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  • 31 जुलाई आखिरी मौका: कृषि में उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों के लिए खुला ‘डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार 2026’ का द्वार

    31 जुलाई आखिरी मौका: कृषि में उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों के लिए खुला ‘डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार 2026’ का द्वार

    डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित, 1 नवंबर को होगा पुरस्कार का वितरण

    रायपुर : छत्तीसगढ़ के कृषि विभाग द्वारा प्रतिष्ठित डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार 2026 के लिए राज्य के इच्छुक और पात्र प्रगतिशील किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित किसान को राज्य स्थापना दिवस (1 नवंबर 2026) के अवसर पर गरिमामय समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

    यहाँ से मिलेंगे नि:शुल्क आवेदन पत्र

     पुरस्कार के लिए निर्धारित आवेदन पत्र अपने नजदीकी उप संचालक कृषि या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के कार्यालय से बिना किसी शुल्क के प्राप्त किए जा सकते हैं। पूरी तरह भरे हुए आवेदन पत्र को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित कार्यालय में ही जमा करना होगा।

    आवेदन के साथ ये चीजें संलग्न करना अनिवार्य

     आवेदक किसान को अधिकतम दो पृष्ठों में अपने कृषि कार्यों की सफलता की कहानी लिखनी होगी। कृषि गतिविधियों के छायाचित्र, आधुनिक या नवाचारी खेती का प्रदर्शन करती हुई एक वीडियो सीडी, संलग्न करना होगा।

    पुरस्कार के लिए क्या हैं पात्रता

     इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की पात्रता के लिए विभाग ने निम्नलिखित कड़े मापदंड तय किए हैं। किसान छत्तीसगढ़ क्षेत्र में पिछले कम से कम 10 वर्षों से निरंतर कृषि कार्य कर रहा हो। किसान की कुल वार्षिक आय का न्यूनतम 75 प्रतिशत हिस्सा केवल कृषि गतिविधियों से प्राप्त होता हो। आवेदक किसान पर तकाबी, सिंचाई शुल्क या सहकारी बैंकों का कोई भी कालातीत ऋण बकाया नहीं होना चाहिए।

    इन पैमानों पर होगा किसानों का मूल्यांकन

     विजेता का चयन पूरी तरह वैज्ञानिक और पारदर्शी पद्धति से किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित बिंदुओं का मूल्यांकन होगा। खेती में नवीन तकनीकों, बेहतर फसल सघनता, फसल विविधीकरण और समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाना। पिछले तीन वर्षों के दौरान विभिन्न फसलों की उत्पादकता का रिकॉर्ड। कृषि एवं सहयोगी क्षेत्रों में किए गए नए प्रयोग तथा अन्य किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रेरित करने के प्रयास। भूमि एवं जल संरक्षण की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा।

    त्रि-स्तरीय छानबीन प्रक्रिया से होगा अंतिम चयन

     प्राप्त आवेदनों की प्रामाणिकता की जांच के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाई गई है। सबसे पहले आवेदनों का तथ्यात्मक सत्यापन विकासखंड (ब्लॉक) स्तरीय छानबीन समिति करेगी। इसके बाद जिला स्तरीय छानबीन समिति द्वारा स्क्रीनिँग की जाएगी और अंत में राज्य स्तरीय जूरी द्वारा सर्वश्रेष्ठ किसान का अंतिम चयन किया जाएगा। जूरी का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा। योजना और नियमों से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

  • कुनकुरी में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी पर मचा हड़कंप ! छत की ढलाई से पहले सेंट्रिंग कार्य के दौरान मजदूर नीचे गिरा, गंभीर हालत में रेफर, सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप.

    कुनकुरी में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी पर मचा हड़कंप ! छत की ढलाई से पहले सेंट्रिंग कार्य के दौरान मजदूर नीचे गिरा, गंभीर हालत में रेफर, सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप.

