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  • (विश्व हृदय दिवस पर विशेष) : हृदय है बेहद महत्वपूर्ण अंग, इसकी देखभाल के लिए रहें जागरूक, विशेषज्ञों का मानना अनियमित खानपान व धूम्रपान से हृदय रोगों का खतरा

    (विश्व हृदय दिवस पर विशेष) : हृदय है बेहद महत्वपूर्ण अंग, इसकी देखभाल के लिए रहें जागरूक, विशेषज्ञों का मानना अनियमित खानपान व धूम्रपान से हृदय रोगों का खतरा

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग हृदय है। इसकी देखभाल के लिए हमें अत्यंत जागरूक रहने की जरूरत है क्योंकि अनियमित दिनचर्या की वजह से कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक की समस्या आने लगी है। दिल के स्वास्थ्य के प्रति लोगों को सतर्क करने के लिए ही प्रतिवर्ष 29 सितंबर को ‘विश्व हृदय दिवस’ (World Heart Day) मनाया जाता है।

    डॉ. भीमराव आम्बेडकर अस्पताल स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में ही देखें तो 2021 में कुल 1,172 मामले, अगस्त 2022 तक कुल 1,022 मामले (इनमें बच्चों में हृदय संबंधी समस्या के 21 मामले भी शामिल हैं)  हृदय संबंधी समस्याओं के आए हैं, जिन्हें एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) के डॉक्टरों की टीम ने उनका उपचार कर नया जीवन प्रदान किया है। साथ ही साथ समय-समय पर यहां आने वाले लोगों को अनियमित दिनचर्या को सुधारने और खान-पान व्यवस्थित करने के जागरूक भी किया जाता है।

    इस संबंध में डॉ. भीमराव आम्बेडकर अस्पताल स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव का कहना है: “जीवनशैली में बदलाव, मधुमेह, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, मोटापा, व्यायाम से दूरी आदि के कारण हृदय से संबंधित  बीमारियां बढ़ रही हैं। हृदयाघात या हार्टअटैक की बीमारी पहले 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के मरीजों को होती थी। परंतु अब काफी कम उम्र के लोगों को भी .यह समस्याएं आ रहीं हैं। ‘हृदयाघात’ ह्रदय की खून नलियों में थक्का जमने की वजह से होता है। इसका मुख्य कारण धूम्रपान करना, अनियमित खानपान और दिनचर्या है। तत्कालिक इलाज के अंतर्गत खून पतला करने वाली व कोलेस्ट्रोल कम करने वाली दवाई के उपयोग से हृदयाघात की संभावना कम हो जाती है। लोगों को अपनी दिनचर्या सुधारने और अपने दिल की देखभाल करने के प्रति जागरूक रहना चाहिए। “

    विभिन्न हृदय संबंधी समस्याओं के मामले एक नजर में- डॉ. भीमराव आम्बेडकर अस्पताल  रायपुर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) में हृदय संबंधी विभिन्न समस्याओं को लेकर मरीज यहां पहुंचे, जिनका इलाज कर नया जीवन दिया गया। जनवरी 2021 से दिसंबर 2021 तक देखें तो कुल 1,172 मामले हृदय संबंधी समस्याओं के आए। इनमें बच्चों में हृदय संबंधी समस्या के 6 मामले भी शामिल हैं। वहीं जनवरी 2022 से अगस्त 2022 तक 1,022 मामले आए हैं। इनमें बच्चों में हृदय संबंधी समस्या के 21 मामले भी शामिल हैं।

    प्रदेश भर में जागरुकता के लिए होंगे विविध आयोजन- हृदय रोगों की रोकथाम के प्रति जागरुकता के लिए विविध आयोजन होंगे। हृदय स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता लाने के लिए 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस पर इस वर्ष ‘कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ फॉर एवरीवन’ थीम पर विभिन्न प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हृदय संबंधी रोग शिविर में निशुल्क डायग्नोस्टिक सुविधा दी जाएगी। जिसमें उच्च रक्तचाप, रक्त शर्करा, बीएमआई, सिरम कोलेस्ट्राल, एचडीएल, व्हीएलडीएल व पोर्टेबल ईसीजी की सुविधा भी शामिल रहेगी। प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ द्वारा सार्वजनिक व्याख्यान, सार्वजनिक वार्ता परामर्श तथा हृदय रोग पर सेमीनार आयोजित होगा। स्कूलों में हृदय संबंधी प्रतिस्पर्धा का आयोजन एवं जंक फूड से होने वाले दुष्प्रभाव पर जागरुकता कार्यक्रम किए जाएंगे। साथ ही  हृदय रोगियों हेतु विशेष योग शिविर का आयोजन भी किया जाएगा।

