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  • आश्रमों एवं मध्याह्न भोजन में मिलेट्स को शामिल करने तथा मिलेट्स आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने बनेगी कार्ययोजना

    आश्रमों एवं मध्याह्न भोजन में मिलेट्स को शामिल करने तथा मिलेट्स आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने बनेगी कार्ययोजना

    मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश- कुपोषण नियंत्रण में मिलेट्स की प्रभावी भूमिका को देखते हुए कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कुपोषण नियंत्रण में मिलेट्स (कोदो-कुटकी, रागी) की प्रभावी भूमिका को देखते हुए मुख्य सचिव से राज्य के आश्रमों एवं मध्याह्न भोजन में मिलेट्स को शामिल करने तथा मिलेट्स आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संबंधित विभागों से चर्चा कर कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन की कार्य योजना में कुपोषित बच्चों तथा एनीमिक महिलाओं को भी शामिल करने को कहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र राज्य है जिसने कोदो, कुटकी तथा रागी का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने के साथ-साथ खरीदी की भी व्यवस्था सुनिश्चित की है। साथ ही इन फसलों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के दायरे में शामिल करते हुए मिलेट्स उत्पादक किसानों को 9000 रुपए प्रति एकड़ की इनपुट सब्सिडी भी दी जा रही है। राज्य में मिलेट्स की खेती का रकबा 69 हजार हेक्टेयर से बढ़कर एक लाख 88 हजार हेक्टेयर हो गया है। छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन के तहत मिलेट की उत्पादकता को प्रति एकड़ 4.5 क्विंटल से बढ़ाकर 9 क्विंटल यानि दोगुना किए जाने का भी लक्ष्य रखा गया है। हैदराबाद में भारत सरकार के आईआईएमआर द्वारा बीते दिनों आयोजित पोषक अनाज अवार्ड-2022 में मिलेट को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ उदीयमान राज्य के रूप में पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया।

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अंतर्गत कार्यरत महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय संग्रहण केंद्रों में मिलेट्स का संग्रहण किया जाता है। कुल 11 हजार 839 संग्राहकों से समर्थन मूल्य पर कोदो-कुटकी, रागी की खरीदी की जा रही है। संग्रहित मिलेट्स को वनधन विकास केंद्रों में भेजा जाता हैं। वहां के महिला स्व सहायता समूह गुणवत्ता जांच कर भंडारण के लिए भेज देते हैं। कोदो की 30 रुपए किलो, कुटकी की 30 रुपए किलो और रागी की 33.77 रुपए किलो समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। आईआईएमआर हैदराबाद के सहयोग से राज्य में 04 नये मिलेट आधारित उत्पाद विकसित किए गए हैं। ये उत्पाद हैं मिलेट खिचड़ी, मिलेट खीर, मिलेट लड्डू और रागी पोरेज। मिलेट्स के प्रसंस्करण में तेजी लाने के लिए 20 वन धन विकास केंद्रों में प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। मिलेट्स की उपयोगिता के दायरे में विस्तार करते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों में शिशुओं, मध्यान्ह भोजन में विद्यार्थियों तथा गर्भवती माताओं के लिए पोषक आहार के रूप में प्रयोग में लाया जा रहा है।

    राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ में मिलेट मिशन की शुरुआत की है, ताकि राज्य में उत्पादित लघु धान्य फसलों से जुड़ी संभावनाओं का विस्तार करते हुए इसे वनवासियों की आर्थिक ताकत बनाया जा सके। यह मिशन राज्य के 14 जिलों में संचालित है। उत्पादकता में बढ़ोतरी के लिए किसानों को उच्च क्वालिटी का बीज, विशेषज्ञों से तकनीकी प्रशिक्षण एवं परामर्श भी दिलाया जा रहा है। इसके लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च, हैदराबाद (आईआईएमआर) और राज्य के 14 जिला कलेक्टरों के बीच एमओयू किया गया है। आईआईएमआर ने कोदो, कुटकी, रागी के अच्छी क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ सीड बैंक की स्थापना में मदद करने की भी जिम्मेदारी ली है।

  • आयुष्मान कार्ड से अब तक जशपुर जिले के 85, 536 हितग्राहियों को लगभग 66 करोड़ रूपये की दी गई ईलाज की सुविधा

    आयुष्मान कार्ड से अब तक जशपुर जिले के 85, 536 हितग्राहियों को लगभग 66 करोड़ रूपये की दी गई ईलाज की सुविधा

    मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजनातर्गत 34 हितग्राहियो को लगभग 80 लाख रुपए के स्वास्थ्य उपचार से किया गया लाभांवित

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं मुख्य  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के दिशा-निर्देश में डॉ खुबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना का संचालन आयुष्मान कार्ड के माध्यम से किया जा रहा है।

    स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के पात्र राशन कार्ड धारी कुल परिवार 2,35,441 एवं कुल सदस्य  संख्या 8,86,186 आयुष्मान कार्ड बनवाने हेतु पात्र है।  केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा वर्तमान में आपके द्वार आयुष्मान अभियान चलाकर कार्ड बनाया जा रहा है।  जिसके तहत् आयुष्मान पखवाड़ा  विगत 23 सितम्बर 2022 से 07 अक्टूबर 2022 तक मनाया जा रहा है। इस हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार आयुष्मान कार्ड से सामान्य ए.पी.एल. परिवार को 50 हजार तक का मुक्त ईलाज एवं अन्य शेष राशनकार्ड धारी परिवारो को 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क ईलाज पंजीकृत चिकित्सालयो में उपलब्ध हैं। साथ ही आयुष्मान कार्ड से मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजनांतर्गत राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने तथा दुर्लभ बीमारियों के इलाज में होने वाले व्यय से बचाने हेतु राज्य शासन द्वारा संजीवनी सहायता कोष का विस्तार करते हुये मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना प्रारम्भ किया गया है।  इस योजना के अंतर्गत चिन्हित दुर्लभ बीमारियों के लिए राज्य के पात्र परिवारो को अधिकतम 20 लाख रूपए तक के इलाज की सुविधा प्रदान की जाती हैं।

    छत्तीसगढ़  देश का पहला राज्य है  जहाँ इतनी बड़ी राशि आमजनों के ईलाज हेतु प्रदान कर रहा है। आयुष्मान कार्ड से अब तक 85, 536 हितग्राहियों को कुल  65 करोड़ 66 लाख 52  हजार रूपये रूपये का ईलाज की सुविधा दी गयी है। जिला में आज तक 34 हितग्राहियो के द्वारा 79 लाख 68 हजार 788 रूपये का मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजनातर्गत लाभांवित किया गया है। मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजनांतर्गत् स्वास्थ्य उपचार राज्य एवं राज्य के बाहर के पंजीकृत चिकित्सालय में प्रदान की जाती है। इनमें चिकित्सालय योजनातर्गत राज्य एवं राज्य के बाहर के सभी सरकारी चिकित्सालय, राज्य एवं राज्य के बाहर स्थित पंजीकृत निजी चिकित्सालय, सी.जी.एच.एस. के अंतर्गत पंजीकृत चिकित्सालय शामिल हैं। योजनांतर्गत् लिवर प्रत्यारोपण, किडनी प्रत्यारोपण, फेफड़ों का प्रत्यारोपण, हृदय व फेफड़ो प्रत्यारोपण,  हृदय रोग, हीमाफीलिया एवं फैक्टर-8 एवं 9, कैंसर, सर्जरी, ट्रॉमा की स्थिति में, एप्लास्टिक अनीमिया, कॉक्लीयर इम्पलाट, एसिड अटैक विक्टिम्स सहित अन्य बीमारियो का ईलाज किया जाता है। जिनका ईलाज राज्य की  अन्य योजनाओं में उपलब्ध ना हो या राशि समाप्त हो चुकी हो,  को लाभ प्रदान किया जाता है। योजनांतर्गत लाभ हेतु  प्राप्त आवेदनो का  विशेष समिति द्वारा अनुशंसा अनिवार्य है। उपरोक्त बीमारियों की सूची में राज्य शासन द्वारा उपरोक्त तकनीकी समिति की अनुशंसा से आवश्यकतानुसार संशोधन किया जा सकता हैं। उपरोक्त सूची में दर्ज चिकितसा सेवाओं मे से किसी भी सेवा हेतु शासकीय मेडिकल कॉलेज चिकितसालयों से रेफरल अनिवार्य है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने आमजनों से आयुष्मान कार्ड बनवाने की अपील की है। आयुष्मान कार्ड सभी पंजीकृत चिकित्सालयों, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, एवं च्वाईस सेंटर में निःशुल्क बनाया जा रहा है। इस संबंध में अधिक जानकारी हेतु टोल फ्री नम्बर-104  व 14555 में सम्पर्क किया जा सकता है।

