मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना 2026-27
कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित
20 जून 2026 तक विद्यालय में जमा किए जा सकेंगे आवेदन पत्र
26 जुलाई को आयोजित होगी चयन परीक्षा
रायपुर : मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना 2026-27 (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) अंतर्गत कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु पात्र छात्र-छात्राओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के अंतर्गत ऐसे विद्यार्थी आवेदन करने के पात्र होंगे, जो छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हों तथा अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित हों।
योजना के लिए आवेदन करने वाले छात्र-छात्राएं सत्र 2025-26 में छत्तीसगढ़ के किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में नियमित अध्ययनरत हों तथा कक्षा 4थी की परीक्षा में न्यूनतम 80 प्रतिशत अंक अथवा समकक्ष ग्रेड प्राप्त किए हों। इसके साथ ही पालक की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 2 लाख 50 हजार रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आवेदन पत्र के साथ पालक का स्वघोषणा पत्र संलग्न करना अनिवार्य रहेगा।
ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत अथवा नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी निर्धारित आवेदन पत्र 20 जून 2026 तक अपने विद्यालय में जमा कर सकेंगे। आवेदन पत्र के साथ पालकों की सहमति पत्र, आयकरदाता न होने का प्रमाण पत्र, संस्था का ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने का प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र तथा कक्षा 4थी एवं 5वीं की अंकसूची की छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक होगा।
विद्यार्थी जिस जिले का मूल निवासी होगा, उसी जिले में आवेदन करने के लिए पात्र होगा। मूल निवास जिले से भिन्न जिले में प्रस्तुत आवेदन मान्य नहीं किए जाएंगे।
विद्यालय एवं विभागीय स्तर पर होगी आवेदन प्रक्रिया
आदिवासी विकास विभाग जिला सक्ती से प्राप्त जानकारी अनुसार विद्यार्थियों द्वारा आवेदन पत्र 20 जून 2026 तक विद्यालय में जमा किए जाएंगे। विद्यालय प्रमुख द्वारा आवेदन पत्रों का परीक्षण कर 27 जून 2026 तक संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदनों की सूची तैयार कर 30 जून 2026 तक सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, जांजगीर-चांपा कार्यालय में भेजी जाएगी।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी www.tribal.cg.gov.in पर उपलब्ध है।
26 जुलाई को होगी लिखित परीक्षा
योजना अंतर्गत विद्यार्थियों के चयन हेतु 26 जुलाई 2026, दिन रविवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। शासन द्वारा संचालित यह योजना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
“जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान से जुड़ेंगे जिले के चिन्हांकित ग्राम
18 से 25 मई तक चलेगा “जनभागीदारी अभियान –जनजातीय गरिमा उत्सव”
दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचेंगी शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं
सेवा संतृप्ति, जनसुनवाई एवं जागरूकता कार्यक्रमों का होगा आयोजन
रायपुर : आदिवासी विकास विभाग द्वारा सर्व विभागों के समन्वय से “आदि कर्मयोगी अभियान” अंतर्गत “जनभागीदारी अभियान – जनजातीय गरिमा उत्सव” का आयोजन जिला स्तर पर 18 मई 2026 से 25 मई 2026 तक किया जाएगा। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के मार्गदर्शन में सक्ति जिला में यह अभियान पीएम जनमन एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत चिन्हांकित ग्रामों में संचालित किया जाएगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर संचालित आईईसी कैम्पेन “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” की थीम के अंतर्गत दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में जनसंपर्क स्थापित कर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। अभियान के माध्यम से जनजातीय समुदायों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं से सीधे जोड़ा जाएगा।
अभियान के दौरान सेवा संतृप्ति, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम, विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनहितकारी योजनाओं की जानकारी तथा आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत निर्मित सेवा केन्द्रों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं को सूचीबद्ध कर उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही अभियान अंतर्गत संचालित समस्त गतिविधियों का प्रगति प्रतिवेदन भी तैयार किया जाएगा, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं हितग्राहियों तक पहुंच की समीक्षा की जा सके।
कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस जनहितैषी अभियान को सफल बनाएं तथा शासन की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में सहयोग प्रदान करें।
दिनांक 08 मई व 09 मई 2026 की दरमियानी रात्रि में जशपुर के किराना व्यापारी विक्रम ताम्रकार के लक्ष्मी गुडी मंदिर के पास स्थित दुकान से लाखों रुपये के राशन सामग्री को शटर का ताला तोड़कर चुरा ले गए थे चोर.