    दिल को स्वस्थ्य रखने के लिए यह करें – विशेषज्ञों के अनुसार हृदय को स्वस्थ्य रखने के लिए  भोजन में फलों, सलाद, फाइबर युक्त आहार खाएं जैसे साबुत अनाज का ब्रेड, ओट्स, साबुत अनाज, हरी सब्जियों, साबुत अनाज को प्रमुखता से खाएं। तली और भुनी हुई चीजें, तेल और घी का सेवन, फास्ट फूड, वसा युक्त दूध , दुग्ध उत्पाद और चीनी का अधिक मात्रा में सेवन करने में सावधानी बरतें। एल्कोहल और धूम्रपान से दूर रहें।  शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम रखें। ज्यादा नमक का सेवन करने से बचें। नियमित व्यायाम और योग करें, तनावमुक्त रहें, रक्त में शर्करा के लेवल को कम रखें, उम्र और लंबाई के हिसाब से वजन पर नियंत्रण रखेंI रक्तचाप को नियंत्रित रखना चाहिए।

  • निःशुल्क बूस्टर डोज का लाभ लेने हेतु केवल 2 दिवस ही शेष, जशपुर कलेक्टर ने आम जनों से 30 सितम्बर तक टीका लगवाकर निःशुल्क बूस्टर डोज का लाभ लेने का किया आग्रह

    निःशुल्क बूस्टर डोज का लाभ लेने हेतु केवल 2 दिवस ही शेष, जशपुर कलेक्टर ने आम जनों से 30 सितम्बर तक टीका लगवाकर निःशुल्क बूस्टर डोज का लाभ लेने का किया आग्रह

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में  विशेष टीकाकरण अभियान चलाकर कोविड से बचाव हेतु 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को  निःशुल्क बूस्टर डोज लगाया जा रहा है। जिसके तहत  सभी विकासखंडों  में सार्वजनिक स्थानों, हाट बाजारों, चौक चौराहों में शिविर का आयोजन कर पात्र लोगो को टीका लगाया जा रहा है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा डोर टू डोर जाकर छूटे लोगों को  बूस्टर डोज लगा रहे है। 

    कलेक्टर श्री अग्रवाल ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत विगत 15 जुलाई 2022 से 30 सितम्बर 2022 कुल 75 दिवस तक सभी पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क टीकाकरण  लगाया जा रहा है। इस हेतु निःशुल्क बूस्टर डोज का लाभ लेने हेतु केवल 2 दिवस ही शेष है। कलेक्टर ने  आम जनों से टीकाकरण अभियान को सफल बनाने हेतु  निर्धारित समयावधि में  टीका लगवाकर निःशुल्क बूस्टर डोज का लाभ लेने का आग्रह किया है।

  • महिला आईटीआई कोनी में किया गया स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन

    महिला आईटीआई कोनी में किया गया स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, बिलासपुर

    शासकीय महिला आईटीआई कोनी में आईएमसी सोसायटी के तत्वाधान में सेवा फाउंडेशन समिति द्वारा एक दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में व्यवसाय कोपा, हॉस्पिटल हॉउस कीपिंग, स्टेनो हिन्दी एवं लघु अवधि प्रशिक्षण कोर्स ब्यूटी पार्लर, नर्सिंग असिस्टेंट एवं टेली के प्रशिक्षणरत् छात्राओं का दन्त चिकित्सक डॉ. सुमित रावत, होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. प्रिया रावत एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विनोद मनकर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

    इस अवसर पर महिला आईटीआई कोनी के एस.ए.सिद्धिकी, वरिष्ठ प्रशिक्षण अधिकारी प्रवीण मिश्रा एवं बी.एल.कश्यप, प्रशिक्षण अधिकारी महिला आईटीआई कोनी बिलासपुर व संस्था के समस्त अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।  

  • राज्य में अब तक लम्पी स्कीन रोग का कोई भी मामला नही, पशु टीकाकरण का कार्य अनवरत रूप से जारी, लंपी रोग संक्रमण रोकने पशुपालकों को बताए जा रहे है उपाय

