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  • शिशु संरक्षण माह में बच्चों को दी जाएगी विटामिन ए और आयरन सिरप की खुराक, 13 सितंबर से 14 अक्टूबर तक प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को स्वास्थ्य संवर्धन संबंधी चलाया जाएगा विशेष अभियान

    शिशु संरक्षण माह में बच्चों को दी जाएगी विटामिन ए और आयरन सिरप की खुराक, 13 सितंबर से 14 अक्टूबर तक प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को स्वास्थ्य संवर्धन संबंधी चलाया जाएगा विशेष अभियान

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, बिलासपुर

    13 सितम्बर से 14 अक्टूबर तक जिले में “शिशु संरक्षण माह” का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बच्चों को विटामिन ए और आयरन सिरप की खुराक सप्ताह में दो बार यानि प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को देकर शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन संबंधी विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिसमें स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग समन्वय से कार्य करेंगे। बच्चों को रतौंधी और एनीमिया से बचाव के लिए विटामिन-ए तथा आयरन फोलिक एसिड सिरप भी पिलाया जाएगा।

    आयरन और विटामिन ए की खुराक से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार आता है। यह खुराक नहीं पीने वाले बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए आयरन और विटामिन ए की खुराक जरूरी है,अभियान के तहत इसकी जानकारी जनमानस को देकर समुदाय में जागरूकता का प्रयास भी होगा। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने बताया: “रोग प्रतिरोधक क्षमता बीमारी से बचाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती  है। पौष्टिक आहार के साथ ही बच्चों को विटामिन एवं आयरन देना बहुत जरूरी है ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकसित हो सके। विटामिन ए की खुराक से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। साथ ही कुपोषण में कमी भी आती है। यह खुराक नौ माह से 5 साल तक के बच्चों को 6 माह में एक बार दी जाती है । इसकी कमीं से बच्चों आंखों की रोशनी पर असर पड़ता है। जिले में 13 सितंबर से 14 अक्टूबर तक शिशु संरक्षण माह का आयोजन किया गया है। जिसमें बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन संबंधी विशेष अभियान विकासखंड स्तर पर चलाया जाएगा।“

    इन गतिविधियों पर रहेगा फोकस – प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य (आरएमएनसीएचए) के जिला सलाहकार हमीत कश्यप ने बताया: “शिशु संरक्षण माह के दौरान मुख्य रूप से सत्रों में बच्चों को विटामिन ए और आयरन फोलिक एसिड सिरप सप्ताह में दो बार पिलाई जाएगी। इसके अलावा बच्चों का वजन लिया जाएगा। बच्चों की आयु के अनुसार पोषण आहार संबंधी जानकारी दी जाएगी। साथ ही इस दौरान सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में अति गंभीर कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर उन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती किए जाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला आरोग्य समिति के सहयोग से स्वास्थ्य एवं पोषण आहार दिवस मनाकर समुदाय में जागरूकता का प्रयास किया जाएगा।“

    कोविड नियमों का पालन कर आयोजित होगा सत्र – बच्चों को विटामिन ए और आयरन सिरप की खुराक कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए ही दी जाएगी। इस दौरान स्वच्छता एवं शारीरिक दूरी का भी ध्यान रखा जाएगा । 13 सितंबर, 16 सितंबर, 20 सितंबर, 23 सितंबर, 27 सितंबर, 30 सितंबर, 04 अक्टूबर, 07 अक्टूबर, 11 अक्टूबर, 14 अक्टूबर को सत्र आयोजित होगा। अभिभावकों को इसकी जानकारी पहले ही दे दी जाएगी ताकि वह बच्चों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र लाकर इन दवाइयों की खुराक बच्चों को दिलवा सकें।

  • जशपुर जिले में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना का दूरस्थ अंचल के लोगों को मिल रहा है लाभ, अब तक 3523 क्लीनिक लगाकर 196642 लोगों को स्वास्थ्य लाभ दिया गया

    जशपुर जिले में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना का दूरस्थ अंचल के लोगों को मिल रहा है लाभ, अब तक 3523 क्लीनिक लगाकर 196642 लोगों को स्वास्थ्य लाभ दिया गया

