किसान भाई धान के साथ फल फूल और सब्जी की भी अच्छी खेती कर रहे है मुख्यमंत्री ने किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराने के दिए निर्देश जशपुर, 27 जुलाई 2025/ बरसात का मौसम है और किसान भाई बंधुओं की खेती-किसानी का समय किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। हरेली का त्योहार भी बड़े उत्साह से मनाया गया जहां उन्होंने पारंम्परिक औजार और ईश्वर की पूजा अर्चना कर अच्छी फसल की कामना की। जशपुर जिले के किसान भी अपने खेतो में थरा लगाकर अच्छी फसल…
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छत्तीसगढ़ में खाद की कोई कमी नहीं – डीएपी की कमी को पूरा करने एनपीके, एसएसपी और नैनो डीएपी का भरपूर स्टॉक
राज्य में 1,79,000 बॉटल नैनो डीएपी भंडारित, निरंतर आपूर्ति जारी रायपुर, 14 जुलाई 2025/ राज्य में रासायनिक उर्वरको कोई कमी नहीं हैं। खरीफ सीजन 2025 के लिए सभी प्रकार के रासायनिक उर्वरक सहकारी समितियों एवं नीजि विक्रय केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वैश्विक परिस्थिति के चलते डीएपी खाद के आयात में कमी को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा इसके विकल्प के रूप में अन्य रासायनिक उर्वरकों की भरपूर आपूर्ति एवं वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राज्य में डीएपी की आपूर्ति में कमी से किसानों को किसी…
Read Moreधान छोड़ अब किसान लेंगे मक्का, कोदो और तिलहन! मिलेगा ₹11,000 तक प्रति एकड़ आदान सहायता, जानें पात्रता और शर्तें
कृषक उन्नति योजना: फसल विविधीकरण और दलहन, तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम दलहन, तिलहन, मक्का लघु धान्य फसल कोदो, कुटकी एवं रागी, कपास लेने वाले कृषकों को प्रदान किया जाएगा आदान सहायता राशि जशपुर, 12 जुलाई 2025/ राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमीय प्रतिकूलता एवं कृषि आदान लागत में वृद्धि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती है, जिसके कारण कृषक फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एवं नवीन कृषि तकनीकी में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते…
Read Moreजशपुर के अऋणी किसान 31 जुलाई तक ले सकते हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ — प्राकृतिक आपदाओं से फसल को मिलेगी सुरक्षा
जशपुर 11 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ 2025 सीजन के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं असमय वर्षा, सूखा, ओलावृष्टि कीट प्रकोप और अन्य जोखिमों से फसल को होने वाली क्षति के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। योजना का उद्देश्य किसानों की आय को स्थिरता प्रदान करना और खेती को एक सुरक्षित व लाभकारी व्यवसाय बनाना है। इस योजना के अंतर्गत बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। ऋणी कृषकों…
Read Moreछत्तीसगढ़ में वैकल्पिक उर्वरकों की कोई कमी नही, सहकारी समितियों में एक लाख बॉटल नैनो डीएपी का किया जा रहा भंडारण
डी.ए.पी. की कमी को पूरा करने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी पहल रायपुर, 05 जुलाई 2025/ राज्य में खरीफ सीजन 2025 के दौरान विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने समय रहते न सिर्फ इसकी ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की बल्कि रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी रख रही है, जिसके चलते राज्य में रासायनिक उर्वरकों के भण्डरण एवं उठाव की स्थिति बेहतर बनी हुई है। डी.ए.पी. की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एन.पी.के., सुपर फास्फेट…
Read Moreसिंचाई में ऐतिहासिक क्रांति : 242.80 करोड़ की डैम परियोजना से बदल जाएगी 41 गांवों की किस्मत, डॉ. रमन सिंह की बड़ी जीत, सूखा अब इतिहास बनेगा, लमती फीडर डैम योजना से 1840 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, हजारों किसानों को जीवनदान.