    राज्य में अब तक लम्पी स्कीन रोग का कोई भी मामला नही, पशु टीकाकरण का कार्य अनवरत रूप से जारी, लंपी रोग संक्रमण रोकने पशुपालकों को बताए जा रहे है उपाय

    अब तक 3.67 लाख पशुओं को लगाया जा चुका है टीका

    अन्य राज्यों से पशु  आवागमन रोकने 85 सीमावर्ती गॉवों में अस्थायी चेक पोस्ट बनाकर निगरानी

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    राज्य में पशु लंपी स्किन रोग का अब तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है।इसकी आशंका को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग का मैदानी अमला अलर्ट मोड में है और निरंतर गांवों का भ्रमण कर पशुओं को लम्पी रोग से बचाव के  जानकारी दे रहा है।

    राज्य में पशु टीकाकरण का कार्य अनवरत रूप से जारी है।   एलएसडी प्रभारी डॉ शर्तिया ने बताया कि राज्य में  8.20  लाख पशु  टीकाकरण के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 3.67 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।

    देश के कई राज्यों में पशुओं में लम्पी स्कीन रोग का मामला आते ही छत्तीसगढ़ में पशुओं को इस रोग से बचाने के लिए एहतियात के तौर पर आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश जारी किए गए थे। छत्तीसगढ़ के 18 जिलों की सीमाए अन्य राज्यों से जुड़ी हुई है,जहां से बीमार पशुओं के आवागमन पर रोक लगाने लिए 85 सीमावर्ती ग्रामों में चेक पोस्ट स्थापित कर निगरानी रखी जा रही है। इन गांवों में पशु मेला को प्रतिबंधित करने के साथ ही बिचौलियों पर भी निगाह रखी जा रही है। 

    गौरतलब है कि लम्पी स्कीन डिसिज गौवंशीय एवं भैसवंशीय पशुओं में फैलने वाला विषाणुजनित संक्रामक रोग है। इस रोग का मुख्य वाहक मच्छर, मक्खी एवं किलनी है, जिसके माध्यम से स्वस्थ पशुओं में यह संक्रमण फैलता है। रोगग्रस्त पशुओं में 02 से 03 दिन तक मध्यम बुखार का लक्षण मिलता है। इसके बाद प्रभावित पशुओं की चमडी मे गोल-गोल गांठें उभर आती है। लगातार बुखार होने के कारण पशुओं के खुराक पर विपरित प्रभाव पड़ता है, जिसके वजह से दुधारू पशुओं में दुग्ध उत्पादन एवं भारसाधक पशुओं की कार्यक्षमता कम हो जाती है। रोगग्रस्त पशु दो से तीन सप्ताह में स्वस्थ हो जाते है. परंतु शारिरिक दुर्बलता के कारण दुग्ध उत्पादन कई सप्ताह तक प्रभावित होता है।

    प्रदेश मे अब तक इस रोग का कोई मामला सामने नही आया है। एहतियात के तौर पर जिलों मे पशु हाट-बाजारों के आयोजन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है।सीमावर्ती ग्रामों मे पशुओं को इस रोग के सक्रमण से बचाने हेतु गोट-पास्क वैक्सीन द्वारा प्रतिबंधात्मक टीकाकरण किया जा रहा है।

    इस रोग से पशुओं के रोगग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पर्याप्त मात्रा मे औषधियों की व्यवस्था क्षेत्रीय संस्थाओं मे की गई है। इसके अतिरिक्त विषम परिस्थिति से निपटने के लिये जिलों में पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया गया है,ताकि टीकाद्रव्य समय पर क्रय कर अन्य ग्रामों के पशुओं मे प्रतिबंधात्मक टीकाकरण का कार्य तेजी से  किया जा सके।

    पशुओं के आवास में जीवाणु नाशक दवा का छिड़काव एवं पशुओं में जू- कॉलनीनाशक दवा का छिड़काव की सलाह पशुपालकों को दी गई है, ताकि इस रोग पर नियंत्रण रखा जा सके।

  • शैक्षणिक सहयोग के उद्देश्य से भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर के बीच सम्पन्न हुआ समझौता

    शैक्षणिक सहयोग के उद्देश्य से भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर के बीच सम्पन्न हुआ समझौता