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    दूरस्थ क्षेत्रों में लोगो तक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उददेश्य से छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना का बेहतर संचालन किया जा रहा है। जिले में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना 112 हाट बाजारों में संचालित हो रही है। जिसमें आम जनताओं को स्वास्थ्यगत समस्याओं का जांच, उपचार एवं निःशुल्क औषधि की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है साथ ही गंभीर रोगों के बेहतर उपचार हेतु उच्च चिकित्सकीय संस्थानों में रेफरल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

    स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 01 अप्रैल 2021 से अब तक 3523 क्लीनिक का आयोजन कर 196642 लोगों को योजना अंतर्गत स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के संचालन से आम जनता जो नियमित घरेलू कार्यों के व्यस्तता, समय की कमी तथा स्वास्थ्य केन्द्र की दूरी के कारण छोटी बडी बीमारियों के उपचार हेतु स्वास्थ्य संस्था नहीं जा पाते उन्हें हाट बाजार में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आम जनता के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।

  • पोषण जागरूकता के लिए राजधानी में निकली साइकिल रैली : रायपुर में मरीन ड्राइव से रैली निकालकर सही पोषण देश रोशन और गढ़बो सुपोषित छत्तीसगढ़ का दिया गया संदेश

    पोषण जागरूकता के लिए राजधानी में निकली साइकिल रैली : रायपुर में मरीन ड्राइव से रैली निकालकर सही पोषण देश रोशन और गढ़बो सुपोषित छत्तीसगढ़ का दिया गया संदेश

    महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती भेंड़िया,महिला आयोग की अध्यक्ष  डॉ.नायक और विधायक श्रीमती अनिता शर्मा हुईं शामिल

    पोषण जागरुकता रथ को रवाना किया गया

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    महिला एवं बाल विकास विभाग  मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया की अगुआई में पोषण जागरुकता के लिए सही पोषण देश रोशन और गढ़बो सुपोषित छत्तीसगढ़ के संदेश के साथ आज सुबह राजधानी रायपुर में मरीन ड्राइव से  साइकिल रैली  निकाली गई । रैली में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ.किरणमयी नायक, विधायक धरसीवां श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में यूनिसेफ, एन.एस.एस., रायडर्स ग्रुप के सदस्य शामिल हुए । इस अवसर पर श्रीमती भेंड़िया ने पोषण जागरुकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और पोषण शपथ दिलाई। लगभग 5-6 किलोमीटर की परिधि में यात्रा कर साईकिल रैली पुनः मरीन ड्राईव में समाप्त हुई।  पोषण माह अंतर्गत आयोजित इस साइकिल रैली का आयोजन महिला बाल विकास द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से किया गया था।

    उल्लेखनीय है कि कुपोषण एवं एनिमिया के स्तर में उल्लेखनीय कमी लाने तथा सुपोषित भारत की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से वर्ष 2018 से पोषण अभियान का संचालन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जनसमुदाय तक स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता संबंधित प्रभावी व्यवहार परिवर्तन हेतु जनआंदोलन के रूप में हर साल सितंबर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जाता है।

  • अपनी आंखें दान करें, दृष्टिहीनों का जीवन रोशन करें, नेत्रदान के लिए लोगों को जागरूक करने आयोजित हुआ कार्यक्रम

    अपनी आंखें दान करें, दृष्टिहीनों का जीवन रोशन करें, नेत्रदान के लिए लोगों को जागरूक करने आयोजित हुआ कार्यक्रम

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    नेत्रहीनों के जीवन में उजियारा लाने के उद्देश्य से नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( एम्स ) रायपुर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में चिकित्सकों एवं चिकित्सा छात्रों ने नेत्रदान जागरूकता क लेकर “अपनी आंखें दान करें, दृष्टिहीनों का जीवन रोशन करें” के नारे भी लगाए और लोगों से नेत्रदान करने की अपील की।

