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  • संगीत जगत को अपूरणीय क्षति: पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक, कहा—उनकी अमर आवाज़ सदैव गूंजती रहेगी

    संगीत जगत को अपूरणीय क्षति: पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक, कहा—उनकी अमर आवाज़ सदैव गूंजती रहेगी

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया। उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

  • नारायणपुर में खेल के मैदान पर जज़्बा और श्रद्धा का अनूठा संगम: डीआरजी शहीदों की स्मृति में शुरू हुई हाई-वोल्टेज फुटबॉल प्रतियोगिता, युवाओं को मिला नया मंच और प्रेरणा

    नारायणपुर में खेल के मैदान पर जज़्बा और श्रद्धा का अनूठा संगम: डीआरजी शहीदों की स्मृति में शुरू हुई हाई-वोल्टेज फुटबॉल प्रतियोगिता, युवाओं को मिला नया मंच और प्रेरणा

    डीआरजी के वीर शहीदों की स्मृति में रात्रिकालीन 5-ए- साइड फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

    नारायणपुर : जिला नारायणपुर में डीआरजी के वीर शहीदों की स्मृति में रात्रिकालीन 5-ए – साइड फुटबॉल प्रतियोगिता का दिनांक 10 अप्रैल 2026 को क्रीड़ा परिसर ग्राउंड, नारायणपुर में भव्य शुभारंभ किया गया। यह प्रतियोगिता 10 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जा रही है, जिसमें कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं।

    कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों एवं खिलाड़ियों द्वारा वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके पश्चात प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया गया तथा रोचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों की शुरुआत हुई।

    प्रतियोगिता के प्रथम दिवस 3 मैच खेले गए जिसमें खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल भावना का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। दिनांक 10 अप्रैल को खेले गए मुकाबलों के परिणाम निम्नानुसार रहे—

    1. लामा बी बनाम डीआरजी बी— निर्धारित समय में मैच 2-2 से बराबरी पर रहा, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में लामा भी ने 2-1 से जीत दर्ज की।

    2. बोरपाल बनाम टीएफसी — टीएफसी ने कड़े मुकाबले में 3-2 से जीत हासिल की।

    3. लामा ए बनाम शांतिनगर — लामा ए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5-2 से विजय प्राप्त की।

    इस प्रतियोगिता में विजेता टीम हेतु प्रथम पुरस्कार ₹17,000, द्वितीय पुरस्कार ₹13,000 तथा तृतीय पुरस्कार ₹10,000 निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु “टॉप गोल स्कोरर” एवं “बेस्ट गोलकीपर” के लिए भी विशेष पुरस्कार रखे गए हैं।

    इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना, उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना एवं वीर शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करना है। आगामी दिनों में और भी रोमांचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।

    पुलिस अधीक्षक, का संदेश

    पुलिस अधीक्षक नारायणपुर ने अपने संदेश में कहा कि “डीआरजी के वीर शहीदों की स्मृति में आयोजित यह प्रतियोगिता उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन करने का एक सार्थक प्रयास है। खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना एवं सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है। ऐसे आयोजन न केवल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में एकता, उत्साह और भाईचारे की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। हमें विश्वास है कि यह प्रतियोगिता युवाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ क्षेत्र में खेल संस्कृति को नई दिशा देगी।”

    उद्घाटन समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय सबद्रा, श्री ऐश्वर्य चंद्राकर, डीएसपी श्री आशीष नेताम, श्री कुलदीप बंजारे, आरआई श्री मोहसिन खान सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

  • रात के अंधेरे में बड़ी कार्यवाही : पुलिस का सबसे बड़ा ऑपरेशन ! ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ पर वार—रायपुर की सड़कों पर 155 शराबी ड्राइवर पकड़े गए, मचा हड़कंप ! रायपुर में 2 घंटे में 155 के विरूद्ध चालान.

    रात के अंधेरे में बड़ी कार्यवाही : पुलिस का सबसे बड़ा ऑपरेशन ! ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ पर वार—रायपुर की सड़कों पर 155 शराबी ड्राइवर पकड़े गए, मचा हड़कंप ! रायपुर में 2 घंटे में 155 के विरूद्ध चालान.

    शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जीरो टॉलरेंस – 2026 में एमव्ही एक्ट धारा 185 (शराब के नशे में वाहन चलाना) में कुल मामले 2133 तक पहुंच गए हैं, जो रायपुर जिले के इतिहास में किसी वर्ष भर में किए गये कुल कार्यवाही से कहीं अधिक हैं।

    रिकार्ड तोड़ कार्यवाही – 11 अप्रैल की रात 11:00 बजे से 1:00 बजे तक मात्र दो घण्टे की कार्यवाही में 155 शराबी वाहन चालक पकड़े गये।

    उद्देश्य – पुलिस के द्वारा ऐसी कार्यवाही का लक्ष्य कतई भी जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों की जान बचाना है।

  • कुरियर के जरिए चल रहा था नशे का काला कारोबार: पुलिस ने 3.62 लाख की गांजा खेप के साथ दिल्ली निवासी आरोपी को दबोचा, नेटवर्क की गहराई तक जांच तेज

    कुरियर के जरिए चल रहा था नशे का काला कारोबार: पुलिस ने 3.62 लाख की गांजा खेप के साथ दिल्ली निवासी आरोपी को दबोचा, नेटवर्क की गहराई तक जांच तेज

    • पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) श्री उमेश प्रसाद गुप्ता के संयुक्त मॉनिटरिंग में थाना सिविल लाईन पुलिस की कार्यवाही।
    • आरोपी अपने एक अन्य साथी दिल्ली निवासी के साथ मिलकर दिल्ली से कुरियर के माध्यम से मंगाता था गांजा/ओसियन ग्रो गांजा को रायपुर।
    • कुरियर कंपनी से की जा रहीं है विस्तृत पूछताछ।
    • आरोपी के कब्जे से गांजा, ओसियन ग्रो गांजा, बिक्री नगदी रकम, आई फोन, तथा दो नग इलेक्ट्रॉनिक तराजू मोबाईलनुमा किया गया है जप्त।
    • जप्त मशरूका की कुल कीमत है लगभग 3,62,600/- रूपये।
    • प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपी के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर की जा रहीं है पतासाजी।
    • आरोपी के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में धारा 20(बी), 29 नारकोटिक एक्ट का अपराध किया गया है पंजीबद्ध।
    • फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंकेजेस के आधार पर प्रकरण में की जा रहीं है End-to-End कार्यवाही।

    रायपुर : दिनांक 11.04.2026 को थाना सिविल लाईन पुलिस की टीम को सूचना प्राप्त हुई कि थाना सिविल लाईन क्षेत्रांतर्गत कटोरा तालाब के पास एक व्यक्ति गांजा बिक्री कर रहा है।

    उक्त सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) श्री उमेश प्रसाद गुप्ता द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों एवं थाना प्रभारी को सूचना की तस्दीक कर आरोपी को मादक पदार्थ गांजा सहित गिरफ्तार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

    वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व थाना प्रभारी सिविल लाईन के नेतृत्व में सिविल लाईन पुलिस की टीम द्वारा उक्त स्थान जाकर मुखबीर द्वारा बताये हुलिये के व्यक्ति को चिन्हांकित कर पकड़ा गया। पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम रितिक पसरिचा मूल निवासी दिल्ली का होना बताया। टीम के सदस्यों द्वारा उसके पास रखें बैग की तलाशी लेने पर बैग में अलग-अलग थैली में गांजा एवं ओसियन ग्रो गांजा रखा होना पाया गया।

    आरोपी रितिक पसरिचा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 02.870 किलोग्राम गांजा, 114 ग्राम ओसियन ग्रो गांजा, बिक्री नगदी रकम 3000/- रूपये, एप्पल कंपनी का एक आई फोन, प्लास्टिक का जीपर पन्नी तथा दो नग इलेक्ट्रॉनिक तराजू मोबाईलनुमा जुमला कीमती लगभग 3,62,600/- रूपये (तीन लाख बासठ हजार छः सौ रूपये) जप्त कर आरोपी के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में धारा 20(बी), 29 नारकोटिक एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही किया गया।

    पूछताछ के दौरान आरोपी रितिक पसरिचा ने बताया कि उसने गांजा तथा ओसियन ग्रो गांजा को दिल्ली निवासी अपने एक साथी के साथ मिलकर कुरियर के माध्यम से दिल्ली से रायपुर मंगवाया था। इस संबंध में कुरियर कंपनी से भी पूछताछ की जा रही है।

    प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी से फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंकेजेस के आधार पर अन्य आरोपियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर End-to-End कार्यवाही की जा रहीं है।

    गिरफ्तार आरोपी – रितिक पसरिचा पिता अश्वनी पसरिचा उम्र 26 साल निवासी मकान नंबर 106ए पॉकेट ए दिलशाद गार्डन थाना सीमापुरी जिला शाहदरा दिल्ली ईस्ट। हाल पता अशोका हाईट्स जे 101 मोवा रायपुर।

  • ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की चिंता: बदलते मौसम के बीच फसल बीमा में ऐड-ऑन कवर अपनाने की जोरदार अपील, मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने का सशक्त विकल्प बना बीमा

    ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की चिंता: बदलते मौसम के बीच फसल बीमा में ऐड-ऑन कवर अपनाने की जोरदार अपील, मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने का सशक्त विकल्प बना बीमा

    किसानों को बीमा अन्तर्गत ऐड-ऑन कराने की अपील

    ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों के लिए किसान बीमा जरूर कराएं

    किसानों की मेहनत की कमाई भी सुरक्षा सशक्त माध्यम

    जशपुर : पिछले कुछ दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई अचानक ओलावृष्टि और तेज हवाओं से

    उद्यानिकी फसलों को क्षति हुई है। किसानों से अपील है कि आगामी खरीफ एवं रबी में अपने फसलों का बीमा जरूर करवाएं । एवं फसलों पर फंगीसाईड का छिड़काव जरूर करें।

    फसल बीमा क्यों जरूरी है ऐड ऑन कवर ?

    अक्सर किसान प्रधानमंत्री फसल बीम योजना (PMBFY) के तहत केवल बेसिक बीमा ही करवाते हैं। लेकिन बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए ऐड-ऑन (Add On) सुरक्षा लेना अनिवार्य सा हो गया है।

    ऐड-ऑन कवर के मुख्य लाभः

    स्थानीय आपदा सुरक्षाः बेसीक बीमा अक्सर व्यापक आपदाओं को कवर करता है, लेकिन ऐड-ऑन के माध्यम से आप ओलावृष्टि (Hailstorm), जैसे स्थानीय घटनाओं के लिए अलग से सुरक्षा पा सकते हैं। कम प्रीमयम, ज्यादा सुरक्षाः बहुत ही मामूली अतिरिक्त प्रीमयम भुगतान करके किसान अपनी पूरी लागत को सुरक्षित कर सकते हैं।

    सहायक संचालक उद्यान जशपुर का किसानों से विशेष अपील किए है कि ओलावृष्टि जैसी अनिश्चत घटनाओं से बचने के लिए फसल बीमा में ऐड-ऑन कवर का विकल्प जरूर चुनें। यह आपकी मेहनत की कमाई भी सुरक्षा का सशक्त माध्यम है।

  • भीषण गर्मी का बढ़ता प्रकोप: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और गृह मंत्रालय ने जारी किए व्यापक अलर्ट, लू से बचाव के लिए हर स्तर पर सख्त दिशा-निर्देश और आमजन से सतर्कता की अपील

    भीषण गर्मी का बढ़ता प्रकोप: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और गृह मंत्रालय ने जारी किए व्यापक अलर्ट, लू से बचाव के लिए हर स्तर पर सख्त दिशा-निर्देश और आमजन से सतर्कता की अपील

    ग्रीष्म ऋतु : लू से बचाव हेतु दिशा-निर्देश जारी

    जशपुर : भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा ग्रीष्म ऋतु में तीव्र गर्मी और तापमान वृद्धि को देखते हुए लू (तापघात) से बचाव एवं तैयारी संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं।

    लू के दौरान सिर में भारीपन, तेज बुखार, मुंह सूखना, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, पसीना न आना, भूख कम लगना तथा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर ठंडे पानी की पट्टी लगाना, तरल पेय पिलाना, शरीर पर ठंडा पानी छिड़कना तथा शीघ्र नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दी गई है। अत्यधिक गर्मी में शरीर में पानी और नमक की कमी मुख्य कारण बताया गया है। इसलिए अनावश्यक बाहर न निकलने, सिर और कान ढकने, सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस का उपयोग करने तथा दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप से बचने को कहा गया है।