विस अध्यक्ष व राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से 242.80 करोड़ की लमती फीडर डैम परियोजना को मिली स्वीकृति, 41 गांवों की खेती को मिलेगा नया जीवन. राजनांदगांव. 01 जुलाई 2025 : छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक और सौभाग्यशाली दिन, विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के दृढ़ प्रयासों से 242.80 करोड़ रुपये की लागत वाली लमती फीडर डैम परियोजना को स्वीकृति मिल गई है। इस योजना से 41 गांवों को सिंचाई की सुविधा प्राप्त होगी, जिनमें 10 अत्यंत सूखाग्रस्त गांव भी सम्मिलित हैं।…
Read Moreकम लागत, ज्यादा मुनाफा: उन्नत तकनीक से जशपुर के किसान गणेश राम को गेहूं की खेती में मिली बड़ी सफलता
जशपुर, 12 जून 2025/ परंपरागत विधि की अपेक्षा उन्नत तकनीकी विधि से गेहूं की फसल से किसानों को अधिक लाभ हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप में कृषि विभाग और उद्यान विभाग के द्वारा कृषकों को उन्नत तकनीकी से खेती करने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने के साथ ही तकनीकी मार्गदर्शन देकर खेती कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में विशेष पहल किया जा रहा है। फरसाबहार विकासखण्ड के ग्राम बोखी…
Read Moreजशपुर का किसान शंभू साय बना उन्नत कृषि का उदाहरण : गर्मी में मूंगफली की खेती कर रहा बेहतर आमदनी, मुख्यमंत्री की मंशा को दे रहा धरातल पर सफलता
जशपुर, 16 मई 2025/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव के मंशानुरूप जिले के किसानों को अच्छी आमदनी मिले और किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो इस हेतु कृषि और उद्यान विभाग द्वारा किसानों को रबी फसल के अलावा खरीफ सीजन में भी खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और खेती के लिए उपयुक्त बीच सहित विभागीय योजनाओं से मिलने वाली लाभों की जानकारी देकर उन्नती कृषि करने में मार्गदर्शन के साथ सहयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में बगीचा विकासखण्ड के ग्राम बिमड़ा निवासी शंभू साय को ग्रामीण कृषि…
Read Moreउन्नत कृषि तकनीक ने बढ़ाई आमदनी : मिर्च और नाशपाती की खेती से किसान बना उदाहरण, एक एकड़ में 15 क्विंटल उत्पादन, मिर्च बेचकर 1.35 लाख की कमाई — जानिए कैसे !
खेती की उन्नत विधि से जुड़कर मिर्च उत्पादन से किसान कमा रहे अच्छा मुनाफा. किसान प्रसन्न एक्का मिर्च विक्रय से साल में कमा लेते हैं एक लाख रुपए तक. जशपुर. 13 मई 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए जिले के विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय उद्यान रोपणी टेम्पू से राज्य पोषित, रा.बा.मिशन योजना अंतर्गत नाशपती, लीची एवं मिर्च क्षेत्र विस्तार योजना से मनोरा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत करडीह निवासी श्री…
Read Moreसरकारी योजना ने बदली तकदीर : कभी धान पर निर्भर थे किसान अरुण, अब मक्का और तिलहन से ग्रीष्मकाल में कमा रहे ₹35,000 प्रति हेक्टेयर, किसान की गर्मी की फसल से चौंकाने वाली कमाई.
जिले के किसानों को मिल रहा योजनाओं का लाभ, किसान अरूण कर रहा गर्मी के मौसम में धान के बदले दलहन, तिलहन और मक्का की खेती. जशपुर. 12 मई 2025 : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड में स्थित ग्राम के किसान श्री अरुण कुमार भगत ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल और कृषि विभाग की योजनाओं से प्रेरित होकर ग्रीष्मकालीन धान की जगह दलहन-तिलहन एवं मक्का की खेती प्रारंभ की है। सरकारी सहायता से मिले उन्नत बीज और मार्गदर्शन से अरुण ने 1 हेक्टेयर भूमि में मक्का…
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