    इस मौके पर उन्होंने नेत्रदान की अलख जगाने के लिए तख्तियां ले रखी थी, उन पर नेत्रदान करने संबंधी संदेश और नेत्र बैंक एवं उनके नंबर की जानकारी अंकित की गई थी। इस मौके पर एम्स की नेत्र विशेषज्ञ डॉ. विजया साहू ने नेत्रदान के लिए लोगों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “ नेत्र दृष्टि जीवन का आधार है। नेत्रदान सबसे बड़ा दान है जो किसी के जीवन में प्रकाश ला सकता है। शरीर के अंगो का दान जरूरतमंद व्यक्तियों को करने से उनको नया जीवन मिल सकता है।  नेत्रदान के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए वर्ष में एक बार नेत्रदान पखवाड़े का आयोजन होता है। यह सबसे बड़ा दान इसलिए है क्योंकि मृत्यु के बाद एक व्यक्ति की आंखों का उपयोग दो कॉर्नियल नेत्रहीन रोगियों के इलाज के लिए किया जा सकता है और वे इस खूबसूरत दुनिया को देख सकते हैं। जरूरतमंद मरीज के लिए फिर से दुनिया देखना आनंद है और नेत्रदान इस सपने को संभव बनाता हैI नेत्रदान करने के लिए इच्छुक लोग 0771 2577389 पर संपर्क कर सकते हैं।“ इस अवसर पर उन्होंने लोगों को नेत्रदान के महत्व को बताते हुए नेत्रदान करने की अपील की।  

    कार्यक्रम में नेत्रदान सलाहकार डॉ. वी गणपति ने लोगों को नेत्रदान करने की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए कहा: “देशभर में लाखों लोग ऐसे हैं, जिनको कार्निया की वजह से अंधत्व या कॉर्नियल अंधत्व है। ऐसे में हर किसी को आगे आकर जरूरतमंदों के लिए नेत्रदान करना चाहिए। ताकि दृष्टिहीनों की जिंदगी में उजियारा हो सके।“

    नुक्कड़ नाटक के जरिए जागरूकता-

    आयोजन के दौरान  ‘नेत्रदान है महादान’ शीर्षक से चिकित्सा छात्रों ने नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया। मेडिकल छात्र राजेन्द्र सिंह के निर्देशन में प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक में नेत्रदान क्यों जरूरी, इसको बखूबी दर्शाया । जिसमें मृत्यु के छह घंटे के भीतर नेत्रदान कर किसी दृष्टिहीन की जिंदगी को रोशनी दी जा सकती है इसे चित्रित किया गया। छात्रों ने नेत्रदान की जरूरत को अपनी नाट्य कला से भली-भांती दर्शाया।

    25 अगस्त से 8 सितंबर तक विविध कार्यक्रम –

    राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त से आठ सितंबर तक देशभर में मनाया जाता है। इस दौरान शासकीय और गैरशासकीय संस्थानों द्वारा नेत्रदान को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस दौरान लोगों को नेत्रदान महादान के महत्व की जानकारी देकर उन्हें नेत्रदान के लिए प्रेरित करने, नेत्रदान करने की प्रक्रिया और नेत्रदान के पश्चात दान किए नेत्र द्वारा दूसरे कि जिंदगी को रोशन करने संबंधी सरकारी प्रयासों, योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। साथ ही नेत्रदान करने के लिए इच्छुक लोगों से नेत्रदान फार्म भी भरवाया जा रहा है।

  • स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में हुई छत्तीसगढ़ सिकलसेल संस्थान के संचालक मंडल की 9वीं बैठक : सभी जिलों और शासकीय मेडिकल कॉलेजों में सिकलसेल जांच एवं परामर्श केंद्र 2 अक्टूबर तक खोलने के निर्देश

    स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में हुई छत्तीसगढ़ सिकलसेल संस्थान के संचालक मंडल की 9वीं बैठक : सभी जिलों और शासकीय मेडिकल कॉलेजों में सिकलसेल जांच एवं परामर्श केंद्र 2 अक्टूबर तक खोलने के निर्देश

    स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने सिकलसेल संस्थान के संचालक मंडल की बैठक में दिए निर्देश

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने प्रदेश के सभी जिलों और शासकीय मेडिकल कॉलेजों में 2 अक्टूबर तक सिकलसेल जांच एवं परामर्श केंद्र शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आज पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में छत्तीसगढ़ सिकलसेल संस्थान के संचालक मंडल की बैठक में उन्होंने ये निर्देश दिए। उन्होंने इन केंद्रों में काम करने वाले स्टॉफ को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने कहा। स्वास्थ्य मंत्री ने वॉक-इन-इंटरव्यु के माध्यम से इसके लिए डॉक्टरों की भर्ती करने के भी निर्देश दिए।

