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  • कुछ हजार रुपये के लालच में बेच दिया बैंक खाता, साइबर ठगी का बना हथियार ! ऑनलाइन फ्रॉड की रकम पहुंच रही थी इस खाते में ! साइबर सेल की जांच में खुला बड़ा खेल, म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार कर न्यायालय में किया गया पेश.

    कुछ हजार रुपये के लालच में बेच दिया बैंक खाता, साइबर ठगी का बना हथियार ! ऑनलाइन फ्रॉड की रकम पहुंच रही थी इस खाते में ! साइबर सेल की जांच में खुला बड़ा खेल, म्यूल अकाउंट धारक गिरफ्तार कर न्यायालय में किया गया पेश.

    मामले का विवरण इस प्रकार हैं कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C) द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूची अनुसार फर्जी मोबाइल नम्बरों को जारी करने वाले पॉइंट ऑफ़ सेल्स (पीओएस) एवं म्यूल अकाउंट खाता धारकों के विरुद्ध सख़्ती से कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में पुलिस मुख्यालय रायपुर से दिशा निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसी क्रम में दस्तावेज के अवलोकन पर म्यूल एकाउंट के मामले में संबंधित बैंक खाता धारक मोहम्मद सम्मी आत्मज फकरुद्दीन साकिन बेलखरीखा थाना दरिमा के नाम से खाता संचालित है, सम्बंधित म्यूल खाते के विरुद्ध पुलिस पोर्टल में विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन शिकायत दर्ज होना एवं उक्त खाते में 2430/- रूपये छलपूर्वक प्राप्त करने हेतु अपने सीम/बैंक खाता का उपयोग षडयंत्र पूर्वक किया जाना पाया गया। जिस पर से थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 406/26 धारा 318 (4), 317(4), 111 बी.एन.एस. का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

    विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा मामले के आरोपी मोहम्मद सम्मी का पता तलाश कर पीजी कॉलेज के पास से तलब कर पुछताछ किया गया। आरोपी द्वारा अपना नाम (01) मोहम्मद सम्मी आत्मज फकरुद्दीन उम्र 19 वर्ष साकिन बेलखरीखा थाना दरिमा का होना बताया गया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध में पूछताछ किये जाने पर घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया एवं आरोपी अनुज सिंह के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना बताया है तथा अनुज सिंह से खाता बिक्री करने के एवज में कमीशन प्राप्त किया गया है। प्रकरण में आरोपी मोहम्मद सम्मी के खाता में ठगी की राशि एक से अधिक बार ट्रांजेक्शन होने से तथा अनुज सिंह के साथ मिलकर गेमिंग तथा फ्रॉड के रूपये को प्राप्त करने हेतु खाता की खरीद बिक्री किया गया है। आरोपी मोहम्मद सम्मी खान के विरूद्ध धारा सदर का अपराध घटित करने सबूत पाये जाने पर प्रकरण में आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है, प्रकरण में आरोपी अनुज सिंह को पूर्व में गिरफ़्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया था।

  • ​कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर ‘बिग बॉस’ का घर था, जहां ‘गांधी परिवार’ की चरण वंदना का पाठ पढ़ाया गया : प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी

    ​कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर ‘बिग बॉस’ का घर था, जहां ‘गांधी परिवार’ की चरण वंदना का पाठ पढ़ाया गया : प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी

    प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी का कटाक्ष : ​राहुल गांधी सिर्फ खानापूर्ति करने आए और ‘मैगी’ खाकर चले गए!

    पायलट, खेड़ा और लाम्बा जैसे अप्रशिक्षित लोग कांग्रेसियों को प्रशिक्षित किया या बिगाड़ा

    रायपुर : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कांग्रेस के 10 दिनों तक चले कथित प्रशिक्षण शिविर पर करारा तंज कसते हुए इस शिविर की तुलना ‘बिग बॉस’ के घर से करते हुए कहा कि यहाँ कार्यकर्ताओं को देश या जनता की सेवा का नहीं, बल्कि सिर्फ और सिर्फ गांधी परिवार की चाकरी और सेवा करने का प्रशिक्षण दिया गया है।