    ज्ञापन का लक्ष्य, एम्स रायपुर और भा.प्र.सं रायपुर द्वारा बौद्धिक और अनुसंधान क्षमता और छात्रवृत्ति के निर्माण के लिए साथ मिलकर काम करना

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भा.प्र.सं रायपुर द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में, भा.प्र.सं रायपुर के निदेशक प्रा. राम कुमार काकानी और एम्स रायपुर के निदेशक प्रा. (डॉ.) नितिन एम नागरकर द्वारा, 27 सितंबर 2022 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। समझौता ज्ञापन पर दोनों संस्थाओं के सदस्यों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए, जिनमे प्रा. संजीव पाराशर, नई अवसर समिति के अध्यक्ष, प्रा. कमल के जैन, अकादमिक डीन , कर्नल (डॉ.) हरिंद्र त्रिपाठी (सेवानिवृत्त), मुख्य लेखा अधिकारी और भा.प्र.सं रायपुर की नई अवसर समिति के सदस्य शामिल थे। एम्स रायपुर की टीम से अंशुमान गुप्ता, उप निदेशक प्रशासन, डॉ. (प्रा.) आलोक चंद्र अग्रवाल, अकादमिक डीन, अनुसन्धान डीन और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

    दोनों संस्थानों के पास उपलब्ध अपनी-अपनी विशेषज्ञता, ज्ञान और संसाधन को ध्यान में रखते हुए, इस समझौता ज्ञापन पर शैक्षणिक सहयोग के उद्देश्य से दोनों पक्षों के बीच हस्ताक्षर किए गए, जिसमें दोनों पक्षों के बीच के छात्रों और फैकल्टी के सदस्यों के साथ-साथ शैक्षिक प्रवृतिओं, शोध, और प्रकाशन का विनिमय शामिल होगा। इन सक्रिय प्रयासों के अलावा, संयुक्त प्रशिक्षण और अनुसंधान कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जाएंगे, जिन्हें सहयोगात्मक भावना के साथ विकसित जाएगा। दूसरों के बीच के सहयोगी कार्य, फैकल्टी के लिए विकास कार्यक्रम, कामकाजी पेशेवर के कौशल विकसित करना, स्टूडेंट इंटर्नशिप और संयुक्त परामर्श परियोजनाओं से संबंधित होंगे।

    समझौता ज्ञापन का लक्ष्य, एम्स रायपुर और भा.प्र.सं रायपुर द्वारा बौद्धिक और अनुसंधान क्षमता और छात्रवृत्ति के निर्माण के लिए साथ मिलकर काम करना है। दोनों पक्षों ने एक लंबे समय के लिए साथ मिलकर काम करने की कामना की और पारस्परिक रूप से उपयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों, शिक्षण, प्रशिक्षण और शोध पर, जहां भी संभव हो, वहां साथ मिलकर काम करने की सहमति व्यक्त की है।

  • नागरिकों का इलाज हुआ आसान : मोबाईल मेडिकल यूनिट से घर के पास ही मिल रही निःशुल्क इलाज की सुविधा

    नागरिकों का इलाज हुआ आसान : मोबाईल मेडिकल यूनिट से घर के पास ही मिल रही निःशुल्क इलाज की सुविधा

    धन्वंतरी मेडिकल स्टोर पर उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवा सस्ती दर पर उपलब्ध

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    छत्तीसगढ़ में नागरिकों को आसानी से स्वास्थ्य सुविधायें मुहैया कराने के छत्तीसगढ़ शासन के प्रयासों से अब नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधायें मिल रही हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जहां मुख्यमंत्री स्वास्थ्य स्लम योजना के माध्यम से शहरी तंग बस्तियों में पहुंचकर मोबाईल मेडिकल यूनिट द्वारा लोगो का इलाज किया जा रहा है। वहीं श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना के तहत आम नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवाओं के क्रय करने पर 50 प्रतिशत से ज्यादा की भारी छूट दी जा रही है। इससे इलाज का खर्च कम हो गया है। अब ज्यादा संख्या में लोग ईलाज करा पा रहे है।