    स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने राज्य सिकलसेल संस्थान के संचालक मंडल की 9वीं बैठक में पहुंचविहीन आदिवासी जिलों में सिकलसेल के मरीजों की प्राथमिकता से स्क्रीनिंग करते हुए पीड़ितों के परिवार के सभी लोगों की स्क्रीनिंग करने कहा। बैठक में सिकलसेल संस्थान में जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर (GDMO) के तीन पदों, क्लर्क-कम-कम्प्यूटर ऑपरेटर के पांच पदों और रेसीडेंट डॉक्टर के पांच पदों पर भर्ती के लिए अनुमति प्रदान की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने संचालक मंडल की बैठक हर छह माह में आयोजित करने के निर्देश दिए।

    स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री प्रसन्ना आर., आयुक्त डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए.के. चन्द्राकर, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक श्री भीम सिंह, आयुष के संचालक श्री पी. दयानंद, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री विलास संदीपन भोसकर, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. विष्णु दत्त, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक श्री अभिजीत सिंह, पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर की डीन डॉ. तृप्ति नागरिया, राज्य सिकलसेल संस्थान की महानिदेशक डॉ. उषा जोशी और संचालक मंडल के सदस्य डॉ. ए.टी.के. दाबके सहित अन्य सदस्य भी बैठक में मौजूद थे।

  • स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव की अध्यक्षता में हुई शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, बिलासपुर की स्वशासी कार्यकारिणी समिति की बैठक

    स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव की अध्यक्षता में हुई शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, बिलासपुर की स्वशासी कार्यकारिणी समिति की बैठक

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव की अध्यक्षता में आज शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, बिलासपुर की स्वशासी कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में आयोजित बैठक में समिति की पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन के साथ ही 31 मार्च 2022 तक महाविद्यालय द्वारा किए गए व्यय का अनुमोदन किया गया। स्वशासी कार्यकारिणी समिति की बैठक में महाविद्यालय के सेमीनार कक्ष एवं डिजिटल लाइब्रेरी के लिए ए.सी. खरीदने के लिए मंजूरी प्रदान की गई। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव श्री प्रसन्ना आर., संचालक आयुष श्री पी. दयानंद और बिलासपुर शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रक्षपाल गुप्ता सहित स्वशासी कार्यकारिणी समिति के अन्य सदस्य भी बैठक में मौजूद थे।

  • 9 सितम्बर को मनाया जाएगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस : प्रदेश में 24 जिलों के कुल 85.27 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य

    9 सितम्बर को मनाया जाएगा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस : प्रदेश में 24 जिलों के कुल 85.27 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य

    1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों व किशोरों को दी जाएगी कृमि की दवा

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    प्रदेश में 9 सितम्बर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के एक वर्ष से 19 वर्ष के सभी बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों, शासकीय विद्यालयों, स्वास्थ्य केन्द्रों, अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में कृमि की दवा का सेवन कराया जाएगा। बच्चों व किशोरों के अच्छे स्वास्थ्य, बेहतर पोषण, नियमित शिक्षा तक पहुंच और जीवन की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी के लिए कृमिनाशक दवा देना आवश्यक है।

    शिशु एवं बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के उप संचालक डॉ. व्ही.आर. भगत ने बताया कि प्रदेश में एक से 19 वर्ष के 85 लाख 27 हजार बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों द्वारा एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कृमिनाशक दवा (एल्बेन्डाजॉल) 400 एमजी की दवा का सेवन कराया जाएगा। 14 सितम्बर को मॉप-अप दिवस का आयोजन किया जाएगा जिसमें दवा सेवन से छूटे हुए बच्चों व किशोरों को दवा सेवन कराया जाएगा। इससे उनके स्वास्थ्य एवं पोषण के स्तर, एनीमिया की रोकथाम, बौद्धिक विकास तथा शाला में उपस्थिति में सुधार आएगा। शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कृमिनाशक दवा (एल्बेन्डाजॉल) का सेवन कराकर कृमि नियंत्रण किया जाएगा जिसमें एक वर्ष से दो वर्ष के बच्चों को आधी गोली (पीसकर), दो से तीन वर्ष के बच्चों को एक गोली (पीसकर), तीन से पांच वर्ष के बच्चों को एक गोली चबाकर, पांच से 19 वर्ष के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक गोली चबाकर पानी के साथ खिलाई जाएगी।