    ​भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री चिमनानी ने तीखा हमला बोलकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी, जिन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी ‘प्रशिक्षण’ शब्द का मतलब तक नहीं समझा, वे खुद कार्यकर्ताओं को ज्ञान बाँटने आ गए! इतना ही नहीं, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पवन खेड़ा और अलका लाम्बा जैसे अप्रशिक्षित लोग वहाँ दूसरों को प्रशिक्षित करने आए या बिगाड़ने। श्री चिमनानी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी को न तो कार्यकर्ताओं की चिंता थी और न ही प्रशिक्षण से कोई लेना-देना था। वे इस शिविर में केवल खानापूर्ति करने के लिए आए थे, वहाँ ‘मैगी’ खाई और वापस चले गए। यह शिविर पूरी तरह से बेअसर और सिर्फ राजनीतिक तमाशा बनकर रह गया।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री चिमनानी ने कहा कि देश के गिने-चुने राज्यों तक सिमट चुकी कांग्रेस पार्टी का भविष्य पूरी तरह अंधकारमय है और आने वाले समय में यह भारत के राजनीतिक नक्शे से गायब हो जाएगी। देश की जनता हमेशा नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने वालों को मौका देती है, न कि भ्रष्टाचार के जरिए देश को लूटने वालों को। श्री चिमनानी ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए ‘प्रशिक्षण’ शब्द का असली अर्थ बेहद सीमित है। उनके लिए इसका मतलब सिर्फ जनता की जेब पर डाका डालकर अपनी जेबें भरना है और एक खास परिवार की परिक्रमा करके पार्टी में अपना नम्बर बढ़ाना है।

  • डिजिटल होगी भाजपा महिला मोर्चा: प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने बूथ सखियों तक प्रशिक्षण पहुंचाने का किया ऐलान

    डिजिटल होगी भाजपा महिला मोर्चा: प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने बूथ सखियों तक प्रशिक्षण पहुंचाने का किया ऐलान

    भाजपा महिला मोर्चा भी होगा डिजिटल, बूथ स्तर तक होगा प्रशिक्षण

    महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा : हर क्षेत्र में महिलाओं की डिजिटल भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध

    रायपुर : भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा है कि भाजपा का ‘डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम’ कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक, पार्टी की विचारधारा, इतिहास और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए चलाया जा रहा एक विशेष प्रशिक्षण अभियान है। श्रीमती अवस्थी ने कहा कि इस अभियान को महिला कार्यकर्ताओं के बीच बूथ स्तर तक पहुँचाने महिला मोर्चा ने तैयारी पूरी कर ली है।

    भाजपा महिला मोर्चा की  प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अवस्थी ने डिजिटल प्रशिक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक युग में डिजिटल होना आवश्यक है क्योंकि आज के दौर में त्वरित जानकारियाँ, मुद्दे और विषय डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उपलब्ध होते हैं, अत: भाजपा महिला मोर्चा को डिजिटल क्षेत्र में पूर्ण प्रशिक्षित होना अनिवार्य है ताकि वे बेहतर तरीके से डिजिटल क्षेत्र के कार्य करने में सक्षम हो सकें। श्रीमती अवस्थी ने इस कार्यक्रम के विषय में विस्तार से बताते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रशिक्षण भाजपा के आधिकारिक सरल ऐप  के माध्यम से डिजिटली प्रदान किया जाता है। इसका आधारभूत मुख्य पाठ्यक्रम कार्यकर्ताओं को चार प्रमुख मॉड्यूल के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाना है, जिसके तहत भाजपा की विचारधारा और पार्टी का इतिहास , नेतृत्व और पंचनिष्ठा , नमो ऐप का उपयोग एवं साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों की जन-कल्याणकारी विकास योजनाओं को डिजिटल माध्यम से प्रसारित किया जाएगा।

    भाजपा महिला मोर्चा की  प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अवस्थी ने बताया कि उक्त कार्यक्रम में डिजिटल प्रशिक्षण की प्रक्रिया विस्तार से बताई जाएगी। कार्यकर्ताओं को अपने मोबाइल ऐप पर वीडियो और अध्ययन सामग्री के जरिए प्रशिक्षित किया जाएगा। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद ऑनलाइन परीक्षा प्रश्नोत्तरी  होती है। मूल्यांकन पूरा होने पर कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा । इस अभियान में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं, मंडल प्रभारियों और पदाधिकारियों को जोड़कर राज्य और मण्डल स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित की जानी तय की गई  हैं। हम यह कार्यक्रम बूथ स्तर तक बूथ सखियों के बीच जाकर चलाएंगे ताकि डिजिटल प्रशिक्षण हमारी बूथ सखियों तक पहुँच सके। डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए महिला मोर्चा द्वारा सम्भाग, जिला एवं विधानसभा स्तर पर महिला प्रभारियों की नियुक्ति भी की गई है ।

  • पुलिस का बड़ा एक्शन : घर में छिपाकर रखी थी चोरी की बाइक ! पुलिस की दबिश पड़ते ही खुल गया पूरा राज, मुखबिर की एक सूचना से आरोपी पहुंचा सीधे जेल !