  • ब्लड-बैंकों में राज्य की जरूरत का 97 प्रतिशत रक्त का है संग्रहण, प्रदेश में स्वैच्छिक रक्तदान अभियान 17 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक संचालित किया गया है

    ब्लड-बैंकों में राज्य की जरूरत का 97 प्रतिशत रक्त का है संग्रहण, प्रदेश में स्वैच्छिक रक्तदान अभियान 17 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक संचालित किया गया है

    प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों में कर सकते है स्वैच्छिक रक्तदान

    1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी 1 अक्टूबर  को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया जाएगा। इस वर्ष यह “डोनेटिंग ब्लड इज एन एक्ट ऑफ सॉलिडरिटी. ज्वॉइन द इफर्ट एंड सेव लाइव्स (Donating blood is an act of solidarity. Join the effort and save lives)” की थीम पर मनाया जा रहा है। हर वर्ष इसका आयोजन स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जन-जागरूकता लाने के लिए मनाया जाता है। प्रदेश में स्वैच्छिक रक्तदान अभियान 17 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक संचालित किया गया है।

    ब्लड सेल कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉक्टर श्रीकांत राजिमवाले ने बताया कि रक्त की आपूर्ति के लिये मानव रक्त ही एकमात्र विकल्प है। इसे किसी भी प्रकार के कृत्रिम तरीकों से नहीं बनाया जा सकता है। रक्त इकाई की आवश्यकता की पूर्ति स्वैच्छिक रक्तदान के द्वारा ही संभव होता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए शासन द्वारा ब्लड बैंक के माध्यम से रक्तदान शिविर सामुदायिक स्तर पर आयोजित कर रक्त संग्रहण किया जाता है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के उच्चतर प्रबंधन एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवा के लिए राज्य के 27 जिलों में 33 शासकीय ब्लड-बैंक स्थापित किया गया है। प्रदेश में 33 शासकीय एवं 83 गैर-शासकीय, इस तरह कुल 116 ब्लड बैंक संचालित हैं।

    डॉक्टर राजिमवाले ने बताया कि प्रदेश में प्रति वर्ष 2.55 लाख यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है जो कि राज्य की जनसंख्या का एक प्रतिशत है। वर्ष 2022 में अब तक राज्य के सभी शासकीय ब्लड-बैंको में 54 हजार 117 एवं निजी ब्लड-बैंकों में 49 हजार छह, इस तरह कुल एक लाख तीन हजार 123 यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया है, जो कि राज्य की कुल जरुरत का 97 प्रतिशत है।

    कौन कर सकता है रक्तदान

    रक्तदान करने के लिए रक्तदाता की उम्र 18 से 65 साल के बीच होनी चाहिए जिसका वजन 45 किलोग्राम से अधिक हो। शारीरिक रूप से सेहतमंद होना भी जरूरी है। खून में हीमोग्लोबिन का स्तर 12.5 जी/डीएल या इससे ऊपर होनी चाहिए। रक्तदान करने के 24 घंटे पहले शराब, धूम्रपान और तंबाकू का सेवन नहीं किया गया हो। रक्तदान करने वाले व्यक्ति को ब्लड-प्रेशर, कैंसर, एड्स जैसी बीमारी नहीं होनी चाहिए। एक सेहतमंद व्यक्ति हर तीन महीने में रक्तदान कर सकता है।

  • वेक्टरजनित रोग नियंत्रण पर अंतर्राज्यीय कार्यशाला आयोजित, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के स्वास्थ्य अधिकारी हुए सम्मिलित

    वेक्टरजनित रोग नियंत्रण पर अंतर्राज्यीय कार्यशाला आयोजित, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के स्वास्थ्य अधिकारी हुए सम्मिलित

    वेक्टरजनित रोगों के रोकथाम की दिशा में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों द्वारा किये जा रहे नवाचार को बढ़ावा देने की जानकारियों का किया गया आदान-प्रदान

    मलेरिया और डेंगू के मरीजों की जानकारी आशा मितानिनों द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए जिससे समय रहते किया जा सके इलाज