    जारी निर्देशों में नागरिकों से घर को ठंडा रखने, पर्दे और पंखों का उपयोग करने, बीमारी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाने और जानवरों को छाया-पानी उपलब्ध कराने की अपील की गई है। नियोक्ताओं को मजदूरों के लिए ठंडा पानी, शेड, समय-सारणी में बदलाव और विश्राम अवधि बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान ठंडे जैकेट, पर्याप्त पानी, सनग्लास और सनस्क्रीन का उपयोग करने को कहा गया है। वरिष्ठ नागरिकों से घर में रहने, भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने तथा किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा गया है। राज्य स्तर पर सरकार नोडल अधिकारी नियुक्त कर लू की स्थिति की समीक्षा करेगी। सार्वजनिक स्थानों पर वाटर एटीएम और पेयजल की व्यवस्था करने। मनरेगा में कार्य समय परिवर्तित करने और छाया स्थलों के निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, प्याऊ केंद्रों की स्थापना और अस्पतालों में बिजली-पानी व्यवस्था प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    नगरीय निकायों को बेघर और जोखिमग्रस्त समूहों की पहचान कर पानी और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने, शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने तथा ताप कम करने वाले उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग सभी स्वास्थ्य केंद्रों में लू प्रभावितों के परीक्षण, ओआरएस उपलब्धता और 108-104 सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित करेगा। श्रम विभाग बाहरी कार्यों के समय में बदलाव, मजदूरों को आइस पैक उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। पशु चिकित्सा विभाग पशुओं के लिए पानी, चारा, दवाइयों तथा ग्राम स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    सूचना प्रौद्योगिकी विभाग राज्य-स्तरीय डैशबोर्ड तैयार कर मैसेज प्रसारित करेगा। परिवहन विभाग बस स्टैंडों पर प्राथमिक उपचार एवं समय परिवर्तन सुनिश्चित करेगा। शिक्षा विभाग स्कूलों में पेयजल, ओआरएस और समय परिवर्तन लागू करेगा। मनरेगा स्थलों पर पानी-छाया की व्यवस्था, वन विभाग द्वारा हरियाली, वन-अग्नि की रोकथाम और वन्यजीवों के लिए जलस्रोत उपलब्ध कराए जाएंगे। पर्यटन विभाग तीर्थस्थलों पर छाया और पानी की व्यवस्था करेगा। अग्निशमन विभाग आग नियंत्रण हेतु तैयारी, उपकरणों की उपलब्धता और कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित करेगा। समग्र रूप से सरकार ने नागरिकों, मजदूरों, वरिष्ठजनों और पशुओं को लू से होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

  • संकल्प 2026 प्रदर्शनी में जशपुर के किसानों की दमदार भागीदारी: आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और नवाचार की ओर बढ़ते कदमों ने खेती को दी नई दिशा

    संकल्प 2026 प्रदर्शनी में जशपुर के किसानों की दमदार भागीदारी: आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और नवाचार की ओर बढ़ते कदमों ने खेती को दी नई दिशा

    जशपुर के किसानो की सक्रिय सहभागिता – नई सोच की ओर एक कदम

    अम्बिकापुर के ग्राम सरगवां में आयोजित संकल्प 2026 प्रर्दशनी में जशपुर उद्यान विभाग ने लगाएं स्टाल

    जशपुर : जिला सरगुजा अंबिकापुर) के ग्राम सरगवां में आयोजित कार्यक्रम “संकल्प 2026 प्रदर्शनी” में जशपुर जिले के किसानों की उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों के साथ सक्रिय भागीदारी देखी गई। दिनांक 10 से 12 अप्रैल 2026 (तीन दिवसीय) कार्यक्रम में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र से संबंधित 100 से अधिक कंपनियों के स्टाल, उन्नत फसल प्रदर्शनी, तथा कृषि विशेषज्ञों द्वारा सेमिनार एवं तकनीकी चर्चाएं आयोजित की गई है।

    कार्यक्रम के दौरान जशपुर जिले से पहुंचे किसानो ने आधुनिक कृषि यंत्रो, उन्नत बीजों, ग्राफ्टेड फसलों एवं नवीन खेती तकनीकों का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उद्यानिकी फसलों की जीवंत प्रदर्शनी दिखाई गई, साथ ही विशेषज्ञों द्वारा फसल प्रबंधन, जैविक खेती, ड्रिप सिंचाई जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। किसानों ने इन जानकारियों को गंभीरता से लेते हुए अपने क्षेत्रों में अपनाने की इच्छा व्यक्त की।

    ग्राम सरगवां में आयोजित यह कार्यकम न केवल किसानों के लिये ज्ञानवर्धक साबित होगा बल्कि विभिन्न जिलो के किसानों के बीच आपसी सहयोग और अनुभव साझा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। संकल्प 2026 निश्चित रूप से कृषि क्षेत्र में नवाचार और प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जो किसानों को आधुनिक कृषि की ओर अग्रसर कर रहा है।

  • वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस का तीखा और दूरदर्शी विश्लेषण: गोंडवाना कप की गूंज से चमका छत्तीसगढ़, अब टेनिस के स्वर्णिम भविष्य के लिए स्टेडियम सौंपना बना समय की सबसे बड़ी मांग

    वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस का तीखा और दूरदर्शी विश्लेषण: गोंडवाना कप की गूंज से चमका छत्तीसगढ़, अब टेनिस के स्वर्णिम भविष्य के लिए स्टेडियम सौंपना बना समय की सबसे बड़ी मांग

    टेनिस में अपार संभावना : स्टेडियम को सौंपे जाने की मांग

    टेनिस : मध्य भारत के सबसे पुराने टूर्नामेंट गोंडवाना कप का हुआ समापन

    आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ खेल पार्टकर, रायपुर

    रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के रजत जयंती के अवसर पर प्रदेश में खेल गतिविधियां ने जो रफ्तार पकड़ी है वह इस राज्य के खेल प्रेमियों के लिए बेहद सुखद संदेश है। पिछले लगभग एक माह की अवधि में शतरंज की राष्ट्रीय स्पर्धा फिर पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स और अब छत्तीसगढ़ ही नहीं मध्य भारत की सबसे प्रतिष्ठित और पुरानी टेनिस स्पर्धा गोंडवाना कप का सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई है। पिछले 25 वर्षों में जिस तरह छत्तीसगढ़ में खेलों की अधोसंरचना का निर्माण हुआ है उससे इस प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गर्व करना चाहिए कि अब इस राज्य की आने वाली पीढ़ी के लिए खेलकूद प्रतिभाओं को तराशना आसान होगा।

    अगर हम सिर्फ टेनिस की बात करें तो राजधानी रायपुर में आज टेनिस खेल को अपनाने, अपना कैरियर बनाने के लिए जो कुछ चाहिए सब कुछ उपलब्ध है। पिछले दो वर्षों से रायपुर के जोरा में विशाल व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की टैनिस एकेडमी है। इसमें आधुनिक मानक के अनुरूप टेनिस कार्ट, कोच, खिलाडिय़ों के आवास व परिवहन की सुविधा उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा करीब 16 करोड़ की लागत से निर्मित यह टेनिस खेल परिसर अब भारत के सर्वश्रेष्ठ टेनिस परिसर के रूप में माना जा रहा है। गोंडवाना कप की शुरुआत स्वतंत्रता के पूर्व 1937 में हुई थी वर्तमान में विजेता को दिया का रहा कप 1937 में छत्तीसगढ़ के शक्ति के तत्कालीन राजा राय बहादुर दाऊ कल्याण सिंह द्वारा दिया गया था।

    कुछ वर्षों तक यह स्पर्धा बंद होने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया और छग टेनिस के महासचिव गुरुचरण सिंह होरा तथा उनके सहयोगियों के प्रयास से फिर से प्रारंभ हुआ। गोंडवाना कप को आल इंडिया टेनिस एसोसिएशन द्वारा मान्यता दी गई है तथा इसमें भाग लेने वाले को अखिल भारतीय पुरुष व महिला वर्ग में योग्यता अंक प्रदान किया जाता है। 2026 के इस चैंपियनशिप में 20 राज्यों के करीब 129 खिलाडिय़ों ने भाग लिया, यह इस बात को प्रमाणित करने के लिए काफी है कि गोंडवाना कप की लोकप्रियता दिन दूनी और रात चौगुनी प्रगति कर रही है। स्पर्धा के विभिन्न वर्गों के परिणामों के अनुसार गोंडवाना कप 2026 के महिला युगल में उत्तरप्रदेश की. शताक्षी चौधरी तथा अनन्य जैन, पुरुष युगल वर्ग में महाराष्ट्र के नीरव शेट्टी और अनुप बंगारगी की जोड़ी सफल रही।

    राजस्थान की आयुषी तनवान महिला वर्ग की विजेता रही जबकि तेलंगाना के नैशिक रेडी पुरुष वर्ग का खिताब जीतने में सफल रहे। समापन के अवसर पर उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री अरुण साव, आल इंडिया टेनिस एसोसिएशन के महासचिव अनिल घूपर, मनोरमा इंडस्ट्री के चेयरमैन आशीष सराफ , छत्तीसग्रढ़ टेनिस संघ के अध्यक्ष डॉ. हिमांशु द्विवेदी, उपाध्यक्ष नरेश गुप्ता के साथ महासचिव गुरु चरण सिंह होरा तथा उपाध्यक्ष रुपेन्द्र चौहान, आमंत्रित अतिथि गण उपस्थित रहे।

