चोरी गए एलईडी टीवी (LED TV) , आयरन व बर्तन सहित सामान बरामद.
त्वरित कार्रवाई में आरोपियों से 9,200/- रुपये का मशरूका जब्त.
रायगढ़ :रायगढ़ जिले में पुलिस की मुस्तैदी एक बार फिर देखने को मिली, जहां घरघोड़ा पुलिस ने मकान चोरी के मामले को महज 24 घंटे में सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की। सूने घर को निशाना बनाकर चोरी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी गया सामान भी बरामद किया गया। इस त्वरित कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले में अपराधियों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं रहा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना घरघोड़ा पुलिस ने ग्राम टेरम में हुए मकान से चोरी के मामले को 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गए सामान की बरामदगी की है।
प्रकरण में प्रार्थी किशन लाल जोल्हे (29 वर्ष), निवासी ग्राम टेरम ने दिनांक 17 मार्च 2026 को थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने परिवार के साथ ईंट निर्माण कार्य के लिए गांव से बाहर गया था। इस दौरान दिनांक 08 से 10 फरवरी 2026 के बीच अज्ञात आरोपी द्वारा उसके मकान का दरवाजा तोड़ कर अंदर रखे टीवी, आयरन, कांस के बर्तन एवं तांबे के पैसे सहित करीब 15,000/- रुपये मूल्य के सामान चोरी कर ले गए। रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 96/2026 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया, जिस पर संदेही गजेन्द्र सारथी उर्फ गज्जु (19 वर्ष) निवासी बैहामुड़ा एवं परमेश्वर राठिया (19 वर्ष) निवासी भेंडरा कपाटडेरा, थाना घरघोड़ा के नाम सामने आए। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उन्होंने 9 फरवरी की रात ग्राम टेरम के एक सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों ने चोरी का सामान प्लास्टिक बोरी में भर कर रेलवे ट्रैक के रास्ते अपने घर ले जाकर आपस में बांट लिया था तथा कुछ सामान कबाड़ी को बेच कर रकम खर्च कर दी थी।
आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर गजेन्द्र सारथी से एक बैटरी एवं आयरन (कीमत 8,000/- रुपये) तथा परमेश्वर राठिया से कांस के लोटा एवं कटोरी (कीमत 1,200/- रुपये) कुल 9,200 रुपये का मशरूका बरामद किया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
इस प्रकरण की कार्रवाई में प्रधान आरक्षक पारसमणि बेहरा, आरक्षक प्रदीप तिग्गा एवं भानु चन्द्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश — चोरी जैसे अपराधों में संलिप्त आरोपियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कोतवाली पुलिस ने की गैरजमानतीय धाराओं में कार्रवाई, सभी आरोपियों को भेजा गया रिमांड पर.
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश— मारपीट, बलवा, गुण्डागर्दी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.
रायगढ़ :रायगढ़ में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्त संदेश दिया है। घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर गैरजमानतीय धाराओं में रिमांड पर भेजा गया है। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत चल रही इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि शहर में गुंडागर्दी करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है।
दिनांक 14 मार्च 2026 की रात सत्तीगुड़ी चौक के आगे मस्तागली में एक घर में घुसकर मारपीट एवं तोड़फोड़ करने की घटना को लेकर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर कोतवाली पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर गैरजमानतीय धाराओं में रिमांड पर भेजा है। घटना के संबंध में 15 मार्च को प्रार्थी सुखदेव मंडल पिता स्व. अशोक मंडल उम्र 39 वर्ष निवासी मस्तागली सत्तीगुड़ी चौक रायगढ़ द्वारा थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
रिपोर्ट में बताया गया कि 14 मार्च की रात करीब 11:35 बजे जब वह घर में सो रहे थे, उसी दौरान 3 अज्ञात युवक जबरन दरवाजा खोलकर घर के अंदर घुस आए और स्टॉफ से गुलदस्ता मांगने लगे। मना करने पर आरोपियों ने गाली-गलौच शुरू कर दी। शोर सुनकर प्रार्थी नीचे आए और समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी आक्रोशित होकर गाली-गलौच, धक्का-मुक्की करते हुए घर के दरवाजों में तोड़फोड़ करने लगे तथा अपने अन्य साथियों को बुलाकर मारपीट पर उतारू हो गए। आसपास के लोगों के एकत्रित होने पर आरोपी घर से कूदकर फरार हो गए।
प्रकरण में एक आरोपी का नाम कुन्नू निवासी राजीवनगर रायगढ़ ज्ञात होने पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 118/2026 धारा 296, 331(4), 351(3), 324, 2 भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी देवसिंह चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने 5 अन्य साथियों के साथ मिल कर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके आधार पर प्रकरण में बलवा की धारा 191(2) बीएनएस जोड़ी गई।
पुलिस द्वारा आरोपी देवसिंह चौहान (26 वर्ष), आशीष सिंह ठाकुर (24 वर्ष), आदित्य श्रीवास (25 वर्ष), देवकुमार चौहान (20 वर्ष), जयकिशन यादव (23 वर्ष) एवं साहिल सिंह ठाकुर (21 वर्ष) सभी निवासी रायगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेजा गया है।
इस प्रकरण की कार्रवाई थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में की गई, जिसमें सहायक उपनिरीक्षक गौतम सिंह ठाकुर एवं हमराह स्टॉफ की सराहनीय भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस द्वारा “ऑपरेशन प्रहार” के तहत असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश — “रायगढ़ में मारपीट, तोड़फोड़ और बलवा जैसी घटनाओं में शामिल असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।”
थाना बतौली पुलिस टीम द्वारा मामले में विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध की गई कार्यवाही.