    शहरी क्षेत्र में निवासरत नागरिकों को उनके चौखट पर ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 01 नवम्बर 2020 से मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना प्रारंभ की गई। प्रथम चरण में सभी 14 नगर निगमों में 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट एंबुलेंस के जरिए डॉक्टरों द्वारा सेवाएं प्रदान की गई। इसके तहत आम नागरिकों को मेडिकल कैंप के माध्यम से मुफ्त में परामर्श, उपचार, दवाइयां और टेस्ट की सुविधा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री दाई दीदी क्लीनिक भी इसी योजना की कड़ी है। इसमें संपूर्ण महिला स्टॉफ के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट गरीब बस्तियों की महिलाओं के इलाज हेतु उनकी बस्तियों में जा रही है।

    द्वितीय चरण में नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों हेतु 60 मोबाईल मेडिकल यूनिट का संचालन 31 मार्च 2022 से प्रारंभ किया गया है। अब 120 मोबाईल मेडिकल यूनिट के माध्यम से शहरी ईलाकों की बस्तियों में निःशुल्क परामर्श, ईलाज, दवाईयों एवं पैथोलॉजी लैब की सुविधा समस्त नगरीय निकायों में उपलब्ध है। अब तक करीब 39 हजार शिविर आयोजित किये जा चुके हैं, करीब 27 लाख मरीजों का निःशुल्क ईलाज किया गया है। इसी तरह से दाई-दीदी क्लीनिक योजना के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर एवं भिलाई नगर निगमों में मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 1600 कैम्प लगाकर एक लाख 18 हजार से अधिक महिला मरीजों का निःशुल्क इलाज किया गया है।

    आम नागरिको को उच्च गुणवत्ता की रियायती दवा उपलब्ध कराने हेतु श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना प्रारंभ की गई है। योजना अंतर्गत राज्य के समस्त 169 नगरीय निकायों में श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर खोले गए हैं। इस हेतु नगरीय निकायों द्वारा लगभग 194 दुकानों का चिन्हांकन किया गया, जिसमें से 190 दुकानंे प्रारंभ की जा चुकी हैं। इन दुकानों में 329 प्रकार की जेनेरिक दवाएं, 28 सर्जिकल आइटम रियायती दर पर उपलब्ध हैं। इससे अब आम नागरिकों को जेनेरिक दवाई आसानी से उपलब्ध होने लगी हैं। शासकीय चिकित्सकों हेतु पर्ची पर जेनेरिक दवाई लिखना अनिवार्य किया गया है। दवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु इन दुकानों में देश की ख्याति प्राप्त कंपनियों की जेनरिक दवाइयां उपलब्ध कराने की शर्त रखी गई है। उपलब्ध दवाइयों में सर्दी, खांसी, बुखार, ब्लड प्रेशर, इंसुलिन के साथ ही साथ गंभीर बीमारियों की दवा, एंटीबायोटिक, सर्जिकल आइटम भी न्यूनतम 50 प्रतिशत की भारी छूट के साथ उपलब्ध हैं। राज्य सरकार द्वारा श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर संचालक को 2 रू प्रति वर्गफुट की आकर्षक दर पर नगर पालिक निगम द्वारा किराये पर दुकानें उपलब्ध कराई गयी हैं साथ ही अन्य योजनाओं मे इन मेडिकल स्टोर्स से दवाई खरीदने हेतु प्रावधान किया गया। इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा 20 अक्टूबर 2021 को किया गया था। इस दिन प्रदेश के निकायों में लगभग 87 दुकानों का शुभारंभ किया गया। अब 190 से ज्यादा धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर संचालित किए जा रहे है। आगामी चरण में इन दुकानों से घर पहुंच दवा डिलीवरी की भी व्यवस्था की जाएगी।

  • हेल्थ न्यूज़ : जानवर के काटने पर एन्टी-रेबीज वैक्सीन अवश्य लगवाएं ; 28 सितम्बर को विश्व रेबीज दिवस, रेबीज के बचाव, प्रबंधन और टीकाकरण के प्रति जागरूकता के लिए पूरी दुनिया में मनाया जाता है यह दिन

    हेल्थ न्यूज़ : जानवर के काटने पर एन्टी-रेबीज वैक्सीन अवश्य लगवाएं ; 28 सितम्बर को विश्व रेबीज दिवस, रेबीज के बचाव, प्रबंधन और टीकाकरण के प्रति जागरूकता के लिए पूरी दुनिया में मनाया जाता है यह दिन