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जिला राजनांदगांव द्वारा अंतर्राज्यीय वेक्टर नियंत्रण कार्यशाला का आयोजन आज राजनांदगांव में किया गया। कार्यशाला में वेक्टरजनित रोगों के रोकथाम की दिशा में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों द्वारा किये जा रहे नवाचार को बढ़ावा देने की जानकारियों का आदान-प्रदान किया गया, जिससे कि इन रोगों के रोकथाम व नियंत्रण हेतु सकारात्मक पहल की जा सके और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। संचालक- महामारी नियंत्रण  डॉ. सुभाष मिश्रा, रीजनल डायरेक्टर डॉ. संदीप जोगदंडे, राजनांदगांव के सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी, राज्य स्तर के वेक्टर जनित सलाहकार तथा महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे जिले कांकेर, बालोद, कबीरधाम और दुर्ग के सीएमएचओ एवं डीएमओ के साथ छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे सीमावर्ती जिले गोंदिया, गढ़चिरौली व बालाघाट के मलेरिया कार्यक्रम में कार्यरत प्रतिनिधि कार्यशाला में सम्मिलित हुए।

    महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा ने कार्यशाला में बताया की पिछले कई वर्षों से तीनों राज्यों के संयुक्त प्रयासों से मलेरिया व अन्य वेक्टरजनित रोग नियंत्रण की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। मच्छरों के नियंत्रण की दिशा में एक्टिव सर्विलांस, स्प्रे व एलएलआईएन वितरण इत्यादि  माध्यम हैं, जिनसे मलेरिया वाहक मच्छरों को एक स्थान से दूसरे स्थान जाने से रोका जा सकता है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की सफलता के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में इसे अभियान के रूप में चलाकर इसकी सफलता सुनिश्चित की गई। पूरे छत्तीसगढ़ में यह अभियान बहुत कारगर रहा है। उन्होंने दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों का प्रदेश में प्रवेश से पहले स्वास्थ्य परीक्षण करने जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देशित किया। प्रवासी मजदूरों की ट्रैकिंग व उनकी स्क्रीनिंग कर मलेरिया और इससे होने वाली मौतों तथा इसके प्रसार को रोका जा सकता है‌।

    महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से आए स्वास्थ्य अधिकारियों ने मलेरिया व डेंगू की रोकथाम तथा नियंत्रण के लिए अपने-अपने राज्य में की जा रही गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि मलेरिया और डेंगू के मरीजों की जानकारी आशा मितानिनों द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए जिससे समय रहते इलाज किया जा सके।

  • “सियान जतन क्लीनिक” में वृद्धजन शिविर के माध्यम से बुजुर्गों में होने वाले संचारी व गैर-संचारी बीमारियों की रोकथाम और उपचार के बारे में दी जाएगी जानकारी

    “सियान जतन क्लीनिक” में वृद्धजन शिविर के माध्यम से बुजुर्गों में होने वाले संचारी व गैर-संचारी बीमारियों की रोकथाम और उपचार के बारे में दी जाएगी जानकारी

    प्रदेश के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में माह के पहले बुधवार और आयुर्वेदिक संस्थाओं में हर गुरूवार को सियान जतन क्लीनिक में बुजुर्गों को मिलेगी जांच एवं उपचार की सुविधा

    सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक वृद्ध मरीजों को विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी

    1 अक्टूबर को मनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सम्मान के प्रति लोगों में जागरूकता के लिए प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। इसके साथ ही अक्टूबर माह को वयोवृद्ध माह के रूप में मनाया जाता है। वृद्धों व प्रौढ़ों के साथ होने वाले अन्याय, उपेक्षा और दुर्व्यवहार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से इस दिन को चिन्हित किया गया है। वयोवृद्ध माह के दौरान प्रदेश के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक वृद्ध मरीजों को विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर जनसमुदाय में जागरूकता लाने राज्य एवं जिला स्तर पर अनेक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में बुजुर्गों के लिए विशेष ओपीडी सर्विस प्रदान की जाएगी। ऐसे जिले जहां पर वृद्ध आश्रम है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा व स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाने के लिए बुजुर्गों को प्रोत्साहित किया जाएगा। वृद्धजन शिविर के माध्यम से वृद्धजनों में होने वाले संचारी एवं गैर-संचारी बीमारियों के लक्षण, कारण, रोकथाम तथा उपचार के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी।

    वयोवृद्ध कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉक्टर कमलेश जैन ने बताया कि कार्यक्रम के अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में माह अप्रैल से अब तक आठ लाख 27 हजार 077 वृद्धजनों की जांच की गयी है। इनमें से 53 हजार 318 वृद्धजनों को पुनर्वास सुविधा, चार लाख सात हजार 385 को लैब सुविधा, तीन लाख 16 हजार 098 वृद्धजनों का हेल्थ कार्ड, 28 हजार लोगों को होम बेस्ड केयर की सुविधा प्रदान की गई है।