विधि से संघर्षरत बालक के कब्जे से 01 लाख 03 हजार रूपये नगद एवं सीने का लोकेट व सोने का टाप कुल कीमत मशरुका लगभग 02 लाख रुपये किये गए बरामद.
चोरी के मामले में पुलिस टीम द्वारा की जा रही लगातार सख्त वैधानिक कार्यवाही.
विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध थाना सीतापुर में भी चोरी का प्रकरण है दर्ज, उक्त प्रकरण में भी अग्रिम कार्यवाही जारी.
अंबिकापुर :अंबिकापुर में सूने मकान में चोरी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विधि से संघर्षरत एक बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से लाखों रुपये नगद और सोने के आभूषण बरामद हुए हैं। लगातार हो रही सख्त कार्रवाई से पुलिस ने यह साफ संकेत दिया है कि अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थिया भिनसारी मिंज साकिन पोपरेंगा कुड़ोपारा थाना बतौली द्वारा थाना बतौली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 17 मार्च 2026 को प्रार्थिया एवं प्रार्थिया का पति घर में ताला लगा कर खेत में पानी पटाने एवं बैल चराने गए हुए थे। प्रार्थिया का पति करीब 11:00 बजे दिन में घर वापस आकर देखा कि घर का ताला टूटा हुआ है, तब घर के अंदर जाकर देखने पर अलमारी व बक्सा का ताला टूटा हुआ मिला और सामान बिखरा पड़ा था और घर में रखा नगदी रकम करीब 1,00,000/- नहीं था। तब प्रार्थी तुरंत आस-पड़ोस के लोगों को घटना की सूचना दिया। इसी दौरान गावं के लोगों द्वारा बताया गया कि एक लड़का प्रार्थिया के घर तरफ से जा रहा था, संभवतः वही लड़का चोरी किया होगा। तब प्रार्थिया का पति अनिल एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा उक्त युवक का पीछा करके पकड़ा गया। जिसके पैकेट से कुल 1,03,100/- रूपये एवं इसके अलावा सोने का लोकेट और सोने का टाप मिला है। मामले में प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना बतौली में अपराध क्रमांक 39/26 धारा 331(3), 305(ए) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा घटना-स्थल का निरीक्षण कर विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर घटना दिनांक को प्रार्थिया के सूने मकान से नगदी रकम की चोरी की घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया। विधि से संघर्षरत बालक के कब्जे से नगदी रकम 1,03,100/- रूपये व सोने का लोकेट व टाप कुल कीमत मशरुका लगभग 02 लाख रुपये जप्त किया गया। पूछताछ में विधि से संघर्षरत बालक द्वारा थाना सीतापुर के अंतर्गत भी चोरी की घटना कारित करना स्वीकार किया गया है, थाना सीतापुर पुलिस टीम द्वारा मामले में विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
इस प्रकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी बतौली निरीक्षक विवेकसेंगर, सहायक उपनिरीक्षक संजय गुप्ता, प्रधान आरक्षक अनूप कुजूर, आरक्षक राजू कुजूर, आरक्षक राजेश खलखो, आरक्षक जोगी बड़ा, आरक्षक राकेश एक्का, आरक्षक भगलू राम, आरक्षक संतोष सक्रिय रहे।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन में थाना उदयपुर पुलिस टीम द्वारा मामले में आरोपियों के विरुद्ध की गई सख्त वैधानिक कार्यवाही.
आपसी विवाद होने पर आरोपी द्वारा मृतक को डंडा एवं टांगी के पासा से गंभीर चोट कारित कर की गई थी हत्या.
हत्या के पश्चात आरोपी द्वारा अपने डेढ़साला के साथ मिलकर शव को डबरी में फेंक देनाएवं आरोपी के माता-पिता द्वारा घर में गिरे खून को साफ कर गोबर से लिपाई कर साक्ष्य विलोपित कर कारित की गई थी घटना.
आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त डंडा, टांगी, मोटरसायकल एवं घटना के दौरान पहना गया कपड़ा किया गया जप्त, घटना-स्थल से जुट बोरा खून लगा हुआ, मोबाइल एवं गमछा किया गया जप्त.
गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध पुलिस टीम द्वारा की जा रही लगातार सख्त कार्यवाही.
अंबिकापुर :सरगुजा जिले में एक सनसनीखेज हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आपसी विवाद में हुई इस निर्मम हत्या ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल मुख्य आरोपी बल्कि साक्ष्य छुपाने में शामिल परिजन भी गिरफ्त में आ गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनाँक 16 मार्च 2026 को प्राथी मनोज कुमार साकिन हनुमानगढ़ थाना उदयपुर द्वारा दिनांक 16 मार्च 2026 को थाना उदयपुर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि दिनाँक 15 मार्च 2026 को प्रार्थी का छोटा भाई शीतल अपने साथी टेकराम के साथ मोटर सायकल से शाम करीब 04 बजे ग्राम हनुमानगढ़ से पोतका निवासी दिनेश कुमार के घर में शादी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आया था। दिनांक 16 मार्च 2026 को सूचक मनोज कुमार को मोबाईल फोन के माध्यम से सूचना मिली थी कि प्रार्थी के छोटे भाई शीतल कुमार को ग्राम पोतका में प्रमोद के घर में प्रमोद के द्वारा मारपीट कर पोतका पुलिया के पास डबरी के पानी में फेंक दिया है, तब प्रार्थी डबरी में जाकर देखा तो मृतक शीतल को मारपीट करने से सिर में गंभीर चोट आया था और मृतक शीतल कुमार का शव डबरी के पानी में पड़ा हुआ था और डबरी के बगल में जुट बोरा खून लगा हुआ मोबाईल और गमछा पड़ा हुआ था। प्रमोद द्वारा ही प्रार्थी के भाई शीतल कुमार को मारपीट कर डबरी में फेंक दिया गया है। मामले में प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना उदयपुर में अपराध क्रमांक 50/26 धारा 103(1),238(ए), 3(5) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
मामले को संज्ञान में लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा थाना उदयपुर पुलिस टीम को मामले में त्वरित कार्यवाही कर प्रकरण में शामिल आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में थाना उदयपुर पुलिस टीम द्वारा विवेचना के दौरान घटना-स्थल का निरीक्षण कर डबरी के बगल से जुट बोरा खून लगा हुआ मोबाईल एवं गमछा जप्त कर गवाहों का कथन लेख किया गया, एवं मृतक के शव का पंचनामा पश्चात् पोस्टमार्टम कराया गया। पीएम रिपोर्ट में डाक्टर साहब के द्वारा मृतक की मृत्यु सिर में चोट लगने के कारण होना एवं हत्यात्मक प्रवृति का होना लेख किया गया है।
प्रकरण के आरोपी प्रमोद सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया, आरोपी द्वारा अपना नाम (01) प्रमोद सिंह आत्मज बहादुर उम्र 20 वर्ष साकिन पोतका थाना उदयपुर का होना बताया गया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध में पूछताछ किये जाने पर बताया कि घटना दिनांक को आरोपी प्रमोद सिंह एवं शीतल कुमार के बीच आपसी विवाद होने पर आरोपी प्रमोद सिंह द्वारा शीतल कुमार को डण्डा एवं टागी के पासा से सर में गंभीर चोट पहुंचा कर हत्या कारित किया गया है एवं हत्या उपरांत आरोपी प्रमोद अपने डेढ़साला राजेश कुमार के साथ मिल कर मृतक शीतल कुमार के शव को डबरी में फेंक देना तथा आरोपी प्रमोद सिंह के पिता बहादुर तथा मां पवारों के द्वारा घर में गिरे खुन को साफ करना एवं खून गिरे स्थान को गोबर से लिपाई कर देना बताया गया है। प्रकरण में शामिल आरोपी राजेश कुमार, बहादुर एवं पवारों को हिरासत में लेकर पुछताछ किया गया, आरोपियों द्वारा अपना नाम (02) राजेश कुमार आत्मज शिवप्रसाद उर्फ गोपी उम्र 20 वर्ष साकिन केवरा बैगापारा थाना लखनपुर, (03) बहादुर आत्मज तेजु राम उम्र 42 वर्ष साकिन पोतका जमतीपारा थाना उदयपुर, (04) पवारों पति बहादुर उम्र 40 वर्ष साकिन पोतका जमतीपारा थाना उदयपुर का होना बताया गया, आरोपियों से घटना के सम्बन्ध में पूछताछ किये जाने पर घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त डण्डा, टांगी, मोटर सायकल एवं घटना के समय पहने कपड़े जप्त किया गया है। आरोपियों के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण में आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इस प्रकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी उदयपुर निरीक्षक शिशिरकान्त सिंह, प्रधान आरक्षक संजय नागेश, प्रधान आरक्षक राजेश चतुर्वेदी, आरक्षक रविन्द्र साहू, आरक्षक सूरजबली, आरक्षक देवेंद्र सिंह सक्रिय रहे।
आरोपिया मीरा बाई, जो कि मृतक सुनील राम की पत्नी है, ने अपने परिजनों को बुलाकर, की थी मृतक सुनील राम से मारपीट, दो दिन बाद, आई चोट से हो गई थी, सुनील राम की मृत्यु, मामला थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम प्रेमनगर केराडीह का.