प्रार्थी विक्रम ताम्रकार की रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर में अज्ञात चोरों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 331(4),305(A),3(5) व 317(2) के अंतर्गत किया गया था अपराध पंजीबद्ध.
आरोपियों की धर पकड़ हेतु डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने, एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा के नेतृत्व में गठित की थी, चार विशेष पुलिस टीम.
कई सीसीटीव्ही फुटेज व साइबर टीम की मदद से पुलिस पहुंची चोरों तक,मामले में शामिल चार चोरों को जशपुर से व एक फरार चोर को सिमडेगा झारखंड से पकड़ लाई जशपुर पुलिस.
पुलिस ने चोरों से चोरी का माल खरीदने वाले गुमला के एक दुकानदार अमृत केरकेट्टा को भी ग्राम सकतारा थाना जारी, जिला गुमला झारखंड से धर दबोचा.
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की 58 डिब्बा 13 लीटर वाला रिफाइन तेल, 07 बोरी चावल, 15 पाउच रिफाइन तेल, 34 बोतल सरसों तेल, 01पेटी साबुन व 36 पैकेट सिगरेट को बरामद करते हुए, चोरी के सामान की बिक्री से प्राप्त 1005/- रुपये तथा घटना में प्रयुक्त ऑटो क्रमांक JH-07-E-7736 को भी किया जप्त.
नाम गिरफ्तार आरोपी क्रमशः -1. विरेन्द्र भगत उम्र 29 वर्ष निवासी नवाटोली जशपुर, 2. अजय रवानी उम्र 40 वर्ष निवासी बनिया टोली जशपुर, 3. कार्तिक भगत उम्र 26 वर्ष निवासी नवाटोली जशपुर, 4. पमित बरला उम्र 20 वर्ष निवासी सरना टोली जशपुर, 5. (चोरी के सामान का खरीददार) अमृत लाल केरकेट्टा उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम सकतारा थाना जारी, जिला गुमला झारखंड, 6. नवाजिश खान उम्र 34 वर्ष निवासी करबला रोड जशपुर, जिला जशपुर छग.
जशपुर :जशपुर में किराना व्यापारी की दुकान में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने शानदार खुलासा करते हुए महज कुछ दिनों में पूरे गिरोह को दबोच लिया। सीसीटीवी फुटेज, साइबर टीम और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची और चोरी में शामिल पांच चोरों सहित चोरी का सामान खरीदने वाले झारखंड के दुकानदार को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने भारी मात्रा में चोरी का सामान, नकदी और घटना में प्रयुक्त ऑटो जप्त किया है। इस कार्रवाई को लेकर डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का संदेश दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 10 मई 2026 को प्रार्थी विक्रम ताम्रकार उम्र 37 वर्ष निवासी मधुबन टोली जशपुर ने थाना सिटी कोतवाली जशपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसका विक्रम किराना दुकान के नाम से जशपुर के लक्ष्मी गुडी मंदिर के पास एक किराना का दुकान है। दिनांक 08 मई 2026 की रात्रि करीबन 10:00 बजे वह अपनी दुकान के शटर को बंद कर अपने घर चला गया था। दूसरे दिन दिनांक 09 मई 2026 की सुबह करीबन 08:30 बजे उसके ड्राइवर के द्वारा, फोन कर उसे सूचना दी गई कि उसके दुकान के शटर के ताले को किसी के द्वारा तोड़ दिया गया है व शटर को भी खींचा गया है। जिस पर प्रार्थी तत्काल दुकान पहुंचकर देखा तो पाया उसके दुकान के शटर का ताला नहीं था, व शटर भी दाहिनी ओर खींचा हुआ था, जिस पर वह आस पास के लोगों की मदद से शटर को ऊपर उठा कर, दुकान के अंदर जाकर देखा तो पाया कि उसके दुकान से हरि केशरी कंपनी के रिफाइन तेल का 60 डब्बा, चावल बोरी 25 कट्टा,15 कार्टून रिफाइन तेल कार्टून व अन्य खाद्य सामग्री सहित कुल 1 लाख रुपये कीमत की सामग्री को किसी के द्वारा चोरी कर ले जाया गया है।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर में अज्ञात चोरों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 331(4),305(A),3(5) व 317(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपियों की धर पकड़ हेतु डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के द्वारा एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा के नेतृत्व में 04 विशेष पुलिस की टीम गठित की गई थी।
पुलिस टीम के द्वारा लगातार संदिग्धों से पूछताछ करते हुए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेजों का खंगाल जा रहा था, साथ ही पुलिस की टेक्निकल/साइबर टीम की भी मदद ली जा रही थी व पुलिस के मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया था। इसी दौरान पुलिस की टीम को पता चला कि मामले में जशपुर के नवाटोली, बनियाटोली, सरनाटोली तथा करबला चौक मोहल्ले के निवासी क्रमशः विक्रम भगत उर्फ लड्डू, कार्तिक भगत, अजय रवानी, पमीत बरला तथा नवाजिश खान की भूमिका संदिग्ध है, जिस पर पुलिस टीम के द्वारा क्रमशः विक्रम भगत उर्फ लड्डू, कार्तिक भगत, अजय रवानी, पमीत बरला को हिरासत में लिया गया।
पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए संदिग्ध विक्रम भगत उर्फ लड्डू, कार्तिक भगत, अजय रवानी, पमीत बरला ने चोरी करना स्वीकार करते हुए बताया कि घटना दिनांक को उनके द्वारा नवाजिश खान के साथ मिलकर, किराना दुकान में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था व चोरी के माल को नावाजिश खान के ऑटो में भरकर झारखंड राज्य के जिला गुमला थाना जारी अंतर्गत ग्राम सकतार निवासी दुकानदार अमृत लाल केरकेट्टा को बेचा गया था। जिस पर पुलिस के टीम के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए ग्राम सकतारा थाना जारी जिला गुमला से चोरी के सामान के खरीददार अमृत लाल को हिरासत में लेकर लाया गया। मामले से जुड़ा अन्य आरोपी नवाजिश खान, पुलिस की भनक लगते ही फरार हो गया था, जिसे कि पुलिस की टीम के द्वारा साइबर टीम की मदद से सिमडेगा झारखंड से पकड़ कर लाया गया। मामले में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे चोरी की 58 डिब्बा 13 लीटर वाला हरी केशरी कंपनी का रिफाइन तेल, 07 बोरी चावल, 15 पाउच रिफाइन तेल, 34 बोतल 200 ग्राम वाला सरसों तेल, 01पेटी साबुन व 36 पैकेट सिगरेट को बरामद करते हुए, चोरी के सामान की बिक्री से प्राप्त 1005/- रुपये तथा घटना में प्रयुक्त ऑटो क्रमांक JH-07-E-7736 को भी किया जप्त को भी जप्त किया है।
प्रकरण में आरोपियों के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त सबूत पाए जाने पर, पांच आरोपी क्रमशः 1. विरेन्द्र भगत उम्र 29 वर्ष निवासी नवाटोली जशपुर, 2. अजय रवानी उम्र 40 वर्ष निवासी बनिया टोली जशपुर, 3. कार्तिक भगत उम्र 26 वर्ष निवासी नवाटोली जशपुर, 4. पमित बरला उम्र 20 वर्ष निवासी सरना टोली जशपुर, 5. (चोरी के सामान का खरीददार) अमृत लाल केरकेट्टा उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम सकतारा थाना जारी, जिला गुमला झारखंड को विधिवत गिरफ्तार कर दिनांक 18 मई 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
सिमडेगा झारखंड से ढूंढ कर लाए गए फरार आरोपी नवाजिश खान उम्र 34 वर्ष निवासी करबला रोड जशपुर जिला जशपुर छग, न्यायिक रिमांड पर भेजा जाएगा।
इस प्रकरण की कार्यवाही व आरोपियों की गिरफ्तारी सहित चोरी के सामान की बरामदगी में एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जशपुर निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, साइबर सेल से उपनिरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा, आरक्षक अनूप भगत व सिटी कोतवाली जशपुर से प्रधान आरक्षक राजेश पाल, आरक्षक उपेंद्र सिंह व नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख, नगर सैनिक रवि डनसेना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
प्रकरण के बारे में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि पुलिस ने जशपुर के एक किराना दुकान में हुई चोरी के मामले में छ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक चोरी का सामान खरीदने वाला भी शामिल है, साथ ही चोरी के सामान को भी आरोपियों के कब्जे से बरामद कर जप्ती की गई है। ऐसे अपराधों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जावेगी।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में विकास कार्यों की समीक्षा : प्रभारी सचिव हिमशिखर गुप्ता ने वीसी के जरिए परखी जमीनी हकीकत
जिले की प्रगति रिपोर्ट; जल जीवन मिशन, राजस्व मामलों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर रहा विशेष फोकस
रायपुर :सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी सचिव हिमशिखर गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिले की वर्तमान प्रगति और क्रियान्वयन की बिंदुवार जानकारी साझा की। इस उच्च स्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक में जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
राजस्व मामलों में तेजी और अधोसंरचना निर्माण के निर्देश
प्रभारी सचिव ने राजस्व कार्यों के त्वरित निराकरण पर जोर देते हुए भू-अभिलेख, भू-अर्जन और डायवर्शन के नक्शा-खसरा को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन रिकॉर्ड में अपडेट रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिले में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट, एसडीएम कार्यालय, जिला पंचायत, जिला अस्पताल और ट्राइबल हॉस्टल के जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
पेयजल, मनरेगा और ग्रामीण विकास पर फोकस
बैठक में जल जीवन मिशन, जल आवर्धन योजना और मल्टी विलेज पेयजल योजनाओं की समीक्षा की गई ताकि हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा मनरेगा के तहत रोजगार सृजन, पीएम ग्राम सड़क योजना, स्वामित्व योजना और ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रगति को भी देखा गया।
