ़ गया है । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में इस वर्ष का स्वतंत्रता पर्व जनभागीदारी और राष्ट्रप्रेम का व्यापक जनआंदोलन बनने जा रहा है। संस्कृति विभाग द्वारा केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत 7 से 17 अगस्त तक प्रदेशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान, ‘वंदे मातरम्’ गायन और विभिन्न सांस्कृतिक व देशभक्ति कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया जाएगा।

    9 से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ और 7 से 15 अगस्त तक ‘वंदे मातरम्’ गायन

     संस्कृति विभाग के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में 9 से 17 अगस्त 2026 तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जाएगा, जबकि 7 से 15 अगस्त तक ‘वंदे मातरम्’ गायन और संबंधित सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होंगी। 15 अगस्त को ध्वजारोहण के बाद पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर सामूहिक राष्ट्रगान और वंदे मातरम् गायन होगा।

    तिरंगा यात्राएं, रैलियां और मैराथन

     अभियान के दौरान सभी जिला मुख्यालयों, विकासखंडों, ग्राम पंचायतों और शैक्षणिक संस्थानों में तिरंगा यात्राएं, बाइक व कार रैलियां, मशाल रैलियां तथा तिरंगा मैराथन आयोजित की जाएंगी। इनमें जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों, पुलिस, NCC, NSS, स्काउट-गाइड और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रहेगी।

    तिरंगा सेल्फी, कॉन्सर्ट और ऑडियो-वीडियो बूथ

     तिरंगा सेल्फी नागरिक अपने घरों पर फहराए गए तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर ‘हर घर तिरंगा’ पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा कैनवास, तिरंगा मेले और देशभक्ति कॉन्सर्ट आयोजित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्वदेशी उत्पादों व कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेशभर में ऑडियो और वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक स्वयं वंदे मातरम् गाकर अपनी रिकॉर्डिंग अपलोड कर सकेंगे।

    14 अगस्त को मनाया जाएगा ‘विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस’

     14 अगस्त को भारत विभाजन की विभीषिका और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करते हुए विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इस अवसर पर राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

  • छत्तीसगढ़ के विजन-2047 को मिली ‘ADB’ की बड़ी ताकत, कैबिनेट ने 15 करोड़ की ‘अंजोर लाइट’ परियोजना को दी मंजूरी, बिना खर्च मिलेगा विकास का नया इंजन

    छत्तीसगढ़ के विजन-2047 को मिली ‘ADB’ की बड़ी ताकत, कैबिनेट ने 15 करोड़ की ‘अंजोर लाइट’ परियोजना को दी मंजूरी, बिना खर्च मिलेगा विकास का नया इंजन

    एडीबी के सहयोग से ‘अंजोर लाइट’ तकनीकी सहायता परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी

    छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के प्रभावी क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और मूल्यांकन को मिलेगी नई गति

    15 करोड़ रुपये की पूर्णतः अनुदान आधारित परियोजना, राज्य सरकार पर नहीं पड़ेगा कोई अतिरिक्त वित्तीय भार

    लोक वित्त प्रबंधन, पीपीपी, ग्रीन फाइनेंस, एआई आधारित क्षमता विकास और संस्थागत सुधारों पर रहेगा विशेष फोकस

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में वित्त विभाग के उस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसके तहत एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से ‘Anjor LIGHT (Anjor Linked Implementation & Guidance for Holistic Tracking)’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्णतः अनुदान (Grant) प्राप्त होगा। यह परियोजना छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के प्राथमिकता एजेंडा के प्रभावी क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण (Monitoring) एवं मूल्यांकन (Evaluation) को सुदृढ़ बनाएगी।

    यह बहु-क्षेत्रीय तकनीकी सहायता परियोजना 1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029 तक तीन वर्षों के लिए संचालित होगी। परियोजना का समन्वय आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के माध्यम से किया जाएगा, जबकि राज्य स्तर पर वित्त विभाग नोडल विभाग होगा। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संचालनालय संस्थागत वित्त को सौंपी जाएगी तथा प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समन्वय के लिए प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (PMU) का गठन किया जाएगा।

    इस परियोजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के क्रियान्वयन को संस्थागत रूप से सशक्त बनाते हुए राज्य में समावेशी एवं सतत विकास को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत लोक वित्त प्रबंधन (Public Financial Management) को मजबूत किया जाएगा, विजन दस्तावेज में चिन्हित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए परियोजना पाइपलाइन तैयार होगी तथा संस्थागत एवं नीतिगत सुधारों का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही आउटकम बजटिंग, रियायती जलवायु वित्त (Concessional Climate Funds), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित संस्थागत क्षमता विकास, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण पुनर्स्थापन एवं जलवायु अनुकूल संसाधन प्रबंधन के लिए तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

    परियोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के लिए प्राथमिकता आधारित निर्माण एवं विकास परियोजनाओं की पाइपलाइन तैयार की जाएगी। बजटिंग और प्रोक्योरमेंट सुधारों के माध्यम से सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। राज्य सरकार को नीतिगत निर्णयों के लिए सतत व्यापक आर्थिक एवं राजकोषीय (Macro-Fiscal) विश्लेषण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (SOEs) की वित्तीय स्थिति, ऋण संधारणीयता तथा लाभप्रदता को मजबूत करने के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा तथा हाइब्रिड फाइनेंसिंग तक उनकी पहुंच बढ़ाने हेतु आवश्यक नीतिगत सुधार किए जाएंगे। विजन-2047 के प्राथमिकता क्षेत्रों में कॉन्सेप्ट प्लान, व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Studies) तथा तकनीकी सहायता के माध्यम से नई पीपीपी परियोजनाओं का विकास भी किया जाएगा।

    परियोजना से राज्य को अनेक दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे। छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के अनुरूप प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण परियोजना पाइपलाइन तैयार होगी। सार्वजनिक वित्त प्रबंधन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस को बढ़ावा मिलेगा तथा आउटकम आधारित बजटिंग, ग्रीन बजटिंग और जलवायु अनुकूल विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के लिए आवश्यक नीतियां, दिशानिर्देश, फ्रेमवर्क, क्षमता निर्माण और व्यवहार्यता अध्ययन तैयार होने से राज्य में निवेश का अनुकूल वातावरण विकसित होगा।

    इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह पूरी तरह एडीबी के अनुदान पर आधारित है। इसके लिए राज्य शासन अथवा भारत सरकार को किसी प्रकार का वित्तीय अंशदान नहीं देना होगा। परिणामस्वरूप राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा, जबकि संस्थागत क्षमता निर्माण, निवेश संवर्धन, हरित एवं सतत विकास तथा छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति को नई गति मिलेगी।

  • छत्तीसगढ़ में IAS अधिकारियों की नई पोस्टिंग का बड़ा आदेश जारी, 2020 और 2024 बैच के अफसर बने एसडीएम, 21 अगस्त से संभालेंगे नई जिम्मेदारी

    छत्तीसगढ़ में IAS अधिकारियों की नई पोस्टिंग का बड़ा आदेश जारी, 2020 और 2024 बैच के अफसर बने एसडीएम, 21 अगस्त से संभालेंगे नई जिम्मेदारी

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वर्ष 2020 एवं 2024 बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी आदेश के अनुसार अधिकारी लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में फेज-2 प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद 21 अगस्त 2026 से अपने नए पदों पर कार्यभार ग्रहण करेंगे।

    जारी आदेश के तहत आईएएस (2020 बैच) के अधिकारी अनिकेत अशोक फंडरे, जो वर्तमान में जशपुर में सहायक कलेक्टर हैं, उन्हें कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पद पर पदस्थ किया गया है।

    वहीं आईएएस (2024 बैच) के अधिकारियों में अरविंद कुमार टी. को बिलासपुर से डभरा (जिला सक्ती), अक्षय चौधरी को रायगढ़ से डोंगरगढ़ (जिला राजनांदगांव), क्षितिज गुरभेले को कोरबा से घरघोड़ा (जिला रायगढ़) तथा विष्णु डेहरे को बस्तर से कटघोरा (जिला कोरबा) में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव द्वारा जारी इस आदेश के साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तिथि पर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य शासन का यह प्रशासनिक फेरबदल जिला स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी तथा सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • मानसून आपदा को लेकर हाई अलर्ट! NDMA–NDRF की संयुक्त बैठक में बड़ा एक्शन प्लान, संवेदनशील जिलों के लिए त्वरित राहत-बचाव के निर्देश

    मानसून आपदा को लेकर हाई अलर्ट! NDMA–NDRF की संयुक्त बैठक में बड़ा एक्शन प्लान, संवेदनशील जिलों के लिए त्वरित राहत-बचाव के निर्देश

    एनडीएमए एवं एनडीआरएफ की संयुक्त बैठक सम्पन्न

    रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण( सीजीएसडीएमए) में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) एवं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई।

     राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमति शम्मी आबिदी ने बताया कि राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, मानसून अवधि की तैयारियों तथा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र के बारे में बताया। राज्य में बाढ़, अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली एवं भूस्खलन जैसी मौसमी आपदाओं की तैयारियों की समीक्षा की। राज्य एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की कार्यप्रणाली तथा समन्वय व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं जिला प्रशासन के मध्य त्वरित प्रतिक्रिया एवं समन्वय को और सुदृढ़ बनाने पर विचार किया गया। इसी तरह से पूर्व चेतावनी प्रणाली सचेत प्लेटफॉर्म एवं सेल ब्रॉडकास्ट आधारित अलर्ट प्रणाली की प्रभावी उपयोग की भी समीक्षा की गई। एनडीएमए के संयुक्त सलाहकार श्री संजीव सही द्वारा राज्य में किये जा रहे आपदा प्रबंधन कार्यों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग पर प्रकाश डाला।

     मॉक एक्सरसाइज, क्षमता निर्माण, सामुदायिक जागरूकता तथा संसाधनों की उपलब्धता पर चर्चा हुई। इसी तरह से आगामी मानसून अवधि के दौरान संवेदनशील जिलों में बेहतर समन्वय एवं त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने, पूर्व तैयारी को मजबूत करने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।