खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (नवां दिन राउंड-अप): किरण पिस्दा के एकमात्र गोल से छत्तीसगढ़ ने महिला फुटबॉल का स्वर्ण जीता; सोरेन, रीथुश्री और नागिनी ने एथलेटिक्स में दूसरा गोल्ड हासिल किया छत्तीसगढ़ ने पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में रजत पदक जीता, जबकि मनीष कुमार (पुरुष 1500 मीटर) ने मेज़बान राज्य के खाते में कांस्य जोड़ा पूर्व विश्व जूनियर चैंपियन कोमालिका बारी और कृष्णा पिंगुआ ने झारखंड के लिए रिकर्व मिक्स्ड टीम का स्वर्ण जीता कर्नाटक 23 स्वर्ण के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर, जबकि ओडिशा (20 स्वर्ण) और…
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जगदलपुर में जनजातीय प्रतिभाओं का महाकुंभ: एथलेटिक्स में ओडिशा का दबदबा, झारखंड को कड़ी टक्कर के बावजूद दूसरा स्थान, बस्तर में खेल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय
जगदलपुर में जनजातीय खेल प्रतिभाओं ने दिखाया दमखम : ओडिशा ने लहराया परचम, झारखंड को दूसरा स्थान रायपुर : बस्तर के हृदय स्थल जगदलपुर स्थित धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में आयोजित प्रथम श्खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्सश् की एथलेटिक्स स्पर्धाओं का गुरुवार को भव्य समापन हो गया। 30 मार्च से शुरू हुए इस चार दिवसीय खेल महाकुंभ ने देशभर की जनजातीय प्रतिभाओं को एक साझा मंच प्रदान किया, जहाँ एथलीटों ने अपने अदम्य साहस और उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन जैसे ही अंतिम दौर के मुकाबले समाप्त…
Read Moreरफ्तार, ताकत और जुनून का संगम: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में एथलेटिक्स का भव्य समापन, देशभर के जनजातीय एथलीटों ने जगदलपुर में बिखेरा प्रतिभा का जलवा
रफ्तार और शक्ति का महासंग्राम : बस्तर की धरा पर संपन्न हुई खेलो इंडिया एथलेटिक्स स्पर्धाएं रायपुर : बस्तर की पावन धरा जगदलपुर के धरमपुरा स्थित आधुनिक क्रीड़ा परिसर में आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत गुरुवार को एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के अंतिम दिन ट्रैक पर रफ्तार, शक्ति और अटूट संकल्प का अद्भुत संगम देखने को मिला। बीते 30 मार्च से भव्यता के साथ शुरू हुए इस खेल महाकुंभ के समापन अवसर पर देश के कोने-कोने से आए जनजातीय एथलीटों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए कई…
Read Moreबस्तर के प्रवासित परिवारों की घर वापसी की तैयारी: तेलंगाना-आंध्रप्रदेश में बसे 31 हजार से अधिक लोगों के पुनर्वास के लिए बनेगी व्यापक कार्ययोजना, सरकार ने शुरू की कवायद
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से तेलंगाना एवं अन्य प्रांतो में प्रवासित परिवारों के लिए पुर्नवास के लिए बनेगी कार्ययोजना अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति की बैठक सम्पन्न रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग के ऐसे विस्थापित परिवार जो किन्ही कारणों बस्तर संभाग के सीमावर्ती तेलंगाना एवं आन्ध्रप्रदेश में प्रवासित है, ऐसे परिवारों के पुनर्वास की कार्ययोजना बनायी जा रही है। मंत्रालय महानदी भवन में आज अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में पुनर्वास हेतु गठित राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति…
Read Moreचार दशकों के लाल आतंक के अंत पर आस्था का महासंगम: कबीरधाम के खेड़ापति हनुमान मंदिर में भव्य हनुमंत भंडारा, सुरक्षा बलों के साहस को नमन, शांति-समृद्धि के नए युग का स्वागत
सशस्त्र नक्सलवाद की समाप्ति के ऐतिहासिक संकल्प की पूर्ति पर भव्य हनुमंत भंडारा का हुआ आयोजन खेड़ापति हनुमान मंदिर में शांति के नए दौर हेतु की गई प्रार्थना, श्रद्धालुओं ने भंडारे में निभाई सहभागिता सुरक्षा बलों के साहस को समर्पित इस आयोजन में पुलिस प्रशासन की रही सहभागिता रायपुर : सशस्त्र नक्सलवाद की समाप्ति के ऐतिहासिक संकल्प की पूर्ति के उपलक्ष्य में कबीरधाम जिले के सिद्ध श्री खेड़ापति हनुमान महाराज मंदिर प्रांगण में श्रद्धा, आस्था एवं उल्लास के साथ हनुमंत भंडारा का भव्य आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर…