स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की पड़ताल
जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति, सरकारी अस्पतालों में सामान्य प्रसव व ऑपरेशन की संख्या बढ़ाने और बिलाईगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार पर चर्चा हुई। इसी तरह पीएमश्री स्कूल निर्माण और हाईस्कूल/हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ई-केवाईसी (e-KYC) कार्य, किसान सम्मान निधि, एग्रीस्टेक पंजीयन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा की गई।
कृषि, आपूर्ति और कानून व्यवस्था की समीक्षा
प्रभारी सचिव ने खरीफ सीजन के मद्देनजर रासायनिक खाद की उपलब्धता व भंडारण की जानकारी ली। साथ ही धान उठाव और भारतीय खाद्य निगम (FCI) में चावल भंडारण की स्थिति का जायजा लिया। जिले में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति, खनिज विभाग की गतिविधियों और डीएमएफ (DMF) राशि से संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
प्रभारी सचिव ने जिले में तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन, उप जेल की स्थिति, सड़क सुरक्षा, आपराधिक आंकड़ों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की कड़ाई से समीक्षा की। मुख्यमंत्री घोषणा के कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसी तरह जिला खनिज न्यास (DMF) के सहयोग से युवाओं के लिए संचालित तेजस निःशुल्क फ्री कोचिंग, ग्राम सुखापाली की 25 एकड़ शासकीय भूमि पर हो रही सामूहिक अमरूद की विशेष खेती,सपेरा बस्ती के 40 हितग्राहियों के लिए पीएम आवास निर्माण की प्रगति,मकरी दरहा में पहुंच सीसी रोड, लातनाला पर एनीकट निर्माण और जिले के मॉडल आंगनबाड़ियों की स्थिति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
जब सरकार ने सुनी मिट्टी की पुकार, गोड़बहाल के गेट से फिर बह निकली उम्मीद की जल
सुशासन तिहार—जहां शिकायतें फाइलों में नहीं, खेतों तक पहुंचकर होती हैं समाधान
रायपुर : महासमुंद के पिथौरा विकासखंड के परसापाली गांव में शाम होते ही खेतों के किनारे बुजुर्ग किसान रामलाल यादव अक्सर गोड़बहाल जलाशय की तरफ टकटकी लगाकर देखते रहते थे।
सालों से यही जलाशय पोटापारा और परसापाली के खेतों की प्यास बुझाता आया था। पर इस बार बरसात से पहले ही उसका मुख्य गेट जर्जर होकर जवाब दे गया। गेट से पानी रिसता रहता, खेतों तक पानी पहुंचता ही नहीं। बीज पड़े रहे, मगर सिंचाई न होने से फसल का सपना अधूरा रह जाता।
“साहब, बीज बो दिए, पर पानी नहीं पहुंचा तो सब मेहनत मिट्टी में मिल जाएगी,”— यही दर्द लेकर रामलाल और गांव के दर्जनों किसान सुशासन तिहार के समाधान शिविर में पहुंचे। मंच पर उनकी बात सुनी गई, कागजों में दर्ज हुई, और सबसे बड़ी बात—भूली नहीं गई।
शिकायत सुनते ही कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने उसी वक्त जल संसाधन विभाग को निर्देश भेजे। अगली सुबह कार्यपालन अभियंता अजय खरे अपनी टीम के साथ गोड़बहाल पहुंचे। टूटे गेट को देखा, औजार मंगवाए और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत शुरू कर दी।
तीन दिन बाद जब गेट फिर से मजबूत होकर खड़ा हुआ, तो गांव में जैसे त्योहार जैसा माहौल हो गया। पानी का पहला प्रवाह जब नहरों में उतरा, तो खेतों की सूखी मिट्टी ने जैसे राहत की सांस ली। रामलाल की आंखें भर आईं।
“सालों से यही शिकायत करते आए, पर इस बार मुख्य मंत्री श्री विष्णुदेव की सरकार सरकार ने सच में सुनी। सुशासन तिहार ने हमारी आवाज को सीधे अफसरों तक पहुंचा दिया। अब गोड़बहाल से निकलने वाला पानी सिर्फ खेतों को नहीं सींच रहा, वो किसानों के भरोसे को भी सींच रहा है।
राज्य सरकार के लिए ये सिर्फ एक गेट की मरम्मत नहीं है। ये इस बात का सबूत है कि जब शासन ग्रामीणों की मांग को प्राथमिकता देता है, तो फसलों के साथ-साथ उम्मीदें भी फिर से लहलहा उठती हैं।
ग्रीष्मकालीन खेल शिविर में निखर रही बच्चों की प्रतिभाएं, 260 खिलाड़ी ले रहे 8 खेलों का प्रशिक्षण, खेल के साथ योग और सामान्य ज्ञान पर भी जोर
रायपुर : जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से बीजापुर में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल शिविर में बच्चों की खेल प्रतिभाओं को नई दिशा मिल रही है। एजुकेशन सिटी में आयोजित इस आवासीय शिविर में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से आए बच्चे उत्साह के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कलेक्टर श्री विश्वदीप और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण और सुदूर अंचलों के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनकी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है।