    कुनकुरी। नगर के पंजाब नेशनल बैंक के सामने स्थित बालक शाला परिसर में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन में शुक्रवार दोपहर निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। छत की ढलाई के लिए सेंट्रिंग (शटरिंग) का कार्य करते समय एक मजदूर ऊंचाई से नीचे गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अन्य मजदूरों तथा स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।

    घायल मजदूर की पहचान सिलबानुस तिग्गा (50 वर्ष), पिता इमिल तिग्गा, निवासी ग्राम रजौटी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब भवन की छत की ढलाई के लिए सेंट्रिंग का कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मजदूर ऊंचाई पर कार्य कर रहा था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर पड़ा।

    यह आंगनबाड़ी भवन नगर पंचायत कुनकुरी द्वारा लगभग 12 लाख रुपये की लागत से निर्मित कराया जा रहा है। घटना के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार्य-स्थल पर ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण, जैसे सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट, सुरक्षा जाल (सेफ्टी नेट) अथवा अन्य सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त रूप से नजर नहीं आए। यदि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाता, तो इस प्रकार की दुर्घटना की संभावना काफी हद तक कम हो सकती थी।

    निर्माण कार्यों में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना निर्माण एजेंसी और संबंधित ठेकेदार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। श्रम सुरक्षा नियमों के अनुसार ऊंचाई पर कार्य करने वाले मजदूरों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना तथा उनकी निगरानी करना अनिवार्य माना जाता है। ऐसे में यह हादसा निर्माण कार्य में संभावित लापरवाही और सुरक्षा प्रबंधन की कमी की ओर संकेत करता है।

    फिलहाल घायल मजदूर का उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। वहीं घटना के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

  • 15 अगस्त की भव्य तैयारी शुरू! मुख्य सचिव की हाई लेवल बैठक में बड़ा फैसला, रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में होगा राज्य स्तरीय समारोह

    15 अगस्त की भव्य तैयारी शुरू! मुख्य सचिव की हाई लेवल बैठक में बड़ा फैसला, रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में होगा राज्य स्तरीय समारोह

    स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू : मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक

    रायपुर : प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गरिमापूर्वक मनाया जाएगा। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तमाम तैयारियों को लेकर अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन की तैयारियों के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन प्रातः 9 बजे से होगा।

    स्वतंत्रता दिवस समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शानदार परेड का आयोजन होगा। समारोह स्थल पर परेड कार्यक्रम में भाग लेने वाली टुकड़ियों के निर्धारण एवं रिहर्सल हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल द्वारा पुलिस महानिदेशक के मार्ग दर्शन में सभी आवश्यक तैयारियां एवं व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह से यातायात, पार्किंग,ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई की व्यवस्था तथा मंच/पंडाल व्यवस्था और बैठक व्यवस्था का निर्धारण आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर के द्वारा की जाएगी। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों का निर्धारण स्कूल शिक्षा विभाग तथा संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा। स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के रिहर्सल कार्यक्रम में सभी व्यवस्थाओं कलेक्टर रायपुर द्वारा की जायेंगी।

     इसी तरह से स्वतंत्रता दिवस समारोह के संबंध में अन्य विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित किए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के निर्धारण के संबंध में शीघ्र ही निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर 7 से 15 अगस्त तक सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा। इसके लिए संस्कृति विभाग दिशा-निर्देश जारी करेगा।

    बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव कुमार सिंह, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

  • उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता खुला, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के फैसले का ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत

    उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता खुला, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के फैसले का ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत

    उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्णय का छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत

    मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात कर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए जताया आभार

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के महासचिव श्री विक्रम सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ियों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

    एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विशेष रूप से 20 विभिन्न खेलों के 156 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जाने तथा उन्हें शासकीय सेवा में लाभ का अवसर प्रदान करने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने इसे खेल प्रतिभाओं के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता का सर्वोत्तम प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक प्रोत्साहन, संसाधन और सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर प्रदान करने का निर्णय युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा तथा प्रदेश में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा देगा।

    मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का गौरव निरंतर बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त आधार हैं।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास तथा खिलाड़ियों के हित में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।

  • अब नहीं छिपेंगे सड़कों के गड्ढे! छत्तीसगढ़ में AI करेगा हर महीने ग्रामीण सड़कों की जांच, खराब सड़कें होंगी तुरंत चिन्हित