    प्रदेश के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में माह के प्रथम बुधवार एवं आयुर्वेदिक संस्थानों मे प्रत्येक गुरूवार को वृद्धजनों के स्वास्थ्य परामर्श, जांच एवं उपचार के लिए सियान जतन क्लीनिक का आयोजन किया जाता है। आयुर्वेदिक संस्थाओं में प्रत्येक गुरूवार को संचालित सियान जतन क्लीनिक में अब तक एक लाख 12 हजार से अधिक बुजुर्ग लाभान्वित हुए हैं।

    सांख्यिकी कार्यालय के एक अध्ययन के अनुसार देश में बुजुर्गों की आबादी साल 1961 से लगातार बढ़ रही है। राष्ट्रीय जनगणना 2001 के अनुसार वर्ष 2031 तक देश में वृद्ध व्यक्तियों की संख्या लगभग 17.85 करोड़ पहुँच जाएगी। विश्व में वृद्धों एवं प्रौढ़ों के साथ होने वाले अन्याय, उपेक्षा और दुर्व्यवहार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से हर साल अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (International Day of Older Persons) मनाया जाता है। इस वर्ष “रिजिलेंस ऑफ ओल्डर पर्सन इन चेंजिंग वर्ल्ड विथ स्पेशल फोकस ऑन ओल्डर विमेन (Resilience Of Older Person in Changing World with special focus on older women)” की थीम पर यह दिवस मनाया जा रहा है।

  • पोषण ऑन व्हील रैली के माध्यम से छात्राओं ने दिया हर घर पोषण थाली का संदेश

    पोषण ऑन व्हील रैली के माध्यम से छात्राओं ने दिया हर घर पोषण थाली का संदेश

    शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने निकाली पोषण जागरूकता रैली

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    पूरे देश में सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान आम लोगों को पोषण के संबंध में जागरूक करने के लिए कई आयोजन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज राजधानी रायपुर के शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा पोषण ऑन व्हील रैली निकाली गई। रैली में विभाग की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने सही पोषण-देश रोशन और सब्जी, सलाद खाओ हर बार, जैसे नारो के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।  

    महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गिरोलकर ने अन्य व्याख्याताओं के साथ रैली को झंडा दिखाकर रवाना किया। पोषण पर आधारित नारे लगाते हुए यह रैली नेहरू नगर के आँगनबाड़ी पर समाप्त हुई। आंगनबाड़ी में छात्रा कुमारी मुस्कान लालवानी और उनके समूह ने कार्यकर्ताओ को ट्रेफिक सिग्नल, फ़ूड पिरामिड के माध्यम से पोषण की जानकारी  प्रदान की। साथ ही गर्भवती, धात्री महिलाओं को फल तथा बच्चों को पौष्टिक खाद्य पदार्थों के साथ गुड़, चने और अलसी का वितरण किया गया। बच्चों के लिए कोदो से बना केक भी आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान छात्राओं के साथ कार्यक्रम प्रभारी डॉ. वासु वर्मा, डॉ. अभया जोगलेकर और अतिथि व्याख्याताओं ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम में आई.क्यू.ए.सी. प्रभारी डॉ. उषा किरण अग्रवाल, विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि मिंज, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. नंदा गुरुवारा, डॉ. अनुभा झा, डॉ. शिप्रा बैनर्जी, डॉ. रेखा दीवान, डॉ. मिनी एलेक्स के साथ अतिथि व्याख्याता और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थी। कार्यक्रम डॉ. वासु वर्मा एवं डॉ. अभया जोगलेकर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

  • डायल 112 के कर्मचारियों ने स्थानीय महिलाओं व मितानिन के सहयोग से कराया सुरक्षित प्रसव

    डायल 112 के कर्मचारियों ने स्थानीय महिलाओं व मितानिन के सहयोग से कराया सुरक्षित प्रसव