शिविर में जिले के चारों विकासखंडों से आए 260 खिलाड़ी शामिल हैं। बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी के प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को दो पालियों में वालीबाल, फुटबॉल, सॉफ्टबॉल, तीरंदाजी, बैडमिंटन, तैराकी, एथलेटिक्स और कबड्डी सहित 8 खेलों का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को खेलों के नियम, अनुशासन, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी भी दी जा रही है। प्रतिदिन योग सत्र आयोजित कर बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
खेल गतिविधियों के साथ बच्चों को सेंट्रल लाइब्रेरी में सामान्य ज्ञान और शैक्षणिक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
शिविर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे चलकर स्पोर्ट्स अकादमी में प्रवेश देकर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह ग्रीष्मकालीन खेल शिविर बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित कर रहा है।
एर्राबोर में सुशासन तिहार का सफल आयोजन : ग्रामीणों तक पहुंचीं शासकीय योजनाएं, शिविर में ही हुआ समस्याओं का समाधान
रायपुर : सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत एर्राबोर में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और खुशियों का केंद्र बन गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।
शिविर का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाना था। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित रहकर लोगों की समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान की प्रक्रिया शुरू की।
शिविर में विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और 6 माह के बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इससे कार्यक्रम में सामाजिक और मानवीय जुड़ाव का वातावरण देखने को मिला।
ग्रामीणों की सुविधा के लिए शिविर में राशन कार्ड ई-केवाईसी, महतारी वंदन योजना ई-केवाईसी, नया आधार कार्ड पंजीयन एवं अपडेट, बी-1 और किसान किताब वितरण तथा एग्री स्टेक पंजीयन जैसी जरूरी सेवाएं भी मौके पर उपलब्ध कराई गईं।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों को कुल 250 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पंचायत विभाग के 165, कृषि विभाग के 22, विद्युत विभाग के 14 तथा राजस्व और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 11-11 आवेदन शामिल रहे। सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
कार्यक्रम में स्थानीय सरपंच श्रीमती लक्ष्मी कट्टम, पूर्व सरपंच, पंचगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास और सहभागिता को नई मजबूती मिली है।
‘सुशासन तिहार’ की धूम: एक ही छत के नीचे खुले सरकारी योजनाओं के द्वार, हितग्राहियों के चेहरे खिले
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सारंगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के राजापारा रंगमंच में मंगलवार को ‘सुशासन तिहार शिविर’ का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर ने आम जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को मिटाते हुए एक ही छत के नीचे ढेरों सरकारी सुविधाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाया। शिविर में उमड़ी नगरवासियों की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण रही कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर मजबूती से उतर रही हैं।
शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी सौगातें दी गईं, जिसमें 6 हितग्राहियों को नए भवनों के निर्माण के लिए अनुज्ञा प्रमाण पत्र सौंपे गए, वहीं 3 हितग्राहियों को उनका आशियाना पूर्ण होने पर भवन पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किया गया। अपना पक्का आशियाना और कानूनी दस्तावेज पाकर हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने राज्य सरकार व जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया।
इसी तरह महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल पर पारंपरिक और मंगलमयी माहौल देखने को मिला, जहाँ विभागीय सजगता के साथ 2 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया और 2 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म पूरी की गई। इसके साथ ही, उपस्थित महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य, बेहतर पोषण और सही देखभाल के प्रति जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण परामर्श भी दिए गए।
