सरगुजा रेंज में संदिग्ध किरायेदारों और फरार अपराधियों की तलाश में पुलिस का बड़ा अभियान प्रारम्भ : गैंगस्टर के छिपने के मामले के बाद पुलिस अलर्ट, हर किरायेदार और बाहरी व्यक्ति का होगा सघन सत्यापन, सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय.

पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा द्वारा संभाग में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने व अपराधों पर रोकथाम सहित उनके धड़पकड़ हेतु जिलों में निवासरत् किरायेदार बाहरी व्यक्तियों/संदिग्ध व्यक्तियों/मुसाफिरों/दीगर राज्यों के फरार आरोपियों के अलावा असामाजिक तत्वों जैसे व्यक्तियों का विशेष अभियान चलाकर सत्यापन करने हेतु समस्त पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है। हाल ही में एक ऐसी घटना जिला सरगुजा पुलिस के संज्ञान में आया हैं जो बासेपुर धनबाद (झारखण्ड) निवासी गैंगस्टर साबीर आलम जो गैंग्स ऑफ बासेपुर का डॉन कहे जाने वाले फहीम खान, बासेपुर धनबाद की माँ और मौसी को दिनांक 18 अक्टूबर 2001 को दिन दहाड़े अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या किया था। हत्या के आरोपी साबीर आलम को माननीय उच्च न्यायालय झारखण्ड द्वारा भगोड़ा घोषित किये जाने के दौरान से आरोपी साबीर आलम झारखण्ड से फरार होकर वर्ष 2013 से मोमिनपुरा अम्बिकापुर में बस कम्पनी व सिलाई दुकान की आड़ में अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था। हत्या जैसे आरोपी को शरण देने में यहाँ के लोगों की संलिप्तता परिलक्षित होना पाया गया है।

पुलिस महानिरीक्षक ने मामले को संज्ञान में लेते हुये समस्त पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिये कि आपने जिला इकाई में नोडल अधिकारीयों के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाकर किरायेदार बाहरी व्यक्तियों/संदिग्ध व्यक्तियों/मुसाफिरों/दीगर राज्यों के फरार आरोपियों के अलावा असामाजिक तत्वों जैसे संदिग्ध व्यक्तियों का डिटेल सत्यापन करने हेतु निर्देशित किये है। चलाये जाने वाले विशेष सत्यापन हेतु उन्होनें आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये है।

शहरी थाना क्षेत्र को बीटवार/वार्डवार विभाजित कर नामजद अधिकारी एवं कर्मचारी नामांकित किया जावे, बीट के प्रभारी अधिकारी सभी संदिग्ध बाहरी व्यक्ति, किरायेदारों, होटल-ढाबा एवं ईट भट्ठा, कर कारखानों जैसे उद्योगों में काम करने वाले लोगों के निवास स्थान, घुमंतु, फेरीवाले एवं मुसाफिरों की चेकिंग के दौरान सत्यापन करना, मकान मालिकों से किरायेदारों की विस्तृत जानकारी प्राप्त किया जावे, इस संबंध में किसी मकान मालिक द्वारा किरायेदार की सम्पूर्ण जानकारी देने से इंकार/आना-कानी करने वाले के विरूद्ध विधिसम्मत् कार्यवाही की जावे। साथ ही थाना चौकी क्षेत्र केनिगरानी /गुण्डा बदमाशों एवं जिला बदर वाले व्यक्तियों की नियमित चेकिंग करने के भी निर्देश दिये। उन्होनें कहा कि चलाये जाने वाले सत्यापन अभियान में इकाई स्तर पर एक राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाते हुये कृत कार्यवाही की डिटेल रिर्पोट पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिये।

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