    डॉ. भगत ने बताया कि कृमिनाशक दवा का सेवन बच्चों, किशोरों व किशोरियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। बच्चों के शरीर में कृमि के कारण कुछ सामान्य प्रतिकूल प्रभाव जैसे जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, पेट में हल्का दर्द और थकान का अनुभव हो सकता है। इसके अतिरिक्त जिन बच्चों को तीव्र कृमि संक्रमण होता है, उन्हें आमतौर पर कुछ अस्थायी प्रभाव भी हो सकते हैं, जिनको आसानी से स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्रों में ही देखभाल करते हुए आसानी से ठीक किया जा सकता है। बच्चों एवं किशोरों में ये लक्षण पाए जाने पर उन्हें पीने का साफ़ पानी दें और उन्हें अपनी निगरानी में रखें।

    कृमि की दवा वर्ष में दो बार देना आवश्यक

    राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रो में बच्चों को एक-एक अल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई जाएगी। ऐसे बच्चे और किशोर-किशोरी जो स्कूल नहीं जाते हैं उन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार पेट में कृमि होने के कई तरह की समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण के प्रति माता-पिता को जागरूक रहना चाहिए। कृमि के कारण बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता व खाने में रूचि घटती है। बच्चे अधिक भोजन करेंगे, लेकिन शरीर में नहीं लगेगा। अल्बेंडाजोल की गोली खिलाने से बच्चे एनीमिया का शिकार होने से बच सकते हैं। इससे मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है और बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। मानसिक और शारीरिक विकास के लिए एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाना जरूरी है।

  • जशपुर कलेक्टर ने किसानों के खेतों में जाकर गिरदावरी कार्य का किया सघन निरीक्षण, त्रुटि रहित गिरदावरी शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता- कलेक्टर

    जशपुर कलेक्टर ने किसानों के खेतों में जाकर गिरदावरी कार्य का किया सघन निरीक्षण, त्रुटि रहित गिरदावरी शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता- कलेक्टर

    किसानों द्वारा वास्तविक बोये गए क्षेत्रफल  की जांच हेतु खसरा एवं रकबे में लगाए गए फसल का किया सत्यापन

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने आज मनोरा विकासखण्ड के ग्राम भभरी, चड़िया एवं जशपुर के गम्हरिया में  किसानों के खेतों में जाकर  वास्तविक बोये गए क्षेत्रफल की जानकारी के लिए किए जा रहे गिरदावरी कार्य का सघन निरीक्षण कर खसरा एवं रकबे में लगाए गए फसल का सत्यापन किया। इस अवसर  पर सम्बंधित विकासखण्ड के एसडीएम, तहसीलदार सहित राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

    कलेक्टर ने किसानों द्वारा ली गई फसल के वास्तविक रकबे का  खसरा एवं नक्शा से मिलान किया  एवं राजस्व अमले से गिरदावरी के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि त्रुटि रहित गिरदावरी शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि खसरा क्रमांक एवं रकबे में लगाए गए फसल का सही-सही जानकारी दर्ज करें तथा ऑनलाईन प्रविष्टि भी सावधानीपूर्वक करें। साथ ही गिरदावरी करते समय खेत के मेड़, तालाब, नहर इत्यादि के रकबे को सत्यापित करने की बात कही। कलेक्टर ने अधिकारियों को गिरदावरी कार्य पर सतत निगरानी रखने एवं फील्ड में जांच कर वास्तविक रकबे की एंट्री करने के निर्देश दिए। जिससे धान खरीदी के समय किसानों को समस्या न हो। इस दौरान कलेक्टर द्वारा किसानों से चर्चा कर फसल की स्थिति एवं खाद-बीज के संबंध में जानकारी भी ली गई।