आरोपियों के विरुद्ध थाना नारायणपुर में हत्या के लिए बीएनएस की धारा 103(1),190 के तहत अपराध पंजीबद्ध.
नाम आरोपी क्रमशः – 01.मीरा बाई उम्र 20 वर्ष, निवासी ढेंगुर जोर, थाना कांसाबेल, जिला जशपुर छग, 2. मुनिया बाई उम्र 38 वर्ष, निवासी ढेंगुर जोर, थाना कांसाबेल, जिला जशपुर छग, 3. मीना बाई उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम सराई टोली, थाना बगीचा जिला जशपुर छग, 4. पुष्पा बाई उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम टांगर बहरी, थाना कुनकुरी जिला जशपुर छग, 5. शंकर राम उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम टांगर बहरी, थाना कुनकुरी जिला जशपुर छग.
जशपुर :जशपुर जिले में एक सनसनीखेज हत्या मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रेम संबंध से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि पत्नी ने अपने परिजनों को बुलाकर पति की बेरहमी से पिटाई करवा दी, जिसके दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। थाना नारायणपुर क्षेत्र के इस मामले में पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए चार महिलाओं सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 04 मार्च 2026 को प्रार्थिया पार्वती बाई उम्र 55 वर्ष, निवासी ग्राम प्रेमनगर केराडीह थाना नारायणपुर ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके तीन बेटे है, सभी की शादी हो चुकी है, उसका सबसे छोटा बेटा मृतक सुनील राम के द्वारा करीबन 06 माह पूर्व, थाना कांसाबेल क्षेत्र के ग्राम ढेंगुरजोर से प्रेम संबंध के कारण, आरोपिया मीरा बाई उम्र 22 वर्ष को अपने साथ भगाकर ले आया था, व पत्नी बनाकर रखा था। प्रार्थिया भी अपने छोटे बेटे मृतक सुनील राम के साथ ही रहती थी। इसी दौरान दिनांक 01 मार्च 2026, दिन रविवार को उसका बेटा मृतक सुनील राम घर में आया और बताया कि उसके साथ उसकी पत्नी व पत्नी के रिश्तेदारों के द्वारा मारपीट की गई है तथा इसकी पत्नी मीरा बाई भी अपने रिश्तेदारों के साथ वापस चली गई है। घटना के दो दिवस बाद प्रार्थिया के बेटे मृतक सुनील कुमार ने शाम करीबन 05:00 बजे अचानक बोला कि उसके बदन में अत्यधिक दर्द हो रहा है व उसे पानी प्यास लग रहा है, जिस पर प्रार्थिया के द्वारा अपने बेटे सुनील राम को पानी पिलाया गया, फिर उसके हाथ पैर को मालिश करने का प्रयास किया गया, इसी दौरान सुनील राम के द्वारा अपना दम तोड़ दिया गया।
रिपोर्ट पर थाना नारायणपुर में मर्ग कायम कर, घटना-स्थल का निरीक्षण किया गया व शव पंचनामा के पश्चात मृतक के शव का डॉक्टर से पोस्ट-मार्टम कराया गया। डॉक्टर की शॉर्ट पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण, शरीर में आई चोट के कारण, हत्यात्मक लेख करने पर पुलिस के द्वारा थाना नारायणपुर में हत्या के लिए बीएनएस की धारा 103 (1),190 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया व संदिग्ध आरोपियों की पतासाजी की जाने लगी।
पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना से संबंधित सभी पांच आरोपियों क्रमशः 01. मीरा बाई उम्र 20 वर्ष, निवासी-ढेंगुर जोर, थाना कांसाबेल, जिला जशपुर छग, 2. मुनिया बाई उम्र 38 वर्ष, निवासी ढेंगुर जोर, थाना कांसाबेल, जिला जशपुर छग, 3. मीना बाई उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम सराई टोली, थाना बगीचा जिला जशपुर छग, 4. पुष्पा बाई उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम टांगरबहरी, थाना कुनकुरी जिला जशपुर छग, 5. शंकर राम उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम टांगरबहरी, थाना कुनकुरी जिला जशपुर छग, को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार करते हुए बताया गया कि मृतक की पत्नी मीरा बाई के द्वारा ही अपने बहनों व जीजा को, घटना दिनांक को प्रेम नगर केराडीह बुलाया गया था, इस दौरान उनका मृतक सुनील राम से वाद-विवाद होने पर, उनके द्वारा मिल कर सुनील राम से मारपीट की गई थी।
आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त सबूत पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
इस प्रकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस टीम से उपनिरीक्षक विवेक भगत, उपनिरीक्षक संतोष तिवारी, सहायक उपनिरीक्षक उमेश प्रभाकर, प्रधान आरक्षक उमेश मिंज, आरक्षक योगेश भगत, आरक्षक राजकुमार भगत, महिला आरक्षक अर्चना तिग्गा, महिला आरक्षक मधु मीणा खाखा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के सर्च अभियान व अपील का असर, जशपुर पुलिस ने 15 नग गौ-वंशों को बचाया तस्करों के चंगुल से, एक विधि से संघर्षरत बालक सहित पांच गौ तस्कर गिरफ्तार.