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    विश्व रेबीज दिवस के मौके पर स्वास्थ्य विभाग ने रेबीज से बचाव के लिए जानवरों के काटने पर एंटी-रेबीज़ टीकाकरण करवाने एवं घाव को तत्काल साबुन या एंटिसेप्टिक से 15 से 20 मिनट तक बहते पानी से धोने की सलाह दी है। विभाग ने रेबीज से बचने के लिए घर के पालतू जानवरों कुत्ता, बिल्ली या अन्य पशुओं को जरूरी टीका लगवाने की अपील की है। कुत्तों को तीन महीने की उम्र में टीका लगवाना चाहिए। टीके के प्रकार के अनुसार हर तीन वर्ष में इसकी एक अतिरिक्त डोज भी लगवानी चाहिए।

    रेबीज से बचाव, इसके प्रबंधन और टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पूरी दुनिया में 28 सितम्बर को हर वर्ष विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है। रेबीज एक ऐसा वायरस है जो आमतौर पर जानवरों के काटने से फैलता है। इसके लक्षण दिखने में काफी समय लग जाता है और देर होने पर यह जानलेवा भी होता है। अगर समय रहते लोग इसके प्रति सचेत हो जाएं, तो काफी हद तक बचा जा सकता है।

    कुत्ता, बंदर या अन्य जानवर का काटना खतरनाक हो सकता है। इस तरह के मामलों में लापरवाही से व्यक्ति रेबीज का शिकार हो सकता है। कुत्ता या बंदर के काटने पर तुरंत नजदीकी डॉक्टर से इलाज करवाएं और रेबीज का टीका अवश्य लगवाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कुत्ता या बंदर के काटने पर अक्सर घरेलू उपचार करने लग जाते हैं। इससे रेबीज का खतरा बढ़ जाता है। रेबीज से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।  

    रेबीज नियंत्रण के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र गहवई ने बताया कि एक बार रेबीज होने के बाद इससे बचा नहीं जा सकता है। प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में रेबीज से बचाव एवं प्रबंधन के बारे में डॉक्टरों द्वारा जानकारी दी जाती है। रेबीज जानलेवा बीमारी है। समय पर इलाज करवाकर और एंटी-रेबीज का टीका लगवाकर जान बचाई जा सकती है। रेबीज का टीका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में निःशुल्क लगाया जाता है। रेबीज के 97 प्रतिशत मामले संक्रमित कुत्ते के काटने के कारण होता है। संक्रमित कुत्ते के अलावा यह बीमारी बिल्ली, बंदर, नेवला, लोमड़ी, सियार या अन्य जंगली जानवरों के काटने या नाखून मारने से भी हो सकता है।

    कुत्ते के काटने के 72 घंटे के भीतर एंटी-रेबीज वैक्सीन अवश्य लगवा लेना चाहिए। इस अवधि में वैक्सीन नहीं लगवाने से व्यक्ति रेबीज की चपेट में आ सकता है। जंगली जानवर के काटने पर यदि घाव अधिक गहरा नहीं हो तो उसे साबुन से कम से कम पंद्रह मिनट तक अवश्य धोएं। इसके बाद बीटाडीन से अच्छी तरह से साफ करें। घाव को ढंके नहीं। अगर घाव अधिक गहरा हो तो तुरंत ही चिकित्सक की सलाह से उसकी साफ-सफाई करवाएं।

    घर में पालतू कुत्तों को एंटी-रेबीज का टीका जरूर लगवाएं। अगर किसी घाव पर गलती से कुत्ते की लार गिर जाती है तो उससे भी रेबीज हो जाता है। जानवरों के द्वारा चाटने, नाखून मारने या काटने के घाव को अनदेखा न करें। एक बार व्यक्ति रेबीज की चपेट में आ गया तो उसका कोई इलाज नहीं हैं। हालांकि उपचार के माध्यम से मरीज को कुछ राहत प्रदान की जा सकती है। समय पर उपचार लेने के लिए तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर के परामर्श के अनुसार समय पर पूर्ण टीकाकरण कराना चाहिए।

  • खाद-बीज और कीटनाशक औषधियों की गुणवत्ता की जांच जारी, अमानक नमूने वाले खाद-बीज के लॉट के विक्रय पर प्रतिबंध, विक्रेता संस्थानों को कारण बताओ नोटिस

    खाद-बीज और कीटनाशक औषधियों की गुणवत्ता की जांच जारी, अमानक नमूने वाले खाद-बीज के लॉट के विक्रय पर प्रतिबंध, विक्रेता संस्थानों को कारण बताओ नोटिस