Read More37 वर्षों की निष्कलंक सेवा के बाद डीएसपी पी.डी. कुजूर हुए सेवानिवृत्त: अनुशासन, निष्ठा और समर्पण की मिसाल को पुलिस विभाग ने दी भावभीनी विदाई
डीएसपी पी.डी.कुजूर 37 वर्षो की लंबी सेवा के बाद हुए सेवानिवृत्त। डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर ने सेवा की सराहना, अनुशासन, निष्ठा और समर्पण के साथ वर्षों तक की गई सेवाओं को अनुकरणीय बताया। सूरजपुर : पुलिस विभाग में पदस्थ रहे डीएसपी पी.डी.कुजूर ने 37 वर्ष 3 माह तक सेवा देकर 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त हुए, इस अवसर पर जिला पुलिस कार्यालय में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। विदाई समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर समेत कई पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित…
Read Moreकिरण पिस्दा के निर्णायक गोल से छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: रोमांचक फाइनल में झारखंड को 1-0 से हराकर महिला फुटबॉल का स्वर्ण पदक किया अपने नाम
महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक रायपुर : खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम कोटा में खेले गए महिला फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिली। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने मजबूत खेल का प्रदर्शन किया। पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं। दोनों पक्षों के खिलाड़ियों ने शानदार रक्षा और आक्रमण का प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को बेहद रोमांचक…
Read Moreखेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में गूंजा भारतीय परंपरा का दम: मल्लखंभ के रोमांचक प्रदर्शन से दर्शक मंत्रमुग्ध, राष्ट्रीय मंच पर उभरती जनजातीय प्रतिभाएं
गांधी स्टेडियम अंबिकापुर में मल्लखंभ का भव्य शुभारंभ, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पारंपरिक खेलों का दमदार प्रदर्शन 14 राज्यों की टीमों की भागीदारी, पोल व रोप मल्लखंभ सहित विभिन्न स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने दिखाया कौशल रायपुर : खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के गांधी स्टेडियम अंबिकापुर में पारंपरिक भारतीय खेल मल्लखंभ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत संतुलन, शक्ति एवं लचीलापन का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मल्लखंभ जो कि भारत की प्राचीन खेल परंपरा…
Read Moreनियद नेल्लानार योजना से बदली बीजापुर की तस्वीर: सुदूर पालनार में ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ बना जीवनदायिनी, सैकड़ों ग्रामीणों को घर के पास मिल रहा इलाज
नियद नेल्लानार योजना: बीजापुर के पालनार में स्वास्थ्य क्रांति, ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ से सुदूर वनांचल के ग्रामीणों को मिल रही नई सौगात बीजापुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए संचालित ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गाँव) योजना अब धरातल पर सार्थक परिणाम दे रही है। जिला बीजापुर के दुर्गम क्षेत्र ग्राम पालनार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के खुलने से 28 जनवरी 2026 से अब तक सैकड़ों ग्रामीणों को उनके घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा…
Read Moreजहां कभी गोलियों की गूंज थी, अब दौड़ रही बस: ककनार घाटी के दुर्गम गांवों तक पहुंची सड़क और परिवहन, बस्तर में विकास की नई कहानी
ककनार घाटी के नीचे थमा लाल आतंक का शोर, अब गूंजती है बस की हॉर्न रायपुर : बस्तर की भौगोलिक विषमताओं और कठिन परिस्थितियों के बीच विकास की एक ऐसी नई इबारत लिखी गई है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन थी। ककनार घाटी के नीचे बसे सुदूर गांव कुधूर, धरमाबेड़ा, चंदेला, ककनार और पालम जो कभी वामपंथी आतंक के गढ़ माने जाते थे, आज मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के माध्यम से मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। इन गांवों के निवासियों के लिए पक्की सड़क का निर्माण एक ऐसा…
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