    टेनिस की इस प्रतियोगिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ के उभरते हुए खिलाडिय़ों को दूसरे राज्य के साथ प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों से टेनिस की तकनीक, खेल की रणनीति को करीब से देखने, समझने का अवसर मिला, नवनिर्मित टेनिस के इस अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में आने वाले दिनों में वर्ल्ड टेनिस की पुरुष व महिला वर्ग की प्रतियोगिताए और डेविस कप जैसी प्रतिष्ठत टूर्नामेंट को आयोजित किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। फिलहाल इस टेनिस परिसर को देख रेख की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ शासन के पास है लेकिन टेनिस से जुड़े वरिष्ठ खिलाडिय़ों, संघ के , पदाधिकारियों, खिलाडिय़ों के अभिभावकों आदि अब यह चाह रहे हैं कि भविष्य में छत्तीसगढ़ में टेनिस की अपार संभावना को देखते हुए इस टेनिस स्टेडियम को स्थानीय टेनिस संघ को नियमानुसार सौंप दिया जाए ताकि इसकी देखरेख और प्रशिक्षण की सुविधा को व्यवस्थित किया जा सके।

  • डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर ने रचा चिकित्सा इतिहास: 10.30 किलो के विशाल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, 15 वर्षों की असहनीय पीड़ा से मरीज को मिली नई जिंदगी और सम्मान

    डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर ने रचा चिकित्सा इतिहास: 10.30 किलो के विशाल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, 15 वर्षों की असहनीय पीड़ा से मरीज को मिली नई जिंदगी और सम्मान

    अम्बेडकर अस्पताल के सर्जरी विभाग की ऐतिहासिक उपलब्धि :10.30 किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन

    छत्तीसगढ़ की चिकित्सा क्षमता, मानवीय संवेदना और विशेषज्ञता का अद्वितीय उदाहरण

    मरीज के पीठ का बोझ हटा, जिंदगी फिर मुस्कुराई

    रायपुर : डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के सर्जरी विभाग ने एक अत्यंत जटिल, संवेदनशील, जोखिमपूर्ण और चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक संपन्न कर चिकित्सा जगत में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक और लेप्रोस्कोपिक एवं जनरल सर्जन डॉ. संतोष सोनकर एवं सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह के नेतृत्व में सर्जरी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने एक मरीज के शरीर से 10.30 किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर (गांठ/गठान) को सफलतापूर्वक निकालकर न केवल एक कठिन चिकित्सा चुनौती का समाधान किया, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति को पुनः सामान्य जीवन जीने की आशा, सम्मान और आत्मविश्वास भी लौटाया, जो पिछले लगभग 15 वर्षों से शारीरिक पीड़ा, सामाजिक असुविधा और मानसिक संघर्ष के साथ जीवन जी रहा था। यह केवल एक सफल ऑपरेशन नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के शासकीय चिकित्सा तंत्र, चिकित्सकीय विशेषज्ञता, मानवीय संवेदना और सेवा-समर्पण का जीवंत उदाहरण है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जब चिकित्सा विज्ञान, अनुभव, संवेदनशीलता और समर्पण एक साथ आते हैं, तब असंभव प्रतीत होने वाली परिस्थितियों में भी नई आशा का जन्म होता है।

    दुर्लभ एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि

    उपलब्ध मेडिकल लिटरेचर एवं वर्तमान अभिलेखों के अनुसार, भारत में अब तक लगभग 8 किलोग्राम तक के ट्यूमर के सफल निष्कासन का उल्लेख मिलता है, जबकि विश्व स्तर पर लगभग 22 किलोग्राम तक के ट्यूमर के ऑपरेशन का अभिलेख उपलब्ध है। ऐसे परिप्रेक्ष्य में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर द्वारा 10.30 किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर का सफल निष्कासन भारतवर्ष के संदर्भ में एक अत्यंत उल्लेखनीय, असाधारण और गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह सफलता न केवल अस्पताल के सर्जरी विभाग की दक्षता को दर्शाती है, बल्कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व, सम्मान और प्रेरणा का विषय है।

    दर्द और पीड़ा के वे 15 वर्ष

    इस केस को देखने वाले प्रमुख चिकित्सक डॉ. संतोष सोनकर के अनुसार, मरीज की पीठ पर यह विशाल ट्यूमर पिछले लगभग 15 वर्षों से मौजूद था, जो धीरे-धीरे निरंतर बढ़ता गया। वर्षों तक यह बढ़ती हुई गांठ मरीज के जीवन पर भारी बोझ बनती चली गई। धीरे-धीरे स्थिति ऐसी हो गई कि मरीज को चलने-फिरने, बैठने, उठने, सोने और दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों तक में अत्यधिक कठिनाई होने लगी। केवल शारीरिक कष्ट ही नहीं, बल्कि इतने बड़े ट्यूमर के कारण मरीज को मानसिक पीड़ा, सामाजिक असहजता और आत्मविश्वास में कमी जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा था। एक व्यक्ति का जीवन, जो सामान्य होना चाहिए था, वह वर्षों से दर्द और संघर्ष में बंधा हुआ था।