प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए खाद्य विभाग की ओर से मौके पर ही 2 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए 2 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए और जरूरतमंद लोगों को फूड बास्केट का वितरण भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में पहुंचे बड़ी संख्या में नगरवासियों का ब्लड प्रेशर, शुगर एवं अन्य जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उचित चिकित्सीय सलाह दी गई।
सुशासन का असली अर्थ चरितार्थ करते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने न केवल अपनी योजनाओं की जानकारी दी, बल्कि जनता से सीधे आवेदन और शिकायतें भी प्राप्त कीं। कई जटिल समस्याओं का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आमजन को मार्गदर्शन दिया गया, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।
इस जन-सरोकार के कार्यक्रम में स्थानीय पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, नगरपालिका सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी-कर्मचारी और भारी संख्या में सजग नागरिक उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का यह प्रयास बेहद सफल और सराहनीय रहा।
दुर्गम जंगलों के बीच पहुंची स्वास्थ्य सेवा, 771 ग्रामीणों की हुई जांच
बीजापुर के ग्राम गमपुर में स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान बना ग्रामीणों के लिए राहत
रायपुर : दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र ग्राम गमपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच पहुंचकर जनसेवा का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। बीजापुर जिले के उप स्वास्थ्य केंद्र डोडीतुमनार की टीम ने जंगल और खराब रास्तों की चुनौतियों के बावजूद गांव में यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग सर्वे सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान कुल 771 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई।
स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ मलेरिया, टीबी, एनीमिया, उच्च रक्तचाप और गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच भी की। सर्वेक्षण के दौरान 5 मलेरिया मरीजों की पहचान कर तुरंत उपचार शुरू किया गया। वहीं 2 संभावित टीबी मरीजों और 1 हाई रिस्क गर्भवती महिला को आगे की जांच और उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
जांच के दौरान 1 उच्च रक्तचाप और 2 एनीमिया से पीड़ित मरीजों को भी चिन्हित किया गया। उन्हें आवश्यक दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया गया।
स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को साफ-सफाई, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और संक्रामक बीमारियों से बचाव के बारे में भी जागरूक किया। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार उनके गांव के पास इतने बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच सुविधा उपलब्ध हुई है, जिससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। टीम के लगातार प्रयासों से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।
ग्राम गमपुर में चलाया गया यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि यह भी दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य विभाग लोगों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
सुशासन तिहार में त्वरित कार्रवाई : पोड़ियामी जोगा को मिला 1.10 लाख रुपये का बकरी शेड
पशुपालन से मजबूत होगी आजीविका, ग्रामीण परिवार को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा
रायपुर : सुकमा जिले की जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत गोंदपल्ली के पटेलपारा निवासी श्री पोड़ियामी जोगा को सुशासन तिहार के माध्यम से बड़ी राहत मिली है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उन्हें एक लाख 10 हजार रुपये की लागत से बकरी शेड निर्माण की सुविधा प्रदान की गई है। इससे उनके पशुपालन कार्य को नई मजबूती मिली है और आय बढ़ाने का रास्ता भी आसान हुआ है।
श्री पोड़ियामी जोगा ने सुशासन तिहार 2025 के दौरान आयोजित शिविर में बकरी शेड निर्माण के लिए आवेदन दिया था। आवेदन मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शीघ्र स्वीकृति प्रदान की और तय समय-सीमा में बकरी शेड का निर्माण पूरा कराया गया।
बकरी शेड बनने से अब पशुओं की देखभाल बेहतर तरीके से हो रही है। इससे पशुपालन कार्य में सुविधा बढ़ी है और भविष्य में आय में वृद्धि की उम्मीद भी मजबूत हुई है।
हितग्राही श्री जोगा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है और ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।