    अब नहीं छिपेंगे सड़कों के गड्ढे! छत्तीसगढ़ में AI करेगा हर महीने ग्रामीण सड़कों की जांच, खराब सड़कें होंगी तुरंत चिन्हित

    छत्तीसगढ़ में एआई (AI) तकनीक से होगा पीएमजीएसवाई सड़कों का निरीक्षण- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा फैसला

    हर माह वीडियो आधारित निरीक्षण से गड्ढों, दरारों और पॉटहोल की होगी पहचान, त्वरित मरम्मत की बनेगी कार्ययोजना

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और उनकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए राज्य सरकार अब एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। सड़कों की मॉनिटरिंग और मरम्मत कार्य को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने पीएमजीएसवाई के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली को जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

    हर महीने वीडियो से होगी सड़कों की जांच

     समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि इस नई तकनीक के तहत अब राज्य की प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विशेष एआई आधारित ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार कर लिया गया है। एआई तकनीक सड़कों पर मौजूद गड्ढों (पॉटहोल्स), दरारों और अन्य क्षतियों की अपने आप पहचान कर उनका विश्लेषण करेगी। इससे सड़कों की श्रियल टाइमश् (वास्तविक स्थिति) की सटीक जानकारी मिलेगी और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचा जा सकेगा।

    सर्वाधिक क्षतिग्रस्त सड़कों को मिलेगी प्राथमिकता

     उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एआई तकनीक से प्राप्त आंकड़ों (डेटा) के आधार पर राज्य की सबसे ज्यादा खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान प्राथमिकता से की जाएगी। इसके बाद उनके संधारण (रखरखाव) की बजट कार्ययोजना तैयार कर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों का सही और बेहतर उपयोग हो सकेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम व सुरक्षित बनेगा।

    कल से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

     इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कल से ही प्रायोगिक तौर पर (पायलट प्रोजेक्ट के रूप में) प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क का एआई आधारित निरीक्षण शुरू किया जाए। इन शुरुआती निरीक्षणों से मिलने वाले परिणामों का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद इसे पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के इस उपयोग से सड़कों की आयु बढ़ेगी और समय पर मरम्मत होने से जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

     इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्री भीम सिंह, सचिव श्री धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा संचालक एनआरएलएम श्री अश्वनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • आधी रात जहरीले सांप ने महिला को डसा, मौत से जंग के बीच डॉयल-112 बनी फरिश्ता! मिनटों में अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान

    आधी रात जहरीले सांप ने महिला को डसा, मौत से जंग के बीच डॉयल-112 बनी फरिश्ता! मिनटों में अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान

    संवेदनशील पुलिस, सुरक्षित नागरिक: डॉयल-112 की त्वरित कार्रवाई से सर्पदंश पीड़ित महिला को मिला जीवनदान

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में आपातकालीन सेवाएं बनीं आमजन का भरोसा

    डॉयल-112 टीम की तत्परता से समय पर मिला उपचार, महिला पूरी तरह खतरे से बाहर

    रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों को त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में डॉयल-112 की सतर्क एवं त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर मानव जीवन की रक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को प्रमाणित किया है। डॉयल-112 टीम ने सर्पदंश की शिकार एक महिला को बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    जानकारी के अनुसार, रात्रि लगभग एक बजे डॉयल-112 गौरेला फाल्कन-1 को ग्राम जमुनिया टोला, धनौली से एक महिला के सर्पदंश की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डॉयल-112 में तैनात आरक्षक श्री रामदयाल आयाम एवं चालक श्री गोपाल पुरी तत्काल आपातकालीन वाहन लेकर घटनास्थल के लिए रवाना हुए। टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया कि ग्राम जमुनिया टोला, धनौली निवासी 55 वर्षीय श्रीमती सोनकुंवर पनिका को रात्रि में जमीन पर सोने के दौरान जहरीले सर्प ने काट लिया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉयल-112 टीम ने बिना किसी विलंब के पीड़िता को परिजनों के साथ ईआरवी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से महिला की जान बच गई और वर्तमान में उनकी स्थिति सामान्य है।

    यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि राज्य सरकार द्वारा स्थापित आपातकालीन सहायता प्रणाली केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की प्रत्येक घड़ी में नागरिकों की सुरक्षा और जीवन रक्षा के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। डॉयल-112 की प्रशिक्षित टीमों की त्वरित प्रतिक्रिया, आधुनिक संचार व्यवस्था और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को समय पर सहायता मिल रही है।

    उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम धनौली में सर्पदंश की शिकार एक युवती को डॉयल-112 की तत्परता से समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसका जीवन बचाया गया था। लगातार दूसरी सफल कार्रवाई ने जिले में डॉयल-112 के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत किया है।

    जिला प्रशासन एवं जिला पुलिस ने वर्षा ऋतु के दौरान नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे जमीन पर सोने के बजाय चारपाई या बिस्तर का उपयोग करें, रात्रि में मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा घर एवं आसपास की साफ-सफाई बनाए रखें ताकि सर्पों के प्रवेश की संभावना कम हो। यदि किसी व्यक्ति को सर्पदंश हो जाए तो झाड़-फूंक, टोने-टोटके अथवा घरेलू उपचार में समय न गंवाते हुए तत्काल डॉयल-112 अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें, क्योंकि समय पर चिकित्सकीय उपचार ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।

    राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक को संकट की घड़ी में तत्काल सहायता उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से डॉयल-112 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी आपातकालीन सहायता शीघ्रता से पहुंच सके। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की यह घटना दर्शाती है कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से न केवल आपात स्थितियों का प्रभावी प्रबंधन हो रहा है, बल्कि नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी निरंतर सुदृढ़ हो रही है।

  • सरगुजा रेंज में संदिग्ध किरायेदारों और फरार अपराधियों की तलाश में पुलिस का बड़ा अभियान प्रारम्भ : गैंगस्टर के छिपने के मामले के बाद पुलिस अलर्ट, हर किरायेदार और बाहरी व्यक्ति का होगा सघन सत्यापन, सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय.

    सरगुजा रेंज में संदिग्ध किरायेदारों और फरार अपराधियों की तलाश में पुलिस का बड़ा अभियान प्रारम्भ : गैंगस्टर के छिपने के मामले के बाद पुलिस अलर्ट, हर किरायेदार और बाहरी व्यक्ति का होगा सघन सत्यापन, सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय.

    पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा द्वारा संभाग में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने व अपराधों पर रोकथाम सहित उनके धड़पकड़ हेतु जिलों में निवासरत् किरायेदार बाहरी व्यक्तियों/संदिग्ध व्यक्तियों/मुसाफिरों/दीगर राज्यों के फरार आरोपियों के अलावा असामाजिक तत्वों जैसे व्यक्तियों का विशेष अभियान चलाकर सत्यापन करने हेतु समस्त पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है। हाल ही में एक ऐसी घटना जिला सरगुजा पुलिस के संज्ञान में आया हैं जो बासेपुर धनबाद (झारखण्ड) निवासी गैंगस्टर साबीर आलम जो गैंग्स ऑफ बासेपुर का डॉन कहे जाने वाले फहीम खान, बासेपुर धनबाद की माँ और मौसी को दिनांक 18 अक्टूबर 2001 को दिन दहाड़े अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या किया था। हत्या के आरोपी साबीर आलम को माननीय उच्च न्यायालय झारखण्ड द्वारा भगोड़ा घोषित किये जाने के दौरान से आरोपी साबीर आलम झारखण्ड से फरार होकर वर्ष 2013 से मोमिनपुरा अम्बिकापुर में बस कम्पनी व सिलाई दुकान की आड़ में अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था। हत्या जैसे आरोपी को शरण देने में यहाँ के लोगों की संलिप्तता परिलक्षित होना पाया गया है।

    पुलिस महानिरीक्षक ने मामले को संज्ञान में लेते हुये समस्त पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिये कि आपने जिला इकाई में नोडल अधिकारीयों के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाकर किरायेदार बाहरी व्यक्तियों/संदिग्ध व्यक्तियों/मुसाफिरों/दीगर राज्यों के फरार आरोपियों के अलावा असामाजिक तत्वों जैसे संदिग्ध व्यक्तियों का डिटेल सत्यापन करने हेतु निर्देशित किये है। चलाये जाने वाले विशेष सत्यापन हेतु उन्होनें आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये है।