    कुनकुरी नगर में बरसात के बाद व्यवस्था हो जाती है इतनी खराब की भगवान का नाम लेकर पार करनी पड़ रही है सड़क……..देखें वीडियो
  • मुख्यमंत्री क्रिटीकल केयर की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस क्रिटिकॉन-2022 में हुए शामिल : कोरोना काल में मानवता की सेवा कर डॉक्टरों ने बचाई लाखों लोगों की जान- मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

    मुख्यमंत्री क्रिटीकल केयर की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस क्रिटिकॉन-2022 में हुए शामिल : कोरोना काल में मानवता की सेवा कर डॉक्टरों ने बचाई लाखों लोगों की जान- मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित क्रिटीकल केयर पर आधारित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस क्रिटिकॉन-2022 में शामिल हुए । इस अवसर पर क्रिटिकॉन-2022 कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने आए क्रिटीकल केयर विशेषज्ञों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल मे मानवता की सेवा कर डॉक्टरों ने लाखों लोगों की जान बचाई। इस दौरान डाक्टर खुद भी संक्रमित हुए और कई डॉक्टरों को हमने खोया भी। फिर भी हमारे डॉक्टर और चिकित्सकीय स्टाफ लगातार लोगों की सेवा में लगे रहे। यही वजह है कि डॉक्टरों को ईश्वर का रूप माना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रिटीकल केयर में सेवा दे रहे डॉक्टरों का कार्य बहुत अहम है। आइसीयू में जब कोई डॉक्टर कार्य करता है तो मरीज के परिजनों के साथ साथ उसके लिए भी वह परिस्थिति कठिन होती है। मुख्यमंत्री ने क्रिटिकॉन-2022 में शामिल डॉक्टरों के साथ उनके परिवारजनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कॉन्फ्रेंस में हिस्सा ले रहे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ डॉ कार्लोस, डॉ हातिम सुलेमान सहित अन्य क्रिटीकल केअर के विशेषज्ञ डॉक्टरों का कॉन्फ्रेंस में स्वागत किया। मुख्यमंत्री को कॉन्फ्रेंस के आयोजकों द्वारा प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर डॉ संदीप दवे, डॉ राकेश गुप्ता, डॉ विकास अग्रवाल, डॉ अब्बास नकवी सहित देश भर से आए क्रिटीकल केअर विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

  • शान्ति सरोवर में शिक्षक दिवस पर परिचर्चा : श्रेष्ठतम समाज के लिए मूल्य आधारित शिक्षा

    शान्ति सरोवर में शिक्षक दिवस पर परिचर्चा : श्रेष्ठतम समाज के लिए मूल्य आधारित शिक्षा

    5 सितम्बर से सात दिवसीय तनाव मुक्ति शिविर

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शिक्षाविद सेवा प्रभाग द्वारा रविवार 4 सितम्बर को सुबह 9 बजे परिचर्चा का आयोजन किया गया है। जिसका विषय होगा- श्रेष्ठतम समाज के लिए मूल्य आधारित शिक्षा।

    चर्चा में प्रतिभागी होंगे स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एम.के. वर्मा, आई. आई. टी. भिलाई के डायरेक्टर प्रो. रजत मूना, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. विष्णु दत्त, ट्रीपल आई. टी. के रजिस्ट्रार ले. कर्नल (से.नि.) राजेश कुमार मिश्रा तथा क्षेत्रीय निदेशिका एवं शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर रायपुर की संचालिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी। प्रमुख उद्बोधन ब्रह्माकुमारी दीक्षा दीदी का होगा।

    सोमवार 5 सितम्बर से सात दिवसीय तनाव मुक्ति शिविर

    वर्तमान समय में तनाव बहुत बड़ी समस्या बनकर उभरा है। कोरोना काल में छोटे बड़े सभी को तनाव का सामना करना पड़ा। ऐसे समय में अनुभवी ब्रह्माकुमारी बहनों के द्वारा विशेष रूप से शिक्षकों के लिए सात दिवसीय तनाव मुक्ति शिविर कराया जाएगा। दिनांक 5 से 11 सितम्बर तक प्रतिदिन सुबह अथवा शाम को 7 से 8.30 बजे में से किसी भी सत्र में पंजीयन करके इसमें भाग लिया जा सकेगा। प्रवेश नि:शुल्क रखा गया है।