    पुलिस का बड़ा एक्शन : घर में छिपाकर रखी थी चोरी की बाइक ! पुलिस की दबिश पड़ते ही खुल गया पूरा राज, मुखबिर की एक सूचना से आरोपी पहुंचा सीधे जेल !

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना छाल पुलिस ने ग्राम बोजिया से चोरी हुई मोटरसाइकिल के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई बाइक बरामद की है। आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बोजिया निवासी घनश्याम प्रसाद चंद्रा ने 27 जून को थाना छाल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी प्लेटिना मोटरसाइकिल क्रमांक CG-13-G-0417 को दिनांक 25 जून 2026 की रात उनके मकान के पास गली से अज्ञात व्यक्ति चोरी कर ले गया। रिपोर्ट पर थाना छाल में अपराध क्रमांक 153/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

    विवेचना के दौरान थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम तुमकुड़ा (कुड़ेकेला) निवासी कपूर कुमार केरकेट्टा अपने घर में चोरी की मोटरसाइकिल छिपाकर रखा है। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर संदेही को हिरासत में लिया।

    पूछताछ में आरोपी ने मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर चोरी गई प्लेटिना मोटरसाइकिल क्रमांक CG-13-G-0417 बरामद की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी कपूर कुमार केरकेट्टा पिता झगरु केरकेट्टा, उम्र 31 वर्ष, निवासी ग्राम तुमकुड़ा (कुड़ेकेला), थाना छाल को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

  • ‘सहयोग केंद्र’ में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का जनता दरबार, 150 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं

    ‘सहयोग केंद्र’ में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का जनता दरबार, 150 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं

    सहयोग केंद्र’ में मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कार्यकर्ताओं से किया संवाद

    रायपुर : भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के लिए संचालित ‘सहयोग केन्द्र’ की नियमित कड़ी में मंगलवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। इस दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद रूपकुमारी चौधरी, भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज एवं सहयोग केन्द्र प्रभारी सच्चिदानन्द उपासने मौजूद थे।

    इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर से आए 150 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं व सुझावों को सुना एवं कार्यकर्ताओं के आवेदनों का निराकरण किया। ‘सहयोग केंद्र’ में आयोजित इस सीधे संवाद कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने विभिन्न विषयों पर केन्द्रित आवेदनों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ विचार किया। उन्होंने कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भाजपा का यह ‘सहयोग केंद्र’ जनता और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहा है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और बीस सूत्रीय कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन से अंतिम छोर के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    बुधवार को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा पहुँचेंगे सहयोग केन्द्र

    कल 01जुलाई को सहयोग केंद्र में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।

  • सिम्स बिलासपुर को बड़ी उपलब्धि: 150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता बरकरार, नए सत्र में दाखिले का रास्ता साफ

    सिम्स बिलासपुर को बड़ी उपलब्धि: 150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता बरकरार, नए सत्र में दाखिले का रास्ता साफ

    सिम्स बिलासपुर को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता का नवीनीकरण

    एनएमसी ने जारी किया लेटर ऑफ रिन्यूअल, प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

    रायपुर : राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी), नई दिल्ली के स्नातक चिकित्सा शिक्षा बोर्ड (यूजीएमईबी) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) की 150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता का नवीनीकरण (लेटर ऑफ रिन्यूअल) जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र में 150 विद्यार्थियों के प्रवेश का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

    यह उपलब्धि सिम्स में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, आधुनिक आधारभूत संरचना, अनुभवी संकाय तथा मरीजों को प्रदान की जा रही उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमाण है। एनएमसी द्वारा जारी यह नवीनीकरण संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, गुणवत्ता मानकों के सफल अनुपालन एवं निरंतर प्रगति की राष्ट्रीय स्तर पर पुष्टि करता है।

    सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि 150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता का नवीनीकरण पूरे सिम्स परिवार के लिए गौरव का विषय है। यह संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, समर्पित शिक्षकों, आधुनिक संसाधनों और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं को मिली राष्ट्रीय मान्यता है। उन्होंने कहा कि सिम्स को मध्य भारत के अग्रणी चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, आधुनिक अधोसंरचना तथा उत्कृष्ट नैदानिक प्रशिक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।

    उन्होंने बताया कि सिम्स चिकित्सालय बिलासपुर संभाग का सबसे बड़ा शासकीय चिकित्सा संस्थान है, जहाँ प्रतिदिन लगभग 2,000 से 2,500 मरीज बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में उपचार के लिए पहुँचते हैं तथा लगभग 900 मरीज विभिन्न वार्डों में भर्ती रहकर उपचार प्राप्त करते हैं। संस्थान में 24 घंटे संचालित ब्लड बैंक, अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर एवं विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों के माध्यम से उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। बड़ी संख्या में आने वाले मरीजों के कारण मेडिकल विद्यार्थियों को समृद्ध व्यावहारिक एवं नैदानिक प्रशिक्षण प्राप्त होता है, जिससे वे दक्ष एवं संवेदनशील चिकित्सक बनने की दिशा में तैयार होते हैं। यह मान्यता प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगी।

    उल्लेखनीय है कि सिम्स छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में से एक है। संस्थान में थैलेसीमिया एवं सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों को निःशुल्क रक्त एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में संस्थान ने 10,043 यूनिट रक्त संग्रह कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं जनस्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सिम्स निरंतर नए मानक स्थापित कर रहा है तथा प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

    150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता का यह नवीनीकरण केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, दक्ष चिकित्सकों के निर्माण और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

  • आकाशीय बिजली को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट: बारिश में ये लापरवाही पड़ सकती है जानलेवा

    आकाशीय बिजली को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट: बारिश में ये लापरवाही पड़ सकती है जानलेवा

    वर्षाकाल में आकाशीय बिजली से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग ने जारी की जन-जागरूकता अपील

    रायपुर : वर्षाकाल में आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की अत्यधिक संभावनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आमजन से सतर्कता बरतने एवं सुरक्षा संबंधी उपायों का पालन करने की अपील की गई है।

    स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आकाशीय बिजली एक प्राकृतिक आपदा है, जिससे थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर जनहानि एवं गंभीर दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। मौसम खराब होने, बादल गरजने या बिजली चमकने की स्थिति में नागरिकों को खुले मैदान, खेत, पहाड़ी, जलाशय, पेड़ के नीचे तथा ऊँचे स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी पक्के भवन अथवा बंद चारपहिया वाहन में सुरक्षित आश्रय लेना चाहिए।

    बिजली कड़कने के दौरान नदी, तालाब अथवा अन्य जल स्रोतों से दूर रहें तथा धातु के कृषि उपकरण, लोहे की रॉड, तार अथवा अन्य धातु की वस्तुओं के साथ खुले स्थान पर न रहें। साथ ही, मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों का पालन करें।

    यदि कोई व्यक्ति खुले में फँस जाए तो जमीन पर पूरी तरह लेटने के बजाय दोनों पैरों को साथ रखकर नीचे झुक जाए, सिर नीचे रखें तथा अन्य लोगों से कुछ दूरी बनाए रखें। इससे आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में जोखिम कम किया जा सकता है।

    यदि किसी व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिर जाए तो घबराएँ नहीं। प्रभावित व्यक्ति को छूना पूरी तरह सुरक्षित होता है। उसे तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ तथा 108 एम्बुलेंस सेवा अथवा निकटतम स्वास्थ्य संस्थान से तुरंत संपर्क करें तथा तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाएं।

     यदि व्यक्ति श्वास नहीं ले रहा हो अथवा नाड़ी नहीं चल रही हो तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा सीपीआर (CPR) प्रारंभ किया जा सकता है तथा शीघ्र अस्पताल पहुँचाना चाहिए।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वर्षाकाल के दौरान स्वयं सुरक्षित रहें, अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों की जानकारी दें तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें।

    “जब गरज सुनाई दे, तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएँ। आपकी सतर्कता ही आपका जीवन बचा सकती है।”

  • बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: छत्तीसगढ़ श्रम विभाग में व्यापक फेरबदल, कई जिलों के श्रम पदाधिकारी बदले, देखें पूरी सूची…!

    बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: छत्तीसगढ़ श्रम विभाग में व्यापक फेरबदल, कई जिलों के श्रम पदाधिकारी बदले, देखें पूरी सूची…!

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग में आज एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से बड़ा कदम उठाते हुए विभाग के अंतर्गत कार्यरत कई वरिष्ठ श्रम पदाधिकारियों, सहायक श्रम पदाधिकारियों और कर्मचारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है। महानदी भवन (मंत्रालय) से जारी इस आधिकारिक आदेश को माननीय मुख्यमंत्री की समन्वय में मंजूरी के बाद राज्यपाल के नाम से उप सचिव विपुल कुमार गुप्ता द्वारा जारी किया गया है।

    इस फेरबदल में न केवल अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं, बल्कि कई जिलों की कमान संभालने के लिए अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए हैं। आइए जानते हैं किसे कहाँ की नई जिम्मेदारी मिली है:

  • शिक्षकों को बड़ी राहत: शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति को शासन की मंजूरी

    शिक्षकों को बड़ी राहत: शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति को शासन की मंजूरी

    शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक शिक्षकों को मिलेगी पुनर्नियुक्ति

    शासन ने जारी की प्रशासकीय स्वीकृति, सभी जिलों में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश

    रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय एवं शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त शालाओं में कार्यरत शिक्षक संवर्ग (सहायक शिक्षक से लेकर प्राचार्य तक) को शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति प्रदान करने की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव पर शासन द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।

     आदेश में संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को निर्देशित किया गया है कि पुनर्नियुक्ति संबंधी जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र शिक्षकों को शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति प्रदान करने की आवश्यक कार्यवाही अपने स्तर पर शीघ्र सुनिश्चित करें। शासन के इस निर्णय से शासकीय एवं शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था की निरंतरता बनी रहेगी तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी।

  • ग्रामीण भारत के लिए बड़ा बदलाव: 1 जुलाई से लागू होगी ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना, हर परिवार को 125 दिन रोजगार की गारंटी

    ग्रामीण भारत के लिए बड़ा बदलाव: 1 जुलाई से लागू होगी ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना, हर परिवार को 125 दिन रोजगार की गारंटी

    विकसित भारत-जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा

    1 जुलाई 2026 से देशभर में लागू होगी योजना, ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों के रोजगार की गारंटी

    रायपुर : देशभर में 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना लागू हो रही है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका संवर्धन और आधारभूत विकास को नई गति देने के उद्देश्य से प्रारंभ की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत -2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में ग्रामीण भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाना है। योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, आजीविका संवर्धन और गांवों के समग्र विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।

    राज्य के बजट में 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान

     योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को मांग के आधार पर वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, कृषि आधारित कार्य, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आजीविका संवर्धन जैसे टिकाऊ कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। विकसित ग्राम की परिकल्पना को साकार करने के लिए योजना में कुल 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2026-27 के बजट में 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    2 जुलाई को होगा शुभारंभ

     छत्तीसगढ़ में योजना के शुभारंभ एवं क्रियान्वयन को लेकर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 2 जुलाई 2026 को तिरुपति, आंध्रप्रदेश से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें वे देश के विभिन्न राज्यों से संवाद करेंगे। प्रदेश में यह कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ग्रामीणों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़कर संवाद करेंगे।

    ग्राम सभा की भूमिका होगी सशक्त

     इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी, 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान की व्यवस्था होगी, कार्य उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान किया गया है। इसी तरह डिजिटल जॉब कार्ड एवं तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली, समयबद्ध एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था के साथ ग्राम सभा की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाया गया है।

    ग्राम सभा द्वारा तैयार की जाएगी पंचायतों के विकास कार्यों की कार्ययोजना

     वीबी जीरामजी में जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। इस योजना से ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास एवं आजीविका के नए अवसर प्रदान करेगी। सामाजिक अंकेक्षण एवं डिजिटल निगरानी से पारदर्शिता में भी वृद्धि होगी। नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा।

     विकसित भारत-जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों में विकास की स्थायी आधारशिला तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का माध्यम बनेगी।