    शहरी थाना क्षेत्र को बीटवार/वार्डवार विभाजित कर नामजद अधिकारी एवं कर्मचारी नामांकित किया जावे, बीट के प्रभारी अधिकारी सभी संदिग्ध बाहरी व्यक्ति, किरायेदारों, होटल-ढाबा एवं ईट भट्ठा, कर कारखानों जैसे उद्योगों में काम करने वाले लोगों के निवास स्थान, घुमंतु, फेरीवाले एवं मुसाफिरों की चेकिंग के दौरान सत्यापन करना, मकान मालिकों से किरायेदारों की विस्तृत जानकारी प्राप्त किया जावे, इस संबंध में किसी मकान मालिक द्वारा किरायेदार की सम्पूर्ण जानकारी देने से इंकार/आना-कानी करने वाले के विरूद्ध विधिसम्मत् कार्यवाही की जावे। साथ ही थाना चौकी क्षेत्र केनिगरानी /गुण्डा बदमाशों एवं जिला बदर वाले व्यक्तियों की नियमित चेकिंग करने के भी निर्देश दिये। उन्होनें कहा कि चलाये जाने वाले सत्यापन अभियान में इकाई स्तर पर एक राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाते हुये कृत कार्यवाही की डिटेल रिर्पोट पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिये।

  • क्या आप हैं छत्तीसगढ़ के सबसे नवाचारी किसान? 31 जुलाई तक करें आवेदन, ‘कृषक रत्न’ बनने का सुनहरा मौका

    क्या आप हैं छत्तीसगढ़ के सबसे नवाचारी किसान? 31 जुलाई तक करें आवेदन, ‘कृषक रत्न’ बनने का सुनहरा मौका

    डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित, 1 नवंबर को होगा पुरस्कार का वितरण

    रायपुर : छत्तीसगढ़ के कृषि विभाग द्वारा प्रतिष्ठित डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार 2026 के लिए राज्य के इच्छुक और पात्र प्रगतिशील किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित किसान को राज्य स्थापना दिवस (1 नवंबर 2026) के अवसर पर गरिमामय समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

    यहाँ से मिलेंगे नि:शुल्क आवेदन पत्र

     पुरस्कार के लिए निर्धारित आवेदन पत्र अपने नजदीकी उप संचालक कृषि या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के कार्यालय से बिना किसी शुल्क के प्राप्त किए जा सकते हैं। पूरी तरह भरे हुए आवेदन पत्र को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित कार्यालय में ही जमा करना होगा।

    आवेदन के साथ ये चीजें संलग्न करना अनिवार्य

     आवेदक किसान को अधिकतम दो पृष्ठों में अपने कृषि कार्यों की सफलता की कहानी लिखनी होगी। कृषि गतिविधियों के छायाचित्र, आधुनिक या नवाचारी खेती का प्रदर्शन करती हुई एक वीडियो सीडी, संलग्न करना होगा।

    पुरस्कार के लिए क्या हैं पात्रता

     इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की पात्रता के लिए विभाग ने निम्नलिखित कड़े मापदंड तय किए हैं। किसान छत्तीसगढ़ क्षेत्र में पिछले कम से कम 10 वर्षों से निरंतर कृषि कार्य कर रहा हो। किसान की कुल वार्षिक आय का न्यूनतम 75 प्रतिशत हिस्सा केवल कृषि गतिविधियों से प्राप्त होता हो। आवेदक किसान पर तकाबी, सिंचाई शुल्क या सहकारी बैंकों का कोई भी कालातीत ऋण बकाया नहीं होना चाहिए।

    इन पैमानों पर होगा किसानों का मूल्यांकन

     विजेता का चयन पूरी तरह वैज्ञानिक और पारदर्शी पद्धति से किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित बिंदुओं का मूल्यांकन होगा। खेती में नवीन तकनीकों, बेहतर फसल सघनता, फसल विविधीकरण और समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाना। पिछले तीन वर्षों के दौरान विभिन्न फसलों की उत्पादकता का रिकॉर्ड। कृषि एवं सहयोगी क्षेत्रों में किए गए नए प्रयोग तथा अन्य किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रेरित करने के प्रयास। भूमि एवं जल संरक्षण की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा।