दिनांक 14मार्च 2026 को डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर ने गौ तस्करी के संभावित रास्तों में की थी, पुलिस फोर्स के साथ छापेमारी.
कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत ग्रामीणों के मध्य पहुंच, उनके बीच बढ़ाया था पुलिस का विश्वास,गौ तस्करी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में पुलिस को सूचित करने की थी अपील.
अपील का असर, पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर थाना सिटी कोतवाली क्षेत्रांतर्गत ग्राम हाथीसार से 12नग गौ-वंशों को व चौकी आरा क्षेत्र से 03 नग गौ-वंशों को बचाया तस्करों के चंगुल से, पांच आरोपी गौ तस्करों को भी गिरफ्तार करने में पुलिस को मिली सफलता,
गत एक सप्ताह में जशपुर पुलिस 70नग गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से करा चुकी है मुक्त, तीन से अधिक गौ तस्करों को भेज चुकी है जेल.
सिटी कोतवाली क्षेत्रांतर्गत मामले में नाम गिरफ्तार आरोपी – 1.असरफुल कादरी, उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम गोविंदपुर, (झारखंड), 2. शरीफ अंसारी उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम डढ़गांव, चौकी मनोरा, जिला जशपुर छ.ग., 3. एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक.
चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत मामले में गिरफ्तार आरोपी क्रमशः – 1. याकूब खान उम्र 45 वर्ष, निवासी साईं टांगर टोली थाना लोदाम जिला जशपुर छ.ग., 2. सरवर आलम उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम साईं टांगर टोली थाना लोदाम जिला जशपुर छ.ग.।
जशपुर :गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का “ऑपरेशन शंखनाद” लगातार असर दिखा रहा है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे सर्च अभियान और कम्युनिटी पुलिसिंग के प्रयासों का नतीजा यह रहा कि ग्रामीणों की सतर्क सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। इस दौरान एक विधि से संघर्षरत बालक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बीते एक सप्ताह में 70 गौ-वंशों को बचाने की इस बड़ी सफलता ने पुलिस की सक्रियता और ग्रामीणों के सहयोग की ताकत को एक बार फिर साबित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन शंखनाद निरंतर जारी है, जशपुर पुलिस लगातार गौ तस्करों पर निरंतर निगाह रखी हुई है, व लगातार गौ तस्करों के खिलाफ कार्यवाही कर रही है, विगत एक सप्ताह में जशपुर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 70 नग गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है।
उल्लेखनीय है कि जशपुर पुलिस के द्वारा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में गत दिनों गौ तस्करी के संभावित रास्तों पर, सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया था, व ग्रामीणों के मध्य पहुंच कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत उनसे मिल कर, गौ तस्करी व अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में, विश्वास पैदा करते हुए, पुलिस की सहायता की अपील की गई थी।
जिसके मद्देनजर जशपुर पुलिस को ग्रामीणों के सहयोग से थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम हाथीसार के जंगल के रास्ते से 12नग गौ वंशों को तस्करों से मुक्त कराने में सफलता मिली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 15 मार्च 2026 को थाना सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि कुछ गौ तस्कर हाथीसार के जंगल के रास्ते से भारी मात्रा में गौ-वंशों को पैदल हांक कर, मारते पीटते हुए, झारखंड राज्य की ओर ले जा रहे हैं। जिस पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस की टीम के द्वारा, हाथीसार के जंगल में घेरा बंदी कर, 12 नग गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से सकुशल मुक्त कराया गया है। साथ ही तीन गौ तस्कर नाम 1. असरफुल कादरी, उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम गोविंदपुर, (झारखंड), 2. शरीफ अंसारी उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम डढ़गांव, चौकी मनोरा, जिला जशपुर छ.ग., 3. एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लेने में सफलता मिली है, पूछताछ पर उसके द्वारा गौ-वंशों से संबंधित वैध दस्तावेज पेश नहीं जा सकने पर, उसके विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली जशपुर में छग पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6,10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर, पर्याप्त सबूत पाए जाने पर, उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। व विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। मामले से जुड़े अन्य गौ तस्करों को भी पुलिस ने चिन्हित कर लिया है, पता साजी जारी है, जिन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जावेगा।