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा राज्य में रासायनिक उर्वरकों, बीज एवं कीटनाशक औषधि की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने इलाकों में लगातार दबिश देकर बीज, खाद और कीटनाशक औषधियों के सेम्पल ले रहे हैं, जिसकी जांच गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में की जा रही है। खरीफ सीजन 2022 में अब तक राज्य में बीज के 99 नमूने तथा रासायनिक उर्वरक के 109 नमूने अमानक पाए गए हैं, जिनके लाट के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के साथ ही संबंधित फर्मों को कृषि विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है।

    अपर संचालक कृषि (उर्वरक) श्री एस.सी. पदम ने बताया कि खरीफ सीजन 2022 में बीज के 5000, उर्वरक के 3000 तथा पौध संरक्षण औषधि के 500 नमूने लिए जाने का लक्ष्य है। विभागीय अधिकारियों की टीम द्वारा अब तक बीज के 2907 नमूने लिए गए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला भेजकर परीक्षण कराया गया है। परीक्षण में 2798 नमूने मानक स्तर के तथा 99 अमानक स्तर के पाए गए हैं। इसी तरह रासायनिक उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच-पड़ताल के लिए कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा 1946 नमूने विभिन्न संस्थानों से लिए गए हैं। जांच उपरांत 1663 नमूने मानक स्तर के तथा 109 नमूने अमानक स्तर के मिले हैं। 146 नमूने अभी जांच की प्रक्रिया में हैं, जबकि 28 नमूने कतिपय कारणों से निरस्त कर दिए गए हैं। अमानक बीज एवं खाद के लाट के विक्रय को विभाग द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के साथ संबंधित संस्थाओं को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। कृषि विभाग की टीम कीटनाशक औषधियों के गुणवत्ता की भी लगातार जांच कर रही है। जांच पड़ताल टीम ने अब तक कुल 23 सेम्पल विभिन्न फर्मों से लिए हैं, जिसमें से 17 नमूनों का विश्लेषण करने पर सभी सैम्पल मानक स्तर के पाए गए हैं। 4 सैंपल निरस्त हुए हैं तथा 2 सैंपल की जांच जारी है।

  • जशपुर जिला के स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक सामग्री क्रय हेतु की गई निविदा निरस्त

    जशपुर जिला के स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक सामग्री क्रय हेतु की गई निविदा निरस्त

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार दवाई, चिकित्सकीय उपकरण, प्रयोगशाला रसायन, आवश्यक सामग्री एवं लॉजिस्टिक के लिए निर्माता फर्म अथवा अधिकृत विक्रेताओं से निविदा आमंत्रित की गई थी। जिससे अपरिहार्य कारणों से निरस्त किया गया है।

  • पत्थलगांव में बूस्टर डोज लगवाने और एनीमिया मुक्त जशपुर बनाने के लिए लोगों को किया जा रहा जागरूक

    पत्थलगांव में बूस्टर डोज लगवाने और एनीमिया मुक्त जशपुर बनाने के लिए लोगों को किया जा रहा जागरूक

    यूनिसेफ और जिला प्रशासन की जय हो टीम द्वारा साइबर क्राइम के बारे में भी लोगों को दे रहें है जानकारी

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    जिला प्रशासन जशपुर और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में किशोर स्वास्थ्य, ऑनलाइन सुरक्षा, जीवन कौशल और रोजगार हेतु सुरक्षित पलायन पर ध्यान देने के साथ ही किशोर सशक्तिकरण की दिशा में प्रगति लाने के लिए जय हो कार्यक्रम की शुरुआत किया गया है।

    इसी कड़ी में जय हो वॉलिंटियर द्वारा विगत दिवस पत्थलगांव विकासखण्ड में घर-घर जाकर लोगों को जय हो कार्यक्रम के बारे में जानकारी दे रहें हैं। जय हो टीम द्वारा डोर टू डोर जा कर 30 सितंबर से पहले बूस्टर डोज लगवाने और जशपुर को एनीमिया मुक्त बनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही साइबर क्राइम के बारे में भी लोगों को बताया जा रहा है। जय हो टीम के अनिता यादव ने बताया कि जशपुर में साईबर क्राइम प्रशिक्षण में उपस्थित होकर उन्होंने प्रशिक्षण लिया और टीम के अन्य वॉलिंटियर को भी साइबर क्राइम के बारे में जानकारी दी।