    त्रि-स्तरीय छानबीन प्रक्रिया से होगा अंतिम चयन

     प्राप्त आवेदनों की प्रामाणिकता की जांच के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाई गई है। सबसे पहले आवेदनों का तथ्यात्मक सत्यापन विकासखंड (ब्लॉक) स्तरीय छानबीन समिति करेगी। इसके बाद जिला स्तरीय छानबीन समिति द्वारा स्क्रीनिँग की जाएगी और अंत में राज्य स्तरीय जूरी द्वारा सर्वश्रेष्ठ किसान का अंतिम चयन किया जाएगा। जूरी का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा। योजना और नियमों से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

  • छत्तीसगढ़ की बेटी का अंतरिक्ष में बड़ा धमाका! पूरे राज्य से अकेली रागनी साहू का इंटरनेशनल मून मिशन के लिए चयन, अब ISRO से होगा ऐतिहासिक लॉन्च

    छत्तीसगढ़ की बेटी का अंतरिक्ष में बड़ा धमाका! पूरे राज्य से अकेली रागनी साहू का इंटरनेशनल मून मिशन के लिए चयन, अब ISRO से होगा ऐतिहासिक लॉन्च

    छत्तीसगढ़ की इकलौती छात्रा, महासमुंद की बेटी का कमाल

    इंटरनेशनल मून मिशनके लिए रागनी साहू का राष्ट्रीय स्तर पर चयन

    रायपुर : महासमुंद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए यह एक अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक क्षण है। शासकीय आशीबाई गोलछा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद की होनहार छात्रा रागनी साहू का चयन अंतर्राष्ट्रीय चंद्र मिशन ‘शक्तिसैट’ (ShaktiSat) के लिए ‘नेशनल फाइनलिस्ट’ के रूप में हुआ है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक अभियान की सूची में जगह बनाने वाली रागनी पूरे छत्तीसगढ़ राज्य से चुनी गईं इकलौती छात्रा हैं।

    देशभर से चुनी गईं सिर्फ 20 प्रतिभाएं

     इस वैश्विक अभियान के तहत पूरे भारत से कड़े राष्ट्रीय मूल्यांकन और साक्षात्कार (इंटरव्यू) के बाद ‘केवल 20 राष्ट्रीय फाइनलिस्ट’ का चयन किया गया है, जिसमें रागनी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए अपना स्थान पक्का किया है। रागनी ने वर्ष 2025 में अपने स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से इस मिशन में पंजीयन कराया था। चयन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने लगभग 120 घंटे की ऑनलाइन प्रशिक्षण श्रृंखला के अंतर्गत 21 विस्तृत मॉड्यूल तथा 550 से अधिक स्पेस, सैटेलाइट, विज्ञान, नवाचार (इन्नोवेशन) और इंजीनियरिंग आधारित लेसन सफलतापूर्वक पूरे किए।

    108 देशों के छात्र मिलकर बनाएंगे चंद्र उपग्रह

     ‘मिशन शक्तिसैट’ एक अंतर्राष्ट्रीय चंद्र सैटेलाइट मिशन है, जिसमें भारत के अलावा अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस सहित विश्व के 108 देशों के छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। इस ऐतिहासिक मिशन के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा दो चंद्र उपग्रह (Moon Satellites) विकसित किए जाएंगे। इनमें से एक उपग्रह चंद्रमा की कक्षा (Orbit) में स्थापित होकर परिक्रमा करेगा। दूसरा रोवर चंद्रमा की सतह (Surface) पर उतरकर वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा।

    इसरो (ISRO) द्वारा 11 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग

     विद्यार्थियों द्वारा विकसित किए जा रहे इन उपग्रहों का प्रक्षेपण 11 अक्टूबर 2026 (अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस) के अवसर पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो (ISRO) द्वारा किया जाएगा। इससे पहले, रागनी साहू 22 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित होने वाली 8 दिवसीय नेशनल वर्कशॉप में भाग लेंगी। इस कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर होगा। यहाँ रागनी को इसरो व IN-SPACe के वैज्ञानिकों, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और वैश्विक अंतरिक्ष विशेषज्ञों से सीधा संवाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का ऐतिहासिक अवसर मिलेगा।