    जच्चा-बच्चा दोनों को बेहतर उपचार हेतु पहुंचा गया नजदीकी उप स्वास्थ्य केंद्र

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, कोरबा

    दिनांक 29 सितंबर 2022 के समय 01:51 बजे मेडिकल इमरजेंसी से संबंधित इवेंट नंबर एमकेवी 04 डायल 112 को मिला, तब बांगो कोबरा 01 के द्वारा तत्काल कॉलर से संपर्क कर मौका स्थल के लिए रवाना हुए, मौका स्थल ग्राम चरधंवा पहुंचकर कॉलर से मिला। कॉलर के द्वारा बताया गया कि एक महिला जिसका नाम ललिता खैरवार पति कृष्णा खैरवार उम्र 23 वर्ष को अत्यधिक प्रसव पीड़ा हो रही थी।

    जो मितानिन ने बताया कि महिला ललिता खैरवार की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिसे तत्काल उपचार की आवश्यकता है व 112 वाहन के कर्मचारियों आरक्षक 22 रजत कुमार व चालक नीरज पांडेय और परिवार के महिला परिजनों के मदद से डायल 112 वाहन में बैठाया जा रहा था। डायल 112 वाहन में बैठते समय महिला को अत्यधिक प्रसव पीड़ा बढ़ जाने के कारण मितानिन के कहने पर घर पर ही कुछ देर रुक कर प्रसव कराने का निर्णय लिया गया, तत्पश्चात उक्त महिला द्वारा एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया गया, बाद में ईआरबी टीम द्वारा जच्चा-बच्चा दोनों को उचित उपचार हेतु उप स्वास्थ्य केंद्र मडई में ले जाकर भर्ती कराया गया।

  • वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे और इसके मानव स्वास्थ्य पर दुष्प्रभावों पर हुई चर्चा : जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

    वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे और इसके मानव स्वास्थ्य पर दुष्प्रभावों पर हुई चर्चा : जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन राजधानी रायपुर में किया गया। इसका आयोजन स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा किया गया था। 28-29 सितम्बर 2022 को एक निजी होटल में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यशाला में वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरों और इसके कारण मानव स्वास्थ्य में होने वाले दुष्प्रभावों पर चर्चा की गई। कार्यशाला में इनसे बचने के उपायों की भी जानकारी दी गई।

    कार्यशाला के पहले दिन 28 सितम्बर को सभी प्रतिभागियों को वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभावों के अध्ययन के लिए समुदाय का भ्रमण कराया गया‌। रिफरल सिस्टम (Referrel System) को समझने के लिए एम्स रायपुर एवं जिला चिकित्सालय, रायपुर का भी भ्रमण कराया गया। कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों द्वारा छत्तीसगढ़ में वायु प्रदूषण से बचाव के उपायों एवं जन-जागरूकता के प्रयासों के लिए छत्तीसगढ़ मॉडल की सराहना की। उन्होंने यहां उठाए जा रहे कदमों को दूसरे राज्यों में भी अपनाने की सलाह दी।

    कार्यशाला में भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, एनसीडीसी (National Center for Disease Control) नई दिल्ली के अतिरिक्त संचालक डॉ. आकाश श्रीवास्तव, उप संचालक डॉ. रामेश्वर, सभी राज्यों के राज्य नोडल अधिकारी एवं छत्तीसगढ़ से प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार बेहरा, विभागाध्यक्ष, श्वसन रोग विभाग, एम्स रायपुर, छत्तीसगढ स्वास्थ्य विभाग से एनपीसीसीएचएच (National Program for Climate Change and Human Health) के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धमेंद्र गहवई, राज्य सलाहकार तथा राष्ट्रीय मानव संसाधन केन्द्र, रायपुर के सलाहकार शामिल हुए।

  • अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए सभी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कोविड-19 का टीका अवश्य लगाएं – कलेक्टर राजनांदगांव

    अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए सभी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कोविड-19 का टीका अवश्य लगाएं – कलेक्टर राजनांदगांव

    कलेक्टर ने सभी नागरिकों को 30 सितम्बर तक नि:शुल्क बूस्टर डोज का लाभ लेते हुए कोविड टीकाकरण कराने की अपील की