इसी क्रम में चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत भी दिनांक 16 मार्च 2026 की सुबह 06:00 बजे ग्राम गोढ़ीटोली के पास, ग्रामीणों की सूचना पर 03 नग गौ-वंशों को पैदल हांक कर झारखंड ले जा रहे दो गौ तस्करों को पुलिस ने पकड़ा है। उनके कब्जे से गौ-वंशों को सकुशल बरामद करते हुए, गौ तस्कर क्रमशः 1 – याकूब खान उम्र 45 वर्ष, निवासी साईं टांगर टोली थाना लोदाम जिला जशपुर छ.ग., 2 – सरवर आलम उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम साईं टांगर टोली थाना लोदाम जिला जशपुर छ ग। को हिरासत में लेकर उनके विरुद्ध चौकी आरा में छ.ग. कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 के तहत मामला पंजीबद्ध कर कार्यवाही की जा रही है।
ज्ञातव्य है कि डीआई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस ने गत एक सप्ताह में दिनांक 07 मार्च 2026 को थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत बेने चटकपुर से 12 नग गौ-वंशों को व दिनांक 10 मार्च 2026 को चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम डांड टोली के ग्रामीण रास्ते से 12 नग गौ-वंशों तथा दिनांक 11 मार्च 2026 को चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम केसरा के जंगल से भैंस सहित 20 नग गौ-वंशों को तस्करों से मुक्त कराया गया है साथ ही तीन गौ तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। दिनांक 14 मार्च 2026 को जशपुर पुलिस ने चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत एक पिक-अप वाहन क्रमांक JH – 01FP -0455 से 11 नग गौ-वंशों को मुक्त कराया है।
गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस के द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए, जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है, ऐसे अपराधों में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जावेगा। गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन शंखनाद निरंतर जारी है।
पूर्व में 3 आरोपी हो चुके है गिरफ्तार, सरिया बिक्री की रकम से खरीदे गए ट्रक सहित 2 अन्य ट्रक कीमत 1 करोड़ 50 लाख रूपये का जप्त
सूरजपुर : दिनांक 14.01.2026 को ग्राम नयनपुर निवासी अमित पाण्डेय ने थाना सूरजपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसके यू.बी. वेंचर्स प्राईवेट लिमिटेड प्लाट नयनपुर से ट्रक क्रमांक यूपी 61 एटी 2832 के चालक राहुल सिंह यादव में 30 टन 160 किलो सरिया (छड) लोड कर भदौरी उत्तरप्रदेश के लिए निकला था जो बेईमानीपूर्वक अमानत में खयानत कर उक्त सरिया कीमत 15 लाख 23 हजार 908 रूपये का गायब कर दिया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 23/2026 धारा 316(3), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2), (ए), 238, 317(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था। पूर्व में दिनांक 01.02.2026 को आरोपी मनीष यादव, सूरज सोनी, मनीष सिंह परिहार को गिरफ्तार कर सरिया बिक्री की रकम से खरीदे गए ट्रक सहित 2 अन्य ट्रक कीमत 1 करोड़ 50 लाख रूपये का जप्त किया था। इस मामले में आरोपी सुनील विश्वकर्मा फरार था।
डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने प्रकरण के फरार आरोपी की पतासाजी कर पकड़ने पुलिस टीम गठित कर लगाया था। थाना सूरजपुर पुलिस प्राप्त सूचना व तकनीकी मदद से उत्तरप्रदेश के विंध्याचल जिला मिर्जापुर में दबिश देकर आरोपी सुनील विश्वकर्मा पिता राधेश्याम विश्वकर्मा उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम बहुर थाना सिंगरामऊ जिला जनपद जौनपुर उत्तर प्रदेश को पकड़ा। पूछताछ पर उसने जुर्म स्वीकार किया जिसे विधिवत् दिनांक 16.03.2026 को गिरफ्तार किया गया है। कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी व सीएसपी बेनार्ड कुजूर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सूरजपुर विमलेश दुबे, एएसआई देवनाथ चौधरी, आरक्षक जितेन्द्र पटेल, चन्द्रप्रकाश साहू सक्रिय रही।
● पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जिले के 03 आदतन अपराधियों को किया गया जिलाबदर
●पुलिसअधीक्षकश्रीमतीभावनागुप्ताकेकुशलनिर्देशनमेंबदमाशोंपरहोरहीलगातारकार्यवाही, कई अन्य बदमाशों के ऊपर कार्यवाही प्रक्रिया में