    नीति आयोग से सम्बद्ध है मिशन

     यह मिशन अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग से सम्बद्ध है। इस वैश्विक पहल का संचालन ‘स्पेस किड्ज इंडिया’ की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीमती केसन के नेतृत्व में किया जा रहा है, जबकि विंग कमांडर जाया तारे (रिटायर्ड) इस मिशन की भारत की राष्ट्रीय राजदूत हैं।

    कलेक्टर और शिक्षा अधिकारियों ने दी बधाई

     इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने छात्रा रागनी साहू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय स्कूल के प्राचार्य जी.आर. सिन्हा तथा अटल टिंकरिंग लैब के प्रभारी चंद्रशेखर मिथलेश के सतत मार्गदर्शन को दिया। जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने भी रागनी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

  • बीज और खाद को लेकर खत्म हुई किसानों की चिंता! खरीफ 2026 के लिए सरकार का बड़ा इंतजाम, खेतों तक पहुंच रही निर्बाध आपूर्ति

    बीज और खाद को लेकर खत्म हुई किसानों की चिंता! खरीफ 2026 के लिए सरकार का बड़ा इंतजाम, खेतों तक पहुंच रही निर्बाध आपूर्ति

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को समय पर मिल रहे बीज और खाद, खरीफ की तैयारियों को मिली नई गति

    उर्वरकों और प्रमाणित बीजों का पर्याप्त भंडारण, कृषि एवं सहकारिता विभाग की समन्वित व्यवस्था से किसानों को हो रही निर्बाध आपूर्ति

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। खरीफ वर्ष 2026 के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कृषि विभाग एवं सहकारिता तंत्र के माध्यम से प्रदेशभर में बीज और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी किसानों को समय पर प्रमाणित बीज एवं उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए समुचित भंडारण, सतत निगरानी तथा सुव्यवस्थित वितरण व्यवस्था की गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है।

    कृषि विभाग द्वारा जिले में उर्वरकों की उपलब्धता पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुरूप भंडारण एवं वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है। जिले में अब तक 5,201.42 टन उर्वरक का भंडारण किया गया है। इनमें से 2,800.87 टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 2,400.56 टन उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जिले को कुल 4,214.115 टन उर्वरक प्राप्त हुआ था, जबकि इस वर्ष आवश्यकता के अनुरूप अधिक भंडारण सुनिश्चित कर किसानों की मांग को प्राथमिकता दी गई है।

    इसी प्रकार खरीफ वर्ष 2026 के लिए गुणवत्तायुक्त एवं प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे बुवाई का कार्य बिना किसी व्यवधान के संचालित हो रहा है। जिले में वर्तमान में 4,656.50 क्विंटल प्रमाणित बीज उपलब्ध हैं। इनमें से 3,649.42 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 1,007.08 क्विंटल बीज का सुरक्षित भंडार अभी भी उपलब्ध है। कृषि विभाग द्वारा बीजों की उपलब्धता एवं वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि जिले के किसी भी किसान को बीज की कमी का सामना न करना पड़े।

    राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को खेती के प्रत्येक चरण में आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा बीजों की गुणवत्ता, उपलब्धता और वितरण की नियमित निगरानी की जा रही है, वहीं सहकारिता विभाग एवं सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। दोनों विभागों के समन्वित प्रयासों से किसानों को खरीफ मौसम में आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे खेती की तैयारियां गति पकड़ रही हैं।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुणवत्तायुक्त बीज, पर्याप्त उर्वरक, समयबद्ध वितरण व्यवस्था तथा कृषि सेवाओं की सुलभ उपलब्धता राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है। इन प्रयासों से किसानों का विश्वास बढ़ा है और प्रदेश में कृषि उत्पादन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही प्रमाणित बीज एवं उर्वरक प्राप्त करें। साथ ही वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए समय पर खरीफ फसलों की बुवाई पूर्ण करें, ताकि बेहतर उत्पादन एवं अधिक आय प्राप्त की जा सके। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता के अनुसार बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी स्तर पर कमी नहीं आने दी जाएगी।