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, राजनांदगांव

    अमृत महोत्सव के अंतर्गत जिले में 30 सितम्बर तक नि:शुल्क बूस्टर अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने जिले के सभी नागरिकों से कोविड-19 टीकाकरण के लिए अपील की है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से सुरक्षित रहने के लिए यह जरूरी है कि सभी नागरिक को नि:शुल्क बूस्टर डोज का लाभ लेते हुए अपने निकटतम कोविड टीकाकरण केन्द्र में जाकर कोविड से बचाव के लिए टीका अवश्य लगवाएं। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिक दूसरी डोज के 6 माह के बाद प्रिकॉशन डोज जरूर लगवाएं। 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरी बालक एवं बालिकाएं बिना डर एवं भय के को-वैक्सीन का टीका 28 दिन के बाद दूसरा डोज लगवाएं। 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए कोर्बेवैक्स टीका 28 दिनों के बाद दूसरी खुराक लगवाना है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की विभीषिका से कोविड की पहली, दूसरी एवं तीसरी लहर में पीडि़त रहे हैं। इस संक्रमण से अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए यह जरूरी है कि सभी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कोविड-19 का टीका अवश्य लगाएं।

  • गांधी जयंती से प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में सिकल सेल प्रबंधन केंद्र की होगी शुरुआत

    गांधी जयंती से प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में सिकल सेल प्रबंधन केंद्र की होगी शुरुआत

    कोविड टीकाकरण में उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित हुए स्वास्थ्य योद्धा

    स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने ली स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि राज्य में सिकलसेल की जांच एवं उपचार की सुविधा सभी जिला अस्पतालों में आगामी 02 अक्टूबर से शुरूआत होगी। उन्होंने कहा कि आगामी माह से लोगों को सस्ते दर पर पैथोलॉजी लैब की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी हमर लैब के आस-पास के क्षेत्रों से सैंपल एकत्र किए जाएंगे जिससे लोगों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में पैथोलॉजी की सुविधा मिल सके। श्री सिंहदेव आज यहां स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

    स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों से सिकलसेल प्रबंधन केंद्रों के संबंध में की जा रही आवश्यक तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, वेलनेस सेंटर, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को बैठक में सभी अस्पतालों में आने वाले अधिक से अधिक मरीजों को उपचार एवं परामर्श सुविधा उपलब्ध कराने कहा। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री प्रसन्ना आर., स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक श्री भीम सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री भोसकर विलास संदीपन, संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. सुभाष मिश्रा तथा सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन भी मौजूद थे।

    स्वास्थ्य योद्धा हुए सम्मानित

    स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में कोविड वैक्सीनेशन में उल्लेखनीय योगदान के लिए बीजापुर जिले के उसूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तीन स्वास्थ्य अधिकारी (त्भ्व्) श्रीमती ज्योति सिदार, श्रीमती नागमणी चिलमुल और श्री रमेश गड्डेम को प्रशस्ति पत्र एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया। इन तीनों स्वास्थ्य योद्धाओं ने कोविड वैक्सीनेशन के लिए घुटने तक पानी से भरे तीन नदियों को पैदल पार कर ग्राम मारूड़बाका पहुंच लोगों का वैक्सीनेशन किया था।

    टी.बी. नियंत्रण के लिए बढ़ेगी जांच सुविधा

    स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री प्रसन्ना आर. ने भी प्रदेश में टीबी के बढ़ते मामले के मद्देनजर सभी जिलों के साथ तीन जिले कोरबा, जशपुर व जगदलपुर में विशेष रूप से टीबी मरीज़ों की जाँच हेतु हर सीएचसी में लैब टेक्नीशियन की उपलब्धता सुनिश्चित कर टीबी मरीज़ों की जांच बढ़ाने को कहा। उन्होंने लेप्रोसी मरीज़ों की पहचान सभी जिलों में गृह भ्रमण कर सुनिश्चित करने करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवार कल्याण के सभी संसाधनों की उपलब्धता प्रदेश के सभी सीएचसी स्तर पर विशेष रूप से करने के निर्देश दिए। श्री प्रसन्ना ने सभी जिला अस्पतालों में विशेष रूप से रात के समय जिला अस्पतालों में आईपीडी सर्विसेज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    इन कार्यक्रमों की भी हुई समीक्षा

    बैठक में अस्पतालों में ओपीडी, आईपीडी के कार्यों के साथ ही परिवार कल्याण, लेप्रोसी, पीसीपीएनडीटी एक्ट, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, प्राथमिक, सामुदायिक, जिला एवं सिविल अस्पतालों के माध्यम से दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं, अस्पतालों में अधोसंरचना विकास, एनएचएम, राष्ट्रीय व्योवृद्ध स्वास्थ्य संरक्षण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बधिरता रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कैंसर, हृदयरोग, मधुमेह एवं स्ट्रोक नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम आदि की समीक्षा की गई।