    टीमवर्क, सटीक योजना और वरिष्ठ चिकित्सकों का नेतृत्व

    जब मरीज डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के सर्जरी विभाग पहुँचा, तब विभागीय टीम ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल अत्यंत संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ मरीज का क्लिनिकल मूल्यांकन, रेडियोलॉजिकल जांच, आवश्यक लैब परीक्षण, प्री-ऑपरेटिव असेसमेंट और बहु-विभागीय चिकित्सा तैयारी प्रारंभ की। इस प्रकार की जटिल शल्य चिकित्सा केवल तकनीकी कौशल का विषय नहीं होती, बल्कि इसके लिए सटीक योजना, उच्च स्तरीय समन्वय, अनुभवी निर्णय क्षमता और मरीज के प्रति गहरी मानवीय प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है। सर्जरी विभाग ने इन सभी आयामों पर उत्कृष्ट कार्य करते हुए इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को एक मिशन की तरह लिया।

    इस जटिल एवं ऐतिहासिक शल्य चिकित्सा को विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह एवं मेडिकल सुपरिटेंडेंट एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. संतोष सोनकर के कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन, सतत निगरानी और चिकित्सकीय दूरदृष्टि में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। दोनों वरिष्ठ चिकित्सकों के निर्देशन में पूरी टीम ने अत्यंत संगठित, अनुशासित और समर्पित भाव से कार्य करते हुए इस कठिन ऑपरेशन को सफलता के साथ पूरा किया। इस महत्वपूर्ण शल्य चिकित्सा में सीनियर सर्जन डॉ. राजेंद्र रात्रे, सीनियर सर्जन डॉ. मयंक भूषण मिश्रा एवं सीनियर रेजिडेंट डॉ. प्रेक्षा जैन ने प्रमुख भूमिका निभाई। इन चिकित्सकों ने अत्यंत सूक्ष्मता, तकनीकी दक्षता, धैर्य, साहस और शल्य कौशल का परिचय देते हुए विशाल ट्यूमर को सफलतापूर्वक शरीर से निकाला।

    एनेस्थीसिया टीम की थी अहम भूमिका

    ऐसे ऑपरेशन में हर क्षण निर्णय महत्वपूर्ण होता है, हर कदम जिम्मेदारी से भरा होता है, और हर छोटी तकनीकी बारीकी मरीज के जीवन से सीधे जुड़ी होती है। इस टीम ने अपनी विशेषज्ञता और समर्पण से यह सिद्ध किया कि कठिन से कठिन परिस्थिति में भी चिकित्सा सेवा का सर्वोच्च स्तर संभव है। इस ऑपरेशन में निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विभाग की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण, निर्णायक और प्रशंसनीय रही। इतने बड़े और जटिल ट्यूमर के ऑपरेशन में मरीज की संपूर्ण शारीरिक स्थिरता बनाए रखना, ऑपरेशन के दौरान प्रत्येक चरण की सतत निगरानी करना तथा पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी को सुरक्षित दिशा देना अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है। इस महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन डॉ. जया लालवानी एवं डॉ. प्रतिभा जैन शाह ने अपनी विशेषज्ञ सेवाओं के माध्यम से अत्यंत उत्कृष्ट ढंग से किया। उनकी सतर्कता, अनुभव और निश्चेतना प्रबंधन ने इस ऑपरेशन की सफलता में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    चिकित्सा सेवा के साथ मानवीय संवेदना की जीत

    विशाल आकार, दीर्घकालिक वृद्धि और शरीर के महत्वपूर्ण हिस्से पर स्थित होने के कारण यह ऑपरेशन अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। इस प्रकार की शल्य प्रक्रिया में अत्यधिक रक्तस्राव की संभावना, महत्वपूर्ण ऊतकों की सुरक्षा, ऑपरेटिव समय की जटिलता, संक्रमण नियंत्रण, एनेस्थीसिया संतुलन तथा पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल जैसे अनेक संवेदनशील पहलुओं पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। इसके बावजूद डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर की टीम ने अपनी उत्कृष्ट योजना, सामूहिक समन्वय और चिकित्सा विशेषज्ञता के बल पर इस जटिल चुनौती को सफलता में परिवर्तित कर दिया।