बलौदाबाजार-भाटापारा : जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु जिले में बदमाशों पर लगातार कार्यवाही हो रही हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता की अनुशंसा पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा जिले के 03 आदतन अपराधियों को 01 वर्ष की कालावधि के लिए जिलाबदर कर दिया गया है। सांथ ही पुलिस द्वारा जिले के अन्य आदतन बदमाशों के ऊपर भी जिलाबदर की कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय में भेजा गया है, जो कि अभी प्रक्रिया में हैं l
जिला कलेक्टर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3, 5 ख के तहत पारित आदेश के अनुसार यह आदेश दिया है कि 24 घंटे के अन्दर सीमावर्ती जिला- बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, महासमुंद, सक्ति, बेमेतरा, सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा जिला क्षेत्र से 01 वर्ष की कालावधि के लिए बाहर चले जाए और जब तक यह आदेश लागू रहेगा, बिना वैधानिक पूर्वानुमति लिए इस जिले एवं उल्लेखित सीमावर्ती जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं करना है। जिलाबदर आरोपियों को इस आदेश का तुरन्त पालन करने और पालन न करने पर उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं। ये जिला बदर आरोपी लगातार चोरी मारपीट, लड़ाई झगड़ा, अन्य अपराध एवं अवैध रूप से शराब बिक्री जैसे अपराधों में सक्रिय रहे है।
जिलाबदर आरोपियों के नाम-
1. खेमलाल उर्फ शिवा सोनकर उम्र 24 साल निवासी भवानी नगर सिमगा थाना सिमगा- इस आरोपी के विरुद्ध 02 आबकारी एक्ट, 03 मामले लड़ाई झगड़ा मारपीट के, 02 मामले आर्म्स एक्ट का एक मामला एवं अवैध मादक पदार्थ की बिक्री का है। सांथ ही जिलाबदर आरोपी के विरुद्ध 03 बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। आरोपी को सर्वप्रथम वर्ष 2022 में सार्वजनिक स्थान पर नशापन करते हुए पकड़ा गया था, उसके बाद जिलाबदर आरोपी द्वारा लगातार विभिन्न प्रकार के अपराध को अंजाम दिया गया है।
2. विलास चेलक उर्फ कानू उम्र 25 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 7 पुरानी बस्ती बलौदाबाजार- इस आरोपी के विरुद्ध मारपीट लड़ाई झगड़ा के कुल 05 मामले, अवैध रूप से शराब बिक्री का 01 मामला सहित अनावेदक के विरुद्ध 02 बार प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है। आरोपी को सर्वप्रथम 2021 में एक मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद आरोपी द्वारा लगातार विभिन्न प्रकार के मारपीट की घटनाओं सहित हत्या जैसे गंभीर घटना को अंजाम दिया गया है।
3. राहुल भारती उम्र 21 वर्ष निवासी भैंसापसरा बलौदाबाजार थाना सिटी कोतवाली आरोपी के विरुद्ध मारपीट आदि के कुल 07 मामले एवं आबकारी एक्ट का एक मामला पंजीबद्ध है। साथ ही आरोपी पर एक बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। आरोपी को सर्वप्रथम 2018 में हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था, इसके बाद आरोपी द्वारा लगातार विभिन्न प्रकार की घटनाओं को अंजाम दिया गया है।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा 24 घंटे के भीतर किया गया मामले का खुलासा।
आरोपी के कब्जे से घटना मे प्रयुक्त बुलेट मोटरसायकल एवं 1000 रुपये नगद किया गया जप्त।
आरोपी के विरुद्ध थाना कोतवाली मे भी प्रकरण दर्ज है, आरोपी आदतन अपराधी किस्म का युवक है।
आपराधिक गतिविधियों मे संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध पुलिस टीम द्वारा की जा रही लगातार कार्यवाही।
अम्बिकापुर : प्रार्थी संदीप लकड़ा साकिन ग्राम मरकाडाड थाना राजपुर जिला बलरामपुर द्वारा दिनांक 14/03/26 को थाना गांधीनगर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी दिनांक 11/03/26 को शाम करीब 6-00 बजे प्रार्थी अपने ससुर के साथ मोटर सायकल से हॉस्पिटल से गाधीचौक की ओर आ रहा था कि राज पोल्ट्री फार्म के पास पहुंचा ही था तभी एक काला रंग का बुलेट मोटर सायकल में सवार एक व्यक्ति आया और प्रार्थी का रास्ता रोकते हुये धमकी देते हुये बोलने लगा की तुम्हे रूकने के लिये बोला तो क्यो नहीं रूका, बोलते हुए गाली गलौज करते हुये धक्का मुक्की करने लगा, और स्वयं को आरटीओ का अधिकारी शहजोर अली होना बताकर जबरन प्रार्थी के पर्स में रखा 10,000 रुपये एवं शर्ट के पाकिट में रखा 10000 रुपये कुल 20 हजार रुपये नगद रकम लूट कर अपने पास रख लिया और पर्स को प्रार्थी की ओर फेक दिया और धमकी देते हुये वहा से भगा दिया।
बाद में प्रार्थी अपने परिचितो को घटना की बात बताया फिर आरटीओ आफिस में जाकर पता करने पर कोई इस नाम का अधिकारी नही होना पाया, फिर पता करने पर पता चला कि उसका नाम शहजोर अली पिता अयुब अली निवासी सतीपारा इरानी मोहल्ला का रहने वाला है, शहजोर अली प्रार्थी को डरा धमकाकर 20000 रुपये का लूट किया है, मामले मे प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर मे अपराध क्रमांक 143/26 धारा 126(2), 309(4),204 बी. एन. एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।
मामले को संज्ञान मे लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल द्वारा पुलिस टीम को मामले मे त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रकरण के आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार किये जाने के दिशा निर्दश दिए गए थे, इसी क्रम मे थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा मामले के आरोपी का पत्ता तलाश कर पकड़कर हिरासत मे लेकर पूछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम शहजोर अली पिता अयुब अली उम्र 24 वर्ष साकिन सतीपारा थाना कोतवाली अंबिकापुर का होना बताया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया, आरोपी के कब्जे से घटना मे प्रयुक्त बुलेट मोटरसायकल एवं 1000 रुपये नगदी जप्त किया गया है, आरोपी के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है, गिरफ्तार आरोपी द्वारा पूर्व मे संजय पार्क के सामने से एक अन्य व्यक्ति से 1130 रुपये का लूटपाट किया गया था, मामले मे प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली मे अपराध क्रमांक 118/26 धारा 309(3) बी.एन.एस का अपराध पंजीबद्ध किया गया था, उक्त मामले मे थाना कोतवाली पुलिस टीम द्वारा भी आरोपी के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, सहायक उप निरीक्षक ललन गुप्ता, आरक्षक राहुल सिंह, रमन मण्डल, मोतीलाल केरकेट्टा, घनश्याम देवांगन सक्रिय रहे।
सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी आरोपी व नाबालिग बालिका की दोस्ती, फिर भगा कर ले गया था बिहार, जशपुर पुलिस ने बिहार से धर दबोचा,मामला थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत एक ग्राम का.
आरोपी के विरुद्ध थाना नारायणपुर में बीएनएस की धारा 137(2),87,61(2),96 व पॉस्को एक्ट की धारा 5, 6के तहत अपराध पंजीबद्ध.
नाम गिरफ्तार आरोपी अविनाश कुमार साहनी उम्र 21 वर्ष.
जशपुर : प्रकरण के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 23 जनवरी 2026 को थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत एक ग्राम के प्रार्थी ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बालिका दिनांक 13 जनवरी 2026 को किसी से मोबाइल फोन से बात कर रही थी, जिसे प्रार्थी के द्वारा बात करने से मना किया गया था। चूंकि उसकी नाबालिग बेटी, विद्यालयीन छात्रा थी, अतः प्रति दिवस विद्यालय जाना आना करती थी। इसी दौरान दिनांक 20 जनवरी 2026 को प्रार्थी अपनी नाबालिग बेटी को प्रातः 09:00 बजे विद्यालय छोड़ा था, परंतु शाम को विद्यालय समाप्त होने पर भी उसकी नाबालिग बेटी वापस घर नहीं लौटी थी। जिस पर प्रार्थी व परिजनों के द्वारा आस पास रिश्तेदारों सहेलियों में पतासाजी किया गया, कहीं पता नहीं चला। उन्हें संदेह था कि उसकी नाबालिग बेटी को किसी व्यक्ति के द्वारा बहला फुसलाकर कर भगा कर ले जाया गया है।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना नारायणपुर में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच पतासाजी में लिया गया था। जांच पतासाजी के दौरान पुलिस की टेक्निकल टीम व मुखबिर की सूचना तथा परिजनों के सहयोग से पता चला कि उक्त नाबालिग बालिका, बिहार राज्य के निवासी आरोपी अविनाश कुमार साहनी के साथ है, जिस पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के दिशा निर्देश व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में पुलिस टीम, बिहार राज्य भेजी गई, जिनके द्वारा बिहार राज्य के जिला सीतामणी क्षेत्र से आरोपी अविनाश के घर से नाबालिग बालिका को दस्तयाब किया गया व आरोपी अविनाश को हिरासत में लेकर वापस लाया गया।
पूछताछ में नाबालिग बालिका ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उसकी व आरोपी अविनाश की जान पहचान हुई थी, इसी दौरान दिनांक 20 जनवरी 2026 को आरोपी अविनाश के द्वारा प्यार व शादी का झांसा देकर, नाबालिग बालिका को भगा कर ले जाया गया था, इस दौरान आरोपी अविनाश के द्वारा नाबालिग बालिका का शारीरिक शोषण भी किया गया।
पीड़ित नाबालिग बालिका के कथन के आधार पर मामले में आरोपी अविनाश के विरुद्ध बीएनएस की धारा 87,61(2),96 व पॉस्को एक्ट की धारा 5, 6 जोड़ी गई व नाबालिग बालिका का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी अविनाश कुमार साहनी के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
इस प्रकरण की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी नारायणपुर उपनिरीक्षक राजकुमार कश्यप, प्रधान आरक्षक पुरन चन्द पटेल,आरक्षक अविनाश सोनी, आरक्षक अशोक कंसारीव महिला आरक्षक अलमा खाखा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।