    सबसे भावनात्मक और संतोषप्रद पक्ष यह रहा कि ऑपरेशन के पश्चात मरीज की स्थिति लगातार संतोषजनक रही। चिकित्सकों की गहन निगरानी, समुचित दवा, देखभाल और पोस्ट-ऑपरेटिव प्रबंधन के बाद मरीज की रिकवरी बेहतर रही और अंततः उसे स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया। एक ऐसा मरीज, जो वर्षों से एक विशाल ट्यूमर के बोझ तले जीवन जी रहा था, आज वह उस पीड़ा से मुक्त होकर एक नए जीवन की ओर अग्रसर है। यह दृश्य केवल चिकित्सा सफलता नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना की विजय है।

    डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर सदैव गंभीर और जटिल मरीजों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। 10.30 किलोग्राम वजनी विशाल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन हमारे संस्थान की विशेषज्ञता, टीमवर्क और समर्पित चिकित्सा सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह सफलता केवल एक चिकित्सकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संदेश है कि छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में भी उच्चस्तरीय, जटिल और चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा पूरी क्षमता और दक्षता के साथ की जा सकती है। इस पूरे प्रकरण में हमारी सर्जरी टीम, एनेस्थीसिया टीम और सहयोगी स्टाफ ने असाधारण समर्पण दिखाया। सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि मरीज अब स्वस्थ है और अपने घर लौट चुका है। जब किसी मरीज के चेहरे पर राहत, आत्मविश्वास और नई जिंदगी की चमक लौटती है, तभी चिकित्सा सेवा का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है। यह उपलब्धि हमारे संस्थान के लिए गर्व का विषय है और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणा है।

    डॉ. संतोष सोनकर, चिकित्सा अधीक्षक अम्बेडकर अस्पताल

    डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के सर्जरी विभाग की यह सफलता केवल एक चिकित्सा उपलब्धि भर नहीं है। यह उन तमाम मरीजों के लिए आशा और उम्मीद का संदेश है, जो जटिल बीमारियों और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के कारण निराश हो जाते हैं। यह उपलब्धि बताती है कि सही समय पर सही चिकित्सा, विशेषज्ञ टीम और संवेदनशील उपचार के माध्यम से जीवन को फिर से सामान्य बनाया जा सकता है।

    यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़ की चिकित्सा व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर है।

    यह उपलब्धि बताती है कि;

    हमारे सरकारी अस्पताल सक्षम हैं,

    हमारे डॉक्टर समर्पित हैं,

    हमारी चिकित्सा व्यवस्था निरंतर प्रगति कर रही है,

    और छत्तीसगढ़ अब केवल इलाज ही नहीं, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में नई मिसालें गढ़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि सेवा, संवेदना, विज्ञान और समर्पण जब एक साथ आते हैं, तब चिकित्सा केवल उपचार नहीं रहती, वह किसी जीवन को पुनर्जन्म देने का माध्यम बन जाती है और इस केस में यकीनन ऐसा ही हुआ है।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में साकार हुआ सपना: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने कैलाशदानी को दिया सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित आशियाना

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में साकार हुआ सपना: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने कैलाशदानी को दिया सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित आशियाना

    प्रधानमंत्री आवास योजना से कैलाशदानी को मिला सुंदर घर : बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने और जहरीली जीव जंतु के डर से मिली राहत

    जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के कार्य को सुचारू रूप से जिले में संचालित किया जा रहा है।

    जनपद पंचायत दुलदुला निवासी कैलाशदानी को अपना खुद का सुंदर घर मिलने से खुश हैं और मुख्यमंत्री‌ को दिए धन्यवाद. श्री कैलाशदानी को प्राधनमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत् जब आवास मिला तब उन्होंने योजना के महत्व को समझते हुए आवास को बड़ी ही उत्सुकता और सुंदर बनवाया है।

    कैलाशदानी का एक छोटा सा परिवार है मजदूरी तथा खेती का कार्य करते है। खेती के मौसम खेती करते हैं और इसके पश्चात् मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। कैलाशदानी की सिर्फ 2.5 एकड़ भूमि है, जिसमें वह खेती कर अपना जीवन यापन करते हैं। इनका पुराना घर मिट्टी का था। जिसमें कई प्रकार की परेशानियों को झोलना पड़ता था, बारिश के मौसम में छत से पानी टपकना, जमीन पर सिलन आना और जहरीली जीव जंतु से डर बना रहता था। प्रधानमंत्री आवास योजना से अब इनका पक्का अवास बनने से इन सभी समस्याओं से